Shuru
Apke Nagar Ki App…
अलवर के बावल स्थित GLS कंपनी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया, जिससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया।
Angad Singh
अलवर के बावल स्थित GLS कंपनी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया, जिससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया।
More news from राजस्थान and nearby areas
- अलवर के बावल स्थित GLS कंपनी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज़ थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया, जिससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया।1
- मांडवर के रसगन स्थित श्री शीतल दास जी आश्रम का वार्षिक मेला श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने धोक लगाई। भीषण गर्मी के बीच स्वामी बालकादेवाचार्य जी महाराज की 41 दिवसीय 'पंच धूणी अग्नि तपस्या' मेले का मुख्य आकर्षण रही। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान, कथाएँ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें नई सेवा व्यवस्था भी तय की गई।1
- महेंद्रगढ़ के अटेली में 'सेवा ही धर्म' का संदेश प्रमुखता से उभरा है। इसमें मानव कल्याण के कार्यों को ही सच्चा धर्म बताया गया है। यह संदेश समाज में सकारात्मकता और निस्वार्थ सेवाभाव को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिला पुलिस ने छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें विद्यार्थियों को थाना परिसर का भ्रमण कराकर पुलिस कार्यप्रणाली, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें ऑनलाइन ठगी से बचने और आपात स्थिति में सहायता प्राप्त करने के तरीके भी बताए।1
- देश में बिगड़ते आर्थिक हालात के चलते फिर से लॉकडाउन की आशंका गहरा गई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी, रुपए में ऐतिहासिक गिरावट और महंगाई चरम पर पहुँच गई है, जिससे मंदी का डर बढ़ रहा है।1
- दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल में 3 साल की बच्ची से रेप के आरोपी को जेल से जमानत मिल गई है। हरियाणा के रेवाड़ी निवासी इस आरोपी की रिहाई से इलाके में गहरा आक्रोश है।1
- राजस्थान में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के खिलाफ शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा है। अपनी मांगों को लेकर शिक्षकों ने मंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली, जो उनके गहरे आक्रोश को दर्शाती है।1
- लड़कपन खेल में, जवानी नींद में बिताने वाले बुढ़ापे में पछताते हैं। इसलिए जीवन में अच्छे कर्मों को प्राथमिकता देना बेहद ज़रूरी है। वरना तो बाद में सिर्फ पछतावा ही रह जाता है।1