कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि देकर मनाई गई* प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पद्मभूषण स्व. कर्नल जी.एस.ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि शिवपुरी शहर के ग्राम हातोद में मनाई गई। उनके समाधि स्थल हातोद में हर साल की तरह इस बार भी मेला लगा। लोगों ने अमर शहीद को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनकी शहादत को याद किया। इसके बाद समाधि स्थल पर पहुंची मशाल यात्रा को समाधि स्थल पर रखा गया। पूर्व विधायक प्रहलाद भारती ने उन्हें याद करते हुए कहा कि हम उनके जीवन काल से प्रेरणा मिलती है।कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन के पुत्र सर्वजीत ढिल्लन ने भी अपने विचार व्यक्त कर उनकी शहादत को याद किया। इस अवसर पर एक सर्व धर्म सभा का आयोजन भी किया गया। जिसमें हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म से जुड़े गुरुओं ने अपने अपने विचार रखे। गुरु ने गुरुजनों ने शांति और सद्भाव के मार्ग पर चलने व एकता और भाईचारे के साथ रहने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा कर्नल गुरुबख्श सिंह ढिल्लन के साथ के समय को याद किया। बच्चों ने राष्ट्रभक्ति गीत पर प्रस्तुति दी। कर्नल गुरुबख्श सिंह ढिल्लन को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने नेहरू बिग्रेड की कमान सौंपी थी। नेताजी की टीम में रहते हुए ब्रिटिश सेना के खिलाफ मोर्चा संभाला। देश की आजादी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भारत सरकार ने उनके नाम पर डाक टिकिट जारी किए। उन्हें पद्म भूषण की उपाधि से अलंकृत किया गया। आजादी के बाद हातोद में किया निवास देश आजाद होने के बाद कर्नल ढिल्लन ने शिवपुरी को अपना नया घर बनाया और वे हातोद में आकर रहने लगे। यहीं पर उन्होंने देश के युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करने वाली कई कविताएं और कई किताबें लिखीं। 6 फ़रवरी 2006 को उन्होंने अंतिम सांस ली।
कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि देकर मनाई गई* प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पद्मभूषण स्व. कर्नल जी.एस.ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि शिवपुरी शहर के ग्राम हातोद में मनाई गई। उनके समाधि स्थल हातोद में हर साल की तरह इस बार भी मेला लगा। लोगों ने अमर शहीद को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनकी शहादत को याद किया। इसके बाद समाधि स्थल पर पहुंची मशाल यात्रा को समाधि स्थल पर रखा गया। पूर्व विधायक प्रहलाद भारती ने उन्हें याद करते हुए कहा कि हम उनके जीवन
काल से प्रेरणा मिलती है।कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन के पुत्र सर्वजीत ढिल्लन ने भी अपने विचार व्यक्त कर उनकी शहादत को याद किया। इस अवसर पर एक सर्व धर्म सभा का आयोजन भी किया गया। जिसमें हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म से जुड़े गुरुओं ने अपने अपने विचार रखे। गुरु ने गुरुजनों ने शांति और सद्भाव के मार्ग पर चलने व एकता और भाईचारे के साथ रहने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा कर्नल गुरुबख्श सिंह ढिल्लन के साथ के समय को याद किया। बच्चों ने राष्ट्रभक्ति गीत पर प्रस्तुति दी। कर्नल गुरुबख्श सिंह ढिल्लन को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने नेहरू
बिग्रेड की कमान सौंपी थी। नेताजी की टीम में रहते हुए ब्रिटिश सेना के खिलाफ मोर्चा संभाला। देश की आजादी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भारत सरकार ने उनके नाम पर डाक टिकिट जारी किए। उन्हें पद्म भूषण की उपाधि से अलंकृत किया गया। आजादी के बाद हातोद में किया निवास देश आजाद होने के बाद कर्नल ढिल्लन ने शिवपुरी को अपना नया घर बनाया और वे हातोद में आकर रहने लगे। यहीं पर उन्होंने देश के युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करने वाली कई कविताएं और कई किताबें लिखीं। 6 फ़रवरी 2006 को उन्होंने अंतिम सांस ली।
- Post by Deepak Journalist1
- थाना देहात पुलिस द्वारा अप.क्र.324/25 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में दीगर राज्य से अवैध मादक पदार्थ 30 किलो 295 ग्राम चरस का परिवहन करने वाले फरार आरोपी शिवम उर्फ मोहन ठाकुर को सीतापुर उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त आयशर डीसीएम को जप्त किया।1
- Post by बंटी कुमार सहरिया1
- Post by Boss Banjara1
- भीतरवार विधानसभा के कछुआ बड़की सराय गांव में मंगलबार की की शुभ्र ओलो की द्वारा किया गया बारी नुकसान1
- दतिया। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े का गुप्तेश्वर महादेव मंदिर का भ्रमण। अधिकारियों को दिए विस्तृत दिशा निर्देश।1
- शिवपुरी। प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पद्मभूषण स्व. कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि ग्राम हातोद में श्रद्धा के साथ मनाई गई। पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, सीआरपीएफ आईजी गुरशक्ति सिंह, आईटीबीपी डीआईजी रोशन लाल ठाकुर, कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर समाधि स्थल पर मेला लगा और मशाल यात्रा निकालकर शहीद को नमन किया गया। कर्नल ढिल्लन की पुत्री अमृता मेहरोत्रा ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। पुत्र सर्वजीत ढिल्लन ने भी अपने विचार रखे।1
- Post by बंटी कुमार सहरिया1
- दतति नगर पालिका सफाई कर्मचारी हड़ताल पर दतिया से राजेंद्र पटवा की रिपोर्ट1