भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ओमप्रकाश योगी पहली बार अपने पैतृक गांव बराना पहुंचे, जहाँ ग्रामीणों ने उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। आसींद तहसील के बराना गांव निवासी स्वर्गीय लादू नाथ योगी के सुपुत्र ओमप्रकाश योगी के कांवलाश चौराहा पहुँचते ही ग्रामीणों ने भारत माता के जयकारों के साथ उनका अभिनंदन किया। गांव में जवान ओम प्रकाश योगी को फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और साफा पहनाकर गर्मजोशी से सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर बराना के अनुपम पारीक ने जवान को साफा पहनाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अनुपम पारीक ने इस दौरान कहा कि ओम प्रकाश योगी ने भारतीय सेना में शामिल होकर न केवल अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है, और वे आज के युवाओं के लिए राष्ट्र सेवा की एक नई प्रेरणा हैं। स्वागत समारोह के दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में डूबा हुआ था, जहाँ गांव के बड़े-बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक में इस देश के सपूत के स्वागत को लेकर भारी उत्साह देखा गया। ग्रामीणों का मानना था कि ओम प्रकाश योगी की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करने के लिए प्रेरित करेगी। इस भव्य स्वागत समारोह में बराना गांव के कमलेश जाट फौजी, अनुराग पारीक, अमान रेबारी, हरफूल जाट, घनश्याम जाट, सुनील जाट फौजी, अम्बा नाथ योगी, जगदीश नाथ योगी, किशन नाथ योगी, महादेव जाट, चेतन योगी और लोकेश योगी सहित भारी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जवान ओम प्रकाश योगी के सफल, सुरक्षित और उज्ज्वल सैन्य जीवन की मंगलकामना की।
भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ओमप्रकाश योगी पहली बार अपने पैतृक गांव बराना पहुंचे, जहाँ ग्रामीणों ने उनका भव्य और ऐतिहासिक स्वागत किया। आसींद तहसील के बराना गांव निवासी स्वर्गीय लादू नाथ योगी के सुपुत्र ओमप्रकाश योगी के कांवलाश चौराहा पहुँचते ही ग्रामीणों ने भारत माता के जयकारों के साथ उनका अभिनंदन किया। गांव में जवान ओम प्रकाश योगी को फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और साफा पहनाकर गर्मजोशी से सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर बराना के अनुपम पारीक ने जवान को साफा पहनाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अनुपम पारीक ने इस दौरान कहा कि ओम प्रकाश योगी ने भारतीय सेना में शामिल होकर न केवल अपने माता-पिता का, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है, और वे आज के युवाओं के लिए राष्ट्र सेवा की एक नई प्रेरणा हैं। स्वागत समारोह के दौरान पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में डूबा हुआ था, जहाँ गांव के बड़े-बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक में इस देश के सपूत के स्वागत को लेकर भारी उत्साह देखा गया। ग्रामीणों का मानना था कि ओम प्रकाश योगी की यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करने के लिए प्रेरित करेगी। इस भव्य स्वागत समारोह में बराना गांव के कमलेश जाट फौजी, अनुराग पारीक, अमान रेबारी, हरफूल जाट, घनश्याम जाट, सुनील जाट फौजी, अम्बा नाथ योगी, जगदीश नाथ योगी, किशन नाथ योगी, महादेव जाट, चेतन योगी और लोकेश योगी सहित भारी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जवान ओम प्रकाश योगी के सफल, सुरक्षित और उज्ज्वल सैन्य जीवन की मंगलकामना की।
- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के नवनियुक्त सदस्य दीपक शर्मा ने अजमेर स्थित आयोग कार्यालय में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने यह पद और कार्य सादगी के साथ संभाला। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने उन्हें पदभार ग्रहण करवाया। इस दौरान दीपक शर्मा ने मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी और किसी भी प्रकार की बातचीत से परहेज किया। आयोग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी। कुछ देर तक आयोग कार्यालय में रुकने के बाद, उन्होंने वहां से प्रस्थान किया।1
- मांडल में योग दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक उदयलाल भड़ाना, तहसीलदार, एसडीएम और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।1
- ब्यावर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हेल्दी लिविंग सेंटर में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से योग द्वारा स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और फिटनेस का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया और सभी ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।1
- पाली जिले के बर थाना क्षेत्र अंतर्गत झाला की चौकी स्थित शराब कारोबारी धर्मीचंद मेवाड़ा के आवास पर रविवार शाम 6.15 बजे अज्ञात बाइक सवार बदमाशों द्वारा फायरिंग का मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और सनसनी का माहौल फैल गया है। जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावर ने धर्मीचंद मेवाड़ा के घर के बाहर पहुँचकर गोलीबारी की, जिससे खिड़की का कांच टूट गया। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के सभी सदस्य घबरा गए, वहीं आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही रायपुर डिप्टी बंसीलाल पांडर, सेंदड़ा थाना प्रभारी हरिराम चौधरी और बर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने तत्काल आसपास के क्षेत्र में नाकाबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और फायरिंग के कारणों के साथ-साथ आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में एक अज्ञात हमलावर बाइक पर दिखाई दिया है, जिसका फुटेज पुलिस के हाथ लगा है।1
- ब्यावर जिले में जालिया बजरी का विरोध दर्ज किया गया है। साबुद्दीन खानभुट्टा मेड़तिया लौहार ब्यावर से जुड़े इन घटनाक्रमों और अन्य खबरों पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं।1
- शाहपुरा स्थित जाट छात्रावास के निर्विरोध अध्यक्ष के रूप में राजकुमार खीखड़ेल को चुना गया है। जाट छात्रावास अध्यक्ष चुनाव संचालन समिति ने एक लंबे सदस्यता अभियान के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए इस चुनाव को संपन्न कराया। जाट छात्रावास के विधिक सलाहकार और प्रवक्ता एडवोकेट रामप्रसाद जाट के अनुसार, अध्यक्ष पद को लेकर वरिष्ठ और युवा दोनों वर्गों में अत्यधिक उत्साह देखा गया। नामांकन प्रक्रिया से पहले, सर्वसम्मति से चुनाव कराने का प्रयास किया गया था। हालांकि, निर्विरोध निर्वाचन की मांग उठने के बाद इच्छुक व्यक्तियों से विधिवत नामांकन पत्र जमा कराए गए। इसमें कार्यकारी अध्यक्ष रामधन थरोदा, एडवोकेट रामलाल जाट, एडवोकेट रामेश्वर लाल जाट और पूर्व सरपंच ठिठोडी राजकुमार जाट ने अपना नामांकन दाखिल किया था। बाद में, रामधन जाट, रामेश्वर जाट और रामलाल जाट ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप चुनाव संचालन समिति ने राजकुमार जाट को दो साल के कार्यकाल के लिए जाट छात्रावास का निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया। निर्वाचन के बाद की योजना के अनुसार, आगामी 28 जून को राजकुमार जाट समाज के वरिष्ठ जनों से राय-मशविरा करने के बाद अपनी कार्यकारिणी की घोषणा करेंगे। इसके बाद, 5 जुलाई 2026 को वे नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के साथ औपचारिक रूप से अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालेंगे। राजकुमार जाट के निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने पर जाट समाज के सभी लोगों ने गहरी खुशी व्यक्त की है। इस अवसर पर चुनाव संचालन समिति के जगदीश जाट, रतनलाल जाट, ओम प्रकाश जाट, सुवालाल जाट, बेनाथ जाट, चांदमल जाट और मोती जाट सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे। उपस्थित वरिष्ठ जनों में जहाजपुर से रतनलाल जाट, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रामनिवास जाट, शिवराज जाट, शोकरण जाट, रामप्रसाद गोरा, जिला परिषद सदस्य सीताराम जाट, विवाह सम्मेलन के महामंत्री शंकर लाल कुड़ी और शोभाराम तोगड़ा शामिल रहे। वहीं, युवा समाज जनों में प्रधान चड्ढा राजाराम जाट, कैलाश गोरा, अर्जुन गोरा, अनिल गोरा, सरपंच सत्यनारायण जाट, सांवरलाल गोरा, रामदयाल जाट, गजराज जाट, शंकर लाल जाट, नारायण जाट, सुखपाल जाट और शंकर लाल नागा सहित सैकड़ों वरिष्ठ और युवा समाज के सदस्य मौजूद रहे।3
- केन्द्रीय श्रम संगठनों के देशव्यापी आह्वान पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे भारतीय ट्रेड यूनियन सीटू (CITU) सहित अन्य श्रमिक संगठनों के नेतृत्व में श्रमिकों ने मुखर्जी पार्क से एक विशाल रैली निकाली। यह रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहाँ श्रमिकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार की श्रम नीतियों, निजीकरण और लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई, जिसके बाद प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को 12 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा गया। सभा को संबोधित करते हुए श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिताएं (लेबर कोड) लागू की हैं, जो मजदूरों के हितों के बजाय बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचा रही हैं। वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि बैंक, बीमा, रेलवे, एयरलाइंस, कोयला और स्टील जैसे सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर उन्हें देशी-विदेशी कॉर्पोरेट घरानों के हवाले किया जा रहा है, जिसका देशभर के मजदूर और कर्मचारी संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। श्रमिक नेताओं ने कहा कि संगठित संघर्षों के कारण केंद्र सरकार को कई बार अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना पड़ा है, और वे आगे भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। ज्ञापन में रखी गई 12 प्रमुख मांगों में मजदूर विरोधी बताए जा रहे चारों लेबर कोड को तत्काल वापस लेना, सरकारी संपत्तियों के निजीकरण पर रोक लगाना तथा नई पेंशन योजना (NPS) को समाप्त करना शामिल है। श्रमिकों ने संयुक्त किसान मोर्चा के छह सूत्रीय मांग पत्र को स्वीकार करने और कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, सभी श्रमिकों, जिनमें योजना कर्मी भी शामिल हैं, के लिए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, सभी को रोजगार की गारंटी देने और बेरोजगारों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता देने की अपील की गई। मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 600 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने के साथ-साथ शहरी बेरोजगारों को भी इस योजना के दायरे में लाने की मांग रखी गई। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण तथा उत्पाद शुल्क में कटौती की भी बात कही गई। ज्ञापन में ठेका एवं योजना कर्मियों को स्थायी करने, समान काम के लिए समान वेतन लागू करने, तथा वृद्धजन, विधवा एवं दिव्यांगजन पेंशन बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। मजदूर आंदोलनों में पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और आठ घंटे कार्य दिवस को सख्ती से लागू कर ओवरटाइम का दोगुना भुगतान व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। श्रमिक नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।1
- अलवर के एनईबी थाना क्षेत्र में 200 फुट रोड स्थित एक दुकान पर काम के दौरान हुए हादसे में 19 वर्षीय युवक अमर सिंह की जान चली गई। युवक शटर लगाने का काम कर रहा था और इसी दौरान वह सीढ़ी से फिसलकर नीचे गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल अमर सिंह को तुरंत सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। एनईबी थाना पुलिस के अनुसार, मृतक के पिता जसवीर सिंह सिख, जो गुरुनानक कॉलोनी दाऊदपुर निवासी हैं, ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे अमर सिंह के साथ गुरुप्रीत सिंह की दुकान पर पिछले कई दिनों से शटर लगाने का काम कर रहे थे और रविवार को भी दोनों काम पर मौजूद थे। काम करते समय सीढ़ी पर चढ़कर शटर लगाते हुए अमर सिंह का संतुलन बिगड़ गया और वह गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया, जहाँ पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि मृतक अमर सिंह अपने परिवार में दो भाइयों में सबसे बड़ा था।1