पुस्तकें ही सच्ची मित्र, पढ़ने की आदत से ही होगा व्यक्तित्व का समग्र विकास - अमित कुमार राय (प्राचार्य) राजा देवी महिला पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत 'पुस्तक पढ़ें कार्यक्रम' आयोजित, विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और रील्स की लत से दूर रहने का दिया संदेश देवरिया। भटनी क्षेत्र के सल्लहपुर स्थित राजा देवी महिला पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में 'पुस्तक पढ़ें कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में अध्ययन की नियमित आदत विकसित करना, बौद्धिक क्षमता का विकास करना तथा उन्हें सोशल मीडिया और रील्स की बढ़ती लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में पुस्तकों के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए पढ़ने की आदत सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं के समय और एकाग्रता को प्रभावित कर रहा है। मोबाइल फोन पर घंटों रील्स देखने की प्रवृत्ति विद्यार्थियों के अध्ययन, सोचने-समझने की क्षमता और रचनात्मकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। ऐसे में पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि अच्छी पुस्तकें हमारे सच्चे मित्र की तरह होती हैं। वे न केवल सही मार्गदर्शन देती हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रेरणा भी प्रदान करती हैं। पुस्तकें मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारने, ज्ञान का विस्तार करने और जीवन के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर देती हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि नियमित अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की एकाग्रता अधिक मजबूत होती है। पढ़ने की आदत से मस्तिष्क लगातार सक्रिय रहता है, जिससे स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। साथ ही भाषा पर पकड़ मजबूत होती है और लेखन व अभिव्यक्ति कौशल में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलता है। वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकें केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्ति के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साहित्य, इतिहास, विज्ञान, जीवनी और प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। यही गुण उन्हें भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पढ़ने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें सलाह दी गई कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया पर बिताए जाने वाले समय को कम करें तथा उस समय का उपयोग अच्छी पुस्तकों के अध्ययन में करें। इससे न केवल उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि होगी, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होगा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि नियमित अध्ययन मानसिक शांति प्रदान करता है। पुस्तकें पढ़ने से मन सकारात्मक विचारों से भरता है और व्यक्ति नई जानकारियों से निरंतर जुड़ा रहता है। इससे रचनात्मक सोच विकसित होती है तथा जीवन में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों की उपयोगी पुस्तकों का अध्ययन करने और पुस्तकालय से नियमित रूप से पुस्तकें लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बदलते दौर में तकनीक का संतुलित उपयोग आवश्यक है, लेकिन पुस्तकों का स्थान कोई भी डिजिटल माध्यम नहीं ले सकता। ज्ञान, संस्कार, विवेक और व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी साधन आज भी पुस्तकें ही हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने नियमित अध्ययन करने, अच्छी पुस्तकों को अपना साथी बनाने तथा सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से बचने का संकल्प लिया।
पुस्तकें ही सच्ची मित्र, पढ़ने की आदत से ही होगा व्यक्तित्व का समग्र विकास - अमित कुमार राय (प्राचार्य) राजा देवी महिला पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत 'पुस्तक पढ़ें कार्यक्रम' आयोजित, विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और रील्स की लत से दूर रहने का दिया संदेश देवरिया। भटनी क्षेत्र के सल्लहपुर स्थित राजा देवी महिला पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में 'पुस्तक पढ़ें कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में अध्ययन की नियमित आदत विकसित करना, बौद्धिक क्षमता का विकास करना तथा उन्हें सोशल मीडिया और रील्स की बढ़ती लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में पुस्तकों के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए पढ़ने की आदत सबसे प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग युवाओं के समय और एकाग्रता को प्रभावित कर रहा है। मोबाइल फोन पर घंटों रील्स देखने की प्रवृत्ति विद्यार्थियों के अध्ययन, सोचने-समझने की क्षमता और रचनात्मकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। ऐसे में पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि अच्छी पुस्तकें हमारे सच्चे मित्र की तरह होती हैं। वे न केवल सही मार्गदर्शन देती हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रेरणा भी प्रदान करती हैं। पुस्तकें मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारने, ज्ञान का विस्तार करने और जीवन के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर देती हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि नियमित अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की एकाग्रता अधिक मजबूत होती है। पढ़ने की आदत से मस्तिष्क लगातार सक्रिय रहता है, जिससे स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। साथ ही भाषा
पर पकड़ मजबूत होती है और लेखन व अभिव्यक्ति कौशल में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलता है। वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकें केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्ति के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साहित्य, इतिहास, विज्ञान, जीवनी और प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। यही गुण उन्हें भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को प्रतिदिन कुछ समय पुस्तक पढ़ने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें सलाह दी गई कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया पर बिताए जाने वाले समय को कम करें तथा उस समय का उपयोग अच्छी पुस्तकों के अध्ययन में करें। इससे न केवल उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि होगी, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होगा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि नियमित अध्ययन मानसिक शांति प्रदान करता है। पुस्तकें पढ़ने से मन सकारात्मक विचारों से भरता है और व्यक्ति नई जानकारियों से निरंतर जुड़ा रहता है। इससे रचनात्मक सोच विकसित होती है तथा जीवन में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों की उपयोगी पुस्तकों का अध्ययन करने और पुस्तकालय से नियमित रूप से पुस्तकें लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बदलते दौर में तकनीक का संतुलित उपयोग आवश्यक है, लेकिन पुस्तकों का स्थान कोई भी डिजिटल माध्यम नहीं ले सकता। ज्ञान, संस्कार, विवेक और व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी साधन आज भी पुस्तकें ही हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने नियमित अध्ययन करने, अच्छी पुस्तकों को अपना साथी बनाने तथा सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से बचने का संकल्प लिया।
- सीडीओ के औचक निरीक्षण में संस्कृत महाविद्यालय की खुली पोल, कुर्सी पर सोता मिला कर्मचारी, जांच के आदेश सीडीओ के औचक निरीक्षण में संस्कृत महाविद्यालय की खुली पोल, कुर्सी पर सोता मिला कर्मचारी, जांच के आदेश1
- बरवा–पिड़रा लिंक रोड की बदहाली से राहगीर परेशान, पुल की टूटी रेलिंग बनी हादसे का कारण सुकरौली, कुशीनगर। विकासखंड सुकरौली क्षेत्र के बरवा चौराहा से करौली लिंक रोड को जोड़ने वाली पिड़रा मार्ग की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। पिड़रा गांव से होकर बरवा नहर रोड को जोड़ने वाला यह मार्ग आगे राष्ट्रीय राजमार्ग से भी जुड़ता है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन और ग्रामीणों का आवागमन होता है। लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण मार्ग जगह-जगह उखड़ गया है। गहरे गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ सड़क के कारण दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली बच्चों, किसानों और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। स्थानीय ग्रामीण अर्जुन, शैलेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि सड़क की जर्जर स्थिति की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई सुधार कार्य शुरू नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है, इसके बावजूद विभाग द्वारा इसकी अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने मार्ग पर बने पुल की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। पुल की दोनों ओर लगी सुरक्षा रेलिंग टूट चुकी है, जिससे पुल से गुजरने वाले वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। पुल की ऊंचाई अधिक होने के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा पुल की टूटी हुई रेलिंग को शीघ्र दुरुस्त कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।1
- बिजली नहीं तो वोट नहीं -ग्रामीण जनता दो वर्षों से बिजली को तरस रही पोखरभीडा चौहान टोले की जनता-विजय रावत जनता की बिजली न होने की दुर्दशा सुन रोंगटे खड़े हो जा रहे-विजय रावत भाजपा ने प्रदेश की जनता को धोखा दिया-विजय रावत चौबीस घंटे के अंदर निदान नहीं तो ग्रामीण जनता के साथ देंगे धरना धरना -विजय रावत पिछले तीन सालों से ग्रामीण जनता बिजली से परेशान-विजय रावत आज बरहज विधानसभा के भलुअनी ब्लॉक के पोखरभीडा गाँव में चौहान टोले पर बिजली समस्या को लेकर सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया इस दौरान सपा नेता विजय रावत ने कहा की भाजपा की सरकार ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया है जिसकी देन से आज भलुअनी ब्लॉक के पोखरभीडा गाँव के चौहान टोले की जनता भुगत रही हैं अगर चौबीस घंटे के अन्दर यहाँ की बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ यही पर धरना देने का काम करूंगा जो हाल यहाँ की जनता बता रही हैं उसको सुन कर रोंगटे खड़े हो जा रहें हैं ऐसे में यहाँ के बिजली विभाग के अधिकारियों व भाजपा के जनप्रतिनिधियों से कहना चाहता हूँ की आप लोग जनता के सेवक हैं और जनता की सेवा व मदद के लिये जनता ने आपको जनप्रतिनिधि चुना हैं अगर जनता की सेवा नहीं कर पाएंगे तो प्रतिनिधि रहने से कोई फ़ायदा नहीं। इस दौरान मुख्य रूप से अमर नाथ यादव विजय प्रताप चौहान सुदर्शन चौहान लक्ष्मण चौहान पारसनाथ चौहान सीताराम चौहान बेचू चौहान राजेन्द्र चौहान गुड्डू चौहान श्रीकांत चौहान नरेन्द्र चौहान इत्यादि लोग उपस्थित थे।4
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- भाटपार रानी के ग्राम पंचायत भेड़ापाकड़ मे भारी बरसात से जन जीवन अस्त व्यस्त1
- मां बाप के सपनों पर युवक ने फेरा पानी क्या-क्या सोचते हैं लोग की जब मेरा बेटा बड़ा होगा तो मैं कैसे शादी उसकी धूमधाम से करूंगा लेकिन एक युवक बिना अपने माता-पिता को बताएं की ज्योति से विवाह कर लिया विवाह करने के बाद जैसे ही घर लाया परिवार के पिता हुए नाराज मां बाप के भी कुछ सपने है, उनका भी समाज है, उनके भी अरमान है सम्मान है लेकिन आजकल कुछ युवा अपने मन की ही करते है जिसके कारण मां बाप आहत होते है इस वीडियो में पिता ने सही किया या गलत ये आप लोग बताएं।1
- प्रधान मंत्री सड़क की हुई मरम्त ग्राम पंचायत दनउर भाटपार रानी थाना क्षेत्र का मामला1
- पप्पू यादव अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे तभी उन पर हमला हो गया।पप्पू यादव ख़ुद ही हमलावर से भिड़ गए।1