मांट: गेहूं खरीद केंद्रों पर बारदाने का संकट, किसान परेशान; शिकायत पर एसडीएम ने किया औचक निरीक्षण मांट (मथुरा): उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुके कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अव्यवस्थाएं किसानों के पसीने छुड़ा रही हैं। मांट क्षेत्र के गेहूं खरीद केंद्रों पर बारदाने (खाली बोरियां) की भारी किल्लत के चलते खरीद प्रक्रिया ठप होने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसडीएम मांट ने केंद्रों का औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। मांट तहसील के विभिन्न केंद्रों पर किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां उन्हें यह कहकर लौटाया जा रहा है कि "बारदाना उपलब्ध नहीं है।" किसानों का कहना है कि एक तरफ मौसम का भरोसा नहीं है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रों पर बारदाना न होने से उनकी कटी हुई फसल खुले आसमान के नीचे पड़ी है। केंद्र प्रभारियों का दावा है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों को मांग भेज दी है, लेकिन पीछे से ही आपूर्ति बाधित है। जब बारदाने की कमी और खरीद न होने की शिकायतें तहसील प्रशासन तक पहुंचीं, तो एसडीएम मांट ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने क्षेत्रीय विपणन केंद्रों और साधन सहकारी समितियों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने स्टॉक रजिस्टर की जांच की और उपलब्ध बारदाने की संख्या का मिलान किया। केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि बारदाने की कमी का बहाना बनाकर किसी भी किसान को परेशान न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बारदाने की मांग है, तो उसे तत्काल मुख्यालय भेजकर सुनिश्चित किया जाए कि खरीद निर्बाध रूप से चले। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया है कि बारदाने की आपूर्ति जल्द ही सुचारू कर दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन किसानों ने पंजीकरण कराया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर टोकन जारी किए जाएं।
मांट: गेहूं खरीद केंद्रों पर बारदाने का संकट, किसान परेशान; शिकायत पर एसडीएम ने किया औचक निरीक्षण मांट (मथुरा): उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुके कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अव्यवस्थाएं किसानों के पसीने छुड़ा रही हैं। मांट क्षेत्र के गेहूं खरीद केंद्रों पर बारदाने (खाली बोरियां) की भारी किल्लत के चलते खरीद प्रक्रिया ठप होने की कगार पर पहुंच गई है। किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एसडीएम मांट ने केंद्रों का औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। मांट तहसील के विभिन्न केंद्रों पर किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां उन्हें यह कहकर लौटाया जा रहा है कि "बारदाना उपलब्ध नहीं है।" किसानों का कहना है कि एक तरफ मौसम का भरोसा नहीं है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रों पर बारदाना न होने से उनकी कटी हुई फसल खुले आसमान के नीचे
पड़ी है। केंद्र प्रभारियों का दावा है कि उन्होंने उच्चाधिकारियों को मांग भेज दी है, लेकिन पीछे से ही आपूर्ति बाधित है। जब बारदाने की कमी और खरीद न होने की शिकायतें तहसील प्रशासन तक पहुंचीं, तो एसडीएम मांट ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने क्षेत्रीय विपणन केंद्रों और साधन सहकारी समितियों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने स्टॉक रजिस्टर की जांच की और उपलब्ध बारदाने की संख्या का मिलान किया। केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि बारदाने की कमी का बहाना बनाकर किसी भी किसान को परेशान न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बारदाने की मांग है, तो उसे तत्काल मुख्यालय भेजकर सुनिश्चित किया जाए कि खरीद निर्बाध रूप से चले। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया है कि बारदाने की आपूर्ति जल्द ही सुचारू कर दी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन किसानों ने पंजीकरण कराया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर टोकन जारी किए जाएं।
- मथुरा में थार का कहर अभी तो इससे भी बड़े हद से होना बाकी है1
- Post by ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)1
- मथुरा जिले के छाता विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसानों के लिए बीमा कंपनियां राहत के बजाय मुसीबत का सबब बनती जा रही हैं। एचडीएफसी बीमा कंपनी (HDFC Insurance) द्वारा किए जा रहे कथित 'सौतेले व्यवहार' और दावों के निपटान में की जा रही लापरवाही को लेकर अब क्षेत्र के किसानों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। कल सोमवार को सभी क्षेत्र के जागरूक किसान भगवत स्वरूप पांडे किसान नेता के नेतृत्व में सुबह 10:00 बजे डीएम मथुरा से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराएंगे। क्षेत्र के जागरूक किसानों का आरोप है कि फसल बर्बादी के बावजूद कंपनी के प्रतिनिधि सर्वे करने नहीं पहुँच रहे हैं ,और न ही दावों का उचित भुगतान किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि:सर्वे में लापरवाही: आपदा के कई दिनों बाद भी अधिकारी खेतों का मुआयना करने नहीं आए।, बीमा कंपनी और राजस्व कर्मी साथ गांठ कर तहसील में ही फर्जी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।सुनवाई का अभाव: कंपनी के हेल्प डेस्क और अधिकारियों से संपर्क करने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। कल कलेक्ट्रेट कूच की तैयारी अपनी मांगों को लेकर जागरूक किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल कल सुबह 10 बजे जिलाधिकारी (DM) महोदय मथुरा से मुलाकात करेगा। किसानों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं का मांग पत्र सौंपेंगे और बीमा कंपनी की कथित 'बेईमानी' पर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। किसान नेता भगवत स्वरूप पांडे का कहना है "हम किसान पहले ही मौसम की मार से टूट चुके हैं। ऊपर से बीमा कंपनी हमारे हक का पैसा दबाकर बैठी है। अगर प्रशासन ने दखल नहीं दिया, तो हम धरना-प्रदर्शन को मजबूर होंगे2
- मथुरा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है… धार्मिक नगरी Mathura में एक बार फिर ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतरती नजर आई। क्वालिटी चौराहा स्थित Hanuman Mandir के पास लंबा जाम लगा रहा, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम इतना भयंकर था कि लोग काफी देर तक एक ही जगह फंसे रहे। एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं को भी रास्ता बनाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। आए दिन इस चौराहे पर जाम लगना आम बात हो गई है। ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी या तो न के बराबर रही या फिर व्यवस्था को संभालने में नाकाफी साबित हुई। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर कब सुधरेगी मथुरा की यातायात व्यवस्था? क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाल पाएगा या फिर आम लोगों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी? धार्मिक और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण शहर Mathura में इस तरह की अव्यवस्था कहीं न कहीं प्रशासनिक तैयारी पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक मथुरा को जाम की समस्या से राहत मिलती है।1
- महावन तहसील में बिन मां बाप के रह रहे चार अनाथ बच्चों की देखने के लिए प्रशासन ने हर संभव मदद का भरोसा पूर्ति निरीक्षक भी समय-समय पर कर रहे अनाथ बच्चों की मदद1
- कस्बा गोंडा में परशुराम जयंती मनाते हुए..1
- मथुरा जनपद के कोसीकला में नंद गांव रोड स्थित शिव मंदिर सभागार में सती संस्था पांच या प्रचारिणी सभा के तत्व में भगवान परशुराम की जयंती अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर श्रद्धा वा सादगी के साथ मनाई गई1
- Post by ATV INDIA HD (Ajeet chauhan)1