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आज दिनांक 01.08.2026 को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी जनपद हरदोई द्वारा जनपद में यातायात व्यवस्था को सुदृढ बनाये रखनें हेतु एक इंटरसेप्टर वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया । इस दौरान क्षेत्राधिकारी यातायात व प्रभारी निरीक्षक यातायात मौजूद रहें ।
मुनीश कुमार पत्रकार
आज दिनांक 01.08.2026 को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी जनपद हरदोई द्वारा जनपद में यातायात व्यवस्था को सुदृढ बनाये रखनें हेतु एक इंटरसेप्टर वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया । इस दौरान क्षेत्राधिकारी यातायात व प्रभारी निरीक्षक यातायात मौजूद रहें ।
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- "लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम का अल्टीमेटम, 👉शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें अधिकारी" शाहजहांपुर, 01 अगस्त 2026। तहसील कलान में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित भी समाधान दिवस में मौजूद रहे। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित 58 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 5 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के लिए भेजा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का स्थायी और प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर निष्पक्ष और संतोषजनक निस्तारण किया जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का परीक्षण करें और समाधान सुनिश्चित करें। राजस्व विवादों में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे आमजन का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी सचिन कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा, परियोजना निदेशक अवधेशराम, उपजिलाधिकारी कलान आशुतोष कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- संसद भवन के द्वार पर संत के स्वरूप में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव द्वारा संत समाज व सनातन संस्कृति को अपमानित करने का दुस्साहस किया गया है जिससे पूज्य संतों की व सनातनीय समाज की भावना आहत हुई है विश्व हिंदू परिषद ने समर्थित पूर्णिया सांसद का पुतला दहन किया शाहजहांपुर। संसद भवन के द्वार पर संत के स्वरूप में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव द्वारा संत समाज व सनातन संस्कृति को अपमानित करने का दुस्साहस किया गया है जिससे पूज्य संतों की व सनातनीय समाज की भावना आहत हुई है। जिसके विरोध में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल महानगर के कार्यकर्ताओं द्वारा कचहरी गेट के पास एकत्र होकर कांग्रेस समर्थित पूर्णिया सांसद पप्पू यादव का पुतला दहन कर आर्य समाज मंदिर समाज विरोधी धर्म विरोधियो की बुद्धि शुद्धि हेतु हवन किया गया। पुतला दहन व हवन कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष विहिप अभिनव ओमर, विभाग मंत्री अशनील सिंह जिला मंत्री धर्मेंद्र सिंह,जिला उपाध्यक्ष रमेश कोरी,श्याम मिश्रा,सुरेश राठौर,प्रांत मिलन प्रमुख हरीश प्रजापति, श्री ओम गुप्ता, अवनीश, आशुतोष, विजय चौहान, जिला संयोजक बजरंग दल हर्षित गुप्ता, लखन वर्मा अनुज यादव अजय मिश्रा, महानगर समरसता प्रमुख ऋषभ गुप्ता,सह प्रचार प्रमुख कुणाल राठौड़, सोनू सिंह, अवनीश प्रजापति,चंद्रवीर सिंह,विनय सिंह,दुर्वेश,विशाल कश्यप, किशन कुमार दुर्वेश कुमार आशीष शर्मा कीर्तिमान गुप्ता रामसहाय गुप्ता विकास प्रजापति आदि सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- गंगा एक्सप्रेसवे हादसे ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल! पाली पीएचसी में डॉक्टर न मिलने का आरोप, तड़पते रहे घायल गंगा एक्सप्रेसवे हादसे ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल! पाली पीएचसी में डॉक्टर न मिलने का आरोप, तड़पते रहे घायल पाली, हरदोई। गंगा एक्सप्रेसवे पर शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में चालक और ढाई वर्षीय मासूम की मौत ने जहां पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया, वहीं इस घटना ने पाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद जब घायलों को पाली पीएचसी लाया गया, तब अस्पताल में काफी देर तक कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। उनका कहना है कि लगभग एक घंटे तक घायल उपचार की प्रतीक्षा करते रहे। इस दौरान एक चालक और एक सफाईकर्मी घायलों की प्राथमिक सहायता करते दिखाई दिए। घटना का वीडियो भी सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिसमें अस्पताल की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी सरकारी अस्पताल में आपातकालीन स्थिति में भी समय पर डॉक्टर उपलब्ध न हों, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। लोगों ने मांग की है कि अस्पताल की ड्यूटी रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित चिकित्सकों की उपस्थिति की जांच कराई जाए तथा यदि लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उधर, हादसे में अर्टिगा कार आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा भिड़ी थी। दुर्घटना में चालक पवन शुक्ला और ढाई वर्षीय हार्दिक की मौत हो गई, जबकि आलोक मिश्रा, पूजा मिश्रा और जटाशंकर शुक्ला गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार मेडिकल कॉलेज हरदोई में चल रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि डॉक्टर की कथित अनुपस्थिति का घायलों की मृत्यु या उनकी हालत पर क्या प्रभाव पड़ा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि आपातकालीन स्थिति में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं होंगे, तो दुर्घटना के शिकार लोगों की जान कैसे बचाई जाएगी? रिपोर्टर : कृष्ण मोहन बाजपेई1