कटनी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सक्रिय अंतरराज्यीय उड़ाईगिरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पिछले कई महीनों से तीनों राज्यों के 15 से अधिक जिलों में बैंक, एटीएम और भीड़भाड़ वाले बाजारों के बाहर लोगों को निशाना बनाकर नकदी से भरे बैग और वाहनों की डिग्गी से रुपए उड़ाने की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने गिरोह के दो शातिर मास्टरमाइंड आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक बाइक भी जब्त की है। इस पूरे मामले की शुरुआत 19 मई 2026 को हुई थी, जब अमरपाटन सहकारी बैंक से ₹50,000 निकालकर जा रहे एक व्यक्ति की स्कूटी की डिग्गी से रकम चोरी हो गई थी। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बैंक और आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुँचने में सफलता पाई। जाँच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद पेशेवर तरीके से वारदात करता था: गिरोह का एक सदस्य बैंक के अंदर ग्राहकों पर नज़र रखता था, और जैसे ही कोई व्यक्ति बड़ी रकम निकालता, दूसरा सदस्य उसका पीछा करता। मौका मिलते ही वे वाहन की डिग्गी तोड़कर या ध्यान भटकाकर नकदी लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने अनूपपुर निवासी सुमित सिसोदिया और संजय सिसोदिया को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और और ओडिशा के कई जिलों में ऐसी वारदातें करने की बात स्वीकार की है। इन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में 50 से अधिक आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। गिरोह ने कटनी, सतना, नरसिंहपुर, डिंडोरी, पन्ना, रीवा, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, खंडवा, छिंदवाड़ा, मंडला, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और ओडिशा के संबलपुर सहित कई जिलों में ₹40 लाख से अधिक की चोरी और उड़ाईगिरी की वारदातों को अंजाम दिया था। कटनी पुलिस अब आरोपियों से बरामद रकम, उनके अन्य साथियों और वारदातों में उपयोग किए गए नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जिन जिलों में इनके खिलाफ मामले दर्ज हैं, वहाँ की पुलिस से भी समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कटनी पुलिस द्वारा इस जटिल और चुनौतीपूर्ण मामले का खुलासा करना अंतरराज्यीय अपराध पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है। इस कार्रवाई में संयुक्त पुलिस टीम, तकनीकी टीम और संबंधित थाना प्रभारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, और इसे तीन राज्यों में सक्रिय संगठित अपराध के खिलाफ एक प्रभावी कार्रवाई बताया जा रहा है।
कटनी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सक्रिय अंतरराज्यीय उड़ाईगिरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पिछले कई महीनों से तीनों राज्यों के 15 से अधिक जिलों में बैंक, एटीएम और भीड़भाड़ वाले बाजारों के बाहर लोगों को निशाना बनाकर नकदी से भरे बैग और वाहनों की डिग्गी से रुपए उड़ाने की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने गिरोह के दो शातिर मास्टरमाइंड आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक बाइक भी जब्त की है। इस पूरे मामले की शुरुआत 19 मई 2026 को हुई थी, जब अमरपाटन सहकारी बैंक से ₹50,000 निकालकर जा रहे एक व्यक्ति की स्कूटी की डिग्गी से रकम चोरी हो गई थी। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बैंक और आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुँचने में सफलता पाई। जाँच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद पेशेवर तरीके से वारदात करता था: गिरोह का एक सदस्य बैंक के अंदर ग्राहकों पर नज़र रखता था, और जैसे ही कोई व्यक्ति बड़ी रकम निकालता, दूसरा सदस्य उसका पीछा करता। मौका मिलते ही वे वाहन की डिग्गी तोड़कर या ध्यान भटकाकर नकदी लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस ने अनूपपुर निवासी सुमित सिसोदिया और संजय सिसोदिया को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और और ओडिशा के कई जिलों में ऐसी वारदातें करने की बात स्वीकार की है। इन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में 50 से अधिक आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। गिरोह ने कटनी, सतना, नरसिंहपुर, डिंडोरी, पन्ना, रीवा, जबलपुर, उमरिया, शहडोल, खंडवा, छिंदवाड़ा, मंडला, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और ओडिशा के संबलपुर सहित कई जिलों में ₹40 लाख से अधिक की चोरी और उड़ाईगिरी की वारदातों को अंजाम दिया था। कटनी पुलिस अब आरोपियों से बरामद रकम, उनके अन्य साथियों और वारदातों में उपयोग किए गए नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जिन जिलों में इनके खिलाफ मामले दर्ज हैं, वहाँ की पुलिस से भी समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कटनी पुलिस द्वारा इस जटिल और चुनौतीपूर्ण मामले का खुलासा करना अंतरराज्यीय अपराध पर एक बड़ी चोट मानी जा रही है। इस कार्रवाई में संयुक्त पुलिस टीम, तकनीकी टीम और संबंधित थाना प्रभारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, और इसे तीन राज्यों में सक्रिय संगठित अपराध के खिलाफ एक प्रभावी कार्रवाई बताया जा रहा है।
- विजयराघवगढ़ के वार्ड क्रमांक 03 में एक महिला के साथ कथित तौर पर तीन लोगों द्वारा मारपीट किए जाने और उसे जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि तीनों आरोपियों ने एकजुट होकर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, मारपीट की और उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद क्षेत्र में व्यापक चर्चा का माहौल है। पीड़ित पक्ष ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में शीघ्र कार्रवाई होने से कानून व्यवस्था पर जनता का विश्वास मजबूत होता है। फिलहाल, पुलिस द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- नगर पालिका की अनदेखी के कारण मोहल्ला वासियों और ग्राम वासियों को पिछले चार दिनों से लगातार समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बताया गया है कि इन समस्याओं पर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते मोहल्ले में पूरा पानी भरा हुआ है। निवासियों ने अधिकारियों से पानी की निकासी के लिए नाली बनवाने का निवेदन किया है। इस गंभीर स्थिति को लेकर एसडीएम साहब, तहसीलदार साहब और सीएमओ साहब से विशेष रूप से अपील की गई है। उनसे अनुरोध किया गया है कि वे स्वयं टीचिंग ग्राउंड में आकर स्थिति का जायजा लें और तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें ताकि स्थानीय लोगों की परेशानी दूर हो सके।2
- जानकारी के मुताबिक, प्रशांत पाठक को नगरपालिका उपाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है।1
- दलित बस्तियों में जहरीले जानवरों से मौत का गंभीर खतरा बना हुआ है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि आखिर इन लोगों को इतनी बड़ी मुसीबत और संकट क्यों झेलना पड़ता है।1
- आज 08 जुलाई को जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ से भक्तों के लिए संध्याकालीन अलौकिक दर्शन उपलब्ध कराए गए हैं।2
- कटनी जिले की रीठी थाना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर एक अपहृत युवती को सकुशल बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस अपहरण के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को इंदौर से गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है। यह कार्रवाई कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य अपहृत बालक-बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब करना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और उप पुलिस अधीक्षक रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में रीठी थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस के अनुसार, प्रार्थी ने रीठी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पुत्री को दो अज्ञात व्यक्ति एक बोलेरो वाहन में जबरन बैठाकर ले गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपहरण की धारा 87 BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली सूचनाओं और लगातार की गई गहन पड़ताल के आधार पर रीठी पुलिस की टीम इंदौर पहुंची। यहीं से पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और अपहृत युवती को भी सकुशल बरामद कर सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद खान, उप निरीक्षक दिनेश चौहान, प्रधान आरक्षक राम पाठक, आरक्षक अनूप सिंह और आरक्षक अमन सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। रीठी पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई से आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और भी मजबूत हुआ है।1
- जिले में लगातार हो रही वर्षा और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, कलेक्टर श्री प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर तहसीलदार उमेश तिवारी ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र स्थित कोटा पुल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य पुल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना था। निरीक्षण के दौरान, तहसीलदार उमेश तिवारी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को तत्काल पुल पर आवश्यक बैरिकेडिंग और चेतावनी संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। साथ ही, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित कर्मचारियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने की ड्यूटी पर लगाया गया है। तहसीलदार ने आमजन से अपील की है कि पुल पर पानी आने की स्थिति में किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं और पुल पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। तहसीलदार उमेश तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं, जिससे प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है।2