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उदासीन संप्रदाय के प्रतिष्ठित संत श्री कृष्ण दास 'निक्कू बाबा' पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। त्रिवेणी संगम तट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और अनुयायियों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा के दौरान श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने बाबा के आध्यात्मिक योगदान और मानवता के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और शोक का गहरा भाव व्याप्त रहा।
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उदासीन संप्रदाय के प्रतिष्ठित संत श्री कृष्ण दास 'निक्कू बाबा' पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। त्रिवेणी संगम तट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और अनुयायियों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा के दौरान श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने बाबा के आध्यात्मिक योगदान और मानवता के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और शोक का गहरा भाव व्याप्त रहा।
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- फतुहा स्थित कबीर मठ में संत कबीर प्रकटोत्सव को लेकर भव्य तैयारियां जोरों पर हैं। आयोजन को सफल बनाने के उद्देश्य से मठ परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यह भव्य आयोजन संत कबीर के मानवता, समरसता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से संत-महात्माओं, विशिष्ट अतिथियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिनके लिए भजन, सत्संग, प्रवचन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पटना साइंस कॉलेज में अपने भ्रमण के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। कॉलेज में व्यवस्था को लेकर छात्रों ने मुख्यमंत्री की गाड़ी के सामने आकर उनका विरोध किया और उनसे शिकायत की। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शालीनता से बच्चों की बातों को सुना और उन्हें आश्वासन दिया।1
- पटना जिले के दनियावां प्रखंड कार्यालय परिसर में शनिवार को किसान नेता देवकुमार सिंह के नेतृत्व में 'जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले किसानों और ग्रामीणों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया, जिसकी अध्यक्षता अजय कुमार ने की। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि खेती और जमीन ग्रामीण परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है, इसलिए किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण या जमीन से जुड़े कोई भी फैसले स्वीकार नहीं किए जा सकते। धरना के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भूमि संबंधी मामलों में किसानों की राय की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसके चलते 'भारतमाला परियोजना' सहित विभिन्न विकास योजनाओं के तहत अधिग्रहित भूमि के कई प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने भ्रष्टाचार, बढ़ती बेरोजगारी और सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भी गहरी चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से उचित मुआवजा, किसानों की जमीन की सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों के निष्पक्ष समाधान की तत्काल मांग की। धरना के बाद, अंचलाधिकारी के माध्यम से सरकार को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा के मनीष सिंह, धर्मेंद्र सिंह, पंकज सिंह, वामपंथी नेता उमेश कुमार सिंह, मनोज कुमार चंद्रवंशी, जदयू नेता बिंदेश्वरी प्रसाद सिंह, मनोज सिंह सहित हजारों किसानों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता व नेता शामिल हुए।1
- पटना जिले के दनियावां प्रखंड कार्यालय परिसर में शनिवार को जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले किसानों और ग्रामीणों ने किसान नेता देवकुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस धरने की अध्यक्षता अजय कुमार ने की, जिसमें मनीष सिंह, धर्मेंद्र सिंह, पंकज सिंह, वामपंथी नेता उमेश कुमार सिंह, मनोज कुमार चंद्रवंशी, जदयू नेता बिंदेश्वरी प्रसाद सिंह, मनोज सिंह सहित हजारों किसानों तथा विभिन्न संगठनों और दलों के कार्यकर्ता व नेताओं ने हिस्सा लिया। वक्ताओं ने इस दौरान स्पष्ट किया कि खेती और जमीन ग्रामीण परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार हैं, और किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण या जमीन से जुड़े कोई भी निर्णय स्वीकार्य नहीं होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि संबंधी मामलों में किसानों की राय की लगातार अनदेखी की जा रही है, और भारतमाला परियोजना सहित कई विकास योजनाओं के तहत अधिग्रहित भूमि के प्रभावित परिवारों को अभी तक उचित मुआवजा भी नहीं मिल पाया है। प्रदर्शनकारियों ने उचित मुआवजे, किसानों की जमीन की सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों के निष्पक्ष समाधान की मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सरकारी योजनाओं में कथित अनियमितताओं पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। धरना-प्रदर्शन के समापन के बाद, प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन अंचलाधिकारी के माध्यम से सरकार को सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।1
- एक सादे समारोह में BLCP सुप्रीमो सुभाष कुमार जी ने शिरकत की।1
- बाढ़ अनुमंडल में 28 जून से 2 जुलाई तक चलने वाले राष्ट्रीय प्लस पोलियो अभियान को गहरा झटका लगा है। अनुमंडलीय अस्पताल से जुड़ी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सहायिकाओं और अभियान से संबंधित अन्य कर्मियों ने अपने लंबित मानदेय का भुगतान न होने के विरोध में घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। विरोध कर रहे कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो चरणों के पोलियो अभियान का भुगतान अब तक नहीं मिला है। इसके अलावा, कोरोना काल के दौरान किए गए कार्यों का भी पूरा भुगतान लंबित है। आशा कार्यकर्ता रीता देवी और रेनू देवी ने बताया कि कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने साफ कहा कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे अभियान में काम नहीं करेंगी। कर्मियों के इस विरोध के कारण बाढ़ अनुमंडल में प्लस पोलियो अभियान की सफलता पर सवाल उठ गए हैं और यदि यह भुगतान विवाद जल्द हल नहीं होता तो अभियान के निर्धारित लक्ष्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इस संबंध में, अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ विनय कुमार ने बताया कि भुगतान की प्रक्रिया चल रही है और केवल एक चरण का भुगतान बकाया है।1
- पटना के जगजीवन राम संस्थान में ‘पटेल परिवार स्वाभिमान समागम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हिमांशु पटेल ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि आगत अतिथियों का स्वागत डॉ राकेश रंजन ने किया। इस समागम को विधायक शुभानंद मुकेश, पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल और पूर्व आईएएस दिनेश राय सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। पोस्ट में पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल के संबोधन का एक अनकट वीडियो भी साझा किया गया है।1
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