चक्रधरपुर के एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गर्भवती महिला की मदद कर सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार, बंदगांव प्रखंड के सुदूर क्षेत्र कुरजुली निवासी पालो आल्डा नामक महिला प्रसव पीड़ा से अत्यंत परेशान थीं और उनकी स्थिति गंभीर थी। महिला की गंभीर स्थिति की सूचना मिलने पर एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी ने स्वयं मामले की जांच-पड़ताल की। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए महिला को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा रेफर करवाया। बताया गया है कि महिला के गर्भ में पल रहे एक बच्चे की दुर्भाग्यवश मृत्यु हो चुकी है, जबकि दूसरे बच्चे को बचाने का प्रयास चिकित्सकों द्वारा लगातार किया जा रहा है। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए, समय पर की गई इस पहल के लिए एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी के सराहनीय मानवीय कार्य की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
चक्रधरपुर के एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गर्भवती महिला की मदद कर सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार, बंदगांव प्रखंड के सुदूर क्षेत्र कुरजुली निवासी पालो आल्डा नामक महिला प्रसव पीड़ा से अत्यंत परेशान थीं और उनकी स्थिति गंभीर थी। महिला की गंभीर स्थिति की सूचना मिलने पर एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी ने स्वयं मामले की जांच-पड़ताल की। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए महिला को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा रेफर करवाया। बताया गया है कि महिला के गर्भ में पल रहे एक बच्चे की दुर्भाग्यवश मृत्यु हो चुकी है, जबकि दूसरे बच्चे को बचाने का प्रयास चिकित्सकों द्वारा लगातार किया जा रहा है। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए, समय पर की गई इस पहल के लिए एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी के सराहनीय मानवीय कार्य की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।
- चक्रधरपुर के एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी ने एक बार फिर अपनी मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक गर्भवती महिला की मदद कर सराहनीय कार्य किया है। जानकारी के अनुसार, बंदगांव प्रखंड के सुदूर क्षेत्र कुरजुली निवासी पालो आल्डा नामक महिला प्रसव पीड़ा से अत्यंत परेशान थीं और उनकी स्थिति गंभीर थी। महिला की गंभीर स्थिति की सूचना मिलने पर एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी ने स्वयं मामले की जांच-पड़ताल की। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए महिला को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा रेफर करवाया। बताया गया है कि महिला के गर्भ में पल रहे एक बच्चे की दुर्भाग्यवश मृत्यु हो चुकी है, जबकि दूसरे बच्चे को बचाने का प्रयास चिकित्सकों द्वारा लगातार किया जा रहा है। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए, समय पर की गई इस पहल के लिए एसडीपीओ डॉ सैयद मुस्तफा हासमी के सराहनीय मानवीय कार्य की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर क्षेत्र के करंजो में भाजपा के दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान जिला वर्ग कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। अपने संबोधन में, उन्होंने संगठन विस्तार के कार्यों पर जोर देते हुए आगामी वर्ष 2027 में होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारी करने का आह्वान किया। मरांडी ने स्पष्ट किया कि भले ही पंचायत चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते, लेकिन पार्टी का यह प्रयास रहेगा कि मुखिया, प्रखंड प्रमुख और जिला परिषद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भाजपा के कार्यकर्ता चुनकर आएं।1
- गोइलकेरा बाजार में धमकु के परिवार और एक अन्य दुकानदार के बीच फिर से मारपीट की घटना हुई है। यह विवाद धमकु की महिला द्वारा दूसरे दुकानदार को अपशब्द कहने और आपत्तिजनक बातें बोलने के बाद शुरू हुआ, जो दैनिक झगड़ों का ही एक सिलसिला है और आज हिंसक झड़प में बदल गया। दरअसल, धमकु का परिवार पहले कपड़े, साबुन, चावल और दाल का दुकान चलाता था। बाद में, अपने पड़ोसी की कपड़े की दुकान देखकर उन्होंने भी एक कपड़े की दुकान खोल ली, और अब उनका मकसद उस पड़ोसी की दुकान को बाजार से हटवाना है। उनका दुकान और घर सड़क के बिल्कुल किनारे स्थित है, जबकि प्रशासन ने उन्हें सड़क के पास दुकान न लगाने की चेतावनी दी थी। इस चेतावनी को उन्होंने अनदेखा कर दिया और एक छोटी दुकान के बजाय सड़क किनारे काफी जमीन पर कब्जा कर के घर भी बना लिया है। इस परिवार का अगल-बगल के लोगों से लगातार लड़ाई-झगड़ा होता रहता है, और वे सड़क से गुजरने वाले राहगीरों से भी अक्सर बहस करते हैं। आज की मारपीट के बाद सभी संबंधित पक्ष थाने पहुंचे, जहां थाने के बड़े बाबू ने मामले को शांत करा दिया। हालांकि, यह सवाल बना हुआ है कि ऐसी घटनाएं दोबारा होंगी या नहीं, क्योंकि धमकु की महिला के इस व्यवहार के कारण ही यह विवाद बार-बार थाने तक पहुंचता है।3
- पटना हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश को संबोधित करते हुए एक याचिका दायर की गई है। इस याचिका में भरत तिवारी मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग उठाई गई है। याचिका में विशेष रूप से यह मांग की गई है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला चलाया जाए और दोषी सिद्ध होने पर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय हुआ है, तो मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। भरत तिवारी मामले में न्याय की मांग को लेकर यह एक नई कानूनी पहल की गई है।1
- शनिवार को डुमरी विधायक जयराम महतो संगठन विस्तार के उद्देश्य से चाईबासा पहुँचे। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।1
- चाईबासा में मुहर्रम जुलूस के अवसर पर कलाकारों ने अपने करतबों का प्रदर्शन किया।1