रविवार को मोकामा में कांग्रेस नगर और प्रखंड कमिटी के संयुक्त तत्वावधान में नीट पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के विरोध में एक विशाल 'आक्रोश मार्च' निकाला गया। लगभग डेढ़ दशक बाद मोकामा की सड़कों पर कांग्रेस का यह एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखा गया। शहीद द्वार (पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग) से शुरू हुआ यह मार्च गौशाला रोड होते हुए जयप्रकाश चौक और मोकामा बाजार तक पहुँचा। इसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए, जिन्होंने "कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद", "राहुल गांधी जिंदाबाद", "पेपर लीक बंद करो", "महंगाई कम करो", "बेरोजगारी खत्म करो" और "भ्रष्टाचार बंद करो" जैसे नारे लगाए। मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य, रोजगार, शिक्षा और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीरता से काम करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। मोकामा नगर कांग्रेस एवं प्रखंड कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि शेखर (बल्लू) ने इस मौके पर कहा कि कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों पर आगे भी जनता की आवाज बनकर संघर्ष करती रहेगी, साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार भी व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने दृढ़ता से कहा कि वे इन मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे। पूरे क्षेत्र में कांग्रेस समर्थकों का उत्साह "जय कांग्रेस, विजय कांग्रेस" के नारों के साथ देखने को मिला, जिसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
रविवार को मोकामा में कांग्रेस नगर और प्रखंड कमिटी के संयुक्त तत्वावधान में नीट पेपर लीक, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के विरोध में एक विशाल 'आक्रोश मार्च' निकाला गया। लगभग डेढ़ दशक बाद मोकामा की सड़कों पर कांग्रेस का यह एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखा गया। शहीद द्वार (पूर्वी रेलवे क्रॉसिंग) से शुरू हुआ यह मार्च गौशाला रोड होते हुए जयप्रकाश चौक और मोकामा बाजार तक पहुँचा। इसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए, जिन्होंने "कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद", "राहुल गांधी जिंदाबाद", "पेपर लीक बंद करो", "महंगाई कम करो", "बेरोजगारी खत्म करो" और "भ्रष्टाचार बंद करो" जैसे नारे लगाए। मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य, रोजगार, शिक्षा और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीरता से काम करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। मोकामा नगर कांग्रेस एवं प्रखंड कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष शशि शेखर (बल्लू) ने इस मौके पर कहा कि कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों पर आगे भी जनता की आवाज बनकर संघर्ष करती रहेगी, साथ ही उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों का आभार भी व्यक्त किया। कांग्रेस नेताओं ने दृढ़ता से कहा कि वे इन मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे। पूरे क्षेत्र में कांग्रेस समर्थकों का उत्साह "जय कांग्रेस, विजय कांग्रेस" के नारों के साथ देखने को मिला, जिसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
- भाजपा के दिग्गज नेता और बाढ़ विधानसभा से लगातार चार बार विधायक रहे पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ज्ञानू सोमवार को अपनी पत्नी के साथ बाढ़ पहुंचे। उन्होंने बाबा उमानाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और ईश्वर से सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए ज्ञानू ने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बाढ़ में डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। उन्होंने यह भी कहा कि कई कार्य अभी भी जारी हैं और जो परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, वे पूरी भी होंगी। ज्ञानू ने कहा कि हालांकि वे अब विधायक नहीं हैं, फिर भी महीने में तीन-चार बार बाढ़ के लोगों से मिलने आते हैं, बाबा उमानाथ में पूजा करते हैं और चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी करते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विधायक न होने पर भी, जहाँ भी बाढ़ के लोगों को कोई दिक्कत होगी, उसके समाधान के लिए वे कार्य करते रहेंगे, हालांकि विधायक होते तो उन्हें अधिक अधिकार मिलता।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के आनंद गोलवा गांव निवासी शिवशंकर सिंह का ईनामी अपराधी पुत्र लल्लन सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में मारा गया है।1
- यह प्रश्न उठाया गया है कि पटना के बांकीपुर क्षेत्र के मुसलमान राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संबंध में क्या राय रखते हैं।1
- भरत तिवारी के लिए न्याय की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने एक कैंडल मार्च निकाला।1
- नालंदा जिले के नगरनौसा में, सांसद पप्पू यादव उन पीड़ित परिवारों से मिलने पहुँचे जिन पर डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन करने के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई हुई थी। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चियों से घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। सांसद यादव ने पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के बजाय 'दमन का माहौल' बताया और सीधे तौर पर पुलिस कार्रवाई को 'लोकतंत्र पर हमला' करार दिया। इस दौरान, सांसद ने पीड़ित बच्चियों में से एक को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इस पूरे मामले को संसद से लेकर न्यायालय तक उठाएँगे ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।1
- बिहार के बाढ़ अनुमंडल के बाढ़ शहर में सोमवार को दिवंगत भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में एक विशाल जनसैलाब सड़कों पर उमड़ पड़ा। न्याय की मांग को लेकर उनके समर्थकों द्वारा ‘न्याय यात्रा’ निकाली गई, जो अनुग्रह नारायण सिंह कॉलेज मैदान से शुरू होकर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय तक पहुंची। यात्रा में शामिल दर्जनों लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाथों में बैनर लेकर भरत तिवारी को न्याय दिलाने व पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने भरत तिवारी को सुनियोजित तरीके से एक फर्जी एनकाउंटर में मारा। उनके अनुसार, भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि भरत तिवारी मूल रूप से आरा के बिलौटी गांव के निवासी थे और स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे, जिन्हें समर्थक एक संघर्षशील और जनहित के मुद्दे उठाने वाले व्यक्ति के रूप में वर्णित करते हैं। उनकी मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा गया था और पहले भी लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। न्याय यात्रा के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। इस बीच, प्रशासन पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।1
- वैशाली के लालगंज में एक अज्ञात बोलेरो वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद सड़क हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।1