एटा/जलेसर: इसौली में नील कोठी की जमीन पर राजस्व टीम ने पैमाइश कर कब्जामुक्त कराया, सीमांकन करते हुए चूना डलवाया। जलेसर/एटा: इसौली ग्राम सभा में गाटा संख्या 1215-1216 का कानूनी माप पूरा, राजस्व टीम ने नील कोठी, शीतला माता मेले की भूमि पर सीमांकन करते हुए चूना डलवाया। ग्राम सभा इसौली के गाटा संख्या 1215 और 1216 का माप कार्य कानूनगो एवं लेखपाल द्वारा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान श्री अनिल प्रताप सिंह (बन्ना साहब), ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि राजवीर सिंह, शिव राम सिंह, बिजेंद्र सिंह, सुनील कुमार (पप्पू), राजू सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र पाल सिंह, मुकेश कुमार, गुंजन सिंह,उपेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, विनोद कुमार, मुकेश कुमार,गिरजन सिंह, संदीप कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। ये दोनों गाटा संख्या नील कोठी के नाम पर दर्ज हैं, जहां विगत कई वर्षों से शीतला माता मेला आयोजित होता आ रहा है। माप के बाद चूना द्वारा भूमि का सीमांकन भी किया गया, जो प्रधान प्रतिनिधि एवं अन्य ग्रामवासियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।ग्राम सभा इसौली में शीतला माता मेला भूमि माप का यह कार्य ग्रामीण विकास और भूमि विवादों के निपटारे के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ। कानूनगो एवं लेखपाल की टीम ने आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए दोनों गाटों का सटीक माप किया। भूतपूर्व ग्राम प्रधान श्री बन्ना साहब ने बताया, "यह माप ग्रामवासियों के हित में किया गया है, ताकि भूमि संबंधी कोई अस्पष्टता न रहे। शीतला माता मेला जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन वाली इस भूमि का सही सीमांकन भविष्य में किसी विवाद को रोकने में सहायक होगा।"उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में ग्राम सभा के सदस्य, प्रधान प्रतिनिधि और क्षेत्रीय निवासी शामिल थे। उन्होंने प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की। माप कार्य के समापन पर चूना द्वारा की गई सीमांकन प्रक्रिया ने भूमि की वास्तविक सीमाओं को चिन्हित कर दिया, जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।नील कोठी के नाम दर्ज ये गाटा संख्या शीतला माता मंदिर से जुड़े हैं, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु शीतला माता मेले में भाग लेते हैं। यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करता है। राजस्व टीम में रवींद्र सिंह राजस्व कानूनगो, आशू राजस्व लेखपाल शामिल रहे।
एटा/जलेसर: इसौली में नील कोठी की जमीन पर राजस्व टीम ने पैमाइश कर कब्जामुक्त कराया, सीमांकन करते हुए चूना डलवाया। जलेसर/एटा: इसौली ग्राम सभा में गाटा संख्या 1215-1216 का कानूनी माप पूरा, राजस्व टीम ने नील कोठी, शीतला माता मेले की भूमि पर सीमांकन करते हुए चूना डलवाया। ग्राम सभा इसौली के गाटा संख्या 1215 और 1216 का माप कार्य कानूनगो एवं लेखपाल द्वारा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान श्री अनिल प्रताप सिंह (बन्ना साहब), ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि राजवीर सिंह, शिव राम सिंह, बिजेंद्र सिंह, सुनील कुमार (पप्पू), राजू सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र पाल सिंह, मुकेश कुमार, गुंजन सिंह,उपेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, विनोद कुमार, मुकेश कुमार,गिरजन सिंह, संदीप कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। ये दोनों गाटा संख्या नील कोठी के नाम पर दर्ज हैं, जहां विगत कई वर्षों से शीतला माता मेला आयोजित होता आ रहा है। माप के बाद चूना द्वारा भूमि का सीमांकन भी किया गया, जो प्रधान प्रतिनिधि एवं अन्य ग्रामवासियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।ग्राम सभा इसौली में शीतला माता मेला भूमि माप का
यह कार्य ग्रामीण विकास और भूमि विवादों के निपटारे के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ। कानूनगो एवं लेखपाल की टीम ने आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए दोनों गाटों का सटीक माप किया। भूतपूर्व ग्राम प्रधान श्री बन्ना साहब ने बताया, "यह माप ग्रामवासियों के हित में किया गया है, ताकि भूमि संबंधी कोई अस्पष्टता न रहे। शीतला माता मेला जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन वाली इस भूमि का सही सीमांकन भविष्य में किसी विवाद को रोकने में सहायक होगा।"उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में ग्राम सभा के सदस्य, प्रधान प्रतिनिधि और क्षेत्रीय निवासी शामिल थे। उन्होंने प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की। माप कार्य के समापन पर चूना द्वारा की गई सीमांकन प्रक्रिया ने भूमि की वास्तविक सीमाओं को चिन्हित कर दिया, जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।नील कोठी के नाम दर्ज ये गाटा संख्या शीतला माता मंदिर से जुड़े हैं, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु शीतला माता मेले में भाग लेते हैं। यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करता है। राजस्व टीम में रवींद्र सिंह राजस्व कानूनगो, आशू राजस्व लेखपाल शामिल रहे।
- *एटा/जलेसर: इसौली में नील कोठी की जमीन पर राजस्व टीम ने पैमाइश कर कब्जामुक्त कराया, सीमांकन करते हुए चूना डलवाया।* एटा/जलेसर~ग्राम सभा इसौली में गाटा संख्या 1215-1216 का कानूनी माप पूरा, राजस्व टीम ने नील कोठी, शीतला माता मेले की भूमि पर सीमांकन करते हुए चूना डलवाया। ग्राम सभा इसौली के गाटा संख्या 1215 और 1216 का माप कार्य कानूनगो एवं लेखपाल द्वारा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान अनिल प्रताप सिंह (बन्ना साहब), ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि राजवीर सिंह, शिव राम सिंह, बिजेंद्र सिंह, सुनील कुमार (पप्पू), राजू सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र पाल सिंह, मुकेश कुमार, गुंजन सिंह,उपेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, विनोद कुमार, मुकेश कुमार,गिरजन सिंह, संदीप कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। ये दोनों गाटा संख्या नील कोठी के नाम पर दर्ज हैं, जहां विगत कई वर्षों से शीतला माता मेला आयोजित होता आ रहा है। माप के बाद चूना द्वारा भूमि का सीमांकन भी किया गया, जो प्रधान प्रतिनिधि एवं अन्य ग्रामवासियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। ग्राम सभा इसौली में शीतला माता मेला भूमि माप का यह कार्य ग्रामीण विकास और भूमि विवादों के निपटारे के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ। कानूनगो एवं लेखपाल की टीम ने आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए दोनों गाटों का सटीक माप किया। भूतपूर्व ग्राम प्रधान बन्ना साहब ने बताया, "यह माप ग्रामवासियों के हित में किया गया है, ताकि भूमि संबंधी कोई अस्पष्टता न रहे। शीतला माता मेला जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन वाली इस भूमि का सही सीमांकन भविष्य में किसी विवाद को रोकने में सहायक होगा।"उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में ग्राम सभा के सदस्य, प्रधान प्रतिनिधि और क्षेत्रीय निवासी शामिल थे। उन्होंने प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की। माप कार्य के समापन पर चूना द्वारा की गई सीमांकन प्रक्रिया ने भूमि की वास्तविक सीमाओं को चिन्हित कर दिया, जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। नील कोठी के नाम दर्ज ये गाटा संख्या शीतला माता मंदिर से जुड़े हैं, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु शीतला माता मेले में भाग लेते हैं। यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करता है। राजस्व टीम में रवींद्र सिंह राजस्व कानूनगो, आशू राजस्व लेखपाल शामिल रहे।4
- एटा/जलेसर: इसौली में नील कोठी की जमीन पर राजस्व टीम ने पैमाइश कर कब्जामुक्त कराया, सीमांकन करते हुए चूना डलवाया। जलेसर/एटा: इसौली ग्राम सभा में गाटा संख्या 1215-1216 का कानूनी माप पूरा, राजस्व टीम ने नील कोठी, शीतला माता मेले की भूमि पर सीमांकन करते हुए चूना डलवाया। ग्राम सभा इसौली के गाटा संख्या 1215 और 1216 का माप कार्य कानूनगो एवं लेखपाल द्वारा सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य के दौरान श्री अनिल प्रताप सिंह (बन्ना साहब), ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि राजवीर सिंह, शिव राम सिंह, बिजेंद्र सिंह, सुनील कुमार (पप्पू), राजू सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र पाल सिंह, मुकेश कुमार, गुंजन सिंह,उपेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, विनोद कुमार, मुकेश कुमार,गिरजन सिंह, संदीप कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। जिससे प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। ये दोनों गाटा संख्या नील कोठी के नाम पर दर्ज हैं, जहां विगत कई वर्षों से शीतला माता मेला आयोजित होता आ रहा है। माप के बाद चूना द्वारा भूमि का सीमांकन भी किया गया, जो प्रधान प्रतिनिधि एवं अन्य ग्रामवासियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।ग्राम सभा इसौली में शीतला माता मेला भूमि माप का यह कार्य ग्रामीण विकास और भूमि विवादों के निपटारे के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ। कानूनगो एवं लेखपाल की टीम ने आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते हुए दोनों गाटों का सटीक माप किया। भूतपूर्व ग्राम प्रधान श्री बन्ना साहब ने बताया, "यह माप ग्रामवासियों के हित में किया गया है, ताकि भूमि संबंधी कोई अस्पष्टता न रहे। शीतला माता मेला जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन वाली इस भूमि का सही सीमांकन भविष्य में किसी विवाद को रोकने में सहायक होगा।"उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में ग्राम सभा के सदस्य, प्रधान प्रतिनिधि और क्षेत्रीय निवासी शामिल थे। उन्होंने प्रक्रिया की निष्पक्षता की सराहना की। माप कार्य के समापन पर चूना द्वारा की गई सीमांकन प्रक्रिया ने भूमि की वास्तविक सीमाओं को चिन्हित कर दिया, जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।नील कोठी के नाम दर्ज ये गाटा संख्या शीतला माता मंदिर से जुड़े हैं, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु शीतला माता मेले में भाग लेते हैं। यह मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करता है। राजस्व टीम में रवींद्र सिंह राजस्व कानूनगो, आशू राजस्व लेखपाल शामिल रहे।2
- बिधनू में बकरी चराने गई 11 साल की बच्ची की हत्या कर शव खेत में गाड़ देने के गंभीर आरोप परिजनों ने पड़ोसी युवक पर दुष्कर्म का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपों के आधार पर युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू, बकरी चराने गई 11 वर्षीय बच्ची की हत्या कर शव को खेत मे गाड़ दिया। परिजन पड़ोसी युवक पर दुष्कर्म के बाद हत्या करने की आशंका जता रहे है। मजदूर पिता के मुताबिक उनकी 11 वर्षीय बेटी पांचवी की छात्रा है। वह सोमवार शाम बकरी चराने खेत गई। देर शाम तक वापस न आने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना देने के साथ खोजबीन शुरू कर दी। देर रात खोजबीन के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली। मंगलवार तड़के परिजनों ने दोबारा खोजबीन शुरू की। घर से करीब तीन सौ मीटर दूर गेंहू के खेत मे हाल ही कि मिट्टी खुदी हुई देख परिजनों ने खोद कर देख, तो बच्ची का शव दिखा। इस पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम बुलाकर शव को बाहर निकलवाया। बच्ची बिलकुल निर्वस्त्र थी।शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, पुलिस गला दबाकर हत्या करने का अंदेशा जता रही है। शव की हालत देख परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर दुष्कर्म के बाद हत्या कर शव को गाड़ने का आरोप लगाया है। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। बिधनू थाना प्रभारी तेज बहादुर ने बताया कि एक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसके बाद दुष्कर्म की पुष्टि हो पाएगी।1
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- लेकिन सरकार यह समझ नहीं रही.. जब सवाल देश के किसानों और नागरिकों के हक़ का हो, तो आवाज़ें दबती नहीं... और तेज़ होती हैं! #Compromised प्रधानमंत्री को भारत-विरोधी ट्रेड डील पर जवाब देना ही होगा... और इस सच से अब बचने की कोई जगह नहीं है!1
- एटा में शहर के शांतिनगर मे अतिथि निवास के पास मारपीट के बाद लाइसेंसी रायफल से फायरिंग, अथिति निवास मे आयोजित तेरहवी कार्यक्रम स्थल के बाहर मारपीट का विरोध करना पड़ा भारी, मारपीट के बाद भरी भीड़ मे लाइसेंसी रायफल से की गई फायरिंग, मारपीट मे घायल व्यक्ति को इलाज के लिए भेजा गया मेडिकल कॉलेज, सुचना के बाद इंस्पेक्टर प्रेम पाल सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे घटनास्थल, घटना के बाद कई वीडियो हुए वायरल, वायरल वीडियो मे सुनाई दें रहीं गोलियों की आवाज।1