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भागलपुर के सनोखर में, भीषण धूप से परेशान और बेहाल लोगों को आखिरकार राहत मिली है। इस स्थिति से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों और समाजसेवियों ने मिलकर कमान संभाली, जिसके बाद लोगों को जरूरी मदद और सुकून मिल पाया।
Raju Ranjan
भागलपुर के सनोखर में, भीषण धूप से परेशान और बेहाल लोगों को आखिरकार राहत मिली है। इस स्थिति से निपटने के लिए पुलिस कर्मियों और समाजसेवियों ने मिलकर कमान संभाली, जिसके बाद लोगों को जरूरी मदद और सुकून मिल पाया।
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- पोस्ट में सरकारी मशीनरी के कथित “भाजपायीकरण” को लेकर तीखा कटाक्ष किया गया है। लेखक का स्पष्ट मत है कि यदि इसमें संलिप्त लोगों की “कलई पकड़ी” जाए, तो वे मारे-मारे और भागे-भागे फिरते दिखाई देंगे। आगे यह भी तंज कसा गया है कि इसके बाद “अंधभक्ति” भी, “सॉरी”, अपने सही रास्ते पर आ जाएगी।1
- डीजल और पेट्रोल की कीमतों में चौथी बार फिर बढ़ोतरी की गई है। इस वृद्धि के साथ, पेट्रोल की कीमत में ₹2.61 और डीजल की कीमत में ₹2.71 का इजाफा हुआ है।1
- भागलपुर के नाथनगर थाना परिसर में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थानाध्यक्ष अभय शंकर की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें पूजा समिति, शांति समिति के सदस्यों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इस बैठक के दौरान, पूर्व थानाध्यक्ष राजीव रंजन और वर्तमान थानाध्यक्ष अभय शंकर को पूजा समिति अध्यक्ष पप्पू यादव द्वारा भागलपुरी चादर देकर सम्मानित किया गया। पप्पू यादव ने इस अवसर पर कहा कि राजीव रंजन ने अपने कार्यकाल के दौरान सभी पर्वों को शांति, सद्भाव और भाईचारे के साथ संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाथनगर की जनता, पूजा समिति और शांति समिति की ओर से उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। साथ ही, उन्हें कोतवाली थानाध्यक्ष के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।1
- बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित संग्रामपुर प्रखंड के पतघाघर में एक आवासीय विद्यालय में भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण बुधवार को 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। ये बच्चियां कटियारी पंचायत के पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय की हैं, जिन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया। इस घटना ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' जैसे सरकारी दावों की पोल खोल दी है। बेहोश होने वाली छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष) और सोना भारती (13 वर्ष) सहित कुल 7 छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया, जिसमें चिकित्सकों ने हीट वेव और डिहाइड्रेशन को वजह बताया। फिलहाल, सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं और उन्हें कुछ घंटों की निगरानी के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती एक छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में बिजली जाने के बाद कमरा भट्टी जैसा बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। इस आवासीय विद्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से कक्षा 6 से 12वीं तक की करीब 200 छात्राएं पढ़ती हैं। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने अपनी लाचारी स्वीकारते हुए बताया कि बिजली न होने के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस का समरसेबल भी बोरिंग फेल होने के कारण पानी नहीं दे रहा है, जिसके चलते पीएचईडी से रोज केवल 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर के प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने भी पुष्टि की कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। करोड़ों की लागत से भव्य भवन बनने के बावजूद, इस आवासीय विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे 200 छात्राएं नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब तारापुर के विधायक और बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं सम्राट चौधरी हैं, और उनके ही विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय की बेटियों की यह दुर्दशा 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों पर सवाल उठाती है।3
- कटिहार पुलिस प्रशासन आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय हो गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शिखर चौधरी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं और पूरे जिले में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पर्व के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगभग 1000 पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। इन पुलिसकर्मियों को जिले के विभिन्न संवेदनशील स्थानों, प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया जाएगा, साथ ही पुलिस पदाधिकारियों को भी विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा सके। प्रशासन जिले के सभी थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठकें आयोजित कर रहा है। इन बैठकों में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धार्मिक नेताओं और स्थानीय गणमान्य लोगों को शामिल कर आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की जा रही है। एसपी चौधरी ने यह भी बताया कि पूर्व में विधि-व्यवस्था प्रभावित करने वाले या अशांति फैलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इस बार विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चौबीसों घंटे विभिन्न पोस्ट और संदेशों की निगरानी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। यदि कोई व्यक्ति भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट साझा करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी शिखर चौधरी ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी संदिग्ध सूचना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या प्रशासन को दें। उन्होंने कटिहार की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की परंपरा को कायम रखते हुए सभी लोगों से मिल-जुलकर बकरीद का पर्व मनाने का आग्रह किया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के साथ किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- झारखंड के गोड्डा जिले की चपरी पंचायत में मुखिया द्वारा जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि इन कार्यों के बावजूद गरीब जनता को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस स्थिति को लेकर व्यवस्था पर सीधे तौर पर सवाल खड़े किए गए हैं, जिसे #वायरल और #BreakingNews के तौर पर देखा जा रहा है।1
- गुजरात में अब 'पंजाब मॉडल' लागू करने की मांग उठी है। इस संबंध में, NEET के छात्रों को मुफ्त बस सेवा प्रदान करने के लिए एक विशेष अपील की गई है।1
- ओडिशा के सिजिमाली में जारी 'सिजिमाली आदिवासी संघर्ष यात्रा' के तीसरे दिन जल, जंगल और जमीन बचाने की लड़ाई और तेज हो गई है। इस दौरान यह मुखर संदेश दिया गया कि "ये देश हम सबका है, सिर्फ अडानी, अंबानी और BJP नेताओं का नहीं।" युवा कांग्रेस ने बॉक्साइट खनन रोकने, कॉर्पोरेट कब्ज़ा खत्म करने, ग्राम सभा के अधिकारों का सम्मान करने और आदिवासियों पर हो रहे दमन को बंद करने की पुरजोर मांग उठाई। इस संघर्ष में IYC प्रभारी श्री @ManishSharmaIYC जी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र, मुंगेर के तारापुर विधानसभा अंतर्गत संग्रामपुर प्रखंड के कटियारी पंचायत स्थित पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय, पतघाघर में बुधवार को भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। इस घटना ने 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों की पोल खोल दी है। बेहोश हुई छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष), सोना भारती (13 वर्ष) सहित सात छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने स्थिति पर लाचारी जताते हुए कहा कि बिजली नहीं होने से गर्मी के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस में समरसेबल बोरिंग भी फेल है, जिससे पानी नहीं आता। विद्यालय को रोजाना पीएचईडी से 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को इस संबंध में लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक भर्ती छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में लाइट जाने के बाद कमरा भट्ठी बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। सरकार ने करोड़ों की लागत से भव्य भवन तो बना दिया है, लेकिन करीब 200 छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाएं 'जीरो' हैं और उन्हें स्वच्छ भोजन भी नहीं मिल रहा। सभी बेहोश छात्राओं को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया। सीएचसी प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने बताया कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। समय पर इलाज मिलने से सभी खतरे से बाहर हैं और उन्हें 3-4 घंटे निगरानी में रखने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि तारापुर के विधायक और स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अपने विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित इस आवासीय विद्यालय की 200 बेटियां नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, जो बेहद शर्मनाक स्थिति है।4