पटोंदा उप स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं फहराया गया तिरंगा, गणतंत्र दिवस पर लापरवउजागर पटोंदा उप स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं फहराया गया तिरंगा, गणतंत्र दिवस पर लापरवाही उजागर संवाददाता: हनीस शेख, कुतकपुर हिण्डौन | 26 जनवरी जहां पूरा देश 76वां गणतंत्र दिवस राष्ट्रभक्ति और उत्साह के साथ मना रहा था, वहीं पंचायत समिति श्री महावीर जी क्षेत्र के पटोंदा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पर राष्ट्रीय पर्व के दिन तिरंगा नहीं फहराया गया। इस लापरवाही से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार 26 जनवरी को उप स्वास्थ्य केंद्र भवन पर न तो ध्वजारोहण किया गया और न ही किसी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित हुआ। हैरानी की बात यह रही कि राष्ट्रीय पर्व के दिन केंद्र पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। यह स्थिति सरकारी व्यवस्था और राष्ट्रीय सम्मान दोनों पर सवाल खड़े करती है। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने स्पष्ट किया कि जो भी सरकारी भवन संचालित अवस्था में रहता है और जहां कर्मचारी तैनात होते हैं, वहां गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण किया जाना अनिवार्य माना जाता है। सीएमएचओ के बयान के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। यदि उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित था, तो वहां तिरंगा न फहराया जाना और कर्मचारियों की अनुपस्थिति साफ तौर पर लापरवाही की श्रेणी में आता है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों के सम्मान के साथ किसी भी तरह की लापरवाही दोहराई न जाए।
पटोंदा उप स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं फहराया गया तिरंगा, गणतंत्र दिवस पर लापरवउजागर पटोंदा उप स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं फहराया गया तिरंगा, गणतंत्र दिवस पर लापरवाही उजागर संवाददाता: हनीस शेख, कुतकपुर हिण्डौन | 26 जनवरी जहां पूरा देश 76वां गणतंत्र दिवस राष्ट्रभक्ति और उत्साह के साथ मना रहा था, वहीं पंचायत समिति श्री महावीर जी क्षेत्र के पटोंदा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पर राष्ट्रीय पर्व के दिन तिरंगा नहीं फहराया गया। इस लापरवाही से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार 26 जनवरी को उप स्वास्थ्य केंद्र भवन पर न तो ध्वजारोहण किया गया और न ही किसी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित हुआ। हैरानी की बात यह रही कि राष्ट्रीय पर्व के दिन केंद्र पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। यह स्थिति सरकारी व्यवस्था और राष्ट्रीय सम्मान दोनों पर सवाल खड़े करती है। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने स्पष्ट किया कि जो भी सरकारी भवन संचालित अवस्था में रहता है और जहां कर्मचारी तैनात होते हैं, वहां गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण किया जाना अनिवार्य माना जाता है। सीएमएचओ के बयान के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। यदि उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित था, तो वहां तिरंगा न फहराया जाना और कर्मचारियों की अनुपस्थिति साफ तौर पर लापरवाही की श्रेणी में आता है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों के सम्मान के साथ किसी भी तरह की लापरवाही दोहराई न जाए।
- पटोंदा उप स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं फहराया गया तिरंगा, गणतंत्र दिवस पर लापरवाही उजागर संवाददाता: हनीस शेख, कुतकपुर हिण्डौन | 26 जनवरी जहां पूरा देश 76वां गणतंत्र दिवस राष्ट्रभक्ति और उत्साह के साथ मना रहा था, वहीं पंचायत समिति श्री महावीर जी क्षेत्र के पटोंदा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पर राष्ट्रीय पर्व के दिन तिरंगा नहीं फहराया गया। इस लापरवाही से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार 26 जनवरी को उप स्वास्थ्य केंद्र भवन पर न तो ध्वजारोहण किया गया और न ही किसी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित हुआ। हैरानी की बात यह रही कि राष्ट्रीय पर्व के दिन केंद्र पर कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। यह स्थिति सरकारी व्यवस्था और राष्ट्रीय सम्मान दोनों पर सवाल खड़े करती है। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने स्पष्ट किया कि जो भी सरकारी भवन संचालित अवस्था में रहता है और जहां कर्मचारी तैनात होते हैं, वहां गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण किया जाना अनिवार्य माना जाता है। सीएमएचओ के बयान के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। यदि उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित था, तो वहां तिरंगा न फहराया जाना और कर्मचारियों की अनुपस्थिति साफ तौर पर लापरवाही की श्रेणी में आता है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों के सम्मान के साथ किसी भी तरह की लापरवाही दोहराई न जाए।1
- Post by प्रेमचन्दबरोदिया4
- Post by मनोज तिवाड़ी2
- Post by Deepak Sharma1
- 🇮🇳 भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं.! यह दिन हमारे संविधान, लोकतांत्रिक परंपराओं और देश के अमर नायकों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है.। आइए, हम सभी मिलकर अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करने का संकल्प लें.! #RepublicDay 🇮🇳1
- Post by Rabindra Raj1
- village karawali teh weir me nali nahi hone ke karan jal bharab ki samasya se jujha rahe log1
- पटोंदा स्थित राजकीय पशु चिकित्सा उपकेंद्र पर गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण न होने का मामला, नियमों को लेकर उठे सवाल संवाददाता: हनीस शेख, कुतकपुर हिण्डौन | 26 जनवरी देशभर में 76वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, वहीं पंचायत समिति श्री महावीर जी क्षेत्र के पटोंदा स्थित राजकीय पशु चिकित्सा उपकेंद्र पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण नहीं होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गणतंत्र दिवस के दिन उपकेंद्र भवन पर न तो तिरंगा फहराया गया और न ही कोई कर्मचारी उपस्थित दिखाई दिया। इस संबंध में जब पशु चिकित्सा विभाग के संबंधित अधिकारी से संपर्क किया गया, तो उनका कहना था कि वे किसी अन्य स्थान पर आयोजित सरकारी कार्यक्रम में शामिल थे और वहीं ध्वजारोहण किया गया। हालांकि, इस विषय में जब करौली जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना के पूर्व निर्देशों का हवाला दिया गया, तो प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि “जिस सरकारी भवन में कर्मचारी कार्यरत होते हैं, वहां गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया जाना अनिवार्य माना जाता है।” ऐसे में यह प्रश्न उत्पन्न होता है कि क्या पटोंदा स्थित राजकीय पशु चिकित्सा उपकेंद्र पर ध्वजारोहण से छूट प्राप्त थी? या फिर कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण यह प्रक्रिया नहीं हो सकी? प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि इस विषय में नियमों की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी भवन पर राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन को लेकर कोई भ्रम या असमंजस न रहे।1