धार जिला कोषालय कार्यालय में सोमवार को एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नवागत जिला कोषालय अधिकारी श्रीमती आस्था चौरसिया ने अपना पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका आत्मीय स्वागत करते हुए सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं। इसी कार्यक्रम में, पूर्व जिला कोषालय अधिकारी श्री मान सिंह डामोर को पदोन्नति के उपरांत डीडीवीएस संचालनालय, भोपाल में स्थानांतरण होने पर भावभीनी विदाई दी गई। श्री डामोर ने धार जिले में अपने कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और कर्मचारी हितों के लिए उल्लेखनीय कार्य किए, जिसकी सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। अपने संबोधन में श्रीमती आस्था चौरसिया ने कहा कि वे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से कोषालय की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं जनहितैषी बनाने का प्रयास करेंगी। वहीं, श्री मान सिंह डामोर ने धार में मिले सहयोग और स्नेह के लिए समस्त कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सहायक कोषालय अधिकारी श्री प्रकाश बड़ोले सहित समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने श्री डामोर के उज्ज्वल भविष्य और श्रीमती आस्था चौरसिया के सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं। यह पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
धार जिला कोषालय कार्यालय में सोमवार को एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें नवागत जिला कोषालय अधिकारी श्रीमती आस्था चौरसिया ने अपना पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनका आत्मीय स्वागत करते हुए सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं। इसी कार्यक्रम में, पूर्व जिला कोषालय अधिकारी श्री मान सिंह डामोर को पदोन्नति के उपरांत डीडीवीएस संचालनालय, भोपाल में स्थानांतरण होने पर भावभीनी विदाई दी गई। श्री डामोर ने धार जिले में अपने कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और कर्मचारी हितों के लिए उल्लेखनीय कार्य किए, जिसकी सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। अपने संबोधन में श्रीमती आस्था चौरसिया ने कहा कि वे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से कोषालय की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं जनहितैषी बनाने का प्रयास करेंगी। वहीं, श्री मान सिंह डामोर ने धार में मिले सहयोग और स्नेह के लिए समस्त कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सहायक कोषालय अधिकारी श्री प्रकाश बड़ोले सहित समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने श्री डामोर के उज्ज्वल भविष्य और श्रीमती आस्था चौरसिया के सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ दीं। यह पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
- पूर्व राज्यमंत्री राजेश अग्रवाल के घर हुई चोरी के मामले में पुलिस ने एक बड़ा 'खुलासा' किया है। पुलिस की कार्रवाई में ₹40 लाख का चोरी का माल जब्त किया गया है और इस प्रकरण में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।1
- महू तहसील के ग्राम भगोरा में इन दिनों चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे ग्रामीणों में गहरी चिंता है। हाल ही में, किसान रंजीत परिहार के खेत में बीती रात अज्ञात बदमाशों ने बोरिंग से मोटर, केबल और रस्सी निकालने की कोशिश की। बदमाश बोरिंग में लगी केबल का कुछ हिस्सा काटकर अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी मिलने पर रंजीत परिहार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया, साथ ही पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया। पीड़ित किसान ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीणों ने इन बढ़ती चोरियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।1
- मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री और सीनियर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंदौर विधानसभा-1 के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यदि कुछ लोग उन्हें 'काफिर' कहते हैं, तो उन्हें सरकार द्वारा बनाई गई सड़कों और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं का लाभ नहीं लेना चाहिए। विजयवर्गीय ने इंदौर में मंच से कहा कि जब यहां सड़क बन रही है, तो यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों भाई रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मुस्लिम भाई उन्हें 'काफिर' कहते हैं। इसी पर उन्होंने चुनौती दी कि अगर वे 'काफिर' हैं, तो उनकी बनाई सड़क पर न चलें। साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर 'काफिर' होने के बावजूद लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा उनके घरों में आ रहा है, तो वे उसे भी न लें। कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' ही उनकी नीति रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही जनता उन्हें वोट दे या न दे, उनका काम जनता की सेवा करना है, हालांकि वोट मिलने पर वे 'ज्यादा दिल लगाकर काम करेंगे'। इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-1 में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने विपक्ष और अपने आलोचकों पर तीखा निशाना साधा। उनके इस 'काफिर' वाले बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में जमकर चर्चा और बवाल हो रहा है।1
- इंदौर में NEET परीक्षा के नाम पर छात्रों के साथ ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक लॉ स्टूडेंट ChatGPT और अन्य AI टूल्स का उपयोग करके NEET परीक्षा का एक फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर रहा था। वह इस फर्जी पेपर को असली बताकर छात्रों को 100 से 200 रुपये में बेच रहा था। शिकायत मिलने के बाद इंदौर पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया है।1
- इंदौर में कनाडिया पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई युवक का चाकू से केक काटते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई है। पुलिस ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए युवक पर एक्शन लिया।1
- रीवा जिले के संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला योजना समिति के सदस्य महेंद्र शुक्ला को सर्पदंश का शिकार होने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने के बावजूद घंटों तक बेड नहीं मिल सका, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना तब हुई जब पीड़ित दोपहर लगभग 2:30 बजे अपने प्रतिष्ठान “हिनौता नाथ कृषि एवं हार्डवेयर सेवा केंद्र” में थे और दुकान खोलने के दौरान अचानक एक चूहा और उसके पीछे आए सांप ने उनके दाहिने पैर में काट लिया, जिससे खून बहने लगा। घटना के बाद पीड़ित को तत्काल चुरहट ले जाया गया, जहाँ डॉ. गौरव पांडे ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़ित शाम करीब 4:30 बजे रीवा अस्पताल पहुंचे और इमरजेंसी में भर्ती हुए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें आईसीयू भेजा गया, लेकिन बेड उपलब्ध न होने के कारण रात 9 बजे तक, यानी लगभग पाँच घंटे तक, उन्हें स्ट्रेचर पर ही लेटे रहना पड़ा। पीड़ित ने बताया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें समय पर बेड नहीं मिल सका। स्थिति बिगड़ने पर पीड़ित ने भाजपा संगठन से जुड़े विजय दुबे से भी संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन तत्काल कोई राहत नहीं मिल पाई। अंततः रात करीब 10 बजे उन्हें जनरल वार्ड में बेड उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद ही उनका उपचार शुरू हो सका। पीड़ित ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें समय पर बेड न मिलना, शौचालयों की खराब स्थिति, बेड पर चादर की कमी और मरीजों के प्रति प्रशासन की लापरवाही शामिल है। पीड़ित ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से अपील करते हुए रीवा जैसे प्रमुख मेडिकल केंद्र की व्यवस्था को तत्काल सुधारने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके। गौरतलब है कि रीवा का संजय गांधी अस्पताल विंध्य क्षेत्र (रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, सिंगरौली आदि) के लाखों लोगों के लिए एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, और ऐसे में यहाँ की व्यवस्थाओं में सुधार अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।1