गोइलकेरा बाजार में धमकु के परिवार और एक अन्य दुकानदार के बीच फिर से मारपीट की घटना हुई है। यह विवाद धमकु की महिला द्वारा दूसरे दुकानदार को अपशब्द कहने और आपत्तिजनक बातें बोलने के बाद शुरू हुआ, जो दैनिक झगड़ों का ही एक सिलसिला है और आज हिंसक झड़प में बदल गया। दरअसल, धमकु का परिवार पहले कपड़े, साबुन, चावल और दाल का दुकान चलाता था। बाद में, अपने पड़ोसी की कपड़े की दुकान देखकर उन्होंने भी एक कपड़े की दुकान खोल ली, और अब उनका मकसद उस पड़ोसी की दुकान को बाजार से हटवाना है। उनका दुकान और घर सड़क के बिल्कुल किनारे स्थित है, जबकि प्रशासन ने उन्हें सड़क के पास दुकान न लगाने की चेतावनी दी थी। इस चेतावनी को उन्होंने अनदेखा कर दिया और एक छोटी दुकान के बजाय सड़क किनारे काफी जमीन पर कब्जा कर के घर भी बना लिया है। इस परिवार का अगल-बगल के लोगों से लगातार लड़ाई-झगड़ा होता रहता है, और वे सड़क से गुजरने वाले राहगीरों से भी अक्सर बहस करते हैं। आज की मारपीट के बाद सभी संबंधित पक्ष थाने पहुंचे, जहां थाने के बड़े बाबू ने मामले को शांत करा दिया। हालांकि, यह सवाल बना हुआ है कि ऐसी घटनाएं दोबारा होंगी या नहीं, क्योंकि धमकु की महिला के इस व्यवहार के कारण ही यह विवाद बार-बार थाने तक पहुंचता है।
गोइलकेरा बाजार में धमकु के परिवार और एक अन्य दुकानदार के बीच फिर से मारपीट की घटना हुई है। यह विवाद धमकु की महिला द्वारा दूसरे दुकानदार को अपशब्द कहने और आपत्तिजनक बातें बोलने के बाद शुरू हुआ, जो दैनिक झगड़ों का ही एक सिलसिला है और आज हिंसक झड़प में बदल गया। दरअसल, धमकु का परिवार पहले कपड़े, साबुन, चावल और दाल का दुकान चलाता था। बाद में, अपने पड़ोसी की कपड़े की दुकान
देखकर उन्होंने भी एक कपड़े की दुकान खोल ली, और अब उनका मकसद उस पड़ोसी की दुकान को बाजार से हटवाना है। उनका दुकान और घर सड़क के बिल्कुल किनारे स्थित है, जबकि प्रशासन ने उन्हें सड़क के पास दुकान न लगाने की चेतावनी दी थी। इस चेतावनी को उन्होंने अनदेखा कर दिया और एक छोटी दुकान के बजाय सड़क किनारे काफी जमीन पर कब्जा कर के घर भी बना लिया है। इस परिवार का
अगल-बगल के लोगों से लगातार लड़ाई-झगड़ा होता रहता है, और वे सड़क से गुजरने वाले राहगीरों से भी अक्सर बहस करते हैं। आज की मारपीट के बाद सभी संबंधित पक्ष थाने पहुंचे, जहां थाने के बड़े बाबू ने मामले को शांत करा दिया। हालांकि, यह सवाल बना हुआ है कि ऐसी घटनाएं दोबारा होंगी या नहीं, क्योंकि धमकु की महिला के इस व्यवहार के कारण ही यह विवाद बार-बार थाने तक पहुंचता है।
- पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोनपोखरी ग्राम के मुंडा टोला स्थित एक खेत से लगभग 25 किलोग्राम वजन का एक पुराना मोर्टार विस्फोटक बरामद हुआ है। इस विस्फोटक को खेत की जुताई के दौरान पाया गया था, जिसके बाद सेना के बम निरोधक दस्ते ने इसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। यह संदिग्ध विस्फोटक 23 जून को ग्रामीणों द्वारा खेत में हल चलाने के दौरान जमीन में दबा हुआ मिला था। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी तत्काल गोयलकेरा थाना पुलिस और सीआरपीएफ को दी। सूचना मिलने पर, सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुँचकर विस्फोटक को अपनी सुरक्षित निगरानी में ले लिया। लगभग दो दिनों तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के बाद, सेना के बम निरोधक दस्ते ने विस्फोटक को एक सुरक्षित स्थान पर पहुँचाकर नियंत्रित तरीके से नष्ट कर दिया। इस सफल कार्रवाई के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की साँस ली। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यह पूरी कार्रवाई सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए संपन्न कराई गई, जिसमें अपर पुलिस अधीक्षक, मनोहरपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मनोहरपुर थाना प्रभारी, मनोहरपुर अंचलाधिकारी, स्थानीय मुखिया और ग्राम प्रधान सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में अंजुमन इस्लामिया कमेटी के नेतृत्व में मोहर्रम का जुलूस श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के माहौल में निकाला गया। इस परंपरागत मातमी जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिसका समापन शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, पूर्व उपाध्यक्ष जलेश कवि, और सरायकेला राजपरिवार के राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इन सभी अतिथियों ने लोगों को मोहर्रम की अहमियत समझाते हुए शांति, सौहार्द और सामाजिक एकता बनाए रखने का संदेश दिया। पूरे जुलूस के दौरान प्रशासन और स्थानीय कमेटी की ओर से सुरक्षा तथा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए अपने निर्धारित स्थान पर संपन्न हुआ। मोहर्रम के इस आयोजन ने सरायकेला में गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की, जहाँ सभी समुदायों के लोगों ने मिलकर इसे सफल बनाने में सहयोग किया।3
- गुमला जिले के बसिया प्रखंड स्थित किन्दिरकेला गाँव में शुक्रवार को मुहर्रम का पर्व अत्यंत उत्साह, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर नूरी मस्जिद से एक भव्य जुलूस निकाला गया, जो मुख्य मार्गों से होकर बसिया-कोलेबिरा बॉर्डर तक पहुँचा, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए, जिससे पूरा माहौल धार्मिक रंग में रंगा नजर आया। जुलूस के दौरान अखाड़ा दलों के युवाओं ने तलवारबाजी, लाठीबाजी और अन्य पारंपरिक युद्ध कलाओं के हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने सड़क के दोनों ओर उमड़ी भारी भीड़ का मन मोह लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवाओं का जोश पूरे क्षेत्र में एक उत्सव सा माहौल बना रहा था। आयोजन को पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रशासन मुस्तैद रहा। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसकी कड़ी निगरानी में पूरा कार्यक्रम शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर आसपास के गाँवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुँचे। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों में प्रखंड अध्यक्ष सुकरात उरांव, प्रखंड सचिव जयंत दास, दिवाकर केसरी, मुन्तजिर खान, अलीम खान, शेरशाह खान और इजहारुल खान शामिल थे। सभी उपस्थित अतिथियों और स्थानीय ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मुहर्रम की बधाई देते हुए समाज में शांति, एकता, आपसी भाईचारे और देश की गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने का संदेश दिया। पूरे आयोजन में अनुशासन और सौहार्द का बेजोड़ उदाहरण देखने को मिला।1
- पटना हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश को संबोधित करते हुए एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में भरत तिवारी मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग उठाई गई है। याचिका में विशेष रूप से यह मांग की गई है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला चलाया जाए और दोषी सिद्ध होने पर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। भरत तिवारी मामले में न्याय की मांग को लेकर यह एक नई कानूनी पहल की गई है।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के वरिष्ठ नेता शुशील पहान के निधन के बाद कर्रा प्रखंड सहित खूंटी, रांची, गुमला और सिमडेगा जिलों में पार्टी तथा आदिवासी समुदायों में गहरा शोक व्याप्त है। विधायक प्रतिनिधि अनुप लकड़ा ने शुशील पहान के निधन को जेएमएम के लिए 'अपूरणीय क्षति' बताते हुए कहा कि वे पार्टी की रीढ़ की हड्डी के समान थे। लकड़ा के अनुसार, शुशील पहान एक मृदुभाषी, मिलनसार, कर्मठ और जुझारू नेता थे, जिनका इस दुनिया से चले जाना जेएमएम पार्टी के साथ-साथ आदिवासी समाज के लिए भी एक गहरा झटका है। उन्होंने यह भी बताया कि शुशील पहान भारत मुंडा समाज के प्रदेश अध्यक्ष थे और वे हमेशा आदिवासियों के अधिकारों के लिए आवाज़ उठाते थे, उन्हें जागरूक करते थे और नशा के खिलाफ भी लोगों को सचेत करते रहते थे। विधायक प्रतिनिधि अनुप लकड़ा ने आश्वासन दिया कि पूरा जेएमएम पार्टी स्व. शुशील पहान के परिजनों के साथ हमेशा दुख-सुख में चौबीसों घंटे खड़ा रहेगा।1
- आज आप सभी के सामने उत्तराखंड में स्थित बाबा केदारनाथ की नगरी के दिव्य दर्शन की एक झलक प्रस्तुत की गई है। यह विशेष झलक बाबा केदार की पावन नगरी से साझा की गई है।1
- चक्रधरपुर के एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गर्भवती महिला की मदद कर सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार, बंदगांव प्रखंड के सुदूर क्षेत्र कुरजुली निवासी पालो आल्डा प्रसव पीड़ा से गंभीर रूप से परेशान थीं। महिला की गंभीर स्थिति की सूचना मिलने पर एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी ने स्वयं मामले की जांच-पड़ताल की और उन्हें तत्काल बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा रेफर करवाया। बताया जा रहा है कि महिला के गर्भ में पल रहे एक बच्चे की दुर्भाग्यवश मृत्यु हो चुकी है, जबकि चिकित्सकों द्वारा दूसरे बच्चे को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए एसडीपीओ द्वारा समय पर की गई इस पहल की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।1
- मोहला-मानपुर जिले के गुंडरदेही गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक मासूम बच्चे को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मोहला और मानपुर थाना क्षेत्रों में ट्रक को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन चालक उन्हें तोड़कर महाराष्ट्र की ओर भाग निकला। इस घटना से इलाके में आक्रोश का माहौल है, जबकि बच्चे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस फिलहाल ट्रक और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है और आसपास के मार्गों पर नाकेबंदी कर जांच तेज कर दी गई है।1
- खूंटी स्थित तजना नदी पुल के पास एक ट्रक कार को बचाने के क्रम में पलट गया। इस दुर्घटना में तीन लोग घायल हो गए।1