पटना जिले के दनियावां थाना क्षेत्र स्थित कोहवां गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट और फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक 315 बोर की देशी राइफल, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 27 जून की रात करीब 10:30 बजे कोहवां गांव में मारपीट और फायरिंग की सूचना मिली थी। इस घटना में कौशलेन्द्र कुमार घायल हो गए थे, जिन्हें पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दनियावां और फिर बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर किया गया। सूचना मिलने पर दनियावां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद रविकांत सिंह के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर के एक कमरे में लकड़ी के ढेर से हथियार और कारतूस बरामद हुए। इस मामले में पुलिस ने रविकांत सिंह और दिनेश यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
पटना जिले के दनियावां थाना क्षेत्र स्थित कोहवां गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट और फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक 315 बोर की देशी राइफल, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 27 जून की रात करीब 10:30 बजे कोहवां गांव में मारपीट और फायरिंग की सूचना मिली थी। इस घटना में कौशलेन्द्र कुमार घायल हो गए थे, जिन्हें पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दनियावां और फिर बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर किया गया। सूचना मिलने पर दनियावां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद रविकांत सिंह के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर के एक कमरे में लकड़ी के ढेर से हथियार और कारतूस बरामद हुए। इस मामले में पुलिस ने रविकांत सिंह और दिनेश यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
- बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद, शराब तस्कर तस्करी के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। इसी क्रम में, पटना उत्पाद विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की है, जिसे इस बार तस्करों ने ‘गवर्नमेंट ऑफ़ बिहार नॉट फॉर सेल’ लिखी दवाओं की आड़ में छुपा रखा था। पटना उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश ने बताया कि सोमवार को शराब तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर अगमकुआं थाना क्षेत्र के एनआरएल पेट्रोल पंप के पास छापेमारी की गई। टीम ने एक ट्रक में भरी विदेशी शराब की लगभग 400 कार्टून जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, छापेमारी के दौरान शराब तस्कर मौके से भागने में सफल रहे और उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई। विभाग ने शराब जब्त कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना एक बार फिर बिहार में शराबबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल उठाती है, क्योंकि तस्कर हर बार नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं।1
- पटना जिले के दनियावां थाना क्षेत्र स्थित कोहवां गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट और फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक 315 बोर की देशी राइफल, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 27 जून की रात करीब 10:30 बजे कोहवां गांव में मारपीट और फायरिंग की सूचना मिली थी। इस घटना में कौशलेन्द्र कुमार घायल हो गए थे, जिन्हें पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दनियावां और फिर बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर किया गया। सूचना मिलने पर दनियावां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ के बाद रविकांत सिंह के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर के एक कमरे में लकड़ी के ढेर से हथियार और कारतूस बरामद हुए। इस मामले में पुलिस ने रविकांत सिंह और दिनेश यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बरामद हथियार और कारतूस को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।1
- पटना में ठेले पर सामान बेचने वालों की भारी भीड़ के कारण अक्सर आवागमन बाधित होता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते शहर को हमेशा इस जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है।1
- फतुहा स्थित कबीर मठ में संत कबीर प्रकटोत्सव को लेकर भव्य तैयारियां जोरों पर हैं। आयोजन को सफल बनाने के उद्देश्य से मठ परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है, और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यह भव्य आयोजन संत कबीर के मानवता, समरसता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से संत-महात्माओं, विशिष्ट अतिथियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिनके लिए भजन, सत्संग, प्रवचन और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।1
- भोजपुर जिले के जगदीशपुर में एक बहुजन महापंचायत का आयोजन होने जा रहा है। इस कार्यक्रम को 'ITS ASHOK SAMRAT' के साथ देखा जा सकता है।1
- प्रस्तावित सेवाओं के अनुसार, केवल एक फोन कॉल से व्यक्ति अपनी तकदीर बदल सकता है। यह दावा किया जा रहा है कि काला जादू और टोटके की मदद से घर-परिवार में चल रहे कलह और क्लेश को दूर किया जा सकता है।1
- भारत के प्रमुख होमग्रोन क्यूएसआर ब्रांड वाओ मोमो! ने पटना के कंकड़बाग में अपना नया आउटलेट शुरू किया है, जो शहर के सबसे बड़े और जीवंत रिहायशी तथा कमर्शियल इलाकों में से एक है। यह नया स्टोर पटना में कंपनी का 13वां और पूरे बिहार राज्य में 15वां आउटलेट है, जिससे क्षेत्र में ब्रांड की स्थिति मजबूत हुई है और इसकी मोमो-पेशकश ग्राहकों के करीब पहुँची है। वाओ मोमो! फूड्स प्राईवेट लिमिटेड के को-फाउंडर, मुरलीकृष्णन ने बताया कि पटना पूर्वी भारत में उनके लिए सबसे अधिक संभावनाओं वाले बाजारों में से एक है, जहाँ पिछले सालों में ग्राहकों के मिले प्यार ने ब्रांड के विकास की गति को तेज किया है। उन्होंने कंकड़बाग में नए आउटलेट के लॉन्च को बाजार में अपनी पहुँच मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, खासकर जब संगठित क्यूएसआर ब्रांड और आधुनिक फूड एक्सपीरियंस की मांग तेजी से बढ़ रही है। कंकड़बाग में इस स्टोर को खोलने का मुख्य कारण यहाँ की घनी आबादी, ग्राहकों की अधिक आवाजाही और मिडिल क्लास लोगों की बढ़ती आबादी है। इस नए स्टोर पर डाईन-इन, टेक-अवे और डिलीवरी की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इस स्टोर के लॉन्च के अवसर पर वाओ मोमो! ने पूरे शहर में अपने प्रमोशनल वाहन, वाओ!चैरियट, के साथ एक प्रभावशाली कैम्पेन भी शुरू किया। वाओ मोमो! फूड्स के पास 100 से अधिक शहरों में 900 से ज्यादा आउटलेट हैं, जो 700 से अधिक पिनकोड्स तक अपनी सेवाएँ पहुँचाते हैं और इनमें पूरे देश में 7,500 से अधिक लोग काम करते हैं, जिनमें पूर्वी भारत में कार्यरत 1500 से अधिक कर्मचारी शामिल हैं। यह ब्रांड प्रोडक्ट इनोवेशन और डाईन-इन, टेक-अवे एवं डिलीवरी चैनलों की मदद से मोमो को सिर्फ एक स्नैक की बजाय मुख्य खाने में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- सांसद सुधाकर सिंह ने आईएएस अधिकारी आनंद किशोर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें बिहार में हुए 'टॉपर घोटाले' का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है। सिंह ने दावा किया है कि इस बार भी यह टॉपर घोटाला हुआ है, और पिछले 10 वर्षों की परीक्षाओं में भी व्यापक स्तर पर घोटाले हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आनंद किशोर को 'सबसे बड़ा माफिया' करार दिया। सुधाकर सिंह ने मुख्य सचिव दीपक कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि आनंद किशोर उनके संरक्षण में इन घोटालों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने आनंद किशोर समेत कुल 9 आईएएस अधिकारियों पर घोटाले में संलिप्तता का आरोप लगाया है। सांसद ने यह भी कहा कि रिशु श्री को सबसे पहले टेंडर देने वाले आनंद किशोर ही थे।1