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*62 साल की उम्र पूरी, फिर भी कुर्सी नहीं छोड़ी! सहकारिता विभाग में नियमों को ठेंगा, शाखा प्रबंधक पर मेहरबानी या बड़ा खेल?* _सेवानिवृत्ति के बाद भी गेहूं खरीदी में सक्रिय राम लखन चंद्रवंशी, प्रशासक बोले– “2 साल और बढ़ाया”, नियमों पर उठे सवाल_ सिवनी - जिले के सहकारिता विभाग चावड़ी में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे विभागीय तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि सहकारिता समिति चावड़ी में पदस्थ शाखा प्रबंधक राम लखन चंद्रवंशी की विधिवत सेवानिवृत्ति 30 अप्रैल 2026 को हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें अब तक पद से कार्यमुक्त नहीं किया गया। इतना ही नहीं, वे वर्तमान में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाते दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सहकारिता विभाग की नियमावली के तहत निर्धारित आयु पूर्ण होने के बाद किसी भी कर्मचारी अथवा शाखा प्रबंधक को पद पर बनाए रखना नियम विरुद्ध माना जाता है। इसके बावजूद चावड़ी समिति में नियमों को ताक पर रखकर कथित रूप से मनमानी की जा रही है। आरोप यह भी हैं कि इस पूरे मामले को विभागीय स्तर पर दबाने का प्रयास किया गया ताकि किसी प्रकार का विवाद सामने न आए। *“आमसभा में 2 साल बढ़ाया गया” — प्रशासक का बयान बना विवाद की वजह* जब इस संबंध में चावड़ी समिति के प्रशासक रवि सरयाम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि “आमसभा की बैठक में 2 साल और बढ़ाया गया है, क्योंकि कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है।” यही बयान अब सबसे बड़ा विवाद बन गया है, क्योंकि सवाल उठ रहा है कि क्या किसी समिति की आमसभा शासन की सेवा नियमावली से ऊपर हो सकती है? क्या एक प्रशासक या समिति अपने स्तर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी को दोबारा पद पर बनाए रखने का अधिकार रखती है? जनरल मैनेजर ने भी खड़े किए सवाल मामले में जब जनरल मैनेजर के. के. सोनी से चर्चा की गई तो उन्होंने साफ कहा कि “मेरी जानकारी में रिटायर्ड कर्मचारी को रखना समझ के परे है।” जनरल मैनेजर के इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। *गेहूं खरीदी जैसे संवेदनशील काम में रिटायर्ड कर्मचारी की भूमिका पर संदेह* वर्तमान में जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। ऐसे समय में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का जिम्मेदारी संभालना कई तरह की शंकाओं को जन्म दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों को दरकिनार कर कर्मचारियों को सेवा विस्तार दिया जाएगा तो इससे विभाग में भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं को बढ़ावा मिलेगा। सूत्रों का दावा है कि समिति में लंबे समय से कई प्रकार की अनियमितताएं चल रही हैं और यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। आरोप यह भी है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों को कागजों तक सीमित कर दिया गया है। अब उठ रहे बड़े सवाल *आखिर 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो चुके शाखा प्रबंधक अब तक पद पर कैसे बने हुए हैं?* क्या आमसभा की बैठक शासन के सेवा नियमों से ऊपर है? किस आदेश के तहत 2 वर्ष का कथित विस्तार दिया गया? क्या गेहूं खरीदी में नियम विरुद्ध तरीके से जिम्मेदारी सौंपी गई? क्या विभागीय अधिकारियों की मौन सहमति से पूरा खेल चल रहा है? अब पूरे मामले में लोगों की नजर खाद्य एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हुई है। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य फाइलों की तरह दबाकर बंद कर दिया जाएगा।

2 hrs ago
user_सरवन वर्मा पत्रकार
सरवन वर्मा पत्रकार
Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

*62 साल की उम्र पूरी, फिर भी कुर्सी नहीं छोड़ी! सहकारिता विभाग में नियमों को ठेंगा, शाखा प्रबंधक पर मेहरबानी या बड़ा खेल?* _सेवानिवृत्ति के बाद भी गेहूं खरीदी में सक्रिय राम लखन चंद्रवंशी, प्रशासक बोले– “2 साल और बढ़ाया”, नियमों पर उठे सवाल_ सिवनी - जिले के सहकारिता विभाग चावड़ी में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे विभागीय तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि सहकारिता समिति चावड़ी में पदस्थ शाखा प्रबंधक राम लखन चंद्रवंशी की विधिवत सेवानिवृत्ति 30 अप्रैल 2026 को हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें अब तक पद से कार्यमुक्त नहीं किया गया। इतना ही नहीं, वे वर्तमान में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाते दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सहकारिता विभाग की नियमावली के तहत निर्धारित आयु पूर्ण होने के बाद किसी भी कर्मचारी अथवा शाखा प्रबंधक को पद पर बनाए रखना नियम विरुद्ध माना जाता है। इसके बावजूद चावड़ी समिति में नियमों को ताक पर रखकर कथित रूप से मनमानी की जा रही है। आरोप यह भी हैं कि इस पूरे मामले को विभागीय स्तर पर दबाने का प्रयास किया गया ताकि किसी प्रकार

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का विवाद सामने न आए। *“आमसभा में 2 साल बढ़ाया गया” — प्रशासक का बयान बना विवाद की वजह* जब इस संबंध में चावड़ी समिति के प्रशासक रवि सरयाम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि “आमसभा की बैठक में 2 साल और बढ़ाया गया है, क्योंकि कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है।” यही बयान अब सबसे बड़ा विवाद बन गया है, क्योंकि सवाल उठ रहा है कि क्या किसी समिति की आमसभा शासन की सेवा नियमावली से ऊपर हो सकती है? क्या एक प्रशासक या समिति अपने स्तर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी को दोबारा पद पर बनाए रखने का अधिकार रखती है? जनरल मैनेजर ने भी खड़े किए सवाल मामले में जब जनरल मैनेजर के. के. सोनी से चर्चा की गई तो उन्होंने साफ कहा कि “मेरी जानकारी में रिटायर्ड कर्मचारी को रखना समझ के परे है।” जनरल मैनेजर के इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। *गेहूं खरीदी जैसे संवेदनशील काम में रिटायर्ड कर्मचारी की भूमिका पर संदेह* वर्तमान में जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। ऐसे समय में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का जिम्मेदारी संभालना कई तरह

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की शंकाओं को जन्म दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों को दरकिनार कर कर्मचारियों को सेवा विस्तार दिया जाएगा तो इससे विभाग में भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं को बढ़ावा मिलेगा। सूत्रों का दावा है कि समिति में लंबे समय से कई प्रकार की अनियमितताएं चल रही हैं और यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। आरोप यह भी है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों को कागजों तक सीमित कर दिया गया है। अब उठ रहे बड़े सवाल *आखिर 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो चुके शाखा प्रबंधक अब तक पद पर कैसे बने हुए हैं?* क्या आमसभा की बैठक शासन के सेवा नियमों से ऊपर है? किस आदेश के तहत 2 वर्ष का कथित विस्तार दिया गया? क्या गेहूं खरीदी में नियम विरुद्ध तरीके से जिम्मेदारी सौंपी गई? क्या विभागीय अधिकारियों की मौन सहमति से पूरा खेल चल रहा है? अब पूरे मामले में लोगों की नजर खाद्य एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हुई है। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य फाइलों की तरह दबाकर बंद कर दिया जाएगा।

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    user_बिहारीलाल सोनी
    बिहारीलाल सोनी
    पत्रकार कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    52 min ago
  • *62 साल की उम्र पूरी, फिर भी कुर्सी नहीं छोड़ी! सहकारिता विभाग में नियमों को ठेंगा, शाखा प्रबंधक पर मेहरबानी या बड़ा खेल?* _सेवानिवृत्ति के बाद भी गेहूं खरीदी में सक्रिय राम लखन चंद्रवंशी, प्रशासक बोले– “2 साल और बढ़ाया”, नियमों पर उठे सवाल_ सिवनी - जिले के सहकारिता विभाग चावड़ी में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे विभागीय तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि सहकारिता समिति चावड़ी में पदस्थ शाखा प्रबंधक राम लखन चंद्रवंशी की विधिवत सेवानिवृत्ति 30 अप्रैल 2026 को हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें अब तक पद से कार्यमुक्त नहीं किया गया। इतना ही नहीं, वे वर्तमान में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाते दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सहकारिता विभाग की नियमावली के तहत निर्धारित आयु पूर्ण होने के बाद किसी भी कर्मचारी अथवा शाखा प्रबंधक को पद पर बनाए रखना नियम विरुद्ध माना जाता है। इसके बावजूद चावड़ी समिति में नियमों को ताक पर रखकर कथित रूप से मनमानी की जा रही है। आरोप यह भी हैं कि इस पूरे मामले को विभागीय स्तर पर दबाने का प्रयास किया गया ताकि किसी प्रकार का विवाद सामने न आए। *“आमसभा में 2 साल बढ़ाया गया” — प्रशासक का बयान बना विवाद की वजह* जब इस संबंध में चावड़ी समिति के प्रशासक रवि सरयाम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि “आमसभा की बैठक में 2 साल और बढ़ाया गया है, क्योंकि कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है।” यही बयान अब सबसे बड़ा विवाद बन गया है, क्योंकि सवाल उठ रहा है कि क्या किसी समिति की आमसभा शासन की सेवा नियमावली से ऊपर हो सकती है? क्या एक प्रशासक या समिति अपने स्तर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी को दोबारा पद पर बनाए रखने का अधिकार रखती है? जनरल मैनेजर ने भी खड़े किए सवाल मामले में जब जनरल मैनेजर के. के. सोनी से चर्चा की गई तो उन्होंने साफ कहा कि “मेरी जानकारी में रिटायर्ड कर्मचारी को रखना समझ के परे है।” जनरल मैनेजर के इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। *गेहूं खरीदी जैसे संवेदनशील काम में रिटायर्ड कर्मचारी की भूमिका पर संदेह* वर्तमान में जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। ऐसे समय में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का जिम्मेदारी संभालना कई तरह की शंकाओं को जन्म दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों को दरकिनार कर कर्मचारियों को सेवा विस्तार दिया जाएगा तो इससे विभाग में भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं को बढ़ावा मिलेगा। सूत्रों का दावा है कि समिति में लंबे समय से कई प्रकार की अनियमितताएं चल रही हैं और यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। आरोप यह भी है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों को कागजों तक सीमित कर दिया गया है। अब उठ रहे बड़े सवाल *आखिर 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो चुके शाखा प्रबंधक अब तक पद पर कैसे बने हुए हैं?* क्या आमसभा की बैठक शासन के सेवा नियमों से ऊपर है? किस आदेश के तहत 2 वर्ष का कथित विस्तार दिया गया? क्या गेहूं खरीदी में नियम विरुद्ध तरीके से जिम्मेदारी सौंपी गई? क्या विभागीय अधिकारियों की मौन सहमति से पूरा खेल चल रहा है? अब पूरे मामले में लोगों की नजर खाद्य एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हुई है। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य फाइलों की तरह दबाकर बंद कर दिया जाएगा।
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    *62 साल की उम्र पूरी, फिर भी कुर्सी नहीं छोड़ी! सहकारिता विभाग में नियमों को ठेंगा, शाखा प्रबंधक पर मेहरबानी या बड़ा खेल?*
_सेवानिवृत्ति के बाद भी गेहूं खरीदी में सक्रिय राम लखन चंद्रवंशी, प्रशासक बोले– “2 साल और बढ़ाया”, नियमों पर उठे सवाल_
सिवनी - जिले के सहकारिता विभाग चावड़ी में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे विभागीय तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि सहकारिता समिति चावड़ी में पदस्थ शाखा प्रबंधक राम लखन चंद्रवंशी की विधिवत सेवानिवृत्ति 30 अप्रैल 2026 को हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें अब तक पद से कार्यमुक्त नहीं किया गया। इतना ही नहीं, वे वर्तमान में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाते दिखाई दे रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार सहकारिता विभाग की नियमावली के तहत निर्धारित आयु पूर्ण होने के बाद किसी भी कर्मचारी अथवा शाखा प्रबंधक को पद पर बनाए रखना नियम विरुद्ध माना जाता है। इसके बावजूद चावड़ी समिति में नियमों को ताक पर रखकर कथित रूप से मनमानी की जा रही है। आरोप यह भी हैं कि इस पूरे मामले को विभागीय स्तर पर दबाने का प्रयास किया गया ताकि किसी प्रकार का विवाद सामने न आए।
*“आमसभा में 2 साल बढ़ाया गया” — प्रशासक का बयान बना विवाद की वजह*
जब इस संबंध में चावड़ी समिति के प्रशासक रवि सरयाम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि “आमसभा की बैठक में 2 साल और बढ़ाया गया है, क्योंकि कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है।”
यही बयान अब सबसे बड़ा विवाद बन गया है, क्योंकि सवाल उठ रहा है कि क्या किसी समिति की आमसभा शासन की सेवा नियमावली से ऊपर हो सकती है? क्या एक प्रशासक या समिति अपने स्तर पर सेवानिवृत्त कर्मचारी को दोबारा पद पर बनाए रखने का अधिकार रखती है?
जनरल मैनेजर ने भी खड़े किए सवाल
मामले में जब जनरल मैनेजर के. के. सोनी से चर्चा की गई तो उन्होंने साफ कहा कि “मेरी जानकारी में रिटायर्ड कर्मचारी को रखना समझ के परे है।”
जनरल मैनेजर के इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
*गेहूं खरीदी जैसे संवेदनशील काम में रिटायर्ड कर्मचारी की भूमिका पर संदेह*
वर्तमान में जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। ऐसे समय में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का जिम्मेदारी संभालना कई तरह की शंकाओं को जन्म दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमों को दरकिनार कर कर्मचारियों को सेवा विस्तार दिया जाएगा तो इससे विभाग में भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं को बढ़ावा मिलेगा।
सूत्रों का दावा है कि समिति में लंबे समय से कई प्रकार की अनियमितताएं चल रही हैं और यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। आरोप यह भी है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों को कागजों तक सीमित कर दिया गया है।
अब उठ रहे बड़े सवाल
*आखिर 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो चुके शाखा प्रबंधक अब तक पद पर कैसे बने हुए हैं?*
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क्या विभागीय अधिकारियों की मौन सहमति से पूरा खेल चल रहा है?
अब पूरे मामले में लोगों की नजर खाद्य एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हुई है। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य फाइलों की तरह दबाकर बंद कर दिया जाएगा।
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • सब्जी खेती में बड़ा मुनाफा! वैज्ञानिकों ने सिखाया सीक्रेट तरीका
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    सब्जी खेती में बड़ा मुनाफा!
वैज्ञानिकों ने सिखाया सीक्रेट तरीका
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अन्नदाता परेशान : वेयरहाउसों में किसानों से ज्यादा तौल, 7 दिन तक नहीं हो रही खरीदी | किसानों में आक्रोश समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के कई वेयरहाउसों में किसानों से प्रति बोरी अधिक अनाज लिया जा रहा है, वहीं कुछ केंद्रों पर 7 दिनों तक तुलाई नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि व्यापारियों का माल प्राथमिकता से तौला जा रहा है और प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है। देखिए किसानों की परेशानी पर यह विशेष रिपोर्ट।
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    अन्नदाता परेशान : वेयरहाउसों में किसानों से ज्यादा तौल, 7 दिन तक नहीं हो रही खरीदी | किसानों में आक्रोश
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के कई वेयरहाउसों में किसानों से प्रति बोरी अधिक अनाज लिया जा रहा है, वहीं कुछ केंद्रों पर 7 दिनों तक तुलाई नहीं होने से किसान परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि व्यापारियों का माल प्राथमिकता से तौला जा रहा है और प्रशासन केवल खानापूर्ति कर रहा है।
देखिए किसानों की परेशानी पर यह विशेष रिपोर्ट।
    user_CTV LIVE
    CTV LIVE
    Advertising agency चौरई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बालाघाट के आगरवाड़ा में अज्ञात चोरों ने एक यात्री प्रतीक्षालय से लोहे के एंगल और चद्दरें चुरा लीं। चोरी के कारण प्रतीक्षालय जर्जर हो गया है और अब यात्रियों को धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। यह प्रतीक्षालय करीब चार साल पहले विधायक निधि से बनाया गया था।
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    बालाघाट के आगरवाड़ा में अज्ञात चोरों ने एक यात्री प्रतीक्षालय से लोहे के एंगल और चद्दरें चुरा लीं। चोरी के कारण प्रतीक्षालय जर्जर हो गया है और अब यात्रियों को धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। यह प्रतीक्षालय करीब चार साल पहले विधायक निधि से बनाया गया था।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी और ई-खाद टोकन प्रणाली की अव्यवस्था के विरोध में किसानों ने NH-44 पर उग्र प्रदर्शन किया। कांग्रेस के साथ हुए इस आंदोलन से राष्ट्रीय राजमार्ग घंटों तक जाम रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई।
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    मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी और ई-खाद टोकन प्रणाली की अव्यवस्था के विरोध में किसानों ने NH-44 पर उग्र प्रदर्शन किया। कांग्रेस के साथ हुए इस आंदोलन से राष्ट्रीय राजमार्ग घंटों तक जाम रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई।
    user_Naresh Kumar Yadav
    Naresh Kumar Yadav
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • रामपायली पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया अंधा हत्याकांड प्रेम संबंध बना हत्या की वजह, सड़क हादसा दिखाने की कोशिश नाकाम,
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    रामपायली पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया अंधा हत्याकांड

प्रेम संबंध बना हत्या की वजह, सड़क हादसा दिखाने की कोशिश नाकाम,
    user_Samarpit sahu
    Samarpit sahu
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सिवनी में किसानों ने नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर यह आंदोलन किसानों की समस्याओं को लेकर किया गया।
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    user_बिहारीलाल सोनी
    बिहारीलाल सोनी
    पत्रकार कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
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