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आरक्षण के नियमों पर बहस: समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने आरक्षण विरोधियों के दावों का किया खंडन ​नई दिल्ली / लखनऊ: आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर छिड़ी बहस के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने आरक्षण के संवैधानिक नियमों और इसके मूल उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए आरक्षण विरोधियों के तर्कों का मुंहतोड़ जवाब दिया है। टीवी डिबेट और सार्वजनिक मंचों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने साफ किया कि आरक्षण कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की सत्ता और निर्णय प्रक्रिया में ऐतिहासिक रूप से पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का माध्यम है। ​'आरक्षण गरीबी हटाओ योजना नहीं, प्रतिनिधित्व की व्यवस्था है' ​बहस के दौरान जब विरोधियों ने आरक्षण व्यवस्था और इसके नियमों पर सवाल उठाए, तो सपा प्रवक्ता ने तथ्यों के साथ नियम स्पष्ट किए। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में आरक्षण की व्यवस्था उन वर्गों के लिए की गई है जो ऐतिहासिक और सामाजिक कारणों से मुख्यधारा में पीछे छूट गए थे। ​उन्होंने नियमों की व्याख्या करते हुए मुख्य बिंदु सामने रखे: ​प्रतिनिधित्व का अधिकार: आरक्षण का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को विधायिका, कार्यपालिका और प्रशासनिक व्यवस्था में बराबरी का स्थान देना है। ​आर्थिक बनाम सामाजिक पिछड़ापन: आरक्षण केवल आर्थिक स्थिति सुधारने का जरिया नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और विविधता को बढ़ावा देने की संवैधानिक गारंटी है। ​नियमों की गलत व्याख्या पर रोक: भाटी ने स्पष्ट किया कि आरक्षण के प्रावधानों को लेकर अक्सर भ्रम फैलाया जाता है, जबकि संविधान में इसके दायरे और सीमाओं को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है। ​विरोधियों के कुतर्कों पर पलटवार ​बहस के दौरान जब विपक्षी नेताओं और आरक्षण विरोधियों ने मौजूदा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, तब राजकुमार भाटी ने कहा कि 95 प्रतिशत आबादी को उनका संवैधानिक हक देने वाले नियमों का विरोध करना सामाजिक विषमता को बढ़ावा देने जैसा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब भी शोषित, वंचित, दलित और पिछड़ों को उनका हक देने की बात होती है, तो कुछ तत्व नियमों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास करते हैं। ​सपा प्रवक्ता के इस आक्रामक और तथ्यपरक रुख के बाद डिबेट में मौजूद विरोधी पक्ष के पास कोई ठोस जवाब नहीं बचा। सपा का कहना है कि पार्टी आगे भी संविधान और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। ब्यूरो रिपोर्टर

1 hr ago
user_रामानंद सागर
रामानंद सागर
Librarian Chauri Chaura, Gorakhpur•
1 hr ago

आरक्षण के नियमों पर बहस: समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने आरक्षण विरोधियों के दावों का किया खंडन ​नई दिल्ली / लखनऊ: आरक्षण और सामाजिक न्याय को लेकर छिड़ी बहस के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने आरक्षण के संवैधानिक नियमों और इसके मूल उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए आरक्षण विरोधियों के तर्कों का मुंहतोड़ जवाब दिया है। टीवी डिबेट और सार्वजनिक मंचों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने साफ किया कि आरक्षण कोई गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की सत्ता और निर्णय प्रक्रिया में ऐतिहासिक रूप से पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का माध्यम है। ​'आरक्षण गरीबी हटाओ योजना नहीं, प्रतिनिधित्व की व्यवस्था है' ​बहस के दौरान जब विरोधियों ने आरक्षण व्यवस्था और इसके नियमों पर सवाल उठाए, तो सपा प्रवक्ता ने तथ्यों के साथ नियम स्पष्ट किए। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में आरक्षण की व्यवस्था उन वर्गों के लिए की गई है जो ऐतिहासिक और सामाजिक कारणों से मुख्यधारा में पीछे छूट गए थे। ​उन्होंने नियमों की व्याख्या करते हुए मुख्य बिंदु सामने रखे: ​प्रतिनिधित्व का अधिकार: आरक्षण का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को विधायिका, कार्यपालिका और प्रशासनिक व्यवस्था में बराबरी का स्थान देना है। ​आर्थिक बनाम सामाजिक पिछड़ापन: आरक्षण केवल आर्थिक स्थिति सुधारने का जरिया नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और विविधता को बढ़ावा देने की संवैधानिक गारंटी है। ​नियमों की गलत व्याख्या पर रोक: भाटी ने स्पष्ट किया कि आरक्षण के प्रावधानों को लेकर अक्सर भ्रम फैलाया जाता है, जबकि संविधान में इसके दायरे और सीमाओं को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है। ​विरोधियों के कुतर्कों पर पलटवार ​बहस के दौरान जब विपक्षी नेताओं और आरक्षण विरोधियों ने मौजूदा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, तब राजकुमार भाटी ने कहा कि 95 प्रतिशत आबादी को उनका संवैधानिक हक देने वाले नियमों का विरोध करना सामाजिक विषमता को बढ़ावा देने जैसा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जब भी शोषित, वंचित, दलित और पिछड़ों को उनका हक देने की बात होती है, तो कुछ तत्व नियमों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास करते हैं। ​सपा प्रवक्ता के इस आक्रामक और तथ्यपरक रुख के बाद डिबेट में मौजूद विरोधी पक्ष के पास कोई ठोस जवाब नहीं बचा। सपा का कहना है कि पार्टी आगे भी संविधान और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। ब्यूरो रिपोर्टर

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  • गोरखपुर में गरजे मुकेश साहनी! 'कार्यक्रम नहीं करने दिया जा रहा', निषाद पार्टी और BJP पर बड़ा हमला
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    गोरखपुर में गरजे मुकेश साहनी! 'कार्यक्रम नहीं करने दिया जा रहा', निषाद पार्टी और BJP पर बड़ा हमला
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बहन से छेड़खानी का विरोध करने पर मासूम की पीट-पीटकर हत्या, परिजनों का पुलिस पर गम्भीर आरोप गोरखपुर जिले के पिपराइच थानाक्षेत्र के माधोपुर बेला गांव में बहन से छेड़खानी का विरोध करने पर नौ साल के बच्चे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आधा दर्जन से अधिक लड़कों ने पहचे दोनों बच्चों को रास्ते में घेरकर लाठी-डंडों से पीटा। जब परिवार के लोग पहुंचे तो उन पर भी पथराव किया। इसके बाद भाग गए। परिजनों ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रविवार सुबह सरस सिंह (9) की मौत हो गई। वहीं, शिवकुमार की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं पुलिस ने मामले में गांव के ही 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जबकि मामले में लापरवाही बरतने पर पिपराइच थाना प्रभारी विवेक त्रिवेदी को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। उनकी जगह झंगहा थाना प्रभारी रहे अनुप सिंह को थाना पिपराइच का प्रभारी बनाया गया है।  सीओ कुंदन कुमार सिंह ने कहा कि पिपराइच के बेला क्षेत्र में माधवपुर ग्राम में एक मारपीट की घटना हुई जिसमें एक किशोर को चोटें आईं। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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    बहन से छेड़खानी का विरोध करने पर मासूम की पीट-पीटकर हत्या, परिजनों का पुलिस पर गम्भीर आरोप
गोरखपुर जिले के पिपराइच थानाक्षेत्र के माधोपुर बेला गांव में बहन से छेड़खानी का विरोध करने पर नौ साल के बच्चे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आधा दर्जन से अधिक लड़कों ने पहचे दोनों बच्चों को रास्ते में घेरकर लाठी-डंडों से पीटा। जब परिवार के लोग पहुंचे तो उन पर भी पथराव किया। इसके बाद भाग गए। 
परिजनों ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रविवार सुबह सरस सिंह (9) की मौत हो गई। वहीं, शिवकुमार की हालत गंभीर बनी हुई है।
वहीं पुलिस ने मामले में गांव के ही 9 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जबकि मामले में लापरवाही बरतने पर पिपराइच थाना प्रभारी विवेक त्रिवेदी को एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया है। उनकी जगह झंगहा थाना प्रभारी रहे अनुप सिंह को थाना पिपराइच का प्रभारी बनाया गया है। 
सीओ कुंदन कुमार सिंह ने कहा कि पिपराइच के बेला क्षेत्र में माधवपुर ग्राम में एक मारपीट की घटना हुई जिसमें एक किशोर को चोटें आईं। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
    user_अनूप शुक्ला
    अनूप शुक्ला
    Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    5 hrs ago
  • पुस्तकें ही सच्ची मित्र, पढ़ने की आदत से ही होगा व्यक्तित्व का समग्र विकास - अमित कुमार राय (प्राचार्य) राजा देवी महिला पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत 'पुस्तक पढ़ें कार्यक्रम' आयोजित, विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और रील्स की लत से दूर रहने का दिया संदेश देवरिया। भटनी क्षेत्र के सल्लहपुर स्थित राजा देवी महिला पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में 'पुस्तक पढ़ें कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में अध्ययन की नियमित आदत विकसित करना, बौद्धिक क्षमता का विकास करना तथा उन्हें सोशल मीडिया और रील्स की बढ़ती लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में पुस्तकों के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए पढ़ने की आदत सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं के समय और एकाग्रता को प्रभावित कर रहा है। मोबाइल फोन पर घंटों रील्स देखने की प्रवृत्ति विद्यार्थियों के अध्ययन, सोचने-समझने की क्षमता और रचनात्मकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। ऐसे में पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि अच्छी पुस्तकें हमारे सच्चे मित्र की तरह होती हैं। वे न केवल सही मार्गदर्शन देती हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रेरणा भी प्रदान करती हैं। पुस्तकें मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारने, ज्ञान का विस्तार करने और जीवन के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर देती हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि नियमित अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की एकाग्रता अधिक मजबूत होती है। पढ़ने की आदत से मस्तिष्क लगातार सक्रिय रहता है, जिससे स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। साथ ही भाषा पर पकड़ मजबूत होती है और लेखन व अभिव्यक्ति कौशल में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलता है। वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकें केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्ति के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साहित्य, इतिहास, विज्ञान, जीवनी और प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। यही गुण उन्हें भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पढ़ने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें सलाह दी गई कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया पर बिताए जाने वाले समय को कम करें तथा उस समय का उपयोग अच्छी पुस्तकों के अध्ययन में करें। इससे न केवल उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि होगी, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होगा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि नियमित अध्ययन मानसिक शांति प्रदान करता है। पुस्तकें पढ़ने से मन सकारात्मक विचारों से भरता है और व्यक्ति नई जानकारियों से निरंतर जुड़ा रहता है। इससे रचनात्मक सोच विकसित होती है तथा जीवन में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों की उपयोगी पुस्तकों का अध्ययन करने और पुस्तकालय से नियमित रूप से पुस्तकें लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बदलते दौर में तकनीक का संतुलित उपयोग आवश्यक है, लेकिन पुस्तकों का स्थान कोई भी डिजिटल माध्यम नहीं ले सकता। ज्ञान, संस्कार, विवेक और व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी साधन आज भी पुस्तकें ही हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने नियमित अध्ययन करने, अच्छी पुस्तकों को अपना साथी बनाने तथा सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से बचने का संकल्प लिया।
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    पुस्तकें ही सच्ची मित्र, पढ़ने की आदत से ही होगा व्यक्तित्व का समग्र विकास - अमित कुमार राय (प्राचार्य)
राजा देवी महिला पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत 'पुस्तक पढ़ें कार्यक्रम' आयोजित, विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और रील्स की लत से दूर रहने का दिया संदेश
देवरिया। भटनी क्षेत्र के सल्लहपुर स्थित राजा देवी महिला पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में 'पुस्तक पढ़ें कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में अध्ययन की नियमित आदत विकसित करना, बौद्धिक क्षमता का विकास करना तथा उन्हें सोशल मीडिया और रील्स की बढ़ती लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में पुस्तकों के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए पढ़ने की आदत सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं के समय और एकाग्रता को प्रभावित कर रहा है। मोबाइल फोन पर घंटों रील्स देखने की प्रवृत्ति विद्यार्थियों के अध्ययन, सोचने-समझने की क्षमता और रचनात्मकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। ऐसे में पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि अच्छी पुस्तकें हमारे सच्चे मित्र की तरह होती हैं। वे न केवल सही मार्गदर्शन देती हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रेरणा भी प्रदान करती हैं। पुस्तकें मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारने, ज्ञान का विस्तार करने और जीवन के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर देती हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि नियमित अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की एकाग्रता अधिक मजबूत होती है। पढ़ने की आदत से मस्तिष्क लगातार सक्रिय रहता है, जिससे स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। साथ ही भाषा पर पकड़ मजबूत होती है और लेखन व अभिव्यक्ति कौशल में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलता है।
वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकें केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्ति के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साहित्य, इतिहास, विज्ञान, जीवनी और प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। यही गुण उन्हें भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पढ़ने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें सलाह दी गई कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया पर बिताए जाने वाले समय को कम करें तथा उस समय का उपयोग अच्छी पुस्तकों के अध्ययन में करें। इससे न केवल उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि होगी, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होगा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि नियमित अध्ययन मानसिक शांति प्रदान करता है। पुस्तकें पढ़ने से मन सकारात्मक विचारों से भरता है और व्यक्ति नई जानकारियों से निरंतर जुड़ा रहता है। इससे रचनात्मक सोच विकसित होती है तथा जीवन में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों की उपयोगी पुस्तकों का अध्ययन करने और पुस्तकालय से नियमित रूप से पुस्तकें लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बदलते दौर में तकनीक का संतुलित उपयोग आवश्यक है, लेकिन पुस्तकों का स्थान कोई भी डिजिटल माध्यम नहीं ले सकता। ज्ञान, संस्कार, विवेक और व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी साधन आज भी पुस्तकें ही हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने नियमित अध्ययन करने, अच्छी पुस्तकों को अपना साथी बनाने तथा सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से बचने का संकल्प लिया।
    user_अवनीश शंकर राय
    अवनीश शंकर राय
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सीडीओ के औचक निरीक्षण में संस्कृत महाविद्यालय की खुली पोल, कुर्सी पर सोता मिला कर्मचारी, जांच के आदेश सीडीओ के औचक निरीक्षण में संस्कृत महाविद्यालय की खुली पोल, कुर्सी पर सोता मिला कर्मचारी, जांच के आदेश
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    सीडीओ के औचक निरीक्षण में संस्कृत महाविद्यालय की खुली पोल, कुर्सी पर सोता मिला कर्मचारी, जांच के आदेश

सीडीओ के औचक निरीक्षण में संस्कृत महाविद्यालय की खुली पोल, कुर्सी पर सोता मिला कर्मचारी, जांच के आदेश
    user_भारत नेशन न्यूज
    भारत नेशन न्यूज
    देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मां बाप के सपनों पर युवक ने फेरा पानी क्या-क्या सोचते हैं लोग की जब मेरा बेटा बड़ा होगा तो मैं कैसे शादी उसकी धूमधाम से करूंगा लेकिन एक युवक बिना अपने माता-पिता को बताएं की ज्योति से विवाह कर लिया विवाह करने के बाद जैसे ही घर लाया परिवार के पिता हुए नाराज मां बाप के भी कुछ सपने है, उनका भी समाज है, उनके भी अरमान है सम्मान है लेकिन आजकल कुछ युवा अपने मन की ही करते है जिसके कारण मां बाप आहत होते है इस वीडियो में पिता ने सही किया या गलत ये आप लोग बताएं।
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    मां बाप के सपनों पर युवक ने फेरा पानी क्या-क्या सोचते हैं लोग की जब मेरा बेटा बड़ा होगा तो मैं कैसे शादी उसकी धूमधाम से करूंगा लेकिन एक युवक बिना अपने माता-पिता को बताएं की ज्योति से विवाह कर लिया विवाह करने के बाद जैसे ही घर लाया परिवार के पिता हुए नाराज मां बाप के भी कुछ सपने है, उनका भी समाज है, उनके भी अरमान है सम्मान है लेकिन आजकल कुछ युवा अपने मन की ही करते है जिसके कारण मां बाप आहत होते है इस वीडियो में पिता ने सही किया या गलत ये आप लोग बताएं।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian Chauri Chaura, Gorakhpur•
    4 hrs ago
  • रुद्रपुर तहसील में डीएम का निरीक्षण, पुराने राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश तहसीलदार न्यायालय की पत्रावलियों का किया अवलोकन, साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव और पारदर्शी न्याय व्यवस्था पर दिया जोर देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को रुद्रपुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शामिल होने से पहले तहसीलदार न्यायालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लंबे समय से लंबित राजस्व वादों की पत्रावलियों का अवलोकन किया और तहसीलदार को सभी पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने न्यायालय की पत्रावलियों के सुव्यवस्थित रखरखाव, न्यायालयीय कार्यवाही के नियमित एवं अद्यतन अंकन तथा तहसील परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायालय की कार्यप्रणाली व्यवस्थित और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि फरियादियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी ने कहा कि फरियादियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं निष्पक्ष न्याय दिलाना राजस्व अधिकारियों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि न्यायालय में प्रस्तुत प्रत्येक प्रकरण का शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ निस्तारण किया जाए, जिससे आमजन को त्वरित न्याय मिल सके। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी रुद्रपुर, तहसीलदार सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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    रुद्रपुर तहसील में डीएम का निरीक्षण, पुराने राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
तहसीलदार न्यायालय की पत्रावलियों का किया अवलोकन, साफ-सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव और पारदर्शी न्याय व्यवस्था पर दिया जोर
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार को रुद्रपुर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शामिल होने से पहले तहसीलदार न्यायालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लंबे समय से लंबित राजस्व वादों की पत्रावलियों का अवलोकन किया और तहसीलदार को सभी पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने न्यायालय की पत्रावलियों के सुव्यवस्थित रखरखाव, न्यायालयीय कार्यवाही के नियमित एवं अद्यतन अंकन तथा तहसील परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायालय की कार्यप्रणाली व्यवस्थित और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि फरियादियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने कहा कि फरियादियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं निष्पक्ष न्याय दिलाना राजस्व अधिकारियों की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि न्यायालय में प्रस्तुत प्रत्येक प्रकरण का शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ निस्तारण किया जाए, जिससे आमजन को त्वरित न्याय मिल सके।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी रुद्रपुर, तहसीलदार सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
    user_अवनीश शंकर राय
    अवनीश शंकर राय
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • गोरखपुर: नारियल काटने वाले गड़ासे से सिपाही पर हमला, पुलिस टीम में मचा हड़कंप.....
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    गोरखपुर: नारियल काटने वाले गड़ासे से सिपाही पर हमला, पुलिस टीम में मचा हड़कंप.....
    user_Abc Hindustan
    Abc Hindustan
    News Anchor Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
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