Shuru
Apke Nagar Ki App…
शिवपुरी। कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि मनाई गई जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि शिवपुरी। प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पद्मभूषण स्व. कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि ग्राम हातोद में श्रद्धा के साथ मनाई गई। पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, सीआरपीएफ आईजी गुरशक्ति सिंह, आईटीबीपी डीआईजी रोशन लाल ठाकुर, कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर समाधि स्थल पर मेला लगा और मशाल यात्रा निकालकर शहीद को नमन किया गया। कर्नल ढिल्लन की पुत्री अमृता मेहरोत्रा ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। पुत्र सर्वजीत ढिल्लन ने भी अपने विचार रखे।
Patarkar Shailendra dhakad
शिवपुरी। कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि मनाई गई जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि शिवपुरी। प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पद्मभूषण स्व. कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि ग्राम हातोद में श्रद्धा के साथ मनाई गई। पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, सीआरपीएफ आईजी गुरशक्ति सिंह, आईटीबीपी डीआईजी रोशन लाल ठाकुर, कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर समाधि स्थल पर मेला लगा और मशाल यात्रा निकालकर शहीद को नमन किया गया। कर्नल ढिल्लन की पुत्री अमृता मेहरोत्रा ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। पुत्र सर्वजीत ढिल्लन ने भी अपने विचार रखे।
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, पद्मभूषण स्व. कर्नल जी.एस.ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि शिवपुरी शहर के ग्राम हातोद में मनाई गई। उनके समाधि स्थल हातोद में हर साल की तरह इस बार भी मेला लगा। लोगों ने अमर शहीद को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनकी शहादत को याद किया। इसके बाद समाधि स्थल पर पहुंची मशाल यात्रा को समाधि स्थल पर रखा गया। पूर्व विधायक प्रहलाद भारती ने उन्हें याद करते हुए कहा कि हम उनके जीवन काल से प्रेरणा मिलती है।कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन के पुत्र सर्वजीत ढिल्लन ने भी अपने विचार व्यक्त कर उनकी शहादत को याद किया। इस अवसर पर एक सर्व धर्म सभा का आयोजन भी किया गया। जिसमें हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म से जुड़े गुरुओं ने अपने अपने विचार रखे। गुरु ने गुरुजनों ने शांति और सद्भाव के मार्ग पर चलने व एकता और भाईचारे के साथ रहने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा कर्नल गुरुबख्श सिंह ढिल्लन के साथ के समय को याद किया। बच्चों ने राष्ट्रभक्ति गीत पर प्रस्तुति दी। कर्नल गुरुबख्श सिंह ढिल्लन को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने नेहरू बिग्रेड की कमान सौंपी थी। नेताजी की टीम में रहते हुए ब्रिटिश सेना के खिलाफ मोर्चा संभाला। देश की आजादी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भारत सरकार ने उनके नाम पर डाक टिकिट जारी किए। उन्हें पद्म भूषण की उपाधि से अलंकृत किया गया। आजादी के बाद हातोद में किया निवास देश आजाद होने के बाद कर्नल ढिल्लन ने शिवपुरी को अपना नया घर बनाया और वे हातोद में आकर रहने लगे। यहीं पर उन्होंने देश के युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करने वाली कई कविताएं और कई किताबें लिखीं। 6 फ़रवरी 2006 को उन्होंने अंतिम सांस ली।3
- शिवपुरी। शिवपुरी जिले की बैराड़ कृषि उपज मंडी में व्यापारियों और मंडी कर्मचारियों की कथित मनमानी से नाराज किसानों ने बुधवार को पोहरी–मोहना रोड पर चक्का जाम कर दिया। किसानों का आरोप है कि मंडी में उनकी फसलों के उचित दाम नहीं लगाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि व्यापारी जानबूझकर फसलों के कम भाव लगाते हैं, वहीं मंडी कर्मचारियों की लापरवाही के चलते उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। किसानों ने मांग की कि मंडी में नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और फसलों का उचित बाजार मूल्य सुनिश्चित किया जाए।1
- मगरोनी बीसीसी ग्राउंड का सीमांकन मामले में आया नया मोड़ पूर्व विधायक लखन सिंह बोले सीमांकन विरोध हित में हुआ लाखन सिंह बघेल पलटवार करते हुए बोले मेरे द्वारा कोई अतिक्रमण नहीं कीया, वर्तमान विधायक द्वारा मेरे ऊपर झूठे आरोप लगाये जा रहे हैं यह पावर का ग़लत इस्तेमाल कर रहे हैं यह पूरा सीमांकन विरोध हित में हुआ है खबर दिनांक 6 फरवरी को मगरौनी निवासी पूर्व विधायक लाखन सिंह बघेल मीडिया से रूबरू होते हुए बोले की जो मगरौनी राम-जानकी बीसीसी खेल मैदान का सीमांकन हुआ है उससे मैं बिल्कुल संतुष्ट नहीं हूं मेरे पर लोगों द्वारा झूठा आरोप लगाया जा रहा है मेरे द्वारा कोई अतिक्रमण नहीं कीया गया सीमांकन विरोध हित में हुआ है पहले भी कई बार बीसीसी ग्राउंड का सीमांकन हुआ है लेकिन आज दिनांक तक मेरे खेतों में जमीन नहीं निकली यह जमीन मेरे पुरखों की जमीन है और अगर सीमांकन के द्वारा मेरी जमीन मैं खेल मैदान की जगह निकल रही है तो ठीक है लेकिन मेरे द्वारा भी आवेदन दिया गया था मेरी जमीन रकबा मैं है उतनी मुझे भी सीमांकन करके देना चाहिए मेरे जगह का सीमांकन क्यों नहीं किया गया मेरी जगह भी पुलिस चौकी में निकल रही है और पूर्व विधायक बोले यह सीमांकन मैं मुझे कुछ समझ में ही नहीं आया की आपने ईटीसी मसीन द्वारा कैसे कीया है मसीन के साथ जरीव से भी नाप होना चाहिए थी जिससे मेरी भी समझ में आ सके और आगे सुनिए पूर्व विधायक लाखन बघेल ने क्या कहा1
- क्षेत्रीय विधायक रमेश खटीक ने शुक्रवार को दोपहर 1 बजे को पीएम श्री कन्या विद्यालय के वार्षिक समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय समिति द्वारा विधायक का स्वागत किया। वार्षिकोत्सव के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उपस्थित अतिथियों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना की विधायक रमेश खटीक ने इस अवसर पर विद्यालय के प्रतिभावान और मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया।अपने संबोधन में विधायक रमेश खटीक ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह कुंजी है जिसका बंटवारा नहीं किया जा सकता और यही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है।1
- शिवपुरी: पार्किंग पर संग्राम...वाहन खड़ा करने को लेकर कोर्ट रोड़ पर मेडिकल स्टोर संचालक एवं वाहन मालिक के बीच जमकर चले लात घूंसे वीडियो वायरल...कोर्ट रोड रोड की घटना।1
- Post by Satish Parihare1
- Post by Boss Banjara1
- शिवपुरी। प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पद्मभूषण स्व. कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लन की 20वीं पुण्यतिथि ग्राम हातोद में श्रद्धा के साथ मनाई गई। पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, सीआरपीएफ आईजी गुरशक्ति सिंह, आईटीबीपी डीआईजी रोशन लाल ठाकुर, कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर समाधि स्थल पर मेला लगा और मशाल यात्रा निकालकर शहीद को नमन किया गया। कर्नल ढिल्लन की पुत्री अमृता मेहरोत्रा ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया। पुत्र सर्वजीत ढिल्लन ने भी अपने विचार रखे।1