उत्तर प्रदेश में पिछले 15 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं। गंगा और यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं, जबकि 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सोनभद्र में कनहर बांध का जलस्तर बढ़ने पर उसके 3 गेट खोल दिए गए हैं। उधर सीतापुर में बनबसा, गिरिजा और घाघरा बैराजों से 3.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा और घाघरा नदियां उफान पर हैं, जिससे पानी गांवों में घुस गया है और एक गांव में कच्ची सड़क पर पानी बहने के कारण ग्रामीण नाव से आवाजाही कर रहे हैं। प्रदेश के बागपत और नोएडा में हिंडन, बदायूं में गंगा, अयोध्या, गोंडा और बलिया में घाघरा तथा कुशीनगर में गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस दौरान लखीमपुर खीरी के एक गांव में सड़क पर मगरमच्छ दौड़ता नजर आया, वहीं बस्ती में सरयू नदी के किनारे तेजी से हो रहे कटान के कारण कई पेड़ नदी में समा गए। बीते 24 घंटे में 52 शहरों में औसतन 5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें शुक्रवार सुबह लखनऊ, गोंडा और गाजियाबाद तथा दोपहर को मेरठ व बरेली में बारिश हुई। मौसम विभाग (IMD) ने आज प्रदेश के 54 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहीं शनिवार को 30 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। बिगड़ते हालात को देखते हुए सीएम योगी ने अफसरों को तुरंत फील्ड में उतरने के आदेश दिए हैं और निर्देश दिए हैं कि अफसर बारिश, बाढ़ तथा बिजली गिरने से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें।
उत्तर प्रदेश में पिछले 15 दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण हालात बिगड़ने लगे हैं। गंगा और यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं, जबकि 4 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सोनभद्र में कनहर बांध का जलस्तर बढ़ने पर उसके 3 गेट खोल दिए गए हैं। उधर सीतापुर में बनबसा, गिरिजा और घाघरा बैराजों से 3.20 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा और घाघरा नदियां उफान पर हैं, जिससे पानी गांवों में घुस गया है और एक गांव में कच्ची सड़क पर पानी बहने के कारण ग्रामीण नाव से आवाजाही कर रहे हैं। प्रदेश के बागपत और नोएडा में हिंडन, बदायूं में गंगा, अयोध्या, गोंडा और बलिया में घाघरा तथा कुशीनगर में गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इस दौरान लखीमपुर खीरी के एक गांव में सड़क पर मगरमच्छ दौड़ता नजर आया, वहीं बस्ती में सरयू नदी के किनारे तेजी से हो रहे कटान के कारण कई पेड़ नदी में समा गए। बीते 24 घंटे में 52 शहरों में औसतन 5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें शुक्रवार सुबह लखनऊ, गोंडा और गाजियाबाद तथा दोपहर को मेरठ व बरेली में बारिश हुई। मौसम विभाग (IMD) ने आज प्रदेश के 54 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहीं शनिवार को 30 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है। बिगड़ते हालात को देखते हुए सीएम योगी ने अफसरों को तुरंत फील्ड में उतरने के आदेश दिए हैं और निर्देश दिए हैं कि अफसर बारिश, बाढ़ तथा बिजली गिरने से प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करें।
- NEET पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में जगह-जगह जोरदार प्रदर्शन हुए। CJP द्वारा देशभर में आंदोलन की अपील के बाद प्रदेशभर की पुलिस अलर्ट मोड पर है। प्रयागराज में वकीलों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और कहा कि जिन पर लाठियां बरसाई गईं, वे उनके बच्चे हैं और अब यह लड़ाई सड़कों पर होगी। वहीं अलीगढ़ में कलेक्ट्रेट के बाहर सपा नेता पीएम मोदी का पुतला फूंकने का प्रयास कर रहे थे, तभी पुलिस से धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इस दौरान सिविल लाइंस के प्रभारी निरीक्षक सतवीर सिंह ने पिस्टल निकाल ली, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर सरकारी काम में बाधा और अभद्रता समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी विरोध का असर देखने को मिला, जहां मेरठ में सपा कार्यकर्ताओं द्वारा धर्मेंद्र प्रधान की निकाली गई प्रतीकात्मक अर्थी को पुलिसकर्मियों ने छीन लिया और सड़क पर लेटे एक कार्यकर्ता को उठाकर ले गई। कानपुर में सपा विधायक ने ढपली बजाकर प्रदर्शन किया, जबकि लखीमपुर में छात्र हाथों में तिरंगा और पोस्टर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और SDM को गुलाब के फूल देकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस बीच मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन को उग्र बताने की कोशिश कर रही है, जबकि युवा केवल रोजगार मांग रहे हैं और पुलिस के डंडे में सरकार का चेहरा दिखता है।1
- बागपत में शनिवार को हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर 22 जिलों के अधिवक्ताओं ने दोपहर से शाम तक एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने शामिल होकर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। अधिवक्ताओं ने बताया कि पिछले 50 वर्षों से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग की जा रही है, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बैठक में आगे की रणनीति पर विचार करते हुए अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो वे सांसदों का घेराव करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में वे उसी उम्मीदवार या पार्टी को वोट देंगे, जो हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरी करने का ठोस आश्वासन देगा। इस मुद्दे पर सभी अधिवक्ताओं से विचार-विमर्श जारी है। केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता अनुज शर्मा ने बताया कि भविष्य की रणनीति पर विचार किया गया है और जल्द ही इस मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।1
- वॉट्सऐप अपने सिक्योरिटी फीचर को और मजबूत करने की तैयारी में जुटा हुआ है। आने वाले नए अपडेट में 6 डिजिट PIN की जगह ज्यादा सुरक्षित अकाउंट पासवर्ड सिस्टम लाया जा सकता है। इस बदलाव से यूजर्स का चैटिंग डेटा और उनकी निजी जानकारी पहले से ज्यादा सुरक्षित हो सकेगी।1
- जनपद शामली के कस्बा कैराना की शान और खानदानी गायक नौशाद फरीदी ने आखिरकार संगीत की दुनिया में अपना कदम रख दिया है। उन्होंने अपने संगीत के जरिए कैराना और अपने समाज का नाम रोशन करने की पूरी ठान ली है। श्रोताओं से उन्हें सुनने और कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर साझा करने की अपील की गई है।1
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- Post by Masoom gujjar1