भांवरकोल के अविनाश सिंह बने असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर, यूपीपीसीएस 2024 में 86वीं रैंक हासिल.... भांवरकोल (गाजीपुर)। भांवरकोल क्षेत्र के सकोहां (भदौरा) निवासी अविनाश सिंह ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा 2024 में शानदार सफलता प्राप्त करते हुए असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर का पद हासिल किया है। उन्होंने परीक्षा में 86वीं रैंक प्राप्त कर अपने माता-पिता, कुशवाहा समाज और पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। बताया जाता है कि अविनाश सिंह वर्तमान में लखनऊ में डिप्टी जेलर के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि वे इस पद पर रहते हुए भी आगे बढ़ने की चाह रखते थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपने कार्य के साथ-साथ निरंतर अध्ययन जारी रखा और “चरैवेति-चरैवेति” के सिद्धांत को अपनाते हुए कड़ी मेहनत के बल पर यूपी पीसीएस 2024 में यह सफलता हासिल की। अविनाश सिंह के पिता डॉ. वंशनारायण सिंह कुशवाहा गांव में निजी प्रैक्टिस करते हैं, जबकि उनकी माता इंदु सिंह एक साधारण गृहिणी हैं। सामान्य परिवार से आने के बावजूद अविनाश सिंह ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल कर युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी इस सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वहीं हिंदी प्रवक्ता एस.डी. सिंह कुशवाहा ने भी कुशवाहा समाज की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई दी है। अविनाश सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुओं और शुभचिंतकों को दिया है।
भांवरकोल के अविनाश सिंह बने असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर, यूपीपीसीएस 2024 में 86वीं रैंक हासिल.... भांवरकोल (गाजीपुर)। भांवरकोल क्षेत्र के सकोहां (भदौरा) निवासी अविनाश सिंह ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा 2024 में शानदार सफलता प्राप्त करते हुए असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य कर का पद हासिल किया है। उन्होंने परीक्षा में 86वीं रैंक प्राप्त कर अपने माता-पिता, कुशवाहा समाज और पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। बताया जाता है कि अविनाश सिंह वर्तमान में लखनऊ में डिप्टी जेलर के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि वे इस पद पर रहते हुए भी आगे बढ़ने की चाह रखते थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपने कार्य के साथ-साथ निरंतर अध्ययन जारी रखा और “चरैवेति-चरैवेति” के सिद्धांत को अपनाते हुए कड़ी मेहनत के बल पर यूपी पीसीएस 2024 में यह सफलता हासिल की। अविनाश सिंह के पिता डॉ. वंशनारायण सिंह कुशवाहा गांव में निजी प्रैक्टिस करते हैं, जबकि उनकी माता इंदु सिंह एक साधारण गृहिणी हैं। सामान्य परिवार से आने के बावजूद अविनाश सिंह ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल कर युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी इस सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। वहीं हिंदी प्रवक्ता एस.डी. सिंह कुशवाहा ने भी कुशवाहा समाज की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई दी है। अविनाश सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुओं और शुभचिंतकों को दिया है।
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- बबुरी थाना क्षेत्र के बनौली चट्टी में उस समय अफरातफरी मच गई जब बनौली कला गांव निवासी सुरेश नामक अधेड़ युवक देर शाम मोबाइल टावर पर चढ़ गया। मौके पर भारी भीड़ जुट गई, वहीं पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत पहुंच गई। कड़ी मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद कई घंटों बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अंधेरा भी रेस्क्यू में बड़ी बाधा बना रहा। इसके बाद पुलिस युवक को थाने ले गई। बताया जा रहा है कि युवक अपनी पत्नी को मायके से विदा कराने गया था, लेकिन पत्नी के मना करने पर उसने यह कदम उठा लिया।1
- Post by Arjun Gupta ji1
- Post by SONI DEVI1
- चंदौली की कंचन गुप्ता ने रचा इतिहास, पीसीएस में 9वीं रैंक हासिल कर बनीं असिस्टेंट कमिश्नरकंचन गुप्ता की सफलता क्षेत्र के युवाओं, खासकर छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है।कंचन का यह सफर न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।कंचन के पिता नरेश कुमार और माता वंदना देवी ने उनकी पढ़ाई और तैयारी में हर संभव सहयोग दिया। परिवार के सदस्यों का कहना है कि कंचन शुरू से ही मेहनती और अनुशासित रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन और शिक्षकों के सहयोग को दिया है। कंचन ने अपनी सफलता के पीछे नियमित अध्ययन, सही रणनीति और समय प्रबंधन को अहम बताया। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने लगातार आत्मविश्वास बनाए रखा और अपने लक्ष्य से कभी विचलित नहीं हुईं। कंचन की इस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही कृष्णानगर कॉलोनी समेत पूरे चंदौली जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग, रिश्तेदार और शुभचिंतक उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं।1
- कैमूर। कैमूर की पहाड़ियों और जंगलों से सटे इलाकों में एक बार फिर वन्य जीवों की धमक से सनसनी फैल गई है। भगवानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मुसहरवा बाबा घाटी में रविवार की शाम एक चीता देखे जाने की खबर है, जिसके बाद से स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के बीच भारी डर का माहौल बना हुआ है। थानाध्यक्ष ने स्वयं की पुष्टि, झाड़ियों में छिपा दिखा वन्य जीव मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच राहगीरों ने मुसहरवा बाबा घाटी के पास एक चीते को देखा। इसकी तत्काल सूचना संध्या गश्ती पर निकले थानाध्यक्ष चंद्रशेखर शर्मा को दी गई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष ने बताया कि जब उन्होंने टॉर्च की रोशनी डाली, तो सड़क किनारे झाड़ियों में एक चीता बैठा दिखाई दिया। हालांकि, पुलिस और लोगों की आहट पाकर वह तेजी से जंगल की गहराई में ओझल हो गया। वन विभाग का बयान: 'प्राकृतिक निवास है जंगल' इस घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। वन विभाग की फॉरेस्टर प्रतिभा भारती ने पुष्टि की है कि उन्हें भी इलाके में चीता देखे जाने की सूचना मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा कोई नया जानवर जंगल में नहीं छोड़ा गया है, बल्कि यह क्षेत्र जंगली जानवरों का प्राकृतिक निवास स्थान है, इसलिए उनकी आवाजाही सामान्य है। सावधानी बरतने की अपील मुसहरवा बाबा घाटी वाला यह मार्ग अधौरा और उत्तर प्रदेश को जिला मुख्यालय भभुआ से जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है। यहाँ से चौबीसों घंटे दोपहिया वाहनों और यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। किसी भी अनहोनी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने चेतावनी जारी की है। • चरवाहों को निर्देश: घाटी की ओर मवेशी चराने जाने वाले लोग विशेष सावधानी बरतें। • राहगीरों को सलाह: रात के अंधेरे में दोपहिया वाहन से इस मार्ग पर अकेले सफर करने से बचें। • सतर्कता: जंगल से सटे गांवों के लोग समूह में रहें और सतर्क रहें। फिलहाल, पुलिस और वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है, ताकि राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- मऊ : SDM बनने के बाद पहली बार सुषमा यादव अपने घर इंदारा मऊ पहुंची...! UPPCS में 13वीं रैंक लाकर पूरे जिले का नाम तो रोशन की ही, साथ ही साथ बहुओं का सम्मान भी बढ़ाईं। पहली बार घर पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत...!1