*कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता:-जिलाधिकारी *सफाई, चिकित्सा, पार्किंग, कैमरा, लाइट एवं यातायात व अन्य सभी व्यवस्थायें समय से पूरी करने के निर्देश:-जिलाधिकारी* जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार आगामी कजरीतीज पर्व को सकुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रमुख शिवालयों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर गोण्डा जितेंद्र गौतम तथा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तथा पृथ्वीनाथ मंदिर, खरगूपुर पहुंचकर मंदिर प्रांगण एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, आवागमन, सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कजरीतीज पर्व के दौरान शिवालयों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों एवं शिवालयों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरयू घाट करनैलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर खरगूपुर तथा सरयू घाट करनैलगंज से दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तक मार्ग के किनारे विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं रूट डायवर्जन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। साथ ही पर्याप्त संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैम्प स्थापित करने, पर्याप्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर व्यवस्थित करने तथा प्रमुख स्थानों पर कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, यातायात व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कजरीतीज जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता कदापि क्षम्य नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना है।
*कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता:-जिलाधिकारी *सफाई, चिकित्सा, पार्किंग, कैमरा, लाइट एवं यातायात व अन्य सभी व्यवस्थायें समय से पूरी करने के निर्देश:-जिलाधिकारी* जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार आगामी कजरीतीज पर्व को सकुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रमुख शिवालयों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर गोण्डा जितेंद्र गौतम तथा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य सभी
संबंधित विभागों के अधिकारियों ने दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तथा पृथ्वीनाथ मंदिर, खरगूपुर पहुंचकर मंदिर प्रांगण एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, आवागमन, सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कजरीतीज पर्व के दौरान शिवालयों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों एवं शिवालयों में पहुंचने की
संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरयू घाट करनैलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर खरगूपुर तथा सरयू घाट करनैलगंज से दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तक मार्ग के किनारे विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं रूट डायवर्जन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। साथ ही पर्याप्त संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैम्प स्थापित करने, पर्याप्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर व्यवस्थित करने तथा प्रमुख स्थानों
पर कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, यातायात व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कजरीतीज जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता कदापि क्षम्य नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना है।
- नेपाल में पहाड़ से टूटी विशाल चट्टान बस पर गिरी, टला बड़ा हादसा; बाल-बाल बचे यात्री नेपाल के बाजुरा जिले से एक बेहद भयावह हादसे का वीडियो सामने आया है, जिसने एक बार फिर दिखा दिया कि प्रकृति की ताकत के सामने इंसान कितना बेबस है। बाजुरा स्थित जगन्नाथ ग्रामीण नगरपालिका-5 के भुकाह खोला क्षेत्र में पहाड़ से अचानक एक विशाल चट्टान टूटकर नीचे आ गिरी। बताया जा रहा है कि चट्टान सीधे मिड वेस्टर्न ट्रांसपोर्ट की एक बस पर जा गिरी। चट्टान के बस से टकराते ही जोरदार impact हुआ और बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की भयावहता देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर उस समय बस के आसपास यात्री मौजूद होते, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। गनीमत रही कि यात्री समय रहते वहां से हट गए और एक बड़ा जनहानि का हादसा टल गया। कुछ ही पलों का अंतर कई लोगों की जिंदगी और मौत के बीच का फर्क बन सकता था। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश, भूस्खलन और चट्टानों के खिसकने की घटनाएं यात्रियों के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं। ऐसे इलाकों से गुजरते समय प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना और खतरे वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचना बेहद जरूरी है। यह घटना उस कड़वी सच्चाई की याद दिलाती है कि सड़कें, वाहन और इंसानी तकनीक चाहे कितनी भी मजबूत क्यों न हों, प्राकृतिक आपदा के सामने उनकी सीमाएं बेहद छोटी हैं। सौभाग्य से इस हादसे में बड़ा जनहानि होने से बच गई। लेकिन बस की हालत देखकर हादसे की भयावहता का अंदाजा साफ लगाया जा सकता है। प्रकृति का सम्मान करें, सावधान रहें और पहाड़ी इलाकों में खतरे के संकेतों को नजरअंदाज न करें। #नेपाल #बाजुरा #नेपालहादसा #भूस्खलन #चट्टानगिरी #बसहादसा #NepalNews #Bajura #Landslide #NepalFlood #NaturalDisaster #BreakingNews #नेपालत्रासदी #प्राकृतिकआपदा #सावधान #नेपालसमाचार1
- सड़क दुर्घटना में पी एस सी सुरक्षा की गाड़ी से महिला दांपत्य गंभीर रूप से घायल, घायल को तत्काल जिला चिकित्सालय उपचार हेतु भेजा गया बिपिन पांडेय पत्रकार लोकेशन अयोध्या अयोध्या थाना पूरा कलंदर क्षेत्र अंतर्गत सड़क दुर्घटना में पी ऐ सी की गाड़ी से महिला दंपत्ति गंभीर रूप से घायल हत्या के घटना स्थल कंदैला जा रही थी ड्यूटी पर जवानों को छोड़ने जा रही थी पी ऐ सी वाहन बुधवार रात्रि लगभग 8.30 का मामला पूराकलंदर के बरवा के पास हुआ दुर्घटना दंपति हुए घायल आनन फानन में प्राइवेट वाहन से भेजा गया अस्पताल1
- *ब्रेकिंग।* *सरयू में नहाने गए दादा-नाती डूबे, मचा हड़कंप।* *रूदौली अयोध्या।* रुदौली क्षेत्र के तराई गांव परसैया के सामने सरयू नदी में बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बड़ा हादसा हो गया। नदी में भैंस नहलाने गए 60 वर्षीय जगराम और उनका नाती शिवा पुत्र भाईलाल अचानक गहरे पानी में डूब गए। सूचना मिलते ही एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता, सीओ अरविंद सोनकर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से सरयू में दोनों की तलाश जारी है। फिलहाल दोनों का कोई पता नहीं चल पाया है।सरयू के बढ़ते जलस्तर के बीच हुए हादसे से गांव में मचा हड़कंप।1
- अयोध्या: रुदौली में बाढ़ का कहर, नाती को बचाने उतरे नाना भी डूबे, SDRF का रेस्क्यू जारी अयोध्या: रुदौली में बाढ़ का कहर, नाती को बचाने उतरे नाना भी डूबे, SDRF का रेस्क्यू जारी अयोध्या के रुदौली तहसील क्षेत्र के पसैया गांव में बाढ़ का पानी एक परिवार की खुशियां निगल गया। करीब 60 वर्षीय जगराम कोरी अपने लगभग 17 वर्षीय नाती शिवा कोरी के साथ भैंस को पानी पिलाने गए थे। इसी दौरान शिवा अचानक गहरे पानी में डूबने लगा। नाती को डूबता देख जगराम ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए गहरे पानी में छलांग लगा दी। लेकिन दुर्भाग्य से दोनों ही गहरे पानी में समा गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। सूचना पर सीओ रुदौली अरविंद सोनकर और एसडीएम विनोद गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद SDRF की टीम ने मोर्चा संभालते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नदी और बाढ़ के पानी में लगातार नाना-नाती की तलाश की जा रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल सका था। बाढ़ से संपर्क मार्ग भी जलमग्न वहीं लगातार बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। दो गांवों को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पानी में डूब गया है। मंहगू पुरवा संपर्क मार्ग भी पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। ग्रामीणों और बच्चों को इसी गहरे पानी से होकर आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग को ऊंचा कराने और बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। फिलहाल SDRF की टीम नाना-नाती की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। हादसे के बाद पूरे पसैया गांव में शोक और दहशत का माहौल है।4
- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की मासिक किसान पंचायत बुधवार को ब्लॉक मुख्यालय सोहावल में हुई। पंचायत के बाद किसानों की समस्याओं से संबंधित सात सूत्रीय ज्ञापन खंड विकास अधिकारी के प्रतिनिधि एवं अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी संदीप कुमार श्रीवास्तव और अतुल कुमार पांडे को सौंपा गया।पंचायत की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम शंकर वर्मा ने की, जबकि संचालन प्रदेश सचिव फरीद अहमद ने किया। किसानों ने सोहावल ब्लॉक की 56 ग्राम सभाओं में छुट्टा पशुओं और हिंसक सांडों से फसलों को हो रहे नुकसान तथा ग्रामीणों के घायल होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।इसके अलावा हर घर जल योजना के तहत खोदी गई सड़कों की मरम्मत, आगेथुआ में खड़ंजा व नाली निर्माण, रुकी वृद्धा, विधवा व दिव्यांग पेंशन चालू कराने, लाखोरी माजरा सफीपुर में जल निकासी की व्यवस्था तथा मंगलसी में कुएं-तालाब की अधूरी सफाई पूरी कराने की मांग की गई।भाकियू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि अगली पंचायत तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। पंचायत में जवाहरलाल तिवारी, राजू निषाद, मंगरू राम, रामनेवल, रामदीन, डॉक्टर आसमा निशा, लाजवंती, लालमती, मालती देवी, जनकलली ,और मणि देवी समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे1
- सरयू में नहाने गए दादा-नाती डूबे, मचा हड़कंप, गोताखोरों की मदद से सरयू में दोनों की तलाश जारी है। रूदौली अयोध्या। रुदौली क्षेत्र के तराई गांव परसैया के सामने सरयू नदी में बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बड़ा हादसा हो गया। नदी में भैंस नहलाने गए 60 वर्षीय जगराम और उनका नाती शिवा पुत्र भाईलाल अचानक गहरे पानी में डूब गए। सूचना मिलते ही एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता, सीओ अरविंद सोनकर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों की मदद से सरयू में दोनों की तलाश जारी है। फिलहाल दोनों का कोई पता नहीं चल पाया है।सरयू के बढ़ते जलस्तर के बीच हुए हादसे से गांव में मचा हड़कंप।1
- कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण* *कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण* *श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता:-जिलाधिकारी* *सफाई, चिकित्सा, पार्किंग, कैमरा, लाइट एवं यातायात व अन्य सभी व्यवस्थायें समय से पूरी करने के निर्देश:-जिलाधिकारी* *गोण्डा *। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार आगामी कजरीतीज पर्व को सकुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रमुख शिवालयों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर गोण्डा जितेंद्र गौतम तथा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तथा पृथ्वीनाथ मंदिर, खरगूपुर पहुंचकर मंदिर प्रांगण एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, आवागमन, सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कजरीतीज पर्व के दौरान शिवालयों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों एवं शिवालयों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरयू घाट करनैलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर खरगूपुर तथा सरयू घाट करनैलगंज से दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तक मार्ग के किनारे विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं रूट डायवर्जन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। साथ ही पर्याप्त संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैम्प स्थापित करने, पर्याप्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर व्यवस्थित करने तथा प्रमुख स्थानों पर कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, यातायात व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कजरीतीज जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता कदापि क्षम्य नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना है।4
- नेपाल बाढ़ त्रासदी का खौफनाक मंजर: मलबे में दबे शवों की तलाश, आसमान में मंडरा रहे गिद्ध-कौए नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद तबाही का मंजर बेहद भयावह बना हुआ है। कई इलाकों में बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि नदी के साथ बहकर आए मलबे और गाद के नीचे दबे शवों की तलाश लगातार जारी है। कई प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से मलबे के नीचे दबे शवों के कारण दुर्गंध फैलने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच आसमान में गिद्ध, चील और कौओं का मंडराना भी दिखाई दे रहा है। यह दृश्य इस प्राकृतिक आपदा की भयावहता और राहत-बचाव टीमों के सामने मौजूद चुनौती को दर्शाता है। बाढ़ ने नेपाल के कई हिस्सों में घरों, सड़कों, पुलों और बस्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। जहां कभी लोगों की आवाजाही और जीवन की हलचल थी, वहां अब मलबे का ढेर और अपनों की तलाश में भटकते परिवार नजर आ रहे हैं। हालांकि, लापता लोगों और मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, इसलिए किसी भी संख्या की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से किए बिना नहीं की जानी चाहिए। राहत एवं बचाव दल कठिन परिस्थितियों में मलबा हटाकर संभावित जीवित लोगों और शवों की तलाश में जुटे हैं। नेपाल की यह त्रासदी सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के लिए अपनों को खोने और उनके लौटने की उम्मीद के बीच चल रहा बेहद दर्दनाक संघर्ष है। नेपाल के लिए प्रार्थना करें। ईश्वर सभी लापता लोगों को सुरक्षित वापस लाए और दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे। #NepalFlood #NepalDisaster #NepalTragedy #नेपालबाढ़ #नेपालत्रासदी #नेपालजलप्रलय #NepalFloods #FloodRescue #RescueOperation #NepalNews #PrayForNepal #StandWithNepal #नेपाल #प्राकृतिकआपदा #बाढ़त्रासदी1
- संत का चोला, रिश्तों पर सवाल: अयोध्या के कथावाचक देवेंद्र पाठक पर विवाह के गंभीर आरोप, कथावाचक ने दिया स्पष्टीकरण संत का चोला, रिश्तों पर सवाल: अयोध्या के कथावाचक देवेंद्र पाठक पर विवाह के गंभीर आरोप, कथावाचक ने दिया स्पष्टीकरण अयोध्या, रामनगरी अयोध्या में संत भेषधारी एक कथावाचक को लेकर उस समय सनसनी फैल गई, जब इलाहाबाद निवासी एक महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देवेंद्र पाठक पर शादी और धोखे के गंभीर आरोप लगाए। महिला का दावा है कि उसने वर्ष 2014 में देवेंद्र पाठक से विवाह किया था और दोनों से एक बेटा भी है। विवाह के बाद दूसरी महिला के साथ रहने का आरोप पीड़िता का आरोप है कि वैवाहिक संबंध होने के बावजूद देवेंद्र पाठक वर्तमान में एक अन्य महिला के साथ रह रहे हैं। महिला ने अपने दावों को सार्वजनिक करते हुए कहा कि कथावाचक की संत वाली छवि के पीछे वैवाहिक जीवन से जुड़ा गंभीर विवाद छिपा है। महिला ने बताया कि उसने मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ-साथ अयोध्या के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।महिला ने यह भी दावा किया है कि देवेंद्र पाठक पर पूर्व में यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लग चुके हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। कथावाचक ने आरोपों को बताया निराधार वहीं महिला के आरोपों पर कथावाचक देवेंद्र पाठक ने टेलीफोन वार्ता के दौरान स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने आरोपों को गलत और निराधार बताते हुए कहा कि 2016 से पारिवारिक विवाद न्यायालय में लंबित है और इलाहाबाद न्यायालय में तीन अलग-अलग पारिवारिक वाद चल रहे हैं। उनका कहना है कि महिला ने छवि धूमिल करने की मानसिकता से आरोप लगाए हैं।देवेंद्र पाठक ने कहा कि महिला ने स्वयं कोर्ट में वाद दायर किया है, तो उसे फैसले की प्रतीक्षा करनी चाहिए। कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उसका आदर और पालन किया जाएगा। जांच के बाद ही खुलेगी सच्चाई अब बड़ा सवाल यह है कि क्या 2014 में वास्तव में विवाह हुआ था? क्या दोनों की संतान है? और यदि महिला के आरोप सही हैं, तो वैवाहिक संबंध के बावजूद दूसरी महिला के साथ रहने के आरोपों की हकीकत क्या है? महिला की शिकायत और कथावाचक के स्पष्टीकरण के बाद अब निगाहें प्रशासनिक जांच और न्यायालय के फैसले पर टिक गई हैं।2