समाहरणालय के सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर वार्ड सदस्य एवं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजन किया गया नगर परिषद में स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहर के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए समाहरणालय के सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर वार्ड सदस्य एवं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजन किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार नगर परिषद अध्यक्ष साधना कुमारी एवं नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी मोनू कुमार ने किया प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष साधना कुमारी ने किया कार्यशाला में में नगर परिषद अध्यक्ष,उपाध्यक्ष कार्यपालक पदाधिकारी सभी वार्डों के वार्ड पार्षदों एवं नगर परिषद कर्मियों ने भाग लिया प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रशिक्षक अनिल कुमार ने सभी वार्ड सदस्य एवं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को प्रशिक्षण के दौरान बताया कि आबादी और शहरीकरण के साथ कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती प्रशिक्षण कार्यशाला में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को नगर परिषद क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई. बढ़ती आबादी और शहरीकरण के साथ कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. ऐसे में कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निदान की आवश्यकता है. वार्ड पार्षद के घर से ही शुरू होगी कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया प्रशिक्षण कार्यशाला में विशेष रूप से कचरे का पृथक्करण को सफल बनाने पर जोर दिया गया. बताया गया कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घरों में ही कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर देगें तो उसके संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की प्रक्रिया काफी आसान और प्रभावी हो जाएगी. इसके लिए नगर परिषद क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा चार रंगों के डस्टबिन होंगे वितरित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत नगर परिषद क्षेत्र में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन- नीला, हरा, पीला और लाल वितरित किए जाएंगे. हरा डस्टबिन गीले एवं जैविक कचरे के लिए नीला डस्टबिन सूखे कचरे के लिए पीला डस्टबिन पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के लिए लाल डस्टबिन विशेष एवं खतरनाक श्रेणी के कचरे के लिए इस व्यवस्था से विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक संग्रहण संभव हो सकेगा, जिससे कचरे के वैज्ञानिक निदान और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. वार्ड पार्षद होंगे जागरूकता अभियान के प्रमुख संचालक प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र की जानकारी देते हुए बताया गया कि उच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप सभी वार्ड पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में प्रमुख संचालक बनाया गया है. वार्ड पार्षद घर-घर जाकर लोगों को गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, स्वच्छता के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की जानकारी देंगे. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर बैठकें, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ सभाएं और जनसंपर्क अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके. प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित नप अध्यक्ष साधना कुमारी ने सभी वार्ड सदस्यों संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी स्वच्छता अभियान की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर करती है. केवल नगर परिषद के प्रयासों से शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता, इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. लोग घरों से ही कचरे का पृथक्करण शुरू कर दें और नगर परिषद के नियमों का पालन करें, तो अरवल को स्वच्छ और आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है. सभी वार्ड पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने का अपील किया कार्यशाला में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगर परिषद क्षेत्र के सभी वार्डों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके तहत नागरिकों को कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण तथा स्वच्छता संबंधी नियमों की जानकारी दी जाएगी. नगर परिषद का मानना है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता से ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का सफल क्रियान्वयन संभव होगा और अरवल को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा.
समाहरणालय के सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर वार्ड सदस्य एवं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजन किया गया नगर परिषद में स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहर के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए समाहरणालय के सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर वार्ड सदस्य एवं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजन किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार नगर परिषद अध्यक्ष साधना कुमारी एवं नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी मोनू कुमार ने किया प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष साधना कुमारी ने किया कार्यशाला में में नगर परिषद अध्यक्ष,उपाध्यक्ष कार्यपालक पदाधिकारी सभी वार्डों के वार्ड पार्षदों एवं नगर परिषद कर्मियों ने भाग लिया प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रशिक्षक अनिल कुमार ने सभी वार्ड सदस्य एवं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को प्रशिक्षण के दौरान बताया कि आबादी और शहरीकरण के साथ कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती प्रशिक्षण कार्यशाला में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को नगर परिषद क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई. बढ़ती आबादी और शहरीकरण के साथ कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. ऐसे में कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निदान की आवश्यकता है. वार्ड पार्षद
के घर से ही शुरू होगी कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया प्रशिक्षण कार्यशाला में विशेष रूप से कचरे का पृथक्करण को सफल बनाने पर जोर दिया गया. बताया गया कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घरों में ही कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर देगें तो उसके संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की प्रक्रिया काफी आसान और प्रभावी हो जाएगी. इसके लिए नगर परिषद क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा चार रंगों के डस्टबिन होंगे वितरित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत नगर परिषद क्षेत्र में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन- नीला, हरा, पीला और लाल वितरित किए जाएंगे. हरा डस्टबिन गीले एवं जैविक कचरे के लिए नीला डस्टबिन सूखे कचरे के लिए पीला डस्टबिन पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के लिए लाल डस्टबिन विशेष एवं खतरनाक श्रेणी के कचरे के लिए इस व्यवस्था से विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक संग्रहण संभव हो सकेगा, जिससे कचरे के वैज्ञानिक निदान और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. वार्ड पार्षद होंगे जागरूकता अभियान के प्रमुख संचालक प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र की जानकारी देते हुए बताया गया कि उच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप सभी वार्ड पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में प्रमुख संचालक बनाया गया है. वार्ड पार्षद घर-घर जाकर लोगों को गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, स्वच्छता के महत्व, पर्यावरण संरक्षण
तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की जानकारी देंगे. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर बैठकें, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ सभाएं और जनसंपर्क अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके. प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित नप अध्यक्ष साधना कुमारी ने सभी वार्ड सदस्यों संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी स्वच्छता अभियान की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर करती है. केवल नगर परिषद के प्रयासों से शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता, इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. लोग घरों से ही कचरे का पृथक्करण शुरू कर दें और नगर परिषद के नियमों का पालन करें, तो अरवल को स्वच्छ और आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है. सभी वार्ड पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने का अपील किया कार्यशाला में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगर परिषद क्षेत्र के सभी वार्डों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके तहत नागरिकों को कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण तथा स्वच्छता संबंधी नियमों की जानकारी दी जाएगी. नगर परिषद का मानना है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता से ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का सफल क्रियान्वयन संभव होगा और अरवल को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा.
- समाहरणालय के सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर वार्ड सदस्य एवं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजन किया गया नगर परिषद में स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त शहर के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए समाहरणालय के सभागार में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर वार्ड सदस्य एवं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजन किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार नगर परिषद अध्यक्ष साधना कुमारी एवं नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी मोनू कुमार ने किया प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष साधना कुमारी ने किया कार्यशाला में में नगर परिषद अध्यक्ष,उपाध्यक्ष कार्यपालक पदाधिकारी सभी वार्डों के वार्ड पार्षदों एवं नगर परिषद कर्मियों ने भाग लिया प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रशिक्षक अनिल कुमार ने सभी वार्ड सदस्य एवं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को प्रशिक्षण के दौरान बताया कि आबादी और शहरीकरण के साथ कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती प्रशिक्षण कार्यशाला में बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को नगर परिषद क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई. बढ़ती आबादी और शहरीकरण के साथ कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है. ऐसे में कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निदान की आवश्यकता है. वार्ड पार्षद के घर से ही शुरू होगी कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया प्रशिक्षण कार्यशाला में विशेष रूप से कचरे का पृथक्करण को सफल बनाने पर जोर दिया गया. बताया गया कि यदि प्रत्येक परिवार अपने घरों में ही कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर देगें तो उसके संग्रहण, परिवहन और निस्तारण की प्रक्रिया काफी आसान और प्रभावी हो जाएगी. इसके लिए नगर परिषद क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा चार रंगों के डस्टबिन होंगे वितरित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत नगर परिषद क्षेत्र में चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन- नीला, हरा, पीला और लाल वितरित किए जाएंगे. हरा डस्टबिन गीले एवं जैविक कचरे के लिए नीला डस्टबिन सूखे कचरे के लिए पीला डस्टबिन पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के लिए लाल डस्टबिन विशेष एवं खतरनाक श्रेणी के कचरे के लिए इस व्यवस्था से विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक संग्रहण संभव हो सकेगा, जिससे कचरे के वैज्ञानिक निदान और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. वार्ड पार्षद होंगे जागरूकता अभियान के प्रमुख संचालक प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र की जानकारी देते हुए बताया गया कि उच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप सभी वार्ड पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में प्रमुख संचालक बनाया गया है. वार्ड पार्षद घर-घर जाकर लोगों को गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, स्वच्छता के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की जानकारी देंगे. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर बैठकें, जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ सभाएं और जनसंपर्क अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ा जा सके. प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित नप अध्यक्ष साधना कुमारी ने सभी वार्ड सदस्यों संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी स्वच्छता अभियान की सफलता जनसहभागिता पर निर्भर करती है. केवल नगर परिषद के प्रयासों से शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता, इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. लोग घरों से ही कचरे का पृथक्करण शुरू कर दें और नगर परिषद के नियमों का पालन करें, तो अरवल को स्वच्छ और आदर्श शहर के रूप में विकसित किया जा सकता है. सभी वार्ड पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने का अपील किया कार्यशाला में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नगर परिषद क्षेत्र के सभी वार्डों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके तहत नागरिकों को कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, पुनर्चक्रण तथा स्वच्छता संबंधी नियमों की जानकारी दी जाएगी. नगर परिषद का मानना है कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता से ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का सफल क्रियान्वयन संभव होगा और अरवल को स्वच्छ, स्वस्थ एवं पर्यावरण अनुकूल शहर बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा.3
- सहार के ग्रामीणों का आरोप है, पंचायत के मुखिया जिला परिषद विधायक सांसद का इस पर कोई ध्यान नहीं है ! भोजपुर जिला के शहर प्रखंड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने भारी जल जमाव होने से बैंक ग्राहक को स्थानीय दुकानदारों और आम राहगीरों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है बरसात के मौसम में यह समस्या हर वर्ष आती है लेकिन अब तक अस्थाई समधान नहीं हो सका,दुकानदारों का कहना है कि अपनी उनकी दुकान के मुख्य द्वार तक पानी पहुंच गया है जिससे ग्राहक दूकान तक नहीं पहुंच पा रहे हैं और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब सरकारी बैंक और महत्वपूर्ण स्थान के सामने ऐसी स्थिति है तो गांव की गालियां और आम रास्तों को क्या हाल होगा, यहां से कुछ ही दूरी पर ग्रामीण बैंक सब्जी बाजार और सहार थाना स्थित है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग का आवागमन रहता है इस समस्या को ना तो आज तक मुखिया जिला परिषद विधायक सांसद ध्यान नहीं दिए, धर्मेंद्र कुमार की खास रिपोर्ट1
- जटाशंकर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद जटाशंकर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद1
- हसपुरा औरंगाबाद स्वतंत्रता दिवस की तैयारी को लेकर बीडीओ ने बैठक की हसपुरा प्रखंड कार्यालय के सभागार में स्वतंत्रता दिवस की तैयारी को लेकर बीडीओ ने बैठक की1
- इस बच्ची ने अपने भाषण से सबका दिल जीता आरा भोजपुर मे हुआ भाषण प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान प्राप्त किया इस बच्ची ने अपने भाषण से सबका दिल जीता आरा भोजपुर मे हुआ भाषण प्रतियोगिता मे प्रथम स्थान प्राप्त किया1
- प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत के बाद पीरो में सियासी घमासान, ‘चंदा चोरी’ से गरमाई राजनीति! बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत के बाद पीरो सहित पूरे इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जीत के बाद अब ‘चंदा चोरी’ समेत कई मुद्दों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, जिससे सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। स्थानीय स्तर पर विभिन्न दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। बुधवार की दोपहर 1:00 के करीब लोगों का कहना है कि यह जीत केवल एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि आने वाले समय की राजनीति की दिशा तय करने वाला संकेत है। इसी बीच ‘चंदा चोरी’ का मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दलों के समर्थक खुलकर आरोप लगा रहे हैं कि सरकार इस गंभीर मामले पर चुप्पी साधे हुए है। आम लोगों के बीच भी यह चर्चा तेज है कि आखिरकार इस मामले पर ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। कुछ लोगों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी सरकार सिर्फ हिंदुत्व के मुद्दे को आगे बढ़ाकर असली समस्याओं से ध्यान भटका रही है, जबकि चंदा चोरी जैसे मामलों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रशांत किशोर की जीत ने न केवल सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष को भी नए सिरे से रणनीति बनाने पर मजबूर कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी तूल पकड़ सकता है। फिलहाल, पीरो की राजनीति में गर्माहट चरम पर है और हर चौक-चौराहे से लेकर सोशल मीडिया तक इस मुद्दे पर बहस जारी है।1
- 🛑 "सब्जी गोला खाली नहीं करेंगे" — नोटिस के बाद आरा के सब्जी व्यवसायियों में जबरदस्त आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी आरा। आरा के सब्जी गोला क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद सब्जी व्यवसायियों और स्थानीय दुकानदारों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। व्यवसायियों ने साफ शब्दों में कहा है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के वे सब्जी गोला खाली नहीं करेंगे। अंचल कार्यालय, आरा सदर (भोजपुर) ने बिहार सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 की धारा-3 के तहत स्थानीय दुकानदारों एवं सब्जी व्यवसायियों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया है। 24 जुलाई 2026 को जारी नोटिस (ज्ञापांक-21, वाद संख्या-11/26-27) में संबंधित लोगों को 12 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे अंचलाधिकारी के न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष एवं आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस सामने आने के बाद व्यवसायियों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे वर्षों से इसी स्थान पर दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकान हटाने का आदेश उनकी आजीविका पर सीधा संकट है। व्यवसायियों का आरोप है कि प्रशासन को पहले उनके लिए स्थायी स्थान उपलब्ध कराना चाहिए था, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि बिना पर्याप्त व्यवस्था के इस तरह का नोटिस देना एकतरफा फैसला है। सब्जी व्यवसायियों ने चेतावनी दी है कि यदि 12 अगस्त की सुनवाई से पहले कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। पहले चरण में सब्जी मंडी बंद रखकर विरोध किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन एवं रैली भी निकाली जाएगी। व्यवसायियों ने यह भी बताया कि उनका एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिलाधिकारी (DM) और अंचलाधिकारी (CO) से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा तथा वैकल्पिक व्यवस्था की मांग करेगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विरोध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 📹 वीडियो में देखिए सब्जी व्यवसायियों का पूरा बयान। आपकी क्या राय है? क्या अतिक्रमण हटाने से पहले प्रशासन को व्यवसायियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।1
- पीरो पुलिस की कार्रवाई: हत्या के प्रयास मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, बाइक बरामद पीरो थाना कांड संख्या 237/26 के तहत दर्ज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा के अंतर्गत दर्ज किया गया था। पुलिस के द्वारा बुधवार की रात 7:00 बजे के करीब बताया गया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। थाना स्तर पर की गई इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1