शनिवार को नागौर जिले में आए तेज तूफान ने कई स्थानों पर विद्युत पोलों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। इसका सीधा असर जिले की पेयजल व्यवस्था पर पड़ा, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण पंप हाउसों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। नागौर लिफ्ट पेयजल योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत भेड़ एवं खींवसर पंप हाउस की 33 केवी फीडर लाइन पूरी तरह से प्रभावित हुई, वहीं द्वितीय चरण में जोधियासी एवं जायल फीडरों में भी तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुईं। इसके परिणामस्वरूप नागौर जिले के जायल और डेगाना क्षेत्रों के साथ-साथ पूरे डीडवाना-कुचामन जिले की जलापूर्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसके अतिरिक्त, रोहिणी, डेह, बामना, मालगांव, लगोर, हरसौर सहित लगभग 12 अन्य पंप हाउसों की विद्युत आपूर्ति भी बाधित हुई। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के बीच त्वरित समन्वय स्थापित किया गया। अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की टीमों ने प्रभावित पंप हाउसों पर बिजली बहाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई की। निगम के कार्मिकों ने बीती रात और रविवार सुबह लगातार काम कर क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत की, जिसके फलस्वरूप रविवार दोपहर 12 बजे तक जलापूर्ति से जुड़े सभी प्रमुख पंप हाउसों पर विद्युत आपूर्ति फिर से प्रारंभ हो गई। विभागों के इस आपसी समन्वय और समस्या के जल्द समाधान से आमजन ने प्रसन्नता व्यक्त की और प्रशासन का धन्यवाद किया।
शनिवार को नागौर जिले में आए तेज तूफान ने कई स्थानों पर विद्युत पोलों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। इसका सीधा असर जिले की पेयजल व्यवस्था पर पड़ा, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण पंप हाउसों की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। नागौर लिफ्ट पेयजल योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत भेड़ एवं खींवसर पंप हाउस की 33 केवी फीडर लाइन पूरी तरह से प्रभावित हुई, वहीं द्वितीय चरण में जोधियासी एवं जायल फीडरों में भी तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हुईं। इसके परिणामस्वरूप नागौर जिले के जायल और डेगाना क्षेत्रों के साथ-साथ पूरे डीडवाना-कुचामन जिले की जलापूर्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसके अतिरिक्त, रोहिणी, डेह, बामना, मालगांव, लगोर, हरसौर
सहित लगभग 12 अन्य पंप हाउसों की विद्युत आपूर्ति भी बाधित हुई। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के बीच त्वरित समन्वय स्थापित किया गया। अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की टीमों ने प्रभावित पंप हाउसों पर बिजली बहाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई की। निगम के कार्मिकों ने बीती रात और रविवार सुबह लगातार काम कर क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत की, जिसके फलस्वरूप रविवार दोपहर 12 बजे तक जलापूर्ति से जुड़े सभी प्रमुख पंप हाउसों पर विद्युत आपूर्ति फिर से प्रारंभ हो गई। विभागों के इस आपसी समन्वय और समस्या के जल्द समाधान से आमजन ने प्रसन्नता व्यक्त की और प्रशासन का धन्यवाद किया।
- नागौर शहर के श्री गोपीनाथ जी के मंदिर में चल रहे अखंड ताल सप्ताह का आज पाँचवाँ दिन है। इस पवित्र आयोजन में शहर की विभिन्न भजन मंडलियाँ उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रही हैं। महिलाओं के लिए भजन गाने का समय दोपहर 2 बजे से रात 10:30 बजे तक निर्धारित है, वहीं पुरुष भक्त रात 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगातार भजन प्रस्तुत करते हैं। यह अखंड ताल सप्ताह पिछले 70 वर्षों से पुरुषोत्तम मास में अनवरत रूप से आयोजित होता आ रहा है। जानकारी के अनुसार, वर्षों पहले इसे खड़ी ताल सप्ताह के रूप में मनाया जाता था, लेकिन समय के साथ इसके आयोजन के तरीकों में बदलाव होते रहे हैं। इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दिन में तीन बार प्रसाद वितरण भी किया जाता है। आयोजन में लड्डू गोपाल और श्री गोपीनाथ भगवान का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है, जिसकी झाँकी भक्तों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। श्री गोपीनाथ और लड्डू गोपाल की मनमोहक छवि देखने लायक है, जिसके दर्शन के लिए सुबह से देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है। इस पूरे आयोजन को सभी मोहल्लेवासी मिलकर सफलतापूर्वक संपन्न करते हैं।1
- आज शाम लगभग 5:15 बजे पर्वतसर और उसके आसपास के गाँवों में तेज हवाओं और धूल भरी आंधी का सामना करना पड़ा। इस बवंडर भरी आंधी के कारण राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। सभी लोगों से निवेदन किया गया है कि वे ऐसे मौसम में घरों से बाहर न निकलें और जहाँ भी हों, सुरक्षित रहें।1
- काले झंडे प्रकरण से जुड़े मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है, जिसके तहत कुचामन थानाधिकारी सतपाल सियाग को निलंबित कर दिया गया है।1
- नागौर के रियांबड़ी क्षेत्र में शनिवार देर रात से मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया। देर रात शुरू हुई बारिश रविवार सुबह करीब 10 बजे तक रुक-रुक कर जारी रही, जिसके साथ ठंडी हवाएं चलीं। इस बदलाव से क्षेत्रवासियों को पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश का यह दौर कहीं हल्की तो कहीं तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी के रूप में रहा। आसमान में लगातार बादलों की आवाजाही बनी रही, साथ ही कई बार आकाशीय बिजली चमकी और गर्जना भी सुनाई दी। मौसम में आए इस बदलाव से तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण प्रभावित हो रहा जनजीवन सामान्य हुआ। तापमान में गिरावट दर्ज की गई, और सुबह 10 बजे के बाद हल्की धूप निकलने के बावजूद वातावरण में ठंडक बनी रही। यह बारिश कृषि क्षेत्र के लिए भी अत्यंत लाभदायक मानी जा रही है। क्षेत्र के कई किसानों ने अपने खेतों में कपास की बुवाई की हुई है, और उनके अनुसार, यह बारिश कपास की फसल के अंकुरण और शुरुआती विकास के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से फसल की बढ़वार को बल मिलेगा और सिंचाई की आवश्यकता भी कम होगी। किसानों ने इसे खेती के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया है और उम्मीद जताई है कि यदि आगामी दिनों में भी मौसम अनुकूल रहा, तो खरीफ फसलों को अच्छा लाभ मिल सकता है। मौसम विभाग ने भी क्षेत्र में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना व्यक्त की है।1
- रिया बड़ी नगर पालिका में 'वंदे गंगा जल संरक्षण' अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, जल संचय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आमजन को पानी बचाने के लिए प्रेरित करना है। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार रिया बड़ी उपखंड में इस जन अभियान का शुभारंभ उत्साहपूर्वक आयोजित हुआ। रिया बड़ी उपखंड अधिकारी ने दीपक प्रज्वलित कर इस अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम का आरंभ सरोवर पूजन और पौधरोपण के साथ हुआ। मुख्य उपखंड अधिकारी विनीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि जिस भाव से गंगा के जल का वंदन किया जाता है, उसी भाव से हर जल स्रोत का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जल को गंगा का जल मानते हुए उसका संरक्षण करना चाहिए, क्योंकि जल संरक्षण राम नाम के स्मरण से कम नहीं है और यह इंसान की ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है। विनीत कुमार ने यह भी बताया कि पहले गांवों में लोग सामूहिक रूप से जल संरक्षण करते थे, लेकिन अब वे पूरी तरह सरकार पर निर्भर हो गए हैं। उन्होंने समाज से मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़कर जल संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार, नगर पालिका एग्जीक्यूटिव ऑफिसर धर्मेंद्र कुमार, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष गिरधारी लाल सैनी, पूर्व उपाध्यक्ष सत्यनारायण वैष्णव, अशोक कुमार माली, राहुल भाटी, अभिषेक माली, मुकेश धारु, सुनील दगदी और समस्त नरेगा स्टाफ व मजदूर लोग उपस्थित रहे।2
- नागौर जिले के लाडपुरा गांव में एक भगतमाल कथा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन के अवसर पर सुखदेवजी महाराज कुचेरा ने मीडिया से बातचीत की।1
- Post by Khushal Parihar Khushal Pariha1
- रियांबड़ी शहर में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर दो दिवसीय पारंपरिक ग्यारह कोसी नगर परिक्रमा का शुभारंभ सोमवार को चारभुजानाथ मंदिर से अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने पूरे मार्ग को भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक वातावरण से भक्तिमय बना दिया। परिक्रमा की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिसके बाद श्रद्धालु हाथों में ध्वज-पताकाएं लिए भगवान के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। मार्गभर हरिकीर्तन, भजन संकीर्तन और अन्य धार्मिक आयोजनों से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर रहा, जिससे श्रद्धालुओं में इस पुरुषोत्तम मास परिक्रमा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए परिक्रमा मार्ग पर विभिन्न पड़ावों पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं, जिनमें छाया, शुद्ध पेयजल, भोजन प्रसादी और रात्रि विश्राम शामिल थे। आयोजन समिति और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इन व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। इस आयोजन में ब्रह्म समुदाय सेवा समिति रियांबड़ी के अध्यक्ष एडवोकेट रामकिशोर तिवाड़ी, बजरंगगढ़ सेवा समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद राठी, श्याम सुंदर रुणवाल, विनोद कुमार गौड़, जुगल किशोर मणिहार, देवी सिंह बडगूजर, राजेश पाराशर, मिठ्ठू लाल सोनी, कैलाश नागर और बबलू पाराशर सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी तथा श्रद्धालु मौजूद रहे। नगर परिक्रमा के दौरान, श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और लोककल्याण की कामना की। इस दो दिवसीय परिक्रमा के आरंभ के साथ ही पूरे रियांबड़ी शहर में धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल छा गया।2