शिवपुरी जिले के ग्राम सुनारी में शासन की जनसुनवाई व्यवस्था का एक सकारात्मक परिणाम सामने आया है, जहाँ प्रशासनिक पहल पर वर्षों से बंद पड़े एक शासकीय रास्ते को खुलवा दिया गया। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में खुशी की लहर है और उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह मामला तब संज्ञान में आया जब ग्राम सुनारी निवासी शिकायतकर्ता पुष्पेन्द्र सिंह रावत ने जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर महोदय के समक्ष कई वर्षों से बंद पड़े इस शासकीय रास्ते को खुलवाने की मांग रखी थी। शिकायत में बताया गया था कि रास्ते पर कब्जे के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर महोदय के निर्देशों के पालन में, नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँची। टीम ने सीमांकन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए शासकीय रास्ते से अवरोध हटवाया। इसके बाद, जेसीबी मशीन की सहायता से रास्ते को व्यवस्थित रूप से तैयार किया गया, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा फिर से मिल सकी। ग्रामीणों ने बताया कि यह रास्ता लंबे समय से विवाद और कब्जे के कारण बंद था, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को परेशानी होती थी और पूर्व में की गई शिकायतें भी बेनतीजा रही थीं। अब प्रशासन की तत्परता और तहसीलदार विजय कुमार त्यागी की सक्रिय कार्यशैली के कारण ही यह वर्षों पुरानी समस्या हल हो पाई है। क्षेत्र के नागरिकों ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जब प्रशासन निष्पक्षता और दृढ़ता से कार्य करता है, तब आम जनता को न्याय मिलता है और शासकीय संपत्ति पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा, यह स्पष्ट संदेश गया है। ग्राम सुनारी के लोगों ने प्रशासन और राजस्व विभाग का आभार व्यक्त करते हुए इस समाधान पर खुशी जताई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े मामलों में इसी प्रकार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई होती रहेगी। यह पूरी कार्रवाई जनहित के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और कानून के प्रति सम्मान का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है।
शिवपुरी जिले के ग्राम सुनारी में शासन की जनसुनवाई व्यवस्था का एक सकारात्मक परिणाम सामने आया है, जहाँ प्रशासनिक पहल पर वर्षों से बंद पड़े एक शासकीय रास्ते को खुलवा दिया गया। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में खुशी की लहर है और उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह मामला तब संज्ञान में आया जब ग्राम सुनारी निवासी शिकायतकर्ता पुष्पेन्द्र सिंह रावत ने जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर महोदय के समक्ष कई वर्षों से बंद पड़े इस शासकीय रास्ते को खुलवाने की मांग रखी थी। शिकायत में बताया गया था कि रास्ते पर कब्जे के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर महोदय के निर्देशों के पालन में, नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँची। टीम ने सीमांकन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए शासकीय रास्ते से अवरोध हटवाया। इसके बाद, जेसीबी मशीन की सहायता से रास्ते को व्यवस्थित रूप से तैयार किया गया, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा फिर से मिल सकी। ग्रामीणों ने बताया कि यह रास्ता लंबे समय से विवाद और कब्जे के कारण बंद था, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को परेशानी होती थी और पूर्व में की गई शिकायतें भी बेनतीजा रही थीं। अब प्रशासन की तत्परता और तहसीलदार विजय कुमार त्यागी की सक्रिय कार्यशैली के कारण ही यह वर्षों पुरानी समस्या हल हो पाई है। क्षेत्र के नागरिकों ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जब प्रशासन निष्पक्षता और दृढ़ता से कार्य करता है, तब आम जनता को न्याय मिलता है और शासकीय संपत्ति पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा, यह स्पष्ट संदेश गया है। ग्राम सुनारी के लोगों ने प्रशासन और राजस्व विभाग का आभार व्यक्त करते हुए इस समाधान पर खुशी जताई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े मामलों में इसी प्रकार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई होती रहेगी। यह पूरी कार्रवाई जनहित के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और कानून के प्रति सम्मान का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है।
- नरवर नगर परिषद की राजनीति में सियासी बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद पति ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर नगर परिषद अध्यक्ष के पति द्वारा लगाए गए आरोपों और बयानों का खुलकर जवाब दिया है। इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से बीच चौराहे पर आकर किसी भी मुद्दे पर खुली बहस करने का निमंत्रण अध्यक्ष पति को दिया। पार्षद पति ने इस बात पर जोर दिया कि जनता के हितों से जुड़े मुद्दों पर खुली और पारदर्शी बहस होनी चाहिए, जिससे नगरवासियों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। उन्होंने नगर परिषद पर विभिन्न कार्यों और विकास योजनाओं को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। पार्षद पति ने स्पष्ट किया कि वे हर सवाल का जवाब देने और किसी भी मंच पर तथ्यात्मक चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस बयान के बाद नगर परिषद की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच बढ़ता यह विवाद आने वाले समय में और अधिक राजनीतिक गर्माहट पैदा कर सकता है। फिलहाल, अध्यक्ष पति की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और नगरवासी अब इस विवाद के अगले मोड़ पर नजरें गड़ाए हुए हैं।1
- गुना जिले में व्याप्त गंभीर बिजली संकट को लेकर गुना के विधायक पन्नालाल शाक्य ने प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री पर कड़ा प्रहार किया है। विधायक शाक्य ने तीखी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बीच जनता लगातार बिजली कटौती से जूझ रही है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदार मंत्री पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने ऐसे मंत्रियों को "नकारा" करार देते हुए कहा कि यदि वे जनता की मूलभूत समस्याओं का हल नहीं कर सकते, तो उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। विधायक शाक्य ने आरोप लगाया कि गुना जिले में बिजली व्यवस्था लगातार चरमरा रही है, जिसके कारण आम नागरिकों, किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिले के प्रभारी मंत्री पर भी उपेक्षा बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय केवल औपचारिकताओं को पूरा कर रहे हैं। विधायक पन्नालाल शाक्य ने प्रदेश सरकार से तत्काल मांग की है कि वह बिजली संकट को गंभीरता से ले, प्रभावी कदम उठाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करे। विधायक के इस बयान के बाद जिले की राजनीति में तेज हलचल देखी जा रही है, और बिजली कटौती से परेशान लोगों के बीच भी यह मुद्दा गरमागरम चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- शासन की जनसुनवाई व्यवस्था का एक सकारात्मक परिणाम ग्राम सुनारी में देखने को मिला, जहाँ वर्षों से बंद पड़े एक शासकीय रास्ते को प्रशासनिक पहल पर खुलवा दिया गया है। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है और उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी की इस कार्रवाई को क्षेत्र में एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है। ग्राम सुनारी निवासी शिकायतकर्ता पुष्पेन्द्र सिंह रावत ने जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर महोदय के समक्ष इस बंद रास्ते को खुलवाने की मांग रखी थी। शिकायत में बताया गया था कि शासकीय मार्ग पर कब्जे के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामला संज्ञान में आते ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर महोदय के निर्देशों के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी के नेतृत्व में राजस्व अमले ने सीमांकन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए शासकीय रास्ते से अवरोध हटवाया। इसके उपरांत, जेसीबी मशीन की सहायता से रास्ते को व्यवस्थित रूप से तैयार कराया गया, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा पुनः मिल सकी। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता लंबे समय से विवाद और कब्जे के कारण बंद था, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पहले कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया था। अब प्रशासन की तत्परता और तहसीलदार विजय कुमार त्यागी की सक्रिय कार्यशैली से ही वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान संभव हो सका है। क्षेत्र के नागरिकों ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जब प्रशासन निष्पक्षता और दृढ़ता से काम करता है, तो आम जनता को न्याय मिलता है। लोगों का मानना है कि शासकीय भूमि और सार्वजनिक मार्गों की सुरक्षा प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसका सफल निर्वहन इस कार्रवाई के माध्यम से देखने को मिला है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े मामलों में ऐसी ही त्वरित और प्रभावी कार्रवाई होती रहेगी। यह कार्रवाई न केवल एक रास्ता खुलवाने तक सीमित है, बल्कि यह प्रशासन की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और कानून के प्रति सम्मान का भी एक उदाहरण बनकर सामने आई है।1
- जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज ने सभी अनुयायियों और भक्तों से नाम दान लेकर सद्भक्ति करने का आह्वान किया है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक 'शुद्ध टोस्ट' के पैकेट से मरी हुई छिपकली निकलने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना के बाद टोस्ट का सेवन करने वाले बच्चे बीमार पड़ गए हैं, जिससे ग्राहकों में भारी परेशानी और चिंता का माहौल है। खबर में 'शुद्ध टोस्ट' खाने वाले सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गई है।1
- नरवर नगर परिषद के अंतर्गत आने वाले ऐतिहासिक छोटा तालाब को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। वन विभाग द्वारा झील संवर्धन योजना के तहत विकसित किए गए इस तालाब के मुख्य मार्ग पर गेट और बाउंड्री वॉल बनाने की तैयारी से नगरवासियों में भारी नाराजगी है। नागरिकों ने इसे वन विभाग की मनमानी बताया है और राजस्व अभिलेखों में दर्ज भूमि पर अतिक्रमण करने की कोशिश करार दिया है। इसी कड़ी में, गुरुवार को बड़ी संख्या में नागरिकों ने अनुविभागीय अधिकारी करैरा को आवेदन सौंपा, जिसमें वन विभाग को रास्ता अवरुद्ध करने से तत्काल रोकने की मांग की गई। लोगों का कहना है कि छोटा तालाब नगर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, जिसका उपयोग प्रतिदिन सैकड़ों लोग घूमने, बैठने और विभिन्न धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों के लिए करते हैं। यदि प्रवेश द्वार पर गेट और चारों ओर बाउंड्री बन जाती है, तो आम जनता का स्वतंत्र आवागमन बुरी तरह प्रभावित होगा। नागरिकों में विशेष रोष तालाब के रास्ते के साथ-साथ कब्रिस्तान के रास्ते पर भी बाउंड्री बनाने की तैयारी को लेकर है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013 में शासन की झील संवर्धन योजना के तहत छोटा तालाब के विकास को स्वीकृति मिली थी, जिसके बाद नगर परिषद ने यहाँ लगभग 50 लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण, पेवर ब्लॉक और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य करवाए थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह पूरा क्षेत्र राजस्व विभाग की भूमि पर स्थित है और इसका संचालन-संधारण नगर परिषद द्वारा ही किया जा रहा है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में एसडीएम के आदेश पर वन एवं राजस्व विभाग का संयुक्त सीमांकन किया गया था, जिसमें तालाब तक जाने वाला मार्ग राजस्व भूमि में पाया गया था।1
- शिवपुरी जिले के ग्राम सुनारी में शासन की जनसुनवाई व्यवस्था का एक सकारात्मक परिणाम सामने आया है, जहाँ प्रशासनिक पहल पर वर्षों से बंद पड़े एक शासकीय रास्ते को खुलवा दिया गया। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में खुशी की लहर है और उन्होंने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। यह मामला तब संज्ञान में आया जब ग्राम सुनारी निवासी शिकायतकर्ता पुष्पेन्द्र सिंह रावत ने जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर महोदय के समक्ष कई वर्षों से बंद पड़े इस शासकीय रास्ते को खुलवाने की मांग रखी थी। शिकायत में बताया गया था कि रास्ते पर कब्जे के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर महोदय के निर्देशों के पालन में, नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँची। टीम ने सीमांकन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए शासकीय रास्ते से अवरोध हटवाया। इसके बाद, जेसीबी मशीन की सहायता से रास्ते को व्यवस्थित रूप से तैयार किया गया, जिससे ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा फिर से मिल सकी। ग्रामीणों ने बताया कि यह रास्ता लंबे समय से विवाद और कब्जे के कारण बंद था, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को परेशानी होती थी और पूर्व में की गई शिकायतें भी बेनतीजा रही थीं। अब प्रशासन की तत्परता और तहसीलदार विजय कुमार त्यागी की सक्रिय कार्यशैली के कारण ही यह वर्षों पुरानी समस्या हल हो पाई है। क्षेत्र के नागरिकों ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जब प्रशासन निष्पक्षता और दृढ़ता से कार्य करता है, तब आम जनता को न्याय मिलता है और शासकीय संपत्ति पर अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा, यह स्पष्ट संदेश गया है। ग्राम सुनारी के लोगों ने प्रशासन और राजस्व विभाग का आभार व्यक्त करते हुए इस समाधान पर खुशी जताई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि भविष्य में भी जनहित से जुड़े मामलों में इसी प्रकार त्वरित और प्रभावी कार्रवाई होती रहेगी। यह पूरी कार्रवाई जनहित के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और कानून के प्रति सम्मान का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है।1
- शिवपुरी शहर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जहाँ छोटे बच्चे और बुजुर्ग आए दिन इनके शिकार बन रहे हैं। शनिवार को ऐसे ही एक मामले में एक आवारा कुत्ते ने महल के पीछे स्थित लक्ष्मीबाई कॉलोनी रोड पर ढाई साल की मासूम बच्ची सहित तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायल बच्ची के भाई मोहित कुशवाह ने बताया कि उनकी ढाई वर्षीय बहन निकिता कुशवाह घर के बाहर खेल रही थी, तभी एक काले रंग के आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची के मुंह को अपने जबड़ों में जकड़ लिया, जिससे उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। परिजनों और आसपास के लोगों के प्रयासों के बाद बच्ची को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया जा सका। इस दौरान, बच्ची को बचाने पहुंचे एक व्यक्ति को भी कुत्ते ने काट लिया। यह घटना शिवपुरी शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते खौफ को उजागर करती है, जहाँ एक अन्य घटना में एक कुत्ते ने एक ही दिन में 60 से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हें घायल किया था।2