जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खैरी में कथित फर्जी सीसी सड़क निर्माण भुगतान का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि क्षेत्र पंचायत द्वारा कागजों में सीसी सड़क निर्माण कार्य दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया है, जबकि मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है। ग्राम खैरी निवासी दीपेश कुमार और कैथी निवासी बीडीसी सदस्य प्रदीप कुमार ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी कोंच को एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वर्ष 2022-23 में "बिरंचीलाल के मकान से खैरापति मंदिर तक सीसी निर्माण" कार्य अभिलेखों में दर्ज किया गया था, जिसकी वर्क आईडी संख्या 3138006/RC/958486255823335301 बताई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य के नाम पर ₹5,61,289 का भुगतान निकाल लिया गया, लेकिन धरातल पर सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और फर्जी भुगतान के माध्यम से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की जांच टीएससी अथवा चीफ टीएससी स्तर से कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खैरी में कथित फर्जी सीसी सड़क निर्माण भुगतान का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि क्षेत्र पंचायत द्वारा कागजों में सीसी सड़क निर्माण कार्य दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया है, जबकि मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है। ग्राम खैरी निवासी दीपेश कुमार और कैथी निवासी बीडीसी सदस्य प्रदीप कुमार ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी कोंच को एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वर्ष 2022-23 में "बिरंचीलाल के मकान से खैरापति मंदिर तक सीसी निर्माण" कार्य अभिलेखों में दर्ज किया गया था, जिसकी वर्क आईडी संख्या 3138006/RC/958486255823335301 बताई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य के नाम पर ₹5,61,289 का भुगतान निकाल लिया गया, लेकिन धरातल पर सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और फर्जी भुगतान के माध्यम से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की जांच टीएससी अथवा चीफ टीएससी स्तर से कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
- जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत खैरी में कथित फर्जी सीसी सड़क निर्माण भुगतान का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि क्षेत्र पंचायत द्वारा कागजों में सीसी सड़क निर्माण कार्य दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया है, जबकि मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ है। ग्राम खैरी निवासी दीपेश कुमार और कैथी निवासी बीडीसी सदस्य प्रदीप कुमार ने इस संबंध में उपजिलाधिकारी कोंच को एक शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वर्ष 2022-23 में "बिरंचीलाल के मकान से खैरापति मंदिर तक सीसी निर्माण" कार्य अभिलेखों में दर्ज किया गया था, जिसकी वर्क आईडी संख्या 3138006/RC/958486255823335301 बताई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य के नाम पर ₹5,61,289 का भुगतान निकाल लिया गया, लेकिन धरातल पर सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और फर्जी भुगतान के माध्यम से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की जांच टीएससी अथवा चीफ टीएससी स्तर से कराने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।1
- जालौन के उरई क्षेत्र स्थित करमेर रोड पर देर रात पुलिस और एक शातिर चोर के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से चोर घायल हो गया। पुलिस को आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद टीम ने उसकी घेराबंदी की। खुद को चारों ओर से घिरा देखकर आरोपी ने पुलिस दल पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। घायल बदमाश को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी पर चोरी समेत नौ से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके पर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।1
- गौ माता की रक्षा के संदेश के साथ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद कोंच पहुँचे, जहाँ उनका भव्य अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि उनकी 'गविष्टि यात्रा' गौ माता की सुरक्षा के लिए समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है।1
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 81 दिवसीय 'गौमाता-राष्ट्रमाता गविष्टि यात्रा' के साथ जालौन जिले के कोंच नगर पहुंचे, जहाँ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान शंकराचार्य ने सरकार से मांग की कि गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं, बल्कि 'गौमाता' के रूप में घोषित किया जाए। उन्होंने सनातन धर्म के लिए 'नकली हिंदुओं' को सबसे बड़ा खतरा बताया और भाजपा, RSS समेत कई मुख्यमंत्रियों के बयानों पर तीखा निशाना साधा। शंकराचार्य ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'वैध बूचड़खाने' संबंधी बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गाय ने कौन सा ऐसा अपराध किया है, जिसके कारण उसे काटा जा रहा है। उन्होंने गौहत्या को रोकने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज से एकजुट होने का आह्वान भी किया।3
- उत्तर प्रदेश में निवेश, विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़े योगी सरकार के मॉडल की चर्चा लगातार बढ़ रही है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश-अनुकूल नीतियों और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब कई अन्य राज्य भी उत्तर प्रदेश की कुछ नीतियों का अध्ययन और उनका अनुसरण कर रहे हैं, जिससे यूपी एक मिसाल के तौर पर उभर रहा है।1
- जालौन जिले के प्रतापपुरा गांव में प्रशासन ने ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटा दिया। इस दौरान मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहा।1
- जनपद जालौन में शनिवार देर शाम आए तेज आंधी-तूफान ने नगर और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम और तेज हवाओं के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में लाखों रुपये का व्यापक नुकसान हुआ, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तेज आंधी के कारण दुकानों, मकानों, पेट्रोल पंपों, कोल्ड स्टोरेजों और मोबाइल टावरों सहित विभिन्न निर्माणों को भारी क्षति पहुँची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर ई-रिक्शा तक असंतुलित होकर डगमगाते नजर आए, जिससे सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। आंधी के दौरान बड़ी संख्या में विशाल पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया। बिजली के खंभे और तार टूटने से कई इलाकों की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई। तूफान का असर नगर के प्रमुख झंडा चौराहा पर भी दिखा, जहाँ स्थापित विशाल तिरंगा झंडा भी तेज हवाओं की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस आंधी-तूफान ने कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये का नुकसान पहुँचाया है। इसी के मद्देनजर प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है, और फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।4