गोंडा जनपद मुख्यालय पर एक महिला अपने छोटे बच्चे को लेकर एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तरबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की यह महिला सुबह करीब नौ बजे रघुकुल विद्यापीठ स्कूल के दूसरे गेट से परिसर में दाखिल हुई और मोबाइल टावर तक पहुंचकर अपने बच्चे को साड़ी के सहारे कमर से बांधकर टावर पर चढ़ गई। यह टावर जिलाधिकारी आवास से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। महिला का आरोप है कि उसने गांव के एक व्यक्ति इकबाल के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। इसी बात से परेशान होकर वह अपने 6 वर्षीय बच्चे के साथ टावर पर चढ़ी और आरोपी की गिरफ्तारी व न्याय की मांग कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा माइक से नीचे उतरने के लिए कहने पर महिला ने इनकार कर दिया। इसके बाद सीओ नगर आनंद राय ने माइक के जरिए महिला को अपना मोबाइल नंबर दिया, जिस पर महिला ने टावर से ही फोन कर अधिकारियों को अपनी समस्या बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आलोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट विश्वामित्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार रजक, क्षेत्राधिकारी आनंद राय और नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने महिला को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए नीचे उतरने की अपील की और बच्चे को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन महिला इसके लिए तैयार नहीं हुई। महिला और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो पुलिसकर्मियों को टावर पर भेजा गया, जिन्होंने पानी और बिस्किट पहुंचाए, लेकिन इसके बावजूद महिला नीचे नहीं उतरी। पुलिसकर्मी लगातार महिला को समझाने और सुरक्षित नीचे लाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक, महिला से बातचीत जारी है और उसकी शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद तरबगंज थाना पुलिस आरोपी बताए जा रहे व्यक्ति की तलाश में उसके घर रवाना हो गई। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने बताया कि कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रशासन की प्राथमिकता महिला और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतारना है।
गोंडा जनपद मुख्यालय पर एक महिला अपने छोटे बच्चे को लेकर एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तरबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की यह महिला सुबह करीब नौ बजे रघुकुल विद्यापीठ स्कूल के दूसरे गेट से परिसर में दाखिल हुई और मोबाइल टावर तक पहुंचकर अपने बच्चे को साड़ी के सहारे कमर से बांधकर टावर पर चढ़ गई। यह टावर जिलाधिकारी आवास से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। महिला का आरोप है कि उसने गांव के एक व्यक्ति इकबाल के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। इसी बात से परेशान होकर वह अपने 6 वर्षीय बच्चे के साथ टावर पर चढ़ी और आरोपी की
गिरफ्तारी व न्याय की मांग कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा माइक से नीचे उतरने के लिए कहने पर महिला ने इनकार कर दिया। इसके बाद सीओ नगर आनंद राय ने माइक के जरिए महिला को अपना मोबाइल नंबर दिया, जिस पर महिला ने टावर से ही फोन कर अधिकारियों को अपनी समस्या बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आलोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट विश्वामित्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार रजक, क्षेत्राधिकारी आनंद राय और नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने महिला को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए नीचे उतरने की अपील की और बच्चे को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन
महिला इसके लिए तैयार नहीं हुई। महिला और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो पुलिसकर्मियों को टावर पर भेजा गया, जिन्होंने पानी और बिस्किट पहुंचाए, लेकिन इसके बावजूद महिला नीचे नहीं उतरी। पुलिसकर्मी लगातार महिला को समझाने और सुरक्षित नीचे लाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक, महिला से बातचीत जारी है और उसकी शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद तरबगंज थाना पुलिस आरोपी बताए जा रहे व्यक्ति की तलाश में उसके घर रवाना हो गई। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने बताया कि कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रशासन की प्राथमिकता महिला और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतारना है।
- जनपद गाजीपुर के एक युवक द्वारा अपनी पहचान छिपाकर और झूठी जानकारी देकर जनपद गोण्डा के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र की एक युवती को झांसे में लेने का मामला सामने आया है। युवक ने युवती से धनराशि की ठगी करने के साथ ही उससे शादी भी की। इस प्रकरण में पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई है, जिसकी जानकारी क्षेत्राधिकारी नगर आनंद कुमार राय ने दी।1
- अर्जुन कुमार विश्वकर्मा।4
- यह प्रेरणादायक संदेश इस बात पर जोर देता है कि व्यक्ति को अपने सपनों की प्राप्ति के लिए पूरी तरह से समर्पित होकर गहन परिश्रम करना चाहिए। इस अटल लगन और कड़ी मेहनत के फलस्वरूप, जब वह भविष्य में सफलता प्राप्त करेगा, तो उसकी पहचान और चमक दूसरों से बिल्कुल अलग और विशिष्ट होगी।1
- गोंडा जिले में कम्युनिस्ट पार्टी ने बिजली से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।1
- गोंडा जनपद मुख्यालय पर एक महिला अपने छोटे बच्चे को लेकर एक मोबाइल टावर पर चढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तरबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की यह महिला सुबह करीब नौ बजे रघुकुल विद्यापीठ स्कूल के दूसरे गेट से परिसर में दाखिल हुई और मोबाइल टावर तक पहुंचकर अपने बच्चे को साड़ी के सहारे कमर से बांधकर टावर पर चढ़ गई। यह टावर जिलाधिकारी आवास से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। महिला का आरोप है कि उसने गांव के एक व्यक्ति इकबाल के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। इसी बात से परेशान होकर वह अपने 6 वर्षीय बच्चे के साथ टावर पर चढ़ी और आरोपी की गिरफ्तारी व न्याय की मांग कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस द्वारा माइक से नीचे उतरने के लिए कहने पर महिला ने इनकार कर दिया। इसके बाद सीओ नगर आनंद राय ने माइक के जरिए महिला को अपना मोबाइल नंबर दिया, जिस पर महिला ने टावर से ही फोन कर अधिकारियों को अपनी समस्या बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आलोक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट विश्वामित्र सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार रजक, क्षेत्राधिकारी आनंद राय और नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने महिला को कार्रवाई का आश्वासन देते हुए नीचे उतरने की अपील की और बच्चे को सुरक्षित नीचे उतारने का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन महिला इसके लिए तैयार नहीं हुई। महिला और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो पुलिसकर्मियों को टावर पर भेजा गया, जिन्होंने पानी और बिस्किट पहुंचाए, लेकिन इसके बावजूद महिला नीचे नहीं उतरी। पुलिसकर्मी लगातार महिला को समझाने और सुरक्षित नीचे लाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक, महिला से बातचीत जारी है और उसकी शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद तरबगंज थाना पुलिस आरोपी बताए जा रहे व्यक्ति की तलाश में उसके घर रवाना हो गई। सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने बताया कि कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और प्रशासन की प्राथमिकता महिला और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतारना है।3
- पुरानी रंजिश ने सुल्तानपुर जनपद के धनपतगंज थाना क्षेत्र के हरौरा बाजार में हिंसक रूप ले लिया, जहाँ से शुरू हुआ विवाद मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल पहुँचने के बाद भी नहीं थमा। हैरत की बात यह रही कि पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर टूट पड़े, जिससे अस्पताल परिसर कुछ देर के लिए अखाड़े में तब्दील हो गया। इस मारपीट की घटना में कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक पीएसी जवान अमित अग्रहरी भी शामिल हैं। एक वर्दीधारी के घायल होने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, और लोग कह रहे हैं कि जब वर्दीधारी ही सुरक्षित नहीं तो आम नागरिकों की सुरक्षा का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद पहले हरौरा बाजार में हुआ था, जिसके बाद घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लाया गया। लेकिन वहाँ पुरानी रंजिश फिर भड़क उठी और अस्पताल परिसर में ही मारपीट शुरू हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी स्थिति संभालने में असहज दिखे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस की मौजूदगी के बावजूद लोगों को एक-दूसरे पर हमला करते देखा जा सकता है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले में क्षेत्राधिकारी बल्दीराय आशुतोष कुमार ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने मौके पर ही सख्ती दिखाई होती तो अस्पताल में दोबारा मारपीट की नौबत नहीं आती। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि अगर कानून का भय खत्म हो जाए और अपराधी पुलिस की मौजूदगी में भी बेखौफ हिंसा करें, तो आम जनता का विश्वास व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा। अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि दोषियों के खिलाफ कितना प्रभावी कदम उठाया जाता है।1
- अयोध्या के बीकापुर ब्लॉक अंतर्गत असकरनपुर गांवसभा में जिलाधिकारी शशांक तिवारी के नेतृत्व में एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने अपने शिकायत पत्र सौंपे, जिसमें तहसील प्रशासन पर सुनवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया गया। जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई, वहीं कई शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा समुचित कार्रवाई न करने की स्थिति में भी नाराजगी व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। चौपाल के दौरान जल जीवन मिशन के तहत 'हर घर जल' योजना में ग्रामीणों की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता के कार्यों के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की और एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया। शिकायत पत्र सौंपने उमड़ी भीड़ को देखकर एसडीएम बीकापुर के पसीने छूट गए और बीकापुर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ग्राम प्रधान द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की गई। प्रधान प्रतिनिधि अजय तिवारी और ग्रामीणों ने गांव में खड़ंजा मार्ग को पक्का मार्ग बनाने की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग द्वारा संपर्क मार्ग बनवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने पेयजल, स्वच्छता अभियान, नारी सशक्तिकरण और हर घर जल जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। चौपाल में विकासखंड, खाद्य एवं रसद विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग ने अपने-अपने विभागों की प्रदर्शनियां लगाकर जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लाभार्थियों को जिलाधिकारी और विधायक अभय सिंह के हाथों से आवश्यक सामग्री वितरित कराई गई, वहीं आवास के लाभार्थियों को आवास पत्र सौंपे गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्व-उत्पाद के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। विधायक अभय सिंह, जिलाधिकारी शशांक तिवारी और मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया। ग्राम चौपाल के दौरान स्वास्थ्य, बेसिक शिक्षा, लघु सिंचाई, राजस्व, मनरेगा, राशन कार्ड, बाल विकास परियोजना, समाज कल्याण, पेंशन, आयुष्मान भारत योजना सहित ग्राम पंचायत में किए गए विकास कार्य और लाभार्थियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और कमियों को दूर करने के लिए ही ग्राम चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत भवन के आकर्षक लुक, स्वच्छता और हाईटेक व्यवस्था की जिलाधिकारी द्वारा सराहना की गई। चौपाल की अध्यक्षता ग्राम प्रधान आशा देवी ने की और संचालन एडीओ पंचायत अवधेश प्रताप सिंह ने किया। जिलाधिकारी शशांक तिवारी और विधायक अभय सिंह ने पंचायत भवन में रखी आगंतुक विजिटर पुस्तिका में ग्राम चौपाल के संबंध में संतुष्टि व्यक्त करते हुए अपना संदेश लिखा और पौधारोपण भी किया। जिलाधिकारी ने चौपाल में प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निस्तारण करने का आश्वासन दिया। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख दिनेश वर्मा, एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी सहित जिले के कई अधिकारी उपस्थित रहे।1
- गोण्डा जनपद में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 21 मेधावी छात्र-छात्राओं को 01 जून, 2026 को जिला पंचायत सभागार में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में माननीय विधायक सदर गोण्डा प्रतीक भूषण सिंह, माननीय विधायक करनैलगंज अजय सिंह, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद और माननीय सांसद गोण्डा एवं केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री के प्रतिनिधि रमाशंकर मिश्र सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मेधावियों को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और ₹21,000 की सम्मान राशि प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया। कुल सम्मानित हुए 21 मेधावी विद्यार्थियों में से 7 छात्र-छात्राओं को लोकभवन, लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा सम्मानित किया गया था। इन 7 विद्यार्थियों में से 1 छात्र संस्कृति बोर्ड का था जबकि 6 छात्र-छात्राएं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) से थे। शेष 14 विद्यार्थियों को गोण्डा के जिला पंचायत सभागार में माननीय विधायक सदर गोण्डा प्रतीक भूषण सिंह, माननीय विधायक करनैलगंज अजय सिंह, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद और माननीय सांसद गोण्डा एवं केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री के प्रतिनिधि रमाशंकर मिश्र द्वारा सम्मानित किया गया। इस तरह, जनपद के कुल 20 छात्र-छात्राएं यूपी बोर्ड से और 1 छात्र संस्कृति बोर्ड से सम्मानित हुए। सम्मान समारोह के दौरान वक्ताओं ने इन मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जमकर सराहना की, उन्हें जनपद का गौरव और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने सभी छात्रों से निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है, और इन मेधावी विद्यार्थियों की सफलता से जनपद की शैक्षिक पहचान और अधिक मजबूत होगी। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राम चन्द्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, मंडलीय खेल सचिव स्वेता मिश्रा सहित शिक्षा विभाग के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना और उनके सम्मान के साथ किया गया।3