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पटना हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश को संबोधित करते हुए एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में भरत तिवारी मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग उठाई गई है। याचिका में विशेष रूप से यह मांग की गई है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला चलाया जाए और दोषी सिद्ध होने पर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। भरत तिवारी मामले में न्याय की मांग को लेकर यह एक नई कानूनी पहल की गई है।
NUNU RAM MAHATO
पटना हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश को संबोधित करते हुए एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में भरत तिवारी मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग उठाई गई है। याचिका में विशेष रूप से यह मांग की गई है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला चलाया जाए और दोषी सिद्ध होने पर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। भरत तिवारी मामले में न्याय की मांग को लेकर यह एक नई कानूनी पहल की गई है।
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- पटना हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश को संबोधित करते हुए एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में भरत तिवारी मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग उठाई गई है। याचिका में विशेष रूप से यह मांग की गई है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला चलाया जाए और दोषी सिद्ध होने पर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। भरत तिवारी मामले में न्याय की मांग को लेकर यह एक नई कानूनी पहल की गई है।1
- चाईबासा मंडल कारा में स्थानांतरित की गई एक महिला बंदी रिया सिन्हा के पास से जेल में प्रवेश के दौरान तलाशी में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से लाई गई रिया सिन्हा को अपराधी सुजीत सिन्हा की पत्नी बताया जा रहा है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड और चार्जर सहित अन्य सामग्री मिली। इस बरामदगी के संबंध में सदर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर क्षेत्र के करंजो में भाजपा के दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान जिला वर्ग कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में, उन्होंने संगठन विस्तार के कार्यों पर जोर देते हुए आगामी वर्ष 2027 में होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारी करने का आह्वान किया। मरांडी ने स्पष्ट किया कि भले ही पंचायत चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते, लेकिन पार्टी का यह प्रयास रहेगा कि मुखिया, प्रखंड प्रमुख और जिला परिषद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भाजपा के कार्यकर्ता चुनकर आएं।1
- मोहला-मानपुर जिले के गुंडरदेही गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक मासूम बच्चे को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने मोहला और मानपुर थाना क्षेत्रों में ट्रक को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन चालक उन्हें तोड़कर महाराष्ट्र की ओर भाग निकला। इस घटना से इलाके में आक्रोश का माहौल है, जबकि बच्चे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस फिलहाल ट्रक और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है और आसपास के मार्गों पर नाकेबंदी कर जांच तेज कर दी गई है।1
- चक्रधरपुर के एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गर्भवती महिला की मदद कर सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार, बंदगांव प्रखंड के सुदूर क्षेत्र कुरजुली निवासी पालो आल्डा नामक महिला प्रसव पीड़ा से अत्यंत परेशान थीं और उनकी स्थिति गंभीर थी। महिला की गंभीर स्थिति की सूचना मिलने पर एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी ने स्वयं मामले की जांच-पड़ताल की। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए महिला को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा रेफर करवाया। बताया गया है कि महिला के गर्भ में पल रहे एक बच्चे की दुर्भाग्यवश मृत्यु हो चुकी है, जबकि दूसरे बच्चे को बचाने का प्रयास चिकित्सकों द्वारा लगातार किया जा रहा है। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए, समय पर की गई इस पहल के लिए एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी के सराहनीय मानवीय कार्य की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।1
- सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र में अंजुमन इस्लामिया कमेटी के नेतृत्व में मोहर्रम का जुलूस श्रद्धा, अनुशासन और आपसी भाईचारे के माहौल में निकाला गया। इस परंपरागत मातमी जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिसका समापन शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, पूर्व उपाध्यक्ष जलेश कवि, और सरायकेला राजपरिवार के राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इन सभी अतिथियों ने लोगों को मोहर्रम की अहमियत समझाते हुए शांति, सौहार्द और सामाजिक एकता बनाए रखने का संदेश दिया। पूरे जुलूस के दौरान प्रशासन और स्थानीय कमेटी की ओर से सुरक्षा तथा व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, जिससे जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए अपने निर्धारित स्थान पर संपन्न हुआ। मोहर्रम के इस आयोजन ने सरायकेला में गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की, जहाँ सभी समुदायों के लोगों ने मिलकर इसे सफल बनाने में सहयोग किया।3
- सरायकेला जिले में आगामी राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 28 जून से 30 जून तक तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों तक पोलियोरोधी खुराक की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करना है। जिला सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि अभियान के तहत कुल 1,77,765 बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हाउस टू हाउस गतिविधि, बूथ गतिविधि, ट्रांजिट प्वाइंट, बाजार और मोबाइल टीमों की व्यवस्था की गई है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कुल 1,366 एचएचटी (हाउस-टू-हाउस) टीमें और समान संख्या में बूथ बनाए गए हैं, जिनमें शहर और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु स्थायी व अस्थायी तरीके अपनाए जाएंगे। निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए जिले भर में 189 सुपरवाइजर तैनात किए जाएंगे, जो खुराक की सही मात्रा और रजिस्ट्रेशन का निरीक्षण करेंगे। साथ ही, 22 मोबाइल टीमों का भी गठन किया गया है, जो उन स्थानों पर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक उपलब्ध कराएंगी जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच कठिन है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे 0 से 5 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निर्धारित दिनों में पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की शंका या असुविधा होने पर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र या मोबाइल टीम से संपर्क किया जा सकता है।4