जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्हें इस जानलेवा लत से दूर रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता ने बताया कि तंबाकू का सेवन आज कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और उच्च रक्तचाप जैसी कई जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुटखा, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद न केवल सेवन करने वाले व्यक्ति को हानि पहुँचाते हैं, बल्कि उनके परिवार और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं, इसलिए स्वस्थ जीवन के लिए तंबाकू से दूरी बनाना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. राजीव दुबे ने युवाओं में बढ़ती तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति को चिंताजनक बताया, कहा कि अक्सर यह शौक या दोस्तों के दबाव में शुरू होती है और अंततः एक गंभीर लत में बदल जाती है। उन्होंने जोर दिया कि तंबाकू छोड़ने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और स्वास्थ्य विभाग ऐसे व्यक्तियों को आवश्यक परामर्श तथा सहायता भी उपलब्ध कराता है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को अपने परिवार और समाज को भी तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. योगेश आर्या, डॉ. पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत और प्रीति सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। अंत में, सभी उपस्थितजनों ने तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन न करने और दूसरों को भी इसके खतरों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली।
जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्हें इस जानलेवा लत से दूर रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.डी. गुप्ता ने बताया कि तंबाकू का सेवन आज कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी और उच्च रक्तचाप जैसी कई जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण बन चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुटखा, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद न केवल सेवन करने वाले व्यक्ति को हानि पहुँचाते हैं, बल्कि उनके परिवार और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं, इसलिए स्वस्थ जीवन के लिए तंबाकू से दूरी बनाना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. राजीव दुबे ने युवाओं में बढ़ती तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति को चिंताजनक बताया, कहा कि अक्सर यह शौक या दोस्तों के दबाव में शुरू होती है और अंततः एक गंभीर लत में बदल जाती है। उन्होंने जोर दिया कि तंबाकू छोड़ने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और परिवार का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और स्वास्थ्य विभाग ऐसे व्यक्तियों को आवश्यक परामर्श तथा सहायता भी उपलब्ध कराता है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को अपने परिवार और समाज को भी तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. योगेश आर्या, डॉ. पी.एन. शर्मा, अवधेश राजपूत और प्रीति सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। अंत में, सभी उपस्थितजनों ने तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन न करने और दूसरों को भी इसके खतरों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली।
- ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय गविष्ठ यात्रा के तहत जालौन नगर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सपा नेता दीपू त्रिपाठी के आवास पर उपस्थिति दी, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य रामेंद्र त्रिपाठी, प्रद्युम्न दीक्षित, हैप्पी त्रिपाठी, अन्ना, समाजसेवी कैलाश वर्मा सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे। शंकराचार्य ने गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने गौ माता को हिंदू समाज की पूजनीय मां बताया, सनातन परंपरा में उनके विशेष महत्व पर जोर दिया, और कहा कि गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। शंकराचार्य ने निरपराध गायों की हत्या और बूचड़खानों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं, और संत समाज सदैव अन्याय व अनीति के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाता रहा है और आगे भी उठाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संतों का दायित्व केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और संस्कृति की रक्षा करना भी उनका परम कर्तव्य है। सनातन संस्कृति के संदर्भ में, शंकराचार्य ने इसके मूल्यों को समझने और सुरक्षित रखने के लिए जनजागरण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वह जागरूक होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाए। अपने ऊपर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि न्यायालय ने उन आरोपों को निराधार माना है, और सत्य कभी भयभीत नहीं होता। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि शंकराचार्य पद से संबंधित मांगे गए सभी आवश्यक प्रमाण निर्धारित समय से पूर्व ही प्रस्तुत कर दिए गए थे। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित सभी लोगों ने शंकराचार्य के विचारों को अत्यंत ध्यानपूर्वक सुना, जिससे आयोजन स्थल पर धार्मिक श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण व्याप्त रहा।1
- जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खैरी में कथित फर्जी सीसी सड़क निर्माण भुगतान का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि क्षेत्र पंचायत द्वारा कागजों में सीसी सड़क निर्माण कार्य दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया है, जबकि मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है। ग्राम खैरी निवासी दीपेश कुमार और कैथी निवासी बीडीसी सदस्य प्रदीप कुमार ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी कोंच को एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वर्ष 2022-23 में "बिरंचीलाल के मकान से खैरापति मंदिर तक सीसी निर्माण" कार्य अभिलेखों में दर्ज किया गया था, जिसकी वर्क आईडी संख्या 3138006/RC/958486255823335301 बताई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य के नाम पर ₹5,61,289 का भुगतान निकाल लिया गया, लेकिन धरातल पर सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और फर्जी भुगतान के माध्यम से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की जांच टीएससी अथवा चीफ टीएससी स्तर से कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।1
- जालौन जिले में ओरई-कोंच क्षेत्र मार्ग पर पड़े हुए पेड़ लोगों की जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं। ये पेड़ विशेष रूप से ओरई गाँव रोड पर पड़े हैं, जिससे लोगों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। सरकार से इन पेड़ों को जल्द से जल्द हटाने का आग्रह किया गया है।1
- जालौन के कुठौंद कस्बे में पत्रकारिता दिवस के अवसर पर जिला ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन द्वारा पंडित श्रवण कुमार द्विवेदी महाविद्यालय परिसर में एक ऐतिहासिक और ऊर्जावान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन में जिले भर से जुटे पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने पत्रकारिता की बदलती दिशा, चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर अपनी बात रखी, जिसमें यह संदेश स्पष्ट रूप से गूंजा कि सच्ची पत्रकारिता ही लोकतंत्र की असली ताकत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रबंधक और दैनिक ग्रामीण सुबह की संपादक सुनीता द्विवेदी ने की, जबकि कालपी विधायक पंडित विनोद चतुर्वेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सालिकराम पांडेय, कुठौंद ब्लॉक प्रमुख रामू द्विवेदी, जिला पंचायत सदस्य राघवेंद्र पांडेय, तथा दैनिक लोक मित्र, दैनिक लोहिया भूमि पंजाब केसरी, दैनिक आज, दैनिक स्वदेश और दैनिक समय जगत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के ब्यूरो चीफ सहित कई प्रमुख हस्तियाँ शामिल रहीं। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि पंडित विनोद चतुर्वेदी ने पत्रकारों को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताया, जो सत्ता को आईना दिखाते हैं और समाज को दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता ही जनता के अधिकारों की सच्ची प्रहरी है, और उन्होंने जनहित के मुद्दों पर पत्रकारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में सुनीता द्विवेदी ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग में फेक न्यूज तथा भ्रामक सूचनाओं के तेजी से फैलने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस दौर में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ने की बात कही और सत्य, निष्पक्षता व सामाजिक सरोकारों से समझौता न करने पर जोर दिया, जिसे उन्होंने पत्रकारिता की असली पहचान बताया। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र श्रीवास्तव ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि जिला अध्यक्ष अंजनी कुमार सोनी ने आयोजन की पूरी कमान संभाली। अंजनी कुमार सोनी ने कहा कि पत्रकारिता दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि पत्रकारों के लिए अपने कर्तव्यों और मूल्यों का आत्ममंथन करने का दिन है। इस गरिमामय अवसर पर एक सौ से अधिक पत्रकार और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिनमें सुरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, मयंक श्रीवास्तव, अनूप मिश्रा, सौरभ पांडेय, जीवन राम यादव, भरत मिश्रा, विनय कुमार, शेखर श्रीवास्तव, भगवान दुबे सहित कई अन्य पत्रकार शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सभी पत्रकारों को सम्मानित किया गया, विशेष रूप से उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों की सराहना की गई, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और गौरव की भावना भर गई। यह आयोजन पत्रकारिता की ताकत, एकता और जिम्मेदारी का जोरदार प्रदर्शन बनकर उभरा, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि कलम की धार कभी दबती नहीं, बल्कि हर हाल में सच को सामने लाती है।4
- गौ माता की रक्षा के संदेश के साथ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद कोंच पहुँचे, जहाँ उनका भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि उनकी 'गविष्टि यात्रा' गौ माता की सुरक्षा के लिए समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है।1
- जालौन जिले के प्रतापपुरा गांव में प्रशासन ने ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटा दिया। इस दौरान मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहा।1
- जनपद जालौन में शनिवार देर शाम आए तेज आंधी-तूफान ने नगर और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में लाखों रुपये का व्यापक नुकसान हुआ, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज आंधी के कारण दुकानों, मकानों, पेट्रोल पंपों, कोल्ड स्टोरेजों और मोबाइल टावरों सहित विभिन्न निर्माणों को भारी क्षति पहुँची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर ई-रिक्शा तक असंतुलित होकर डगमगाते नजर आए, जिससे सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। आंधी के दौरान बड़ी संख्या में विशाल पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। बिजली के खंभे और तार टूटने से कई इलाकों की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। तूफान का असर नगर के प्रमुख झंडा चौराहा पर भी दिखा, जहाँ स्थापित विशाल तिरंगा झंडा भी तेज हवाओं की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस आंधी-तूफान ने कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये का नुकसान पहुँचाया है। इसी के मद्देनजर प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है, और फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।4