किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित कृषि कार्यालय परिसर में मंगलवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह उपादान वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन निदेशक डीआरडीए किशनगंज शशिम सौरभ मणि, प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी मो. आदिल अनवर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कर्मशाला के दौरान कृषि विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ मौसम में वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की। किशनगंज कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) से आए कृषि वैज्ञानिकों ने धान, मक्का एवं अन्य खरीफ फसलों की उन्नत खेती, बीज चयन, उर्वरक प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण और जल संरक्षण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अलीमुल इस्लाम ने किसानों को बदलते मौसम को देखते हुए वैज्ञानिक पद्धति से खेती को समय की आवश्यकता बताया और सहायक निदेशक पौधा संरक्षण आदिल आलम ने फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के उपायों की जानकारी दी। कर्मशाला के उपरांत किसानों के बीच सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए उन्नत किस्म के बीजों एवं कृषि उपादानों का वितरण किया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के उद्देश्य से किसानों को धान एवं अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर आत्मा योजना के उप परियोजना निदेशक अनेश कुमार, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी दीपक कुमार पाल, कृषि समन्वयक सुमंत कुमार, संतोष कुमार सहित अन्य कृषि कर्मी, विभिन्न पंचायतों के किसान सलाहकार, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान भी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं कृषि योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं। खरीफ कर्मशाला के माध्यम से किसानों को नवीन कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने का संदेश दिया गया, साथ ही उन्हें विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।
किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित कृषि कार्यालय परिसर में मंगलवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह उपादान वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन निदेशक डीआरडीए किशनगंज शशिम सौरभ मणि, प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी मो. आदिल अनवर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कर्मशाला के दौरान कृषि विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ मौसम में वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की। किशनगंज कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) से आए कृषि वैज्ञानिकों ने धान, मक्का एवं अन्य खरीफ फसलों
की उन्नत खेती, बीज चयन, उर्वरक प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण और जल संरक्षण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अलीमुल इस्लाम ने किसानों को बदलते मौसम को देखते हुए वैज्ञानिक पद्धति से खेती को समय की आवश्यकता बताया और सहायक निदेशक पौधा संरक्षण आदिल आलम ने फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के उपायों की जानकारी दी। कर्मशाला के उपरांत किसानों के बीच सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए उन्नत किस्म के बीजों एवं कृषि उपादानों का वितरण किया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के उद्देश्य से किसानों को धान एवं अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे
हैं। इस अवसर पर आत्मा योजना के उप परियोजना निदेशक अनेश कुमार, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी दीपक कुमार पाल, कृषि समन्वयक सुमंत कुमार, संतोष कुमार सहित अन्य कृषि कर्मी, विभिन्न पंचायतों के किसान सलाहकार, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान भी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं कृषि योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं। खरीफ कर्मशाला के माध्यम से किसानों को नवीन कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने का संदेश दिया गया, साथ ही उन्हें विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।
- किशनगंज जिले के फुलवरिया बाजार को हर साल ₹40 लाख का राजस्व मिलता है, लेकिन इसके बावजूद बाजार में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बाजार में अब तक एक भी शौचालय नहीं बन पाया है, न ही सड़कें ठीक हैं और न ही जल निकासी की उचित व्यवस्था है। इन गंभीर समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने जिला अधिकारी (डीएम) से गुहार लगाई है और जल्द से जल्द इन बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय स्थित कृषि कार्यालय परिसर में मंगलवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह उपादान वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संयुक्त उद्घाटन निदेशक डीआरडीए किशनगंज शशिम सौरभ मणि, प्रखंड विकास पदाधिकारी अजय कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी मो. आदिल अनवर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कर्मशाला के दौरान कृषि विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने किसानों को खरीफ मौसम में वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रदान की। किशनगंज कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) से आए कृषि वैज्ञानिकों ने धान, मक्का एवं अन्य खरीफ फसलों की उन्नत खेती, बीज चयन, उर्वरक प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण और जल संरक्षण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अलीमुल इस्लाम ने किसानों को बदलते मौसम को देखते हुए वैज्ञानिक पद्धति से खेती को समय की आवश्यकता बताया और सहायक निदेशक पौधा संरक्षण आदिल आलम ने फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के उपायों की जानकारी दी। कर्मशाला के उपरांत किसानों के बीच सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए उन्नत किस्म के बीजों एवं कृषि उपादानों का वितरण किया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के उद्देश्य से किसानों को धान एवं अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर आत्मा योजना के उप परियोजना निदेशक अनेश कुमार, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी दीपक कुमार पाल, कृषि समन्वयक सुमंत कुमार, संतोष कुमार सहित अन्य कृषि कर्मी, विभिन्न पंचायतों के किसान सलाहकार, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान भी उपस्थित रहे। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं कृषि योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं। खरीफ कर्मशाला के माध्यम से किसानों को नवीन कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने का संदेश दिया गया, साथ ही उन्हें विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।3
- बिहार के बहादुरगंज में आधार बनवाने और उसमें सुधार कराने आए लोगों को आधार सेंटर पर व्याप्त मनमानी के कारण लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जनता ने विधायक सरवर साहब से इस संबंध में जवाब तलब किया है कि आखिर कब तक यह मनमानी चलती रहेगी। आधार सेंटरों पर लोगों को घंटों इंतजार, अव्यवस्था और विभिन्न शिकायतों से जूझना पड़ रहा है, जिससे आम जनता में गहरा रोष है। मिकेल न्यूज़ चैनल के पत्रकार अक्षय राज ने इस गंभीर सार्वजनिक मुद्दे को उठाते हुए सवाल किया है कि आखिर इस स्थिति का जिम्मेदार कौन है और लोगों से अपने क्षेत्र की ऐसी समस्याओं पर राय साझा करने की अपील की है।1
- अररिया जिले के जोकीहाट में, एक गाँव के प्रधान को 'प्रधान रोड' का 'आम आशिक़' बताया गया है। इस जानकारी में प्रधान को 'प्रधान रोड' से जुड़ा हुआ वर्णित किया गया है।1
- नरपतगंज में आरा मिल पर लकड़ी काटने का काम चलाया जा रहा है।1
- संसारी पंचायत के शंकरपुर स्थित काली मंदिर के पास से 'संतोष कल्कि शिव बाबा सुंदरानाथा धाम सरकार' ने स्वयं को 'अंतिम अवतार' और 'कल्कि अवतार' घोषित किया है। इस घोषणा में उन्होंने अपनी पहचान को शिव बाबा और कल्कि अवतार के तत्वों का संगम बताया।1
- किशनगंज के जिला पदाधिकारी विशाल राज ने मंगलवार को टेढ़ागाछ प्रखंड के भोरहा पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन में आयोजित विशेष सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। उनके आगमन पर मुखिया अबू बकर, पंचायत समिति सदस्य इस्माइल आलम और सरपंच नौशाद आलम ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान डीएम ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं के क्रियान्वयन और प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली, साथ ही यह स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों की समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित करना है। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने बिजली, सड़क, नल-जल योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि विवाद, अतिक्रमण तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित अपनी समस्याएं आवेदन के माध्यम से रखीं। ग्रामीणों ने फुलवरिया बाजार में सड़क व नाला निर्माण तथा वर्षों से अधूरे पड़े प्लस-टू उच्च विद्यालय टेढ़ागाछ के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने की भी मांग की। जिला पदाधिकारी ने ग्रामीणों से खुलकर अपनी समस्याएं बताने की अपील की और अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर उन्होंने लाभुकों को मृत्यु प्रमाण पत्र और भूमि परिमार्जन पत्रों का वितरण भी किया। विशेष सहयोग शिविर में कुल 146 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 55 मामलों का तत्काल निपटारा कर दिया गया, जबकि 90 आवेदन लंबित हैं। पंचायतवार आंकड़ों के अनुसार, भोरहा में 63, धवेली में 51 और हाटगांव में 32 आवेदन दर्ज किए गए। बाद में, डीएम विशाल राज ने प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रखंड सहयोग जनकल्याण शिविर का भी निरीक्षण किया और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीणों ने डीएम की इस पहल की सराहना करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई।1
- किशनगंज जिले के गलगलिया बॉर्डर क्षेत्र में अचानक लगी भीषण आग से कई दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जिससे लाखों का भारी नुकसान हुआ है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने देखते ही देखते कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस भीषण अगलगी पर काबू पाने के लिए स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने काफी मशक्कत की, जिसके बाद अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। पीड़ित दुकानदारों ने बताया कि उनकी मेहनत की कमाई और दुकान का सारा सामान आग में जलकर नष्ट हो गया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मुआवजे और उचित मदद उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस घटना में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है, और साथ ही आग लगने के कारणों की भी जांच की जा रही है।2