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प्रेम के लिए तोड़ी मजहब की दीवार: रिजवाना बनी पूजा, आशुतोष संग मंदिर में की शादी सीतापुर जिले के तंबौर क्षेत्र में प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ने का एक अनोखा मामला सामने आया है। ककरहा गांव की रहने वाली रिजवाना का महराजगंज निवासी आशुतोष यादव के साथ पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक सहमति नहीं मिलने के कारण उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि युवती ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म स्वीकार कर लिया और अपना नाम बदलकर पूजा रख लिया। इसके बाद दोनों ने एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह कर लिया। इस शादी में दोनों परिवार मौजूद नहीं थे। ऐसे में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनकी मदद की और विवाह की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई। शादी के बाद दोनों दंपति वहां से सुरक्षित स्थान के लिए रवाना हो गए। घटना के बाद यह विवाह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ने की कहानी के रूप में देख रहे हैं।

2 hrs ago
user_Abhishek Maurya
Abhishek Maurya
Local News Reporter बिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

प्रेम के लिए तोड़ी मजहब की दीवार: रिजवाना बनी पूजा, आशुतोष संग मंदिर में की शादी सीतापुर जिले के तंबौर क्षेत्र में प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ने का एक अनोखा मामला सामने आया है। ककरहा गांव की रहने वाली रिजवाना का महराजगंज निवासी आशुतोष यादव के साथ पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक सहमति नहीं मिलने के कारण उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि युवती ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म स्वीकार कर लिया और अपना नाम बदलकर पूजा रख लिया। इसके बाद दोनों ने एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह कर लिया। इस शादी में दोनों परिवार मौजूद नहीं थे। ऐसे में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनकी मदद की और विवाह की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई। शादी के बाद दोनों दंपति वहां से सुरक्षित स्थान के लिए रवाना हो गए। घटना के बाद यह विवाह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ने की कहानी के रूप में देख रहे हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सीतापुर जिले के तंबौर क्षेत्र में प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ने का एक अनोखा मामला सामने आया है। ककरहा गांव की रहने वाली रिजवाना का महराजगंज निवासी आशुतोष यादव के साथ पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक सहमति नहीं मिलने के कारण उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि युवती ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म स्वीकार कर लिया और अपना नाम बदलकर पूजा रख लिया। इसके बाद दोनों ने एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह कर लिया। इस शादी में दोनों परिवार मौजूद नहीं थे। ऐसे में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनकी मदद की और विवाह की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई। शादी के बाद दोनों दंपति वहां से सुरक्षित स्थान के लिए रवाना हो गए। घटना के बाद यह विवाह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ने की कहानी के रूप में देख रहे हैं।
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    सीतापुर जिले के तंबौर क्षेत्र में प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ने का एक अनोखा मामला सामने आया है। ककरहा गांव की रहने वाली रिजवाना का महराजगंज निवासी आशुतोष यादव के साथ पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन पारिवारिक सहमति नहीं मिलने के कारण उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि युवती ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म स्वीकार कर लिया और अपना नाम बदलकर पूजा रख लिया। इसके बाद दोनों ने एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह कर लिया।
इस शादी में दोनों परिवार मौजूद नहीं थे। ऐसे में राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनकी मदद की और विवाह की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई।
शादी के बाद दोनों दंपति वहां से सुरक्षित स्थान के लिए रवाना हो गए। घटना के बाद यह विवाह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ने की कहानी के रूप में देख रहे हैं।
    user_Abhishek Maurya
    Abhishek Maurya
    Local News Reporter बिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • its sitapur Bus stand
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    its sitapur Bus stand
    user_Manojkumar Singh
    Manojkumar Singh
    Pharmacist सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Sitapur-सिधौली में शंकराचार्य का आगमन… सिद्धेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं लगा तांता, कैसी हैं तैयारियां?
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    Sitapur-सिधौली में शंकराचार्य का आगमन… सिद्धेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं लगा तांता, कैसी हैं तैयारियां?
    user_Aman Raj Editor In Chief
    Aman Raj Editor In Chief
    SN 24 News editor-in-chief Media सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • अवैध रूप से रातों रात मिट्टी का खनन , खनन माफिया का छाया आतंक
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    अवैध रूप से रातों रात मिट्टी का खनन , खनन माफिया का छाया आतंक
    user_आशीष मिश्र बहराइच
    आशीष मिश्र बहराइच
    TV News Anchor महासी, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Dayashankar Singh ने बताया कि Uttar Pradesh Government की कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश सरकार एक नई परिवहन नीति लेकर आई है। इस नीति के तहत जिले के हर गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए रोजाना बस सेवा शुरू की जाएगी। परिवहन मंत्री ने बताया कि इस योजना के अनुसार जिला मुख्यालय से प्रतिदिन एक बस गांव तक भेजी जाएगी। यह बस रात में गांव में ही खड़ी रहेगी और अगले दिन सुबह वहीं से यात्रियों को लेकर ब्लॉक और तहसील होते हुए वापस जिला मुख्यालय पहुंचेगी। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी, खासकर पढ़ाई, इलाज और सरकारी कामकाज के लिए जिला मुख्यालय आने-जाने में आसानी होगी।
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    Dayashankar Singh ने बताया कि Uttar Pradesh Government की कैबिनेट बैठक के बाद प्रदेश सरकार एक नई परिवहन नीति लेकर आई है। इस नीति के तहत जिले के हर गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए रोजाना बस सेवा शुरू की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने बताया कि इस योजना के अनुसार जिला मुख्यालय से प्रतिदिन एक बस गांव तक भेजी जाएगी। यह बस रात में गांव में ही खड़ी रहेगी और अगले दिन सुबह वहीं से यात्रियों को लेकर ब्लॉक और तहसील होते हुए वापस जिला मुख्यालय पहुंचेगी।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी, खासकर पढ़ाई, इलाज और सरकारी कामकाज के लिए जिला मुख्यालय आने-जाने में आसानी होगी।
    user_असद जुनैद भारत नैशनल न्यूज
    असद जुनैद भारत नैशनल न्यूज
    Voice of people सीतापुर, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • मानपुरवा के पास कुत्ते को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा, परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल सीतापुर-बहराइच हाईवे पर मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। मानपुरवा के पास सवारियों से भरा एक ई-टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। इस दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, हालांकि गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई और एक गंभीर हादसा टल गया।  कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों और चालक के अनुसार, टेंपो तेज रफ्तार में बहराइच की ओर जा रहा था। तभी अचानक सड़क पर एक कुत्ता सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने तेजी से स्टयरिंग मोड़ी, जिससे संतुलन बिगड़ गया और क्षमता से अधिक सवारियों से लदा टेंपो सड़क पर ही पलट गया। हादसे में टेंपो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।  बाल-बाल बचे यात्री: टेंपो में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल यात्रियों को पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।  सिस्टम पर सवाल: क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है? इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर दौड़ रहे डग्गामार और अनियंत्रित ई-टेंपो के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरलोडिंग का खेल: हाईवे पर क्षमता से दोगुनी सवारियां बैठाकर फर्राटा भरते ये टेंपो मौत को दावत दे रहे हैं। परिवहन विभाग की चुप्पी: आखिर डंडाधारी पुलिस और परिवहन विभाग की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या विभाग को इन अवैध रूप से दौड़ रहे वाहनों की जानकारी नहीं है? अनियंत्रित रफ्तार: बैट्री चालित इन वाहनों की गति और हाईवे पर इनके बेखौफ संचालन ने आम लोगों की जान को जोखिम में डाल दिया है। सड़क सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रशासन आखिर इन ई-टेंपो की मनमानी पर लगाम लगाने में असमर्थ क्यों है? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही अपनी नींद से जागेगा?
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    मानपुरवा के पास कुत्ते को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा, परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सीतापुर-बहराइच हाईवे पर मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। मानपुरवा के पास सवारियों से भरा एक ई-टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। इस दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, हालांकि गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई और एक गंभीर हादसा टल गया। 
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और चालक के अनुसार, टेंपो तेज रफ्तार में बहराइच की ओर जा रहा था। तभी अचानक सड़क पर एक कुत्ता सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने तेजी से स्टयरिंग मोड़ी, जिससे संतुलन बिगड़ गया और क्षमता से अधिक सवारियों से लदा टेंपो सड़क पर ही पलट गया। हादसे में टेंपो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। 
बाल-बाल बचे यात्री:
टेंपो में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल यात्रियों को पास के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। 
सिस्टम पर सवाल: क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार है?
इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर दौड़ रहे डग्गामार और अनियंत्रित ई-टेंपो के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ओवरलोडिंग का खेल: हाईवे पर क्षमता से दोगुनी सवारियां बैठाकर फर्राटा भरते ये टेंपो मौत को दावत दे रहे हैं।
परिवहन विभाग की चुप्पी: आखिर डंडाधारी पुलिस और परिवहन विभाग की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या विभाग को इन अवैध रूप से दौड़ रहे वाहनों की जानकारी नहीं है?
अनियंत्रित रफ्तार: बैट्री चालित इन वाहनों की गति और हाईवे पर इनके बेखौफ संचालन ने आम लोगों की जान को जोखिम में डाल दिया है।
सड़क सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रशासन आखिर इन ई-टेंपो की मनमानी पर लगाम लगाने में असमर्थ क्यों है? क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही अपनी नींद से जागेगा?
    user_Himanshu Mishra
    Himanshu Mishra
    पत्रकार महासी, बहराइच, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • यह दशा है हमारे साफ सुथरे भारत देश में सीतापुर जिले के महर्षि के स्कूल के दूसरी गाली के पास की जहा गिनती के कुछ लोग कूड़ा फेंकने आते है और मना करने पर लडाई करने को उतारू हो जाते है यह स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं
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    यह दशा है हमारे साफ सुथरे भारत देश में सीतापुर जिले के महर्षि के स्कूल के दूसरी गाली के पास की जहा गिनती के कुछ लोग कूड़ा फेंकने आते है और मना करने पर लडाई करने को उतारू हो जाते है 
यह स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियां उड़ा रहे हैं
    user_जनता की आवाज
    जनता की आवाज
    Agricultural association Sitapur, Uttar Pradesh•
    21 hrs ago
  • सीतापुर के कमलापुर क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। करीब 17 वर्षों से बंद पड़ी कमलापुर शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड की चीनी मिल अब दोबारा शुरू होने जा रही है। यह मिल साल 2009 से बंद पड़ी थी, जिससे क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मिल का संचालन मेसर्स एन. आर. इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जिसने वर्ष 2017 में नीलामी के जरिए इस मिल को खरीदा था। हालांकि तकनीकी और लाइसेंस संबंधी अड़चनों के कारण अब तक मिल चालू नहीं हो सकी थी। अब भारत सरकार से आवश्यक लाइसेंस मिलने और मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद मिल के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए ट्रायल रन कराने हेतु गन्ना आवंटन की मांग को गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश ने स्वीकार कर लिया है। जल्द ही मिल परिसर में गन्ने से लदी ट्रॉलियों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। सबसे अहम बात यह है कि वर्ष 2006 से 2009 के बीच किसानों का जो गन्ना मूल्य बकाया था, उसके भुगतान पर भी सहमति बन गई है। मिल प्रबंधन ने लिखित रूप से बकाया भुगतान करने की बात कही है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो अभिलेखों की जांच कर भुगतान प्रक्रिया शुरू करेगी। मिल के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अनुमान है कि इससे लगभग 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 1500 से 2000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही करीब 15 हजार गन्ना किसान सीधे तौर पर इससे लाभान्वित होंगे।
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    सीतापुर के कमलापुर क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। करीब 17 वर्षों से बंद पड़ी कमलापुर शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड की चीनी मिल अब दोबारा शुरू होने जा रही है। यह मिल साल 2009 से बंद पड़ी थी, जिससे क्षेत्र के हजारों गन्ना किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
मिल का संचालन मेसर्स एन. आर. इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जिसने वर्ष 2017 में नीलामी के जरिए इस मिल को खरीदा था। हालांकि तकनीकी और लाइसेंस संबंधी अड़चनों के कारण अब तक मिल चालू नहीं हो सकी थी। अब भारत सरकार से आवश्यक लाइसेंस मिलने और मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद मिल के संचालन का रास्ता साफ हो गया है।
पेराई सत्र 2025-26 के लिए ट्रायल रन कराने हेतु गन्ना आवंटन की मांग को गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश ने स्वीकार कर लिया है। जल्द ही मिल परिसर में गन्ने से लदी ट्रॉलियों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है।
सबसे अहम बात यह है कि वर्ष 2006 से 2009 के बीच किसानों का जो गन्ना मूल्य बकाया था, उसके भुगतान पर भी सहमति बन गई है। मिल प्रबंधन ने लिखित रूप से बकाया भुगतान करने की बात कही है। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी, जो अभिलेखों की जांच कर भुगतान प्रक्रिया शुरू करेगी।
मिल के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अनुमान है कि इससे लगभग 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 1500 से 2000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। साथ ही करीब 15 हजार गन्ना किसान सीधे तौर पर इससे लाभान्वित होंगे।
    user_Abhishek Maurya
    Abhishek Maurya
    Local News Reporter बिसवां, सीतापुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
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