कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण* *कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण* *श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता:-जिलाधिकारी* *सफाई, चिकित्सा, पार्किंग, कैमरा, लाइट एवं यातायात व अन्य सभी व्यवस्थायें समय से पूरी करने के निर्देश:-जिलाधिकारी* *गोण्डा *। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार आगामी कजरीतीज पर्व को सकुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रमुख शिवालयों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर गोण्डा जितेंद्र गौतम तथा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तथा पृथ्वीनाथ मंदिर, खरगूपुर पहुंचकर मंदिर प्रांगण एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, आवागमन, सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कजरीतीज पर्व के दौरान शिवालयों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों एवं शिवालयों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरयू घाट करनैलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर खरगूपुर तथा सरयू घाट करनैलगंज से दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तक मार्ग के किनारे विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं रूट डायवर्जन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। साथ ही पर्याप्त संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैम्प स्थापित करने, पर्याप्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर व्यवस्थित करने तथा प्रमुख स्थानों पर कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, यातायात व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कजरीतीज जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता कदापि क्षम्य नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना है।
कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण* *कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण* *श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता:-जिलाधिकारी* *सफाई, चिकित्सा, पार्किंग, कैमरा, लाइट एवं यातायात व अन्य सभी व्यवस्थायें समय से पूरी करने के निर्देश:-जिलाधिकारी* *गोण्डा *। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार आगामी कजरीतीज पर्व को सकुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रमुख शिवालयों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय, नगर मजिस्ट्रेट पंकज
वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर गोण्डा जितेंद्र गौतम तथा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तथा पृथ्वीनाथ मंदिर, खरगूपुर पहुंचकर मंदिर प्रांगण एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, आवागमन, सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कजरीतीज पर्व के दौरान शिवालयों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि बड़ी
संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों एवं शिवालयों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरयू घाट करनैलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर खरगूपुर तथा सरयू घाट करनैलगंज से दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तक मार्ग के किनारे विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं रूट डायवर्जन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। साथ ही पर्याप्त संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैम्प स्थापित करने, पर्याप्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर
व्यवस्थित करने तथा प्रमुख स्थानों पर कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, यातायात व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कजरीतीज जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता कदापि क्षम्य नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना है।
- बाराबंकी को मिली दो नई सौगात: मंत्री रवींद्र जायसवाल ने किया दो उप निबंधक कार्यालयों का लोकार्पण बोले - अब रजिस्ट्री के लिए नहीं भटकना पड़ेगा, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था सरकार का लक्ष्य शशिकांत अवस्थी बाराबंकी। प्रदेश के स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने मंगलवार को जनपद बाराबंकी को बड़ी सौगात दी। उन्होंने नवाबगंज सदर और रामसनेहीघाट के नवनिर्मित, आधुनिक उप निबंधक कार्यालयों का विधिवत लोकार्पण किया। *नवाबगंज में व्यापारियों से सीधा संवाद* अपने तय कार्यक्रम के अनुसार मंत्री रवींद्र जायसवाल दोपहर में नवाबगंज सदर स्थित नवनिर्मित कार्यालय पहुंचे, जहां फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने कार्यालय का गहन निरीक्षण कर टोकन व्यवस्था, प्रतीक्षालय और रिकॉर्ड रूम का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने मौजूद जनप्रतिनिधियों और व्यापारी नेताओं से सीधा संवाद किया। व्यापारियों की समस्याएं सुनते हुए मंत्री ने कहा, "योगी सरकार का स्पष्ट मंत्र है - सुगमता, पारदर्शिता और समयबद्धता। नए भवनों से न केवल काम में तेजी आएगी, बल्कि दलाली प्रथा पर भी पूर्ण विराम लगेगा। आम नागरिक को अब सम्मान के साथ त्वरित रजिस्ट्री की सुविधा मिलेगी।" इस दौरान जिला पंचायत प्रशासक राजरानी रावत, एमएलसी अंगद सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष राम सिंह वर्मा मौजूद रहे। रामसनेहीघाट में दो मंत्रियों ने किया संयुक्त लोकार्पण इसके बाद मंत्री जी का काफिला रामसनेहीघाट पहुंचा, जहां खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों मंत्रियों ने संयुक्त रूप से रामसनेहीघाट के नवनिर्मित उप निबंधक कार्यालय का लोकार्पण किया। लोकार्पण के बाद दोनों मंत्री नगर पंचायत के मिनी स्टेडियम पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आंगनबाड़ी सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण चल रहा था। मंत्रियों ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ बैठकर मुख्यमंत्री का संबोधन सुना। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर मंत्री द्वय ने कहा कि आंगनबाड़ी बहनें सरकार और समाज के बीच की सबसे मजबूत कड़ी हैं, जो पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचा रही हैं।1
- नानपारा की 25 वर्ष पुरानी सब्जी मंडी- कृषि उत्पादन मंडी समिति में स्थानांतरित....... उत्तर प्रदेश,बहराइच - 25 वर्षों से नानपारा के मिहिपुरवा रोड पर संचालित हो रही नानपारा की थोक सब्जी मंडी आखिरकार बुधवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति के नवीन मंडी परिसर में स्थानांतरित हो गई। बुधवार को सब्जी आढ़तियों ने नवीन मंडी स्थल पर बैठकर थोक कारोबार शुरू कर दिया है । सब्जी व्यापारी एवं नेता मुन्ना रायनी ने बताया मंडी शिफ्ट होने पर उन्हें खुशी है परंतु कुछ सुविधाओं का अभाव है दो व्यापारियों के लिए और दुकानें बनाई जाए तथा सभी को चबूतरे आवंटन किया जाए, शकील आढ़ती ने बताया कि नवीन मंडी से वह खुश है कुछ समस्याएं हैं दूर किया जाए, दारा आढ़ती ने कहा कि वह यहां पर व्यापार करके खुश है l *2003 में व्यापारियों के लिए दुकानें बनी फिर क्यों नहीं गए* निजी स्थल पर संचालित होने एवं रोड साइड होने पर लगता था जाम के कारण लोगों को हो रही थी समस्या अनेकों बार लोगों ने अधिकारियों को अवगत कराया प्रशासन की नजर में यह मंडी अवैध थी। मंडी को हटाने के लिए पिछले कई वर्षों से अधिकारियों की ओर से आधा दर्जन से अधिक बार नोटिस, चेतावनी और निर्देश जारी किए गए, लेकिन राजनीतिक पहुंच के चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी और मंडी संचालित होती रही ल *एसडीएम की सख़्ती के कारण हट गई मंडी* वर्तमान एसडीएम नानपारा प्रकाश सिंह ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए मंडी सचिव सचिन कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित तिथि तक निजी स्थल पर अवैध रूप से संचालित सब्जी मंडी को हर हाल में नवीन कृषि मंडी परिसर में शिफ्ट कराया जाए। आठ सितंबर मंगलवार को शिफ्टिंग की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। निर्देश के अनुपालन में मंगलवार सुबह मंडी स्थल पर पुलिस पहुंची और व्यापारियों से तत्काल मंडी शिफ्ट करने को कहा। इसके बाद व्यापारियों ने अपनी सब्जियां और अन्य सामान नवीन कृषि मंडी स्थल, बाईपास मार्ग पर पहुंचाना शुरू कर दिया। बुधवार से यहां विधिवत थोक सब्जी कारोबार शुरू हो गया। *नानपारा में पहले कहां थी मंडी* वर्ष 2000 से पहले नानपारा की थोक सब्जी मंडी गांधी पार्क और आसपास की दुकानों में चला करती थी स्थानीय नागरिकों के विरोध और अव्यवस्था को देखते हुए वर्ष 2000 में इसे वहां से हटाकर मिहिपुरवा रोड पर शिफ्ट किया गया था। *दुकानों का निर्माण का कराया गया फिर भी नहीं गए व्यापारी* अधिकारियों ने कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में सब्जी व्यापारियों के लिए 20 दुकानों का निर्माण वर्ष 2003 में कराया और लाइसेंसधारी मंडी व्यापारियों को इन दुकानों का आवंटन भी कर दिया गया, इसके बावजूद सब्जी आढ़ती नवीन मंडी परिसर में नहीं पहुंचे। व्यापारी आवंटित दुकानों का किराया तो देते रहे, लेकिन थोक कारोबार निजी स्थल से ही करते रहे। वर्ष 2007 में फल मंडी में लगी आग के बाद नानपारा शहर में संचालित फल मंडी में भीषण आग लग गई थी। आग से बड़ी आबादी को नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी और काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने फल आढ़तियों को नवीन कृषि मंडी परिसर में व्यापार करने के निर्देश दिए। फल व्यापारियों ने सब्जी आढ़तियों के लिए बनाए गए चबूतरों पर अपना कारोबार शुरू कर दिया। बाद में फल व्यापारियों का भी आवंटन कर दिया गया।फल आढ़ती तो काम करते रहे परन्तु सब्जी आढ़ती वहां नहीं गए l एसडीएम नानपारा प्रकाश सिंह ने नवीन सब्जी मंडी पहुंचकर सुबह व्यापारियों से मुलाकात की उनकी समस्याएं जानी उन्होंने बताया कि सब्जी विक्रेता काफी समय से बाहर काम कर रहे थे अव्यवस्था थी शिकायतें भी मिलती थी उनकी सुरक्षा एवं अव्यवस्था को देखते हुए उन्हें अपने नियत स्थान मंडी समिति पर लाया गया है मंडी समिति की ओर से उन्हें हर संभव सहयोग किया जाएगा 20 दुकाने बनी थी व्यापारियों ने काम शुरू कर दिया है 10 अन्य व्यापारियों के लिए दुकानें बनाई जा रही हैं lसाफ सफाई, बिजली,पेयजल, और शौचालय के साथ-साथ सुरक्षा के लिए तीन सिक्योरिटी गार्ड उपलब्ध कराए गए हैं l4
- भुरका पहन कर जेंस ने एक बच्चे को उठाया आप लोग सावधान रहो1
- क़ृषि उत्पादन मंडी समिति नानपारा मे पहुंची अवैध सब्जी मंडी आखिर अपने निर्धारित स्थान पर पहुंची सब्जी मंडी विधायक नानपारा और एसडीएम नानपारा के प्रयास से मंडी स्थल पहुंची सब्जी मंडी नानपारा बहराइच आखिरकार विधायक नानपारा रामनिवास वर्मा और एसडीएम नानपारा के प्रयास से लगभग ढाई दशक बाद अपनी इलाट स्थान पर पहुंची सब्जी मंडी मगर पुरे सब्जी वयपारियों को दुकान न मिलने पर उनके अंदर असंतोष भी देखने को मिला ज्ञात हो कि सन 2000 मे सब्जी वयपारियों के वयपार करने के लिए क़ृषि उत्पादन मंडी समिति मे 20 पक्की दुकाने एलाट की गई थी दुकान कम का हवाला देते हुए सब्जी वयपारी मंडी स्थल को छोड़कर निजी सब्जी मंडी बनाकर वयपार करते रहे क़स्बा नानपारा मे भीड़भाड़ वाले इलाके मे सब्जी मंडी होने के कारण प्रतिदिन जाम की समस्या उत्पन्न रहती थी नवागत उपजिलाधिकारी प्रकाश सिंह की तैनाती नानपारा मे होई तो उनको बार बार इसकी मिलने लगी जिसको गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने सख्त आदेश जारी किया कि सब्जी वयपारी अपने निर्धारित स्थान पर आकर ही वयपार करें जिसका असर दिखा और आज क़ृषि उत्पादन मंडी समिति नानपारा मे सब्जी वयपारी कारोबार करने के लिए पहुंच गए है कुछ लोगों के पास जगहे नहीं थी उनको सभापति ने जगह भी एलाट कर दी है फिर भी सब्जी वयपारी अभी भी पर्याप्त जगह नहीं होने की बात कर रहे है एसडीएम नानपारा ने आज मंडी स्थल पहुंच कर निरिक्षण किया और वयपारियों से वार्ता की एसडीएम ने कहा की वयपारियों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी सब्जी वयपारियों ने कहा की शासन प्रशासन का फ़ौसला सर्वमान्य है4
- बाराबंकी के फतेहपुर कटघरा गांव के लगे OYO होटल मा संदिग्ध गतिविधियन के आरोप, पूर्व सभासद ने एसपी से करी शिकायत 🚨 बाराबंकी के फतेहपुर कटघरा गांव के लगे OYO होटल मा संदिग्ध गतिविधियन के आरोप, पूर्व सभासद ने एसपी से करी शिकायत बाराबंकी के फ़तेहपुर-महमूदाबाद नेशनल हाईवे-727 पर कटघरा गांव के लगे चलत एक OYO होटल का मामला अब चर्चा मा आवा है। स्थानीय लोगन का आरोप है कि होटल मा कथित रूप से अनैतिक गतिविधियन का संचालन होइ रहा है। स्थानीय लोगन के मुताबिक, होटल के आसपास संदिग्ध गतिविधियन की जानकारी मिलै के बाद जब कुछ लोग मौके पर पहुंचे, तौ होटल के बाहर से कई स्कूली बच्चन के भागत देखे गवा। इहीं बीच होटल के डस्टबीन मा आपत्तिजनक सामग्री मिलै का भी दावा किया गवा है। मामले का गंभीरता का देखत स्थानीय पूर्व सभासद ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत करी है। शिकायत मा पूरे मामले की जांच कराए जाए अउर अगर आरोप सही मिलैं तौ जिम्मेदार लोगन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करी गई है। स्थानीय लोगन का आरोप है कि होटल कई महीनन से संचालित होइ रहा है अउर पुलिस-प्रशासन की जानकारी के बावजूद गतिविधियन पर रोक नाहीं लगाई गई। लोगन का कहब है कि अगर होटल मा नियम-कानून के खिलाफ कछु गतिविधि चलत है तौ इसका असर आसपास के माहौल अउर युवा पीढ़ी पर पड़ सकत है। अब देखै वाली बात ई है कि पुलिस अउर प्रशासन शिकायत का कितनी गंभीरता से लेत है अउर जांच मा का सच्चाई सामने आवत है। नोट: होटल अउर संबंधित लोगन पर लगाए गए आरोपन की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। #ब्रेकिंगबाराबंकी #बाराबंकी #अवधीखबर #बाराबंकीन्यूज़ #कटघरा #OYOहोटल1
- कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण* *कजरीतीज पर्व की तैयारियों को लेकर दुःख हरण नाथ एवं पृथ्वीनाथ मंदिर का वरिष्ठ अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण* *श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता:-जिलाधिकारी* *सफाई, चिकित्सा, पार्किंग, कैमरा, लाइट एवं यातायात व अन्य सभी व्यवस्थायें समय से पूरी करने के निर्देश:-जिलाधिकारी* *गोण्डा *। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार आगामी कजरीतीज पर्व को सकुशल एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा प्रमुख शिवालयों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। मुख्य विकास अधिकारी दयानन्द प्रसाद, मुख्य राजस्व अधिकारी श्रीमती रिंकी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, उपजिलाधिकारी सदर गोण्डा जितेंद्र गौतम तथा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तथा पृथ्वीनाथ मंदिर, खरगूपुर पहुंचकर मंदिर प्रांगण एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, आवागमन, सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कजरीतीज पर्व के दौरान शिवालयों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों एवं शिवालयों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरयू घाट करनैलगंज से पृथ्वीनाथ मंदिर खरगूपुर तथा सरयू घाट करनैलगंज से दुःख हरण नाथ मंदिर, शहर गोण्डा तक मार्ग के किनारे विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं रूट डायवर्जन की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। साथ ही पर्याप्त संख्या में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैम्प स्थापित करने, पर्याप्त पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर व्यवस्थित करने तथा प्रमुख स्थानों पर कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती, यातायात व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय से पूर्व पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कजरीतीज जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता कदापि क्षम्य नहीं होगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए पर्व को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना है।4
- गाय चोरी के बाद हत्या का आरोप, मां-बेटी समेत तीन गिरफ्तार गाय चोरी कर हत्या का आरोप: 3 गिरफ्तार, 2 फरार #प्रयागराज #हंडिया #गायचोरी #गौकशी #पुलिसकार्रवाई #गिरफ्तारी #अपराध #क्राइम_न्यूज #उत्तरप्रदेश #UPNews #Prayagraj #Handia #CrimeNews #PoliceAction #BreakingNews #LatestNews #NewsUpdate #Fariyadali #fariyadalireport #jantalivetv1
- देखें महादेवा धाम की विशेषता और पूरी न्यूज़ कवरेज barabanki social media 1 देखें महादेवा धाम की विशेषता और पूरी न्यूज़ कवरेज barabanki social media 11
- बाराबंकी के फतेहपुर पुलिस टीम बड़ी कार्रवाई, पाक्सो एक्ट के मामले में वांछित चल आपको बता दें बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र के पपेहरा गांव से सधाई पुरवा खाटू श्याम मंदिर जाने वाले मार्ग पर बारिश के बाद जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है पानी और कीचड़ जमा होने के कारण ग्रामीणों, राहगीरों और मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश होने के बाद रास्ते की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जिससे पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी दिक्कत होती है। ग्रामीणों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होना है। बारिश का पानी निकलने के बजाय सड़क पर ही जमा हो जाता है। पानी लंबे समय तक भरा रहने से सड़क की स्थिति भी खराब होने की आशंका बनी हुई है। कीचड़ के चलते फिसलने का खतरा भी बना रहता है ग्रामीणों ने संबंधी अधिकारियों से जल्द कार्रवाई कर जलभराव की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।1