भोजपुर जिले के आरा सदर अंतर्गत बारा-बसंतपुर में परम पूज्य जीयर स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में 27 जून से 3 जुलाई 2026 तक श्री सूर्यनारायण प्राण प्रतिष्ठात्मक सूर्य महायज्ञ का विराट आयोजन किया जा रहा है। महायज्ञ का शुभारंभ 27 जून को भव्य जलयात्रा एवं वरुण पूजन के साथ हुआ। इस पुण्य अवसर पर प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से वैदिक विधि-विधान के अनुसार मंडप पूजन, हवन, अरणी मंथन, जलाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास, नगर भ्रमण, प्राण प्रतिष्ठा और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। मुख्य कार्यक्रमों में 27 जून को जलयात्रा एवं वरुण पूजन, 28 जून को पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश, अरणी मंथन, हवन, जलाधिवास एवं आरती, तथा 29 जून को मंडप पूजन, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 30 जून को महास्नान, नगर भ्रमण एवं न्यासशय्याधिवास का आयोजन होगा, जबकि 1 जुलाई को श्री सूर्यनारायण की प्राण प्रतिष्ठा और संध्या में भव्य गंगा आरती की जाएगी। महायज्ञ का समापन 3 जुलाई को हवन पूर्णाहुति, विशाल भंडारा और विदाई समारोह के साथ होगा। इस महायज्ञ के यज्ञाचार्य पंडित ब्रह्मेश्वर मिश्रा (आरा) हैं। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पुण्य अवसर पर उपस्थित होकर धर्म लाभ लें और महायज्ञ में अपना सहयोग प्रदान करें। जय श्री सूर्यनारायण देव!
भोजपुर जिले के आरा सदर अंतर्गत बारा-बसंतपुर में परम पूज्य जीयर स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में 27 जून से 3 जुलाई 2026 तक श्री सूर्यनारायण प्राण प्रतिष्ठात्मक सूर्य महायज्ञ का विराट आयोजन किया जा रहा है। महायज्ञ का शुभारंभ 27 जून को भव्य जलयात्रा एवं वरुण पूजन के साथ हुआ। इस पुण्य अवसर पर प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से वैदिक विधि-विधान के अनुसार मंडप पूजन, हवन, अरणी मंथन, जलाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास, नगर भ्रमण, प्राण प्रतिष्ठा और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। मुख्य कार्यक्रमों में 27 जून को जलयात्रा एवं वरुण पूजन, 28 जून को पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश, अरणी मंथन, हवन, जलाधिवास एवं आरती, तथा 29 जून को मंडप पूजन, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास आदि शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 30 जून को महास्नान, नगर भ्रमण एवं न्यासशय्याधिवास का आयोजन होगा, जबकि 1 जुलाई को श्री सूर्यनारायण की प्राण प्रतिष्ठा और संध्या में भव्य गंगा आरती की जाएगी। महायज्ञ का समापन 3 जुलाई को हवन पूर्णाहुति, विशाल भंडारा और विदाई समारोह के साथ होगा। इस महायज्ञ के यज्ञाचार्य पंडित ब्रह्मेश्वर मिश्रा (आरा) हैं। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पुण्य अवसर पर उपस्थित होकर धर्म लाभ लें और महायज्ञ में अपना सहयोग प्रदान करें। जय श्री सूर्यनारायण देव!
- लोहार समुदाय के लिए आरक्षण का प्रावधान पुराना है और यह कोई नया विषय नहीं है। यह पूरा मामला सिर्फ 'Lohara' शब्द के हिंदी सुधार से संबंधित है।1
- भोजपुर जिले के आरा सदर प्रखंड अंतर्गत बारा-बसंतपुर गांव में परम पूज्य जीयर स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में श्री सूर्यनारायण प्राण प्रतिष्ठात्मक सूर्य महायज्ञ का शुभारंभ शनिवार को किया गया। यह धार्मिक आयोजन भव्य जलयात्रा और वरुण पूजन के साथ प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन समिति के अनुसार, यह महायज्ञ 27 जून से 3 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विभिन्न अनुष्ठान संपन्न होंगे, जिनमें मंडप पूजन, हवन, अरणी मंथन, जलाधिवास, अन्नाधिवास, पुष्पाधिवास, महास्नान, नगर भ्रमण, प्राण प्रतिष्ठा, गंगा आरती और हवन पूर्णाहुति शामिल हैं। महायज्ञ के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में 1 जुलाई को भगवान श्री सूर्यनारायण की प्राण प्रतिष्ठा तथा संध्या में भव्य गंगा आरती का आयोजन होगा। इसके बाद, 3 जुलाई को हवन पूर्णाहुति, एक विशाल भंडारा और विदाई समारोह के साथ इस महायज्ञ का समापन किया जाएगा। इस महायज्ञ के यज्ञाचार्य पंडित ब्रह्मेश्वर मिश्रा (आरा) हैं। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस पुण्य अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने तथा महायज्ञ में सहयोग करने की अपील की है। वर्तमान में पूरे क्षेत्र का वातावरण वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से भक्तिमय बना हुआ है।1
- Post by Munchun Kumar1
- जितन राम मांझी के पुत्र और मंत्री संतोष सुमन का आरा आगमन हुआ है।1
- भोजपुर जिले के आरा सदर प्रखंड अंतर्गत भकुरा पंचायत के बसंतपुर गांव में शनिवार, 27 जून 2026 को जियर स्वामी जी महाराज के तत्वावधान में एक भव्य जलभरी यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कलश लेकर भाग लिया, जिससे पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण छा गया। पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली इस ऐतिहासिक जलभरी यात्रा में महिला, पुरुष, युवा और बच्चों सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं के जयघोष, भजन-कीर्तन और श्रद्धा से सराबोर माहौल ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। आयोजकों के अनुसार, यह जलभरी यात्रा वर्षों से चली आ रही एक धार्मिक परंपरा का हिस्सा है, और इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने आयोजन को और भी भव्य एवं ऐतिहासिक बना दिया।1
- सारण जिले में रविवार को तकनीकी अराजपत्रित संवर्ग में 'सिपाही प्रचालक' भर्ती लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया, जिस पर सारण पुलिस की पैनी निगरानी रही। वरीय पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार के विशेष निर्देश पर, पुलिस पदाधिकारी और कर्मी विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा विधि-व्यवस्था संधारण हेतु पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी पर तैनात थे। इन केंद्रों में साधुलाल पृथ्वीचन्द उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय धपराशरण भी शामिल था। सारण पुलिस ने इस बात पर जोर दिया है कि वह परीक्षा के निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त संचालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, सारण पुलिस ने आम जनता और सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस ने यह भी कहा कि सभी के सहयोग से ही एक निष्पक्ष और शांतिपूर्ण परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हो सकती है।4
- लोहार समुदाय को पुराने अनुच्छेद 342 के प्रावधानों के अंतर्गत 'लोहारा' के रूप में आरक्षण सूची में शामिल किया गया है।1
- बिहार के सिवान जिले के सादात गोपालपुर में कर्बला के शहीदों का एक ताबूत बरामद किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह ताबूत '18 बनी-हाशीम' से संबंधित है। ताबूत बरामद होने की खबर मिलते ही वहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जो इस घटना को लेकर अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए एकत्रित हुए।1