सोनभद्र जिले के विंढमगंज-कोन मार्ग पर निर्माणाधीन सड़क में कथित अनियमितताओं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते एक कार पलट गई, जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार 22 जून की शाम करीब 6 बजे ओझा पहाड़ी के पास एक टीआईएगो कार (संख्या UP32NC4096) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा पलटी। बताया गया है कि वाहन में किसी कंपनी के प्रचार-प्रसार से संबंधित सामग्री लदी हुई थी। मंगलवार सुबह तक यह वाहन घटनास्थल पर लावारिस हालत में पड़ा मिला, जिसमें न तो चालक था और न ही वाहन मालिक के बारे में कोई जानकारी मिल पाई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माणाधीन सड़क पर भारी मात्रा में गिट्टी बिखरी रहती है और नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जाता, जिससे धूल उड़ती है। इसके कारण वाहन चालकों को सामने का रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी लापरवाही के कारण पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। घटना की सूचना विंढमगंज थाना प्रभारी संतोष सिंह को दी गई है, जिन्होंने वाहन को सुरक्षित निकलवाने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच, सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव और बिखरी गिट्टी को तुरंत हटाने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि यह मार्ग विंढमगंज और कोन को जोड़ने वाला एक प्रमुख रास्ता है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं, और निर्माण में यह लापरवाही उनकी जान को जोखिम में डाल सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
सोनभद्र जिले के विंढमगंज-कोन मार्ग पर निर्माणाधीन सड़क में कथित अनियमितताओं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते एक कार पलट गई, जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। जानकारी के अनुसार, बीते सोमवार 22 जून की शाम करीब 6 बजे ओझा पहाड़ी के पास एक टीआईएगो कार (संख्या UP32NC4096) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा पलटी। बताया गया है कि वाहन में किसी कंपनी के प्रचार-प्रसार से संबंधित सामग्री लदी हुई थी। मंगलवार सुबह तक यह वाहन घटनास्थल पर लावारिस हालत में पड़ा मिला, जिसमें न तो
चालक था और न ही वाहन मालिक के बारे में कोई जानकारी मिल पाई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माणाधीन सड़क पर भारी मात्रा में गिट्टी बिखरी रहती है और नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जाता, जिससे धूल उड़ती है। इसके कारण वाहन चालकों को सामने का रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी लापरवाही के कारण पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। घटना की सूचना विंढमगंज थाना प्रभारी संतोष सिंह को दी गई है, जिन्होंने
वाहन को सुरक्षित निकलवाने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच, सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव और बिखरी गिट्टी को तुरंत हटाने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि यह मार्ग विंढमगंज और कोन को जोड़ने वाला एक प्रमुख रास्ता है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं, और निर्माण में यह लापरवाही उनकी जान को जोखिम में डाल सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
- जनपद सोनभद्र पुलिस और एएनटीएफ लखनऊ यूनिट की एक संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान 06 अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन तस्करों के पास से कुल 08 कुन्तल 684 ग्राम अवैध गांजा भी बरामद किया है। इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा ने दी है।1
- सोनभद्र जिले के विंढमगंज थाना क्षेत्र के पकरी गांव में पिता-पुत्र के बीच हुए विवाद ने एक भयावह रूप ले लिया, जहाँ 52 वर्षीय पिता श्रीनाथ की मृत्यु हो गई। आरोप है कि उनके पुत्र सोनू ने एक डंडे से उन पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसके बाद इलाज के दौरान श्रीनाथ ने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने श्रीनाथ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी पुत्र सोनू को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- गढ़वा में आयोजित एक पीसीसी शिलान्यास कार्यक्रम से कहीं ज़्यादा, इस अवसर पर दिया गया एक बयान सुर्खियों में बना हुआ है। कार्यक्रम के दौरान, वर्तमान विधायक ने पूर्व विधायक की हंसी पर सीधा कटाक्ष किया। यह बयान अब शिलान्यास समारोह की तुलना में अधिक चर्चा का विषय बन गया है।1
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से कम से कम 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर मुख्यमंत्री योगी ने तत्काल संज्ञान लिया और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए। आग बुझाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर अथक प्रयास किए। इस भयावह दृश्य और जनहानि को देखकर, एक माँ-बाप को अपने पुत्र के शोक और वियोग से होने वाले दर्द को भली-भांति समझा जा सकता है।3
- गर्मी के मौसम में दुद्धी के लवकुश पार्क की यात्रा करने का सुझाव दिया गया है। यह पार्क मनमोहक नज़ारों से भरा है, जहाँ आगंतुक आनंद ले सकते हैं। इस भ्रमण के दौरान केदारनाथ मंदिर के दर्शन का भी उल्लेख है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पेयजल संकट से नाराज एक युवक 150 फीट ऊंचे ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया, जिससे क्षेत्र में हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। म्योरपुर थाना क्षेत्र के देवरी गांव में यह घटना करीब तीन घंटे तक चली, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर युवक सुरक्षित नीचे उतर आया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पेयजल समस्या के तत्काल समाधान की मांग उठाई है।1
- भरत तिवारी को 'शहीद भरत भूषण तिवारी' का दर्जा देते हुए, उनके बलिदान पर गहरा आक्रोश और न्याय की प्रबल मांग व्यक्त की गई है। समर्थकों का कहना है कि उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और आरोप लगाया है कि 'गीदड़ों' ने 'शेर' जैसे भरत को घेरने के लिए जाल बिछाया था, और हथियार डालने के बाद भी 'कायरों' ने उन पर पीठ पीछे वार किया, जिससे 'सिस्टम' का असली चेहरा सामने आया। इस घटना को केवल इस्तीफे की मांग तक सीमित न रखकर, 'राष्ट्र जागरण' को ही सच्ची श्रद्धांजलि बताया गया है, और 'देश को नई आज़ादी' दिलाने का संकल्प दोहराया गया है। इस 'बलिदान' की स्मृति में, लोगों से अपील की गई है कि वे भरत तिवारी के नाम की जर्सी पहनकर कार्यालय जाएँ, ताकि अटके हुए काम शायद हो सकें। न्याय के लिए 'कलम कागज' से 'सिस्टम' से लड़ने की बात कही गई है, न कि हिंसा का सहारा लेने की। यह भी दोहराया गया है कि न्याय के लिए अनशन हमेशा से ही एक प्रमुख हथियार रहा है, और इस मांग के साथ 'पूरा बिहार' एकजुट खड़ा है। सचिन मिश्र नामक एक व्यक्ति ने घोषणा की है कि जब तक भरत तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता, वह अनशन पर बैठे रहेंगे, और सरकार को चुनौती देते हुए कहा, 'आओ कितने भरत को मरोगे।।' यह आह्वान सिर्फ प्रतीकात्मक प्रतिक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि 'आत्ममंथन, उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय पुनर्निर्माण' की मांग करता है। संदेश में यह भी जोर दिया गया है कि 'सरकार किसी की भी हो', उसकी कमियों को निडर होकर उजागर करना एक अच्छे नागरिक होने का प्रमाण है और यही सच्ची देशभक्ति है। इसके विपरीत, 'तलवे चाटने वाले' देशभक्त नहीं बल्कि 'दलाल' होते हैं, इस बात पर बल देते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल जी को भी याद किया गया है।1
- सोनभद्र जिले के म्योरपुर थाना क्षेत्र के देवपहरी पहाड़ के पास देवरी गांव में पेयजल संकट से नाराज़ एक युवक करीब 150 फीट ऊंचे ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया। यह घटना गांव में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर विरोध जताने के लिए हुई, जिसके कारण क्षेत्र में हड़कंप मच गया। युवक का आरोप था कि ग्राम प्रधान से कई बार शिकायत के बावजूद भी इस गंभीर समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। उसने मौके पर ग्राम प्रधान को बुलाने और समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने तक टावर से नीचे उतरने से इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रविकांत मिश्रा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, जहां सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ भी जमा हो गई थी। करीब तीन घंटे तक चला यह हाईवोल्टेज ड्रामा तब समाप्त हुआ जब प्रशासन की ओर से पेयजल समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया। रात करीब 8 बजे युवक सुरक्षित टावर से नीचे उतरा, जिसके बाद प्रशासन और ग्रामीणों, दोनों ने राहत की सांस ली।1