कहने को समृद्ध, बदहाली में वयोवृद्ध—डाफी में जलभराव से नारकीय हालात, घरों से निकलना मुश्किल अस्पतालों के सामने कमर तक पानी, 20 दिनों से जलभराव का आरोप; शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार बेखबर वाराणसी। कहने को समृद्ध, लेकिन सुविधाओं के नाम पर बदहाल—वाराणसी के वार्ड संख्या 23, सीर गोवर्धनपुर के अंतर्गत आने वाला डाफी क्षेत्र आज इसी विरोधाभास की तस्वीर पेश कर रहा है। क्षेत्र में करीब पांच हजार मतदाता हैं। अशोकपुरम और बजरंगनगर सहित कई कॉलोनियों में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, वर्तमान में सरकारी सेवाओं में कार्यरत लोग तथा अन्य संभ्रांत परिवार रहते हैं। इसके बावजूद लगातार बारिश के बाद क्षेत्र की सड़कें और गलियां जलभराव की चपेट में हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। डाफी क्षेत्र की कई कॉलोनियों में कई-कई दिनों से पानी जमा होने का दावा स्थानीय लोगों ने किया है। कहीं सड़कें तालाब में तब्दील हैं तो कहीं घरों के आसपास गंदा पानी जमा है। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या नई नहीं है, बल्कि हर बरसात में यही स्थिति सामने आती है, बावजूद इसके स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं दिखाई देती। अस्पतालों के सामने जलभराव ने बढ़ाई मरीजों की परेशानी डाफी क्षेत्र में कई बड़े अस्पताल और चिकित्सा संस्थान हैं, जहां वाराणसी के अलावा पूर्वांचल और प्रदेश के विभिन्न जिलों तथा दूसरे राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पतालों के आसपास जलभराव की स्थिति ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार री-लाइफ केयर अस्पताल के सामने कमर तक पानी जमा होने की स्थिति बनी हुई है। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और तीमारदारों के लिए अस्पताल तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। आपात स्थिति में आने-जाने वाले मरीजों के लिए यह जलभराव और भी गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। 20 दिनों से घुटने के ऊपर तक पानी, शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं क्षेत्रीय निवासी पूजा सिंह का कहना है कि उनके क्षेत्र में करीब 20 दिनों से घुटने के ऊपर तक पानी जमा है। उनका आरोप है कि समस्या केवल बारिश के पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पीछे से छोड़े गए पानी के कारण भी जलभराव की स्थिति और गंभीर हुई है। पूजा सिंह के मुताबिक उन्होंने समस्या को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल, जिलाधिकारी और नगर निगम सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों के बावजूद जल निकासी नहीं कराई जाती है तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। डाफी हरिजन बस्ती में भी जलभराव, बीमारी फैलने का खतरा डाफी हरिजन बस्ती की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली बताई जा रही है। लंबे समय से पानी जमा होने के कारण वहां गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की बात स्थानीय लोग कह रहे हैं। लोगों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा सता रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और सफाई जैसे जरूरी उपाय पर्याप्त स्तर पर नहीं किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक पानी की निकासी नहीं होगी, तब तक केवल फॉगिंग कराना समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। जनप्रतिनिधियों से लोगों का सवाल—हर बरसात में क्यों दोहराती है यही कहानी? जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में जिम्मेदार विभागों और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास और मूलभूत सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बरसात आते ही सड़क, नाली और जल निकासी की वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे किसी राजनीतिक विवाद के बजाय स्थायी समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में ऐसी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे बारिश के बाद पानी कई दिनों तक जमा न रहे और लोगों को हर साल इसी समस्या से न जूझना पड़े। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जल निकासी, सफाई, फॉगिंग और नालियों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो वे आगामी चुनाव में अपने जनप्रतिनिधियों से इन समस्याओं का हिसाब मांगेंगे। अब बड़ा सवाल—क्या यही है विकास की तस्वीर? डाफी की मौजूदा स्थिति कई सवाल खड़े करती है। एक ओर शहर में विकास कार्यों और आधुनिक सुविधाओं की बात होती है, वहीं दूसरी ओर हजारों लोगों की आबादी वाले क्षेत्र में बारिश का पानी कई दिनों तक जमा रहना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। क्या विकास का पैमाना केवल सड़क, भवन और निर्माण कार्य हैं? क्या जल निकासी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और आम नागरिक को सम्मानजनक जीवन देना विकास का हिस्सा नहीं है? डाफी की जलमग्न सड़कें और गलियां जिम्मेदार विभागों एवं जनप्रतिनिधियों से यही सवाल पूछ रही हैं कि आखिर हर बरसात में पैदा होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर जलभराव की तत्काल निकासी, नालियों की सफाई, फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा छिड़काव कराने के साथ-साथ भविष्य के लिए स्थायी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें.
कहने को समृद्ध, बदहाली में वयोवृद्ध—डाफी में जलभराव से नारकीय हालात, घरों से निकलना मुश्किल अस्पतालों के सामने कमर तक पानी, 20 दिनों से जलभराव का आरोप; शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार बेखबर वाराणसी। कहने को समृद्ध, लेकिन सुविधाओं के नाम पर बदहाल—वाराणसी के वार्ड संख्या 23, सीर गोवर्धनपुर के अंतर्गत आने वाला डाफी क्षेत्र आज इसी विरोधाभास की तस्वीर पेश कर रहा है। क्षेत्र में करीब पांच हजार मतदाता हैं। अशोकपुरम और बजरंगनगर सहित कई कॉलोनियों में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, वर्तमान में सरकारी सेवाओं में कार्यरत लोग तथा अन्य संभ्रांत परिवार रहते हैं। इसके बावजूद लगातार बारिश के बाद क्षेत्र की सड़कें और गलियां जलभराव की चपेट में हैं और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। डाफी क्षेत्र की कई कॉलोनियों में कई-कई दिनों से पानी जमा होने का दावा स्थानीय लोगों ने किया है। कहीं सड़कें तालाब में तब्दील हैं तो कहीं घरों के आसपास गंदा पानी जमा है। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या नई नहीं है, बल्कि हर बरसात में यही स्थिति सामने आती है, बावजूद इसके स्थायी समाधान की दिशा में गंभीर पहल नहीं दिखाई देती। अस्पतालों के सामने जलभराव ने बढ़ाई मरीजों
की परेशानी डाफी क्षेत्र में कई बड़े अस्पताल और चिकित्सा संस्थान हैं, जहां वाराणसी के अलावा पूर्वांचल और प्रदेश के विभिन्न जिलों तथा दूसरे राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पतालों के आसपास जलभराव की स्थिति ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार री-लाइफ केयर अस्पताल के सामने कमर तक पानी जमा होने की स्थिति बनी हुई है। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और तीमारदारों के लिए अस्पताल तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। आपात स्थिति में आने-जाने वाले मरीजों के लिए यह जलभराव और भी गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। 20 दिनों से घुटने के ऊपर तक पानी, शिकायतों के बाद भी समाधान नहीं क्षेत्रीय निवासी पूजा सिंह का कहना है कि उनके क्षेत्र में करीब 20 दिनों से घुटने के ऊपर तक पानी जमा है। उनका आरोप है कि समस्या केवल बारिश के पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पीछे से छोड़े गए पानी के कारण भी जलभराव की स्थिति और गंभीर हुई है। पूजा सिंह के मुताबिक उन्होंने समस्या को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल, जिलाधिकारी और नगर निगम सहित संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों के बावजूद
जल निकासी नहीं कराई जाती है तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है। डाफी हरिजन बस्ती में भी जलभराव, बीमारी फैलने का खतरा डाफी हरिजन बस्ती की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली बताई जा रही है। लंबे समय से पानी जमा होने के कारण वहां गंदगी और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की बात स्थानीय लोग कह रहे हैं। लोगों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा सता रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और सफाई जैसे जरूरी उपाय पर्याप्त स्तर पर नहीं किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक पानी की निकासी नहीं होगी, तब तक केवल फॉगिंग कराना समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। जनप्रतिनिधियों से लोगों का सवाल—हर बरसात में क्यों दोहराती है यही कहानी? जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों में जिम्मेदार विभागों और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास और मूलभूत सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बरसात आते ही सड़क, नाली और जल निकासी की वास्तविक स्थिति सामने आ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे किसी राजनीतिक विवाद के बजाय स्थायी समाधान चाहते हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में
ऐसी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे बारिश के बाद पानी कई दिनों तक जमा न रहे और लोगों को हर साल इसी समस्या से न जूझना पड़े। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जल निकासी, सफाई, फॉगिंग और नालियों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो वे आगामी चुनाव में अपने जनप्रतिनिधियों से इन समस्याओं का हिसाब मांगेंगे। अब बड़ा सवाल—क्या यही है विकास की तस्वीर? डाफी की मौजूदा स्थिति कई सवाल खड़े करती है। एक ओर शहर में विकास कार्यों और आधुनिक सुविधाओं की बात होती है, वहीं दूसरी ओर हजारों लोगों की आबादी वाले क्षेत्र में बारिश का पानी कई दिनों तक जमा रहना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। क्या विकास का पैमाना केवल सड़क, भवन और निर्माण कार्य हैं? क्या जल निकासी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और आम नागरिक को सम्मानजनक जीवन देना विकास का हिस्सा नहीं है? डाफी की जलमग्न सड़कें और गलियां जिम्मेदार विभागों एवं जनप्रतिनिधियों से यही सवाल पूछ रही हैं कि आखिर हर बरसात में पैदा होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर जलभराव की तत्काल निकासी, नालियों की सफाई, फॉगिंग एवं एंटी-लार्वा छिड़काव कराने के साथ-साथ भविष्य के लिए स्थायी जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें.
- रामगढ़: बाबा कीनाराम मठ में धूमधाम से मनाया गया जन्मोत्सव कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक, छात्राओं ने बांधा समां सांसद-विधायक ने किया दर्शन-पूजन न्यूज टू इंडिया से संवाददाता विनीत कुमार गुप्ता जिला चीफ ब्यूरो की खास रिपोर्ट रामगढ़ क्षेत्र चंदौली रामगढ़ स्थित बाबा कीनाराम मठ में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है अलसुबह ही किनेश्वर महादेव बाबा कीनाराम की जयकारे के साथ कांवरियों ने बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा तट से जल लाकर किनेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया गया कलाकारों ने बांधी समां बाबा कीनाराम इंटर कॉलेज रामगढ़ की छात्राओं द्वारा सोहर गीत शिव तांडव तथा भजन की मनमोहक प्रस्तुति, तथा भैया लाल, मंजीत लाल, राजेश उपाध्याय, किशन राय, सुमन अग्रहरि द्वारा गजल और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति हुई सांसद-विधायक ने किया दर्शन-पूजन रामगढ़ स्थित मठ में सांसद बीरेंद्र सिंह और विधायक प्रभु नारायण सिंह यादव ने दर्शन पूजन हवन किया आयोजकों द्वारा अंगवस्त्रम और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कहा कि बाबा कीनाराम की महिमा किसी से छिपी नहीं है विश्व विख्यात बाबा कीनाराम के यहां हर मन्नत पूरी होती है1
- तपोभूमि टांडाकलां में धूमधाम से मनाया गया अघोराचार्य बाबा कीनाराम जी का 427वां जन्मोत्सव जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली1
- डॉ. सुमन कुमारी समेत कई शिक्षक सम्मानित, शिक्षा में योगदान की सराहना1
- 50000 ₹.लेकर भी नहीं बचा पाई मरीज की जान लापरवाही के भेट चड़ी नर्सिंग होम* वाराणसी चेतगंज थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल स्वर्णलता नर्सिंग होम चेतगंज चौराहे पर स्थित है कल भर्ती हुई मरीज की आज देर शाम डॉक्टर के लापरवाही से गई जान प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतिका लालपुर पांडेयपुर थाना अंतर्गत की बताई जा रही है डॉक्टरों द्वारा मृतिका के पति से 50000.₹ ऑपरेशन के नाम पर जमा भी कराया गया मौके पर परिजनों का हंगामा सूचना पर चेतगंज थाना प्रभारी पवन पाण्डेय.चेतगंज चौकी प्रभारी निहारिका साहू मय पुलिस फ़ोर्स पहुंची हंगामा कर रहें परिजन से मिल कर मामले को शांत कराया मृतिका के पति द्वारा पुलिस को तहरीर दिया जिसमें अस्पताल संचालक और डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है.!1
- महाकालेश्वर मंदिर में चोरी, पीतल के बर्तन ले गए चोर,पुलिस जांच पड़ताल में जुटी महाकालेश्वर मंदिर में चोरी, पीतल के बर्तन ले गए चोर वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के रामपुर गांव स्थित महाकालेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार की रात चोरों ने धावा बोल दिया। चोर मंदिर से पीतल के बर्तन समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए। गुरुवार सुबह करीब 07 बजे मंदिर पहुंचे लोगों को चोरी की जानकारी हुई, जिसके बाद इसकी सूचना रोहनिया पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण कर घटना की जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली। मंदिर में चोरी की घटना से ग्रामीणों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने तथा चोरी गया सामान बरामद करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच के साथ चोरों की पहचान करने में जुटी हुई है।1
- फतेहपुर — मोबाइल पर 5G नेटवर्क न आने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा। *फतेहपुर — मोबाइल पर 5G नेटवर्क न आने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा।* टॉवर कर्मचारी को ग्रामीणों ने बनाया बंधक, 02 साल से नेटवर्क की समस्या से परेशान हैं ग्रामीण। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी, बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव का बताया जा रहा वायरल वीडियो1
- मुगलसराय के नए थानाध्यक्ष अर्जुन प्रताप सिंह का अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन,माइक से दुकानदारों को किया जागरूक न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट मुगलसराय कोतवाली के नवनियुक्त थानाध्यक्ष अर्जुन प्रताप सिंह ने पदभार संभालते ही कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। गुरुवार की रात उन्होंने पुलिस टीम के साथ मुख्य सब्जी मंडी और बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया।रात में मंडी में दुकानदारों द्वारा सड़क तक सब्जी और सामान लगा देने से आए दिन जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम राहगीरों और बाजार आने वाले लोगों को भारी परेशानी होती है।इसको देखते हुए थानाध्यक्ष अर्जुन प्रताप सिंह खुद हाथ में माइक लेकर दुकान-दुकान पहुंचे और दुकानदारों से अपील की। उन्होंने कहा कि अपनी दुकान का सामान दुकान की सीमा के अंदर रखें, सड़क को पूरी तरह खाली रखें ताकि यातायात बाधित न हो और पब्लिक को परेशानी न हो।इस दौरान उन्होंने बड़े ही शालीनता और मानवीय तरीके से एक युवक सब्जी विक्रेता से भी बात की और उसे समझाया। पुलिस के इस बदले हुए मानवीय व्यवहार को देखकर वहां मौजूद भीड़ ने भी सराहना की।थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ चेतावनी और जागरूकता अभियान है, लेकिन इसके बाद भी यदि अतिक्रमण जारी रहा तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।नए थानाध्यक्ष के इस पहल की स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने जमकर प्रशंसा की है और इसे सराहनीय कदम बताया है।1
- वाराणसी ब्रेकिंग थाना कैंट के अर्दली बाजार में व्यक्ति ने खुद को मारी गोली एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक का बयान न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी। आज सुबह 5 बजे सूचना मिली कि थाना कैंट के अर्दली बाजार क्षेत्र में एक व्यक्ति ने खुद को गोली मार ली है। मौके पर पुलिस पहुंची तो पता चला कि विजेंद्र कुमार सोनी ने खुद को गोली मारी है। हालत नाजुक होने पर परिजन उन्हें BHU ट्रामा हॉस्पिटल ले गए, वहां पुलिस बल मौजूद है। फॉरेंसिक टीम ने जांच की है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।1