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टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक अप्रत्याशित घटना सामने आई है, जहाँ पहली बार किसी टीम ने 12 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरकर मैच खेला है। यह घटना क्रिकेट के इस प्रारूप के लिए एक अभूतपूर्व पल है, जो अब तक के नियमों और परंपराओं से हटकर है।
BOTAL DIPAK CRICKETER
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक अप्रत्याशित घटना सामने आई है, जहाँ पहली बार किसी टीम ने 12 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरकर मैच खेला है। यह घटना क्रिकेट के इस प्रारूप के लिए एक अभूतपूर्व पल है, जो अब तक के नियमों और परंपराओं से हटकर है।
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- आज पश्चिम चंपारण और उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से जुड़ी सात प्रमुख खबरें सामने आई हैं। पश्चिम चंपारण के बैरिया स्थित हाट सरैया में एक संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया गया है, जहाँ पीड़ित को जहरीली शराब पिलाकर हत्या करने का आरोप लगाया गया है। इसी क्रम में, बेतिया के जीएमसीएच में एक मरीज वेंटिलेटर पर है; उसकी बेटी द्वारा किए गए फेसबुक लाइव के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। विकास संबंधी खबर में, बेतिया नगर निगम ने शहर में 6.43 करोड़ रुपये की लागत से 48 सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण के लिए निविदा जारी की है। वहीं, एक दुखद घटना में, रामगढ़वा में शादी से ठीक पहले दूल्हे की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे विवाह की खुशियां मातम में बदल गईं। सांस्कृतिक पहलू पर, बेरुआरबारी में संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया, जिसके दौरान श्रीराम-सीता विवाह प्रसंग का भावपूर्ण मंचन प्रस्तुत किया गया। यह सभी खबरें पश्चिम चंपारण की ताजा राजनीतिक, प्रशासनिक और विकास संबंधी जानकारी को दर्शाती हैं, और साथ ही उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की प्रमुख और बड़ी घटनाओं को भी एक साथ उजागर करती हैं।1
- पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व क्षेत्र से सटे सहोदरा थाना क्षेत्र के श्रीनगर गांव में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गुरुवार की रात एक बाघ ने गांव के समीप खेत में चर रही नीलगाय को अपना शिकार बना लिया। ग्रामीणों के अनुसार, बाघ ने दिनेश महतो के घर के सामने स्थित हल्दी के खेत से नीलगाय पर हमला किया और उसे मारने के बाद करीब 500 मीटर दूर तक घसीटकर ले गया। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीणों ने खेत और आसपास के इलाके में खून के निशान तथा नीलगाय के अवशेष देखे, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना मंगूराहा वनप्रक्षेत्र की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पंजों के निशानों के आधार पर वन अधिकारियों ने बाघ द्वारा शिकार किए जाने की पुष्टि की है। वन विभाग का मानना है कि बाघ अपने शिकार को खाने के लिए दोबारा उसी स्थान पर लौट सकता है। इसी आशंका को देखते हुए विभाग ने शिकार वाले क्षेत्र के आसपास लोगों के आने-जाने पर रोक लगाने के साथ ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। वनकर्मी लगातार इलाके की निगरानी कर रहे हैं और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ट्रैकिंग अभियान चला रहे हैं। इस घटना के बाद श्रीनगर और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों को रात के समय घरों से बाहर नहीं निकलने तथा खेतों और जंगल की ओर अकेले जाने से बचने की सलाह दी गई है। वन विभाग ने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या बाघ की मौजूदगी की सूचना तुरंत विभाग को देने का अनुरोध किया है।1
- टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक अप्रत्याशित घटना सामने आई है, जहाँ पहली बार किसी टीम ने 12 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरकर मैच खेला है। यह घटना क्रिकेट के इस प्रारूप के लिए एक अभूतपूर्व पल है, जो अब तक के नियमों और परंपराओं से हटकर है।1
- बिहार के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के सरिसवा पंचायत के भरवलिया वार्ड संख्या-6 में गुरुवार को एक शादी समारोह की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। जिस घर में शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां चीख-पुकार मच गई, जब विवाह के लिए मंडप में बैठे दूल्हे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, स्वर्गीय जगदीश शर्मा के 25 वर्षीय पुत्र शक्तिनाथ शर्मा की बारात पूर्वी चंपारण जिले के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के चिकनी गांव पहुंची थी। यहां संतोष शर्मा की पुत्री रघुनी कुमारी के साथ रामगढ़वा के जानकी मंदिर में विवाह संपन्न होना था। दूल्हा-दुल्हन शादी के जोड़े में मंडप में बैठ चुके थे और सात फेरों की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक शक्तिनाथ के पेट में तेज दर्द उठा। परिजन उसे तत्काल एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर स्थिति के चलते उसे रक्सौल स्थित एसआरपीएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद शक्तिनाथ को मृत घोषित कर दिया। दूल्हे की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। दुल्हन के हाथों की मेहंदी अधूरी रह गई और विदाई की जगह दूल्हे का शव घर लाया गया। गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, जिसने इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। मृतक के बड़े भाई कर्मा शर्मा ने बताया कि शक्तिनाथ तीन भाइयों में सबसे छोटा था, और उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। सदमे में डूबे परिजनों को अब भी इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा है कि शक्तिनाथ उन्हें छोड़कर चला गया है। इस घटना से 'सात फेरे से पहले जीवन का दीप बुझ गया' और 'मंडप से दूल्हे की अर्थी उठी', दुल्हन के हाथों की मेहंदी अधूरी रह गई।4
- भारत और आयरलैंड के बीच हुए मैच को लेकर एक सवाल उठाया गया है। सोशल मीडिया पर #INDvsIRE और #TeamIndia से जुड़ी चर्चा के बीच, वैभव सूर्यवंशी के संदर्भ में इस मुकाबले में क्या हुआ, इसकी जानकारी माँगी जा रही है।1
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- भरत तिवारी को अपनी हार का सामना इसलिए करना पड़ा, क्योंकि उन्हें अपने ही लोगों से संघर्ष करना था।1
- पश्चिम चंपारण के बगहा से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की जान चली गई। चौतरवा थाना क्षेत्र के चौबरिया गांव वार्ड संख्या-11 निवासी भिखारी साह गोड़ के 30 वर्षीय पुत्र नन्हू साह गोड़ और 28 वर्षीय सन्नू साह गोड़ सिसवा में अपना नया घर बनवा रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे निर्माण कार्य के दौरान बीम में लगी लोहे की सरिया को सीधा करते समय वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गई। सरिया के संपर्क में आते ही सबसे पहले सन्नू साह करंट की चपेट में आ गए। छोटे भाई को बचाने के लिए नन्हू साह दौड़े, लेकिन वे भी तेज करंट की गिरफ्त में आ गए और दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन तत्काल दोनों को बगहा अनुमंडलीय अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जीएमसीएच बेतिया रेफर किया गया। हालांकि, बेहतर इलाज के लिए ले जाने के दौरान रास्ते में ही दोनों भाइयों ने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे परिवार की खुशियाँ छीन लीं। नन्हू साह अपने पीछे पत्नी और पाँच वर्षीय पुत्र आदित्य को छोड़ गए हैं, जबकि सन्नू साह के परिवार में पत्नी के साथ एक दो वर्षीय बेटा, एक तीन वर्षीय बेटी और आठ माह की एक मासूम बच्ची है। एक ही परिवार के दो जवान बेटों की मौत से घर में चीख-पुकार मची हुई है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर हाईटेंशन बिजली लाइनों के पास निर्माण कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को उजागर किया है, क्योंकि एक पल की चूक ने दो भाइयों की जिंदगी छीन ली और पीछे अपनों के लिए कभी न भरने वाला दर्द छोड़ गई।1