वाया नदी में लापता छात्रा का 30 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं, तलाश जारी। वाया नदी में लापता छात्रा का 30 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीम द्वारा अभी भी तलाश जारी। जी हां यह तलाशी अभियान समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र अंतर्गत दुबहा पंचायत के अदलपुर गांव की है। जो बीते रविवार के दिन से ही वाया नदी में लापता 14 वर्षीय छात्रा सुप्रिया कुमारी उर्फ किट्टू का 30 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग अभी तक नहीं मिल सका है. जिसे लेकर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम आज सोमवार को भी लगातार नदी में तलाशी अभियान जारी रखने के बावजूद सफलता नहीं मिल पाई है । वैसे आपको बतादू कि यह घटना बीते रविवार को सुप्रिया अपने छोटे भाई केशव व दादी के साथ घर के पास ही वाया नदी में स्नान करने गई थी. जो स्नान के दौरान केशव गहरे पानी में चला गया। भाई को डूबता देख सुप्रिया ने उसे बचा लिया, लेकिन खुद गहरे पानी में चले जाने के कारण खुद डूब गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने काफी तलाश की, पर कुछ पता नहीं चला.इसके बाद स्थानीय विधायक एवं उनके प्रतिनिधि रबीश कुमार सिंह ने प्रशासन को सूचित कर घटना के बारे में जानकारी दी, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया, घटना स्थल पहुंचते ही दोनों टीमों ने लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन जारी रखी फिर भी शव बरामद नहीं हो सकी और यह प्रयास आगे भी जारी रहेगी। लापता छात्रा अदलपुर निवासी चंदन चौधरी व शिक्षिका जूही कुमारी की पुत्री है, जो निजी विद्यालय की आठवीं कक्षा की छात्रा है.30 घंटे बाद भी बेटी का पता नहीं चलने से परिजन बेहाल हैं और नदी किनारे टकटकी लगाए इंतजार कर रहे हैं. इस घटना को लेकर गांव में अभी भी मातम का माहौल कायम है. इधर, बीडीओ डॉ. नवकंज कुमार, सीओ विवेक कुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि रवीश कुमार सिंह व भाजपा दक्षिण मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बचाव कार्य को लेकर घटना स्थल पर मुस्तैदी के साथ डटे हुए थे ।
वाया नदी में लापता छात्रा का 30 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं, तलाश जारी। वाया नदी में लापता छात्रा का 30 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीम द्वारा अभी भी तलाश जारी। जी हां यह तलाशी अभियान समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र अंतर्गत दुबहा पंचायत के अदलपुर गांव की है। जो बीते रविवार के दिन से ही वाया नदी में लापता 14 वर्षीय छात्रा सुप्रिया कुमारी उर्फ किट्टू का 30 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग अभी तक नहीं मिल सका है. जिसे लेकर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम आज सोमवार को भी लगातार नदी में तलाशी अभियान जारी रखने के बावजूद सफलता नहीं मिल पाई है । वैसे आपको बतादू कि यह घटना बीते रविवार को सुप्रिया अपने छोटे भाई केशव व दादी के साथ घर के पास ही वाया नदी में स्नान करने गई थी. जो स्नान के दौरान केशव गहरे पानी में चला गया। भाई को डूबता देख सुप्रिया ने उसे बचा लिया, लेकिन खुद गहरे पानी में चले जाने के कारण खुद डूब गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने काफी तलाश की, पर कुछ पता नहीं चला.इसके बाद स्थानीय विधायक एवं उनके प्रतिनिधि रबीश कुमार सिंह ने प्रशासन को सूचित कर घटना के बारे में जानकारी दी, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया, घटना स्थल पहुंचते ही दोनों टीमों ने लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन जारी रखी फिर भी शव बरामद नहीं हो सकी और यह प्रयास आगे भी जारी रहेगी। लापता छात्रा अदलपुर निवासी चंदन चौधरी व शिक्षिका जूही कुमारी की पुत्री है, जो निजी विद्यालय की आठवीं कक्षा की छात्रा है.30 घंटे बाद भी बेटी का पता नहीं चलने से परिजन बेहाल हैं और नदी किनारे टकटकी लगाए इंतजार कर रहे हैं. इस घटना को लेकर गांव में अभी भी मातम का माहौल कायम है. इधर, बीडीओ डॉ. नवकंज कुमार, सीओ विवेक कुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि रवीश कुमार सिंह व भाजपा दक्षिण मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बचाव कार्य को लेकर घटना स्थल पर मुस्तैदी के साथ डटे हुए थे ।
- वाया नदी में लापता छात्रा का 30 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं, तलाश जारी। वाया नदी में लापता छात्रा का 30 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीम द्वारा अभी भी तलाश जारी। जी हां यह तलाशी अभियान समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र अंतर्गत दुबहा पंचायत के अदलपुर गांव की है। जो बीते रविवार के दिन से ही वाया नदी में लापता 14 वर्षीय छात्रा सुप्रिया कुमारी उर्फ किट्टू का 30 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग अभी तक नहीं मिल सका है. जिसे लेकर एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम आज सोमवार को भी लगातार नदी में तलाशी अभियान जारी रखने के बावजूद सफलता नहीं मिल पाई है । वैसे आपको बतादू कि यह घटना बीते रविवार को सुप्रिया अपने छोटे भाई केशव व दादी के साथ घर के पास ही वाया नदी में स्नान करने गई थी. जो स्नान के दौरान केशव गहरे पानी में चला गया। भाई को डूबता देख सुप्रिया ने उसे बचा लिया, लेकिन खुद गहरे पानी में चले जाने के कारण खुद डूब गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने काफी तलाश की, पर कुछ पता नहीं चला.इसके बाद स्थानीय विधायक एवं उनके प्रतिनिधि रबीश कुमार सिंह ने प्रशासन को सूचित कर घटना के बारे में जानकारी दी, प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को घटना स्थल के लिए रवाना कर दिया, घटना स्थल पहुंचते ही दोनों टीमों ने लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन जारी रखी फिर भी शव बरामद नहीं हो सकी और यह प्रयास आगे भी जारी रहेगी। लापता छात्रा अदलपुर निवासी चंदन चौधरी व शिक्षिका जूही कुमारी की पुत्री है, जो निजी विद्यालय की आठवीं कक्षा की छात्रा है.30 घंटे बाद भी बेटी का पता नहीं चलने से परिजन बेहाल हैं और नदी किनारे टकटकी लगाए इंतजार कर रहे हैं. इस घटना को लेकर गांव में अभी भी मातम का माहौल कायम है. इधर, बीडीओ डॉ. नवकंज कुमार, सीओ विवेक कुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि रवीश कुमार सिंह व भाजपा दक्षिण मंडल अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बचाव कार्य को लेकर घटना स्थल पर मुस्तैदी के साथ डटे हुए थे ।1
- राघोपुर में 13 मासूमों के दशकर्म के दौरान बवाल, प्रशांत किशोर के सामने दो पक्षों में हिंसक झड़प; JDU नेता अजीत यादव घायल बच्चों की मौत पर शोक जताने पहुंचे प्रशांत किशोर, नाव हादसे की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग वैशाली जिले के राघोपुर में नाव हादसे में 13 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत का गम अभी कम भी नहीं हुआ था कि दशकर्म के दिन गांव में हिंसक झड़प हो गई। बच्चों के परिजनों से मिलने पहुंचे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की मौजूदगी में बीजेपी नेता गगन राय और जेडीयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इस घटना में जेडीयू नेता अजीत यादव घायल हो गए।1
- बिहार की सियासत में बड़ा भूचाल! अनंत सिंह और नीलम देवी JDU से 6 साल के लिए निष्कासित, विधायकी पर भी संकट! जेडीयू की बड़ी कार्रवाई के बाद मोकामा की राजनीति में हलचल तेज। पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की है। अब सबकी नजर विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी है।1
- बिहार में गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन की व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। आखिर जन वितरण प्रणाली की दुकान छोड़कर कपड़े की दुकान पर क्यों लगवाया जा रहा है लोगों का अंगूठा? क्या है पूरा मामला, आइए जानते हैं इस विशेष रिपोर्ट में। बिहार में गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन की व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। आखिर जन वितरण प्रणाली की दुकान छोड़कर कपड़े की दुकान पर क्यों लगवाया जा रहा है लोगों का अंगूठा? क्या है पूरा मामला, आइए जानते हैं इस विशेष रिपोर्ट में। मामला बिहार के घोसवरी प्रखंड अंतर्गत सम्यागढ़ पंचायत के मिल्की ग्राम का बताया जा रहा है। यहां जन वितरण प्रणाली की दुकान आशा कुमारी के नाम से संचालित है। लेकिन आरोप है कि राशन वितरण से संबंधित अंगूठा लगाने की प्रक्रिया निर्धारित जन वितरण प्रणाली की दुकान के बजाय सम्यागढ़ स्थित एक कपड़े की दुकान पर कराई जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार ने राशन वितरण के लिए जन वितरण प्रणाली की दुकान निर्धारित की है, तो फिर कपड़े की दुकान पर लाभुकों का अंगूठा क्यों लगवाया जा रहा है? क्या इसके पीछे कोई अधिकृत व्यवस्था है, या फिर राशन वितरण की प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हो रही है? क्या लाभुकों को उनका पूरा राशन मिल रहा है? इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। सरकार गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा देने के लिए राशन उपलब्ध कराती है। ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहदj जरूरी है, ताकि किसी भी लाभुक के अधिकारों का हनन न हो। न खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और जिला प्रशासन से मांग करता है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाई जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इस मामले में संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब और विभागीय जांच सामने आना बाकी है।1
- बाढ़ की मिट्टी में छिपी प्रतिभा अब भोजपुरी संगीत की दुनिया में बिखेर रही अपनी चमक, उभरते कलाकार सुजय कुमार की कलाकारी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा; अगर ग्रामीण कलाकारों को भी बड़े मंच पर अपनी कला दिखाने का अवसर मिले तो वे भी भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाकर सफलता की नई कहानी लिख सकते हैं!1
- शाहपुर पटोरी में भीषण जब घंटे घंटों फंसे एंबुलेंस यातायात नियम को पालन करने में हो रहा हैदिक्कत1
- पटना हत्याकांड में चार गिरफ्तार, बख्तियारपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान आरोपी घायल।। रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र में 26 सितंबर 2026 को हुए गोलीकांड में पटना पुलिस ने चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, पांच पिस्टल, 37 जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल, एक कार और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। 25 अक्टूबर को बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में हथियारों की बरामदगी के दौरान पुलिस के मुताबिक फायरिंग हुई, जिसमें आरोपी सौरभ कुमार घायल हो गया। पुलिस ने हत्या के पीछे मृतक और एक बिल्डर के बीच विवाद को संभावित कारण बताया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। ऐसी ही स्थानीय और अपराध से जुड़ी खबरों के लिए KHABAR JUNCTION LIVE BIHAR से जुड़े रहें।1
- मोहिउद्दीन नगर में अवैध शराब निर्माण के खिलाफ ग्रामीणों ने फूंका बिगुल, तस्करों में मचा हड़कंप । मोहिउद्दीन नगर में अवैध शराब निर्माण के खिलाफ ग्रामीणों ने फूंका बिगुल, तस्करों में मचा हड़कंप । हरैल पंचायत को ग्रामीणों ने नशा मुक्त बनाने का लिया संकल्प । जी हां यह ताजा समाचार समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड अंतर्गत हरैल पंचायत का है अब जहां समूचे पंचायत के ग्रामीणों ने बिगुल फूंकते हुए यह ठान लिया है कि अब शराब निर्माण करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। जिसे लेकर पंचायत के ग्रामीणों ने बताया कि चंद लोगों की वजह से पंचायत के साथ साथ गांवों की बदनामी झेलनी पड़ती है । जिस बदनामी को लेकर माथे पर लगे हुए कलंक अब सभी लोगों की एकजुटता के साथ धोया जा सकता है। यह बातें रविवार की देर रात तक आनंदगोलवा व चापर गांव के ग्रामीणों की संयुक्त बैठक में ली गई। वहीं दर्जनों लोगों ने एक साथ शपथ लेते हुए चोरी छिपे अवैध शराब निर्माण में संलिप्त चंद लोगों को लेकर जिस तरह पंचायत व गांव की बदनामी होती हुई आ रही है, ऐसे में असामाजिक तत्वों की पहचान सार्वजनिक की जाएगी । वैसे राज्य में बीते एक दशक से शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद खासकर चापर दियारे में नकारा साबित हो रही है । लोग शराब तस्करी और दारू उत्पादन जैसे अवैध कार्यों में संलिप्त अनेक धंधेबाजों पर नकेल कसने की बारी आ गई है। की दियारे के दुर्गम इलाके में शराब निर्माण में जुटे लोग महफूज मान रहे हैं। अब ग्रामीणों को कहना है कि अगर समय रहते इसे रोका न गया तो आने वाले पीढ़ी कहीं अपराध और कानून की खिलाफत की नदी में डूबने से बचाया नहीं जा सकता। इसलिए हर हालत में बचाने की जरूरत है। यह बैठक पूर्व पंसस सुरेंद्र सिंह की अध्यक्षता व सरपंच प्रतिनिधि जैन सिंह के संचालन में बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि, 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा से मिलकर अवैध शराब निर्माण में जुटे धंधेबाजों की सूची सौंपने की बात कही गई है। वहीं पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अजय कुमार सिंह ने कहा कि बिना सामाजिक सहयोग के सरकार की किसी कोशिश को सफलता नहीं मिल सकती.उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो भी लोग शराब के धंधे से अलग नहीं होते हैं तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाय। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के कारण बच्चों के विकास और उनकी शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.वहीं घरेलू हिंसा के कारण परिवार बिखर रहा है. शराबबंदी को लेकर ग्रामीणों द्वारा की जा रही जुर्रत से शराब माफियाओं की नींद उड़ा दी है । मौके पर मिथिलेश प्रसाद सिंह, दीनानाथ सिंह, धनंजय कुमार सिंह, उमेश सिंह, पवन कुमार सिंह, धनंजय कुमार सिंह, जगरनाथ सिंह, विजय कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह, राधे कृष्ण सिंह, विकेश कुमार सिंह, जितेंद्र प्रसाद सिंह, प्रभात सिंह, हरिवंश सिंह, अमरेंद्र कुमार सिंह मौजूद थे.1