हुक: “कॉपी के बंडल में शराब का तहखाना! 😱” मोतिहारी में शराब तस्करों का ऐसा खेल सामने आया है, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई! कॉपी के बंडल… ऊपर से बिल्कुल सामान्य! लेकिन अंदर बना था गुप्त तहखाना, और उसी में छिपाकर लाई गई थी करीब 51 लीटर अंग्रेजी शराब! मामला नगर थाना क्षेत्र के अब्बास चौक का है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की तो कॉपी के बंडल से बरामद हुई 286 पीस अंग्रेजी शराब। मौके से सीतामढ़ी निवासी 24 वर्षीय रोहित कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ— बताया जा रहा है कि दिल्ली में बैठकर कॉपी के बंडल के अंदर गुप्त तहखाना तैयार कराया गया था, फिर इसी में शराब छिपाकर बस के जरिए मोतिहारी भेजी गई। लेकिन तस्करों की चालाकी धरी की धरी रह गई और पुलिस ने शराब की खेप पकड़ ली। गिरफ्तार आरोपी का पहले भी शराब कांड में जेल जाने का इतिहास बताया जा रहा है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे शराब नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग हैं और शराब की खेप कहां से भेजी गई थी। कॉपी थी पढ़ाई के लिए… लेकिन अंदर छिपी थी शराब!
हुक: “कॉपी के बंडल में शराब का तहखाना! 😱” मोतिहारी में शराब तस्करों का ऐसा खेल सामने आया है, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई! कॉपी के बंडल… ऊपर से बिल्कुल सामान्य! लेकिन अंदर बना था गुप्त तहखाना, और उसी में छिपाकर लाई गई थी करीब 51 लीटर अंग्रेजी शराब! मामला नगर थाना क्षेत्र के अब्बास चौक का है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की तो कॉपी के बंडल से बरामद हुई 286 पीस अंग्रेजी शराब। मौके से सीतामढ़ी निवासी 24 वर्षीय रोहित कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ— बताया जा रहा है कि दिल्ली में बैठकर कॉपी के बंडल के अंदर गुप्त तहखाना तैयार कराया गया था, फिर इसी में शराब छिपाकर बस के जरिए मोतिहारी भेजी गई। लेकिन तस्करों की चालाकी धरी की धरी रह गई और पुलिस ने शराब की खेप पकड़ ली। गिरफ्तार आरोपी का पहले भी शराब कांड में जेल जाने का इतिहास बताया जा रहा है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे शराब नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग हैं और शराब की खेप कहां से भेजी गई थी। कॉपी थी पढ़ाई के लिए… लेकिन अंदर छिपी थी शराब!
- अयोध्या के कथावाचक देवेंद्र पाठक भोजपुरी गानों पर ठुमका लगाते हुए वीडियो वायरल.. खाता के नाम पर धर्म का व्यापार ऐसे कथावाचक के साथ क्या होना चाहिए आप लोग कमेंट में बताएं... #Devendrapathak #kathavachak #ayodhya #prayagraj #viralreel #vmjlivenews1
- welcome to you imamabra in Lucknow up my dere friend theis space is 200 years old ise bane me 11 sal ka time laga tha 20000logo milkar ise naya tha Lucknow ka 4 th nawab uddaula ne is naeaa tha 1784 bhout akal pargay is ko dekhte hu usne masduro ko rojgar dene ke liye banya tha4
- वायरल वीडियो ने खोली बेलवा पंचायत की योजना की पोल? जांच की उठी मांग वायरल वीडियो ने खोली बेलवा पंचायत की योजना की पोल? जांच की उठी मांग1
- 🔥 टाइटल बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमला! आमने-सामने भिड़े लोग, पुलिस ने संभाला मोर्चा बाराबंकी: चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमले का आरोप, आमने-सामने भिड़े लोग उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में भीम आर्मी प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए लोगों को शांत कराया। पुलिस की मौजूदगी में विवाद को शांत कराया गया। घटना को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल है। हमले के पीछे की वजह और घटना में शामिल लोगों को लेकर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। KSR BIHAR NEWS | बाराबंकी1
- सुगौली पुलिस ने 20 लीटर देशी शराब के साथ कारोबारी और पियक्कड़ों सहित आठ लोगों को किया गया गिरफ्तार,सभी भेजे गए न्यायिक हिरासत में।1
- अजमेर में चेन स्नेचिंग की कोशिश में एक बदमाश मौके पर ही पकड़ा गया. पूरी घटना फिल्मी स्टाइल में घटित हुई. बाइक पर आए दो बदमाशों ने पहले डॉक्टर दंपति की स्कूटी को पीछे से लात मारी. स्कूटी का संतुलन बिगड़ा और डॉक्टर दंपति सड़क पर गिर पड़े. इसी दौरान बदमाशों की बाइक भी गिर गई. बदमाशों ने महिला डॉक्टर के गले से सोने की चेन झपटने की कोशिश की. दंपति के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और एक बदमाश को पकड़ लिया. पूरी वारदात पास लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई. #SAROJRAJA1
- सेमरा चौक पर खुला सिद्धिविनायक मोबाइल कम्युनिकेशन 📱 | ₹1 डाउन पेमेंट पर मोबाइल, साथ में शानदार गिफ्ट 🎁 | केएसआर बिहार न्यूज़ #सेमराचौक #मोबाइलदुकान #मोबाइलऑफर #एकरुपयाडाउनपेमेंट #मोबाइलशॉप #मोबाइलखरीदारी #गिफ्टऑफर #सेमरान्यूज़सेमरा चौक पर सिद्धार्थ विनायक मोबाइल दुकान का भव्य उद्घाटन सेमरा चौक पर आज सिद्धार्थ विनायक मोबाइल दुकान का भव्य उद्घाटन हुआ। उद्घाटन के मौके पर आसपास के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। दुकान खुलते ही मोबाइल खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। दुकान की खासियत यह बताई जा रही है कि यहां सिर्फ ₹1 डाउन पेमेंट पर मोबाइल लेने की सुविधा दी जा रही है। साथ ही ग्राहकों को ऑफर के तहत हेडफोन और अन्य गिफ्ट भी दिए जा रहे हैं। उद्घाटन के दिन मोबाइल खरीदने के लिए लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। दुकान संचालक की ओर से ग्राहकों के लिए आकर्षक ऑफर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। KSR Bihar News के लिए सेमरा चौक से खास रिपोर्ट।1
- कृषि विज्ञान केन्द्र माधोपुर में हर्षोल्लास से मना हिन्दी दिवस, हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग पर दिया जोर ।। कृषि विज्ञान केन्द्र, माधोपुर में सोमवार को हिन्दी दिवस समारोह हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने हिन्दी भाषा के ऐतिहासिक महत्व, उपयोगिता एवं वर्तमान प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। कृषि अभियंत्रण वैज्ञानिक डॉ. चेलपुरी रामलू ने कहा कि हिन्दी जन-जन तक पहुंचने वाली भाषा है। वैज्ञानिक लेखों, कार्यालयीन कार्यों तथा किसानों के उपयोगी साहित्य में हिन्दी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि कृषि की नई तकनीकों एवं वैज्ञानिक जानकारी को किसानों तक सरलता से पहुंचाया जा सके। फसल उत्पादन वैज्ञानिक डॉ. हर्षा बी.आर. ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दैनिक जीवन, शिक्षा तथा कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हिन्दी ने देश के लोगों को एकता के सूत्र में जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केन्द्र के प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी कर्मचारियों, प्रशिक्षणार्थियों एवं उपस्थित किसानों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय एकता की पहचान है। उन्होंने दैनिक कार्यों, पत्राचार एवं शोध कार्यों में हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपनी भाषा पर गर्व करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी कर्मियों ने दैनिक कार्यों में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करने का संकल्प लिया। मौके पर केन्द्र के विनीत कुमार, कमलेश कुमार, मनोज कुमार, बैजू कुमार, शंभू कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- नरकटियागंज के पकड़ी में सजा भव्य कंस मेला, अखाड़े में दिखा खिलाड़ियों का दमखम, कंस वध के साथ हुआ समापन नरकटियागंज के पकड़ी में आज आस्था, परंपरा और मनोरंजन का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को मेले की रंगीनियों से सराबोर कर दिया। मौका था पारंपरिक कंस मेले का, जहां सुबह से ही लोगों की चहल-पहल शुरू हो गई और शाम होते-होते पूरा मेला परिसर लोगों की भीड़ से गुलजार हो उठा। मेले की शुरुआत नाच कार्यक्रम के साथ हुई। कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और कलाकारों की प्रस्तुति पर जमकर उत्साह दिखाया। नाच कार्यक्रम के बाद बारी आई —अखाड़े की। अलग-अलग स्थानों से पहुंचे खिलाड़ियों ने अखाड़े में अपनी कला, शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के एक से बढ़कर एक प्रदर्शन ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। अखाड़े के चारों ओर लोगों की भीड़ जुटी रही और हर शानदार प्रदर्शन पर तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल गूंजता रहा। । अखाड़े का खेल समाप्त होने के बाद कंस की प्रतिमा को दूसरी जगह ले जाया गया, जहां कंस का वध किया गया। कंस वध के साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया और इसी के साथ मेले का मुख्य आयोजन अपने चरम पर पहुंच गया। वहीं मेले में बच्चों और परिवारों के मनोरंजन का भी खास ख्याल रखा गया था। रंग-बिरंगे झूले, तरह-तरह के खिलौने, चाट, चाउमीन, आइसक्रीम और खाने-पीने की कई दुकानें लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थीं। बच्चों में झूले और खिलौनों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला, जबकि परिवार के लोगों ने भी मेले में जमकर खरीदारी और खान-पान का आनंद उठाया। मेले में उमड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट नजर आया। प्रशासन और पुलिस के जवान मौके पर मौजूद रहे और पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी गई। प्रशासन की मौजूदगी और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के बीच मेला शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कंस मेला सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा आयोजन भी है। यहां अखाड़े में खिलाड़ियों का दमखम, मेले में बच्चों की मुस्कान और कंस वध की परंपरा—इन सभी ने मिलकर इस आयोजन को खास बना दिया। यानी पकड़ी का कंस मेला इस बार भी लोगों के लिए यादगार रहा—जहां परंपरा जीवंत हुई, अखाड़े में रोमांच दिखा और कंस वध के साथ अच्छाई की जीत का संदेश गूंज उठा।1