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भोपालगढ़ के एक सरकारी अस्पताल में एक डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगे हैं। श्याम देवड़ा ने दावा किया है कि उनकी बहू की डिलीवरी के लिए भोपालगढ़ सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर रतन कंवर ने रिश्वत की मांग की। देवड़ा के अनुसार, बहू को पहले ही लगभग ₹15,000 से ₹20,000 की दवाइयां दी जा चुकी थीं और परिजन रिश्वत देने के लिए भी तैयार हो गए थे। हालांकि, डॉक्टर कथित तौर पर डिलीवरी करवाने में असफल रहीं और अंततः मरीज को एक निजी अस्पताल में रेफर करना पड़ा।
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भोपालगढ़ के एक सरकारी अस्पताल में एक डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगे हैं। श्याम देवड़ा ने दावा किया है कि उनकी बहू की डिलीवरी के लिए भोपालगढ़ सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर रतन कंवर ने रिश्वत की मांग की। देवड़ा के अनुसार, बहू को पहले ही लगभग ₹15,000 से ₹20,000 की दवाइयां दी जा चुकी थीं और परिजन रिश्वत देने के लिए भी तैयार हो गए थे। हालांकि, डॉक्टर कथित तौर पर डिलीवरी करवाने में असफल रहीं और अंततः मरीज को एक निजी अस्पताल में रेफर करना पड़ा।
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- भारत के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक युवक जंतर मंतर पर अनशन पर बैठा है। यह युवक कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में है और वह पिछले 5 दिनों से अनशन कर रहा है।1
- राजस्थान के लिए यह एक खास दिन साबित हुआ है, क्योंकि शेखावाटी क्षेत्र के लिए 32 साल पुराना यमुना जल का मुद्दा आखिरकार समझौते के साथ सुलझ गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की मौजूदगी में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस यमुना जल समझौते पर हस्ताक्षर किए। पिछले 32 वर्षों के दौरान पता नहीं कितने ही नेताओं ने यमुना के पानी के भरोसे चुनाव तो जीत लिए, लेकिन वे पानी लाने में सफल नहीं हो पाए, जिससे इस समस्या के सुलझने की उम्मीदें कम होती जा रही थीं। हालांकि, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरकार में आने के साथ ही यमुना जल परियोजना को गति देने के प्रयास शुरू कर दिए थे। उनके बार-बार के दिल्ली दौरों पर भले ही सवाल उठते रहे और उनका मजाक भी बनता रहा, लेकिन भजनलाल शर्मा ने चुपचाप अपना काम जारी रखा, जिसका नतीजा आज सबके सामने है। उनके ये प्रयास अब रंग ला रहे हैं। यह बड़ा काम काफी मेहनत, समर्पण और धैर्य की मांग करता था, जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सूझबूझ ने ही शेखावाटी के लिए इस यमुना जल समझौते को संभव कर दिखाया है।1
- जोधपुर नगर निगम की अतिक्रमण टीम ने कृषि मंडी मंडोर रोड स्थित जगजीवनराम कॉलोनी में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस रहवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित की जा रही रंगाई, छपाई और धुलाई इकाई को निशाना बनाते हुए, टीम ने मौके पर उसकी होदी को ध्वस्त कर दिया। इसके अतिरिक्त, इकाई के परिसर में स्थित दो कमरों पर भी ताला लगाकर उन्हें सीज कर दिया गया।1
- जोधपुर में जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन जल विभाग की लापरवाही और सरकार की चुप्पी बनी हुई है। ग्रामीणों को 15 से 25 दिनों में केवल एक बार पानी मिल रहा है, जिससे लोग भयंकर किल्लत का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से सालावास गांव में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, जहाँ गांव में वाटर बॉक्स होने के बावजूद नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सर सरेंचा और सतलाना जैसे आस-पास के गाँवों को रोज़ाना पानी मिलता है, जबकि सालावास के लोगों को केवल पानी के इंतज़ार में रहना पड़ता है। यह असमानता और लंबे समय से चली आ रही अनियमित आपूर्ति ही ग्रामीणों के आक्रोश का मुख्य कारण है।1
- ग्राम पंचायत सथाना कला में राज्य सरकार के निर्देश पर एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना था। इस शिविर में राजस्व विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 33 परिवारों के वर्षों पुराने लंबित भूमि विवादों को आपसी सहमति से एक साथ निपटाया, जिससे लंबे समय से चले आ रहे विवादों का समाधान हुआ। शिविर प्रभारी एवं विकास अधिकारी भंवरलाल ने बताया कि राजस्व विभाग की इस पहल के तहत सभी 33 परिवारों के सदस्यों ने अपनी आपसी सहमति से बंटवारे की प्रक्रिया पूरी की। ग्रामीणों ने इस कार्य की सराहना करते हुए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर में कुल 22 विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया, जिन्होंने मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की। इस दौरान नायब तहसीलदार रामचंद्र भवरिया, सहायक विकास अधिकारी नंदलाल टांक, ग्राम विकास अधिकारी अंबिका शर्मा, कनिष्ठ सहायक रामरतन, राजस्व निरीक्षक चेनाराम बोरानिया, पटवारी महिपाल, कृषि पर्यवेक्षक बक्साराम, कनिष्ठ अभियंता मनोज कुमार, पीडब्ल्यूडी के भैरूराम, चिकित्सक डॉ. रामचंद्र चौधरी, आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. राहुल चौधरी, कनिष्ठ अभियंता सुरेंद्र, सरपंच रजिया बानो, रामावतार चोयल, पूसाराम, रामेश्वर, गोपाल सिंह सहित कई अन्य विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान होने पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा किसी भी समस्या के लिए प्रशासन से संपर्क बनाए रखने की अपील की।1
- भोपालगढ़ के एक सरकारी अस्पताल में एक डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगे हैं। श्याम देवड़ा ने दावा किया है कि उनकी बहू की डिलीवरी के लिए भोपालगढ़ सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर रतन कंवर ने रिश्वत की मांग की। देवड़ा के अनुसार, बहू को पहले ही लगभग ₹15,000 से ₹20,000 की दवाइयां दी जा चुकी थीं और परिजन रिश्वत देने के लिए भी तैयार हो गए थे। हालांकि, डॉक्टर कथित तौर पर डिलीवरी करवाने में असफल रहीं और अंततः मरीज को एक निजी अस्पताल में रेफर करना पड़ा।1
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