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सरपंच की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, तालाब के पास घायल अवस्था में मिले सरपंच, अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने किया मृत घोषित सरपंच पर खूनी हमला, अस्पताल में मौत, घटनास्थल पर मिले संघर्ष के निशान से गहराया रहस्य *एंकर* :- कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मोहपाल के सरपंच मंगल सिंह मरकाम (56) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह मंगल सिंह गांव के तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े मिले। परिजन उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। वहीं घटनास्थल पर खून के निशान और संघर्ष के संकेत मिलने से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर मृतक की बाइक भी मिली है। इसके अलावा खेत के किनारे रॉड और डंडे पड़े मिले हैं। _“पंचायत जा रहा हूं” कहकर निकले थे घर से मृतक सरपंच के पुत्र विक्रम ने बताया कि उनके पिता मंगलवार शाम करीब 6 बजे पंचायत कार्यालय जा रहा हूं, कहकर घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। गांव में उनके दो घर होने के कारण परिवार को लगा कि संभवतः वे पुराने घर की तरफ रुक गए होंगे। इसी बीच बुधवार सुबह सूचना मिली कि मंगल सिंह मरकाम तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े हुए हैं। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। _परिजनों ने जताई हत्या की आशंका मृतक मंगल सिंह मरकाम के शरीर पर चोट के निशान, घटनास्थल पर मिले खून और संघर्ष के संकेत तथा पास में मिले रॉड-डंडे को लेकर परिजनों ने जानलेवा हमला कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियां पुलिस जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी। परिजनों की रिपोर्ट पर बड़ेडोंगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आसपास के परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है। *बाइट* :- विक्रम सिंह मरकाम, मृतक का पुत्र

15 hrs ago
user_रामकुमार भारद्वाज
रामकुमार भारद्वाज
कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
15 hrs ago

सरपंच की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, तालाब के पास घायल अवस्था में मिले सरपंच, अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने किया मृत घोषित सरपंच पर खूनी हमला, अस्पताल में मौत, घटनास्थल पर मिले संघर्ष के निशान से गहराया रहस्य *एंकर* :- कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मोहपाल के सरपंच मंगल सिंह मरकाम (56) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह मंगल सिंह गांव के तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े मिले। परिजन उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। वहीं घटनास्थल पर खून के निशान और संघर्ष के संकेत मिलने से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर मृतक की बाइक भी मिली है। इसके अलावा खेत के किनारे रॉड और डंडे पड़े मिले हैं। _“पंचायत जा रहा हूं” कहकर निकले थे घर से मृतक सरपंच के पुत्र विक्रम ने बताया कि उनके पिता मंगलवार शाम करीब 6 बजे पंचायत कार्यालय जा रहा हूं, कहकर घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। गांव में उनके दो घर होने के कारण परिवार को लगा कि संभवतः वे पुराने घर की तरफ रुक गए होंगे। इसी बीच बुधवार सुबह सूचना मिली कि मंगल सिंह मरकाम तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े हुए हैं। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। _परिजनों ने जताई हत्या की आशंका मृतक मंगल सिंह मरकाम के शरीर पर चोट के निशान, घटनास्थल पर मिले खून और संघर्ष के संकेत तथा पास में मिले रॉड-डंडे को लेकर परिजनों ने जानलेवा हमला कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियां पुलिस जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी। परिजनों की रिपोर्ट पर बड़ेडोंगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आसपास के परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है। *बाइट* :- विक्रम सिंह मरकाम, मृतक का पुत्र

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  • कोंडागांव/ बुनागाँव के नन्हे कलाकारों ने कागज पर उतारा विकसित भारत 2047 का सपना। चित्रों और भाषणों के जरिए बच्चों ने दिखाया स्वच्छ, सशक्त और नशामुक्त भारत का संकल्प।
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    कोंडागांव/ बुनागाँव के नन्हे कलाकारों ने कागज पर उतारा विकसित भारत 2047 का सपना। चित्रों और भाषणों के जरिए बच्चों ने दिखाया स्वच्छ, सशक्त और नशामुक्त भारत का संकल्प।
    user_ESHENDRA PATEL
    ESHENDRA PATEL
    पत्रकार कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • सिविल लाइन में ढीमर समाज भवन के पास निकला अजगर, लोगों में बढ़ा डर कांकेर शहर में इन दिनों जंगली जानवरों की लगातार आमद से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बुधवार की रात 8 बजे सिविल लाइन स्थित ढीमर समाज भवन के पास,अजगर निकलने से लोगों में हड़कंप मच गया। अजगर को देखते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। शहर में एक ओर भालू के लगातार रिहायशी इलाकों में पहुंचने और,घरों के दरवाजे तोड़कर राशन व खाद्य सामग्री खाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं तेंदुए की मौजूदगी भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। तेंदुए द्वारा गाय बैल सहित घरों में पाले गए कुत्तों को उठाकर ले जाने की घटनाओं से भी लोग दहशत में हैं।
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    सिविल लाइन में ढीमर समाज भवन के पास निकला अजगर, लोगों में बढ़ा डर
कांकेर शहर में इन दिनों जंगली जानवरों की लगातार आमद से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। बुधवार की रात 8 बजे सिविल लाइन स्थित ढीमर समाज भवन के पास,अजगर निकलने से लोगों में हड़कंप मच गया। अजगर को देखते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
शहर में एक ओर भालू के लगातार रिहायशी इलाकों में पहुंचने और,घरों के दरवाजे तोड़कर राशन व खाद्य सामग्री खाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं तेंदुए की मौजूदगी भी लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। तेंदुए द्वारा गाय बैल सहित घरों में पाले गए कुत्तों को उठाकर ले जाने की घटनाओं से भी लोग दहशत में हैं।
    user_Ashish parihar
    Ashish parihar
    कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • दंतेवाड़ा में शराबी ट्रक चालक पर कार्रवाई, 10 हजार जुर्माना दंतेवाड़ा में यातायात पुलिस ने शराब के नशे में वाहन चलाने वाले ट्रक चालक पर कार्रवाई की है। इंडोर स्टेडियम के पास वाहन चेकिंग अभियान के दौरान ब्रेथ एनालाइजर से चालकों की जांच की गई। इसी दौरान ट्रक चालक शिव विलास शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाया गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की। मामला न्यायालय में पेश किया गया, जहां चालक पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से शराब का सेवन कर वाहन नहीं चलाने की अपील की है।
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    दंतेवाड़ा में शराबी ट्रक चालक पर कार्रवाई, 10 हजार जुर्माना
दंतेवाड़ा में यातायात पुलिस ने शराब के नशे में वाहन चलाने वाले ट्रक चालक पर कार्रवाई की है। इंडोर स्टेडियम के पास वाहन चेकिंग अभियान के दौरान ब्रेथ एनालाइजर से चालकों की जांच की गई। इसी दौरान ट्रक चालक शिव विलास शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पाया गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की। मामला न्यायालय में पेश किया गया, जहां चालक पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से शराब का सेवन कर वाहन नहीं चलाने की अपील की है।
    user_Kamlesh singh thakur
    Kamlesh singh thakur
    दंतेवाड़ा, दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • आत्मीय स्वागत देख खुद को रोक नहीं पाए कलेक्टर, मांदरी नर्तक दल के साथ जमकर थिरके आत्मीय स्वागत देख खुद को रोक नहीं पाए कलेक्टर, मांदरी नर्तक दल के साथ जमकर थिरके
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    आत्मीय स्वागत देख खुद को रोक नहीं पाए कलेक्टर, मांदरी नर्तक दल के साथ जमकर थिरके

आत्मीय स्वागत देख खुद को रोक नहीं पाए कलेक्टर, मांदरी नर्तक दल के साथ जमकर थिरके
    user_DEVWRAT TANDIYA
    DEVWRAT TANDIYA
    भानुप्रतापपुर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    30 min ago
  • साइबर जागृति अभियान के तहत जिलेभर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 186 कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 3,675 लोगों को दी गई साइबर सुरक्षा की जानकारी साइबर जागृति अभियान के तहत जिलेभर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 186 कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 3,675 लोगों को दी गई साइबर सुरक्षा की जानकारी सुकमा। पुलिस अधीक्षक सुकमा श्री मयंक गुर्जर (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रोहित शाह एवं श्री मनोज तिर्की के निर्देशन में जिले में संचालित साइबर जागृति अभियान के तहत दिनांक 30 सितंबर 2026 को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 🧑‍🤝‍🧑 अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों, बाजारों एवं अन्य स्थानों पर आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। नागरिकों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों से सावधान रहने तथा किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध APK फाइल अथवा फर्जी कॉल/मैसेज के झांसे में नहीं आने के लिए जागरूक किया गया। 🔐 साथ ही नागरिकों को OTP, ATM PIN, बैंक खाता संबंधी जानकारी एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने तथा साइबर अपराध होने पर तत्काल इसकी सूचना देने के लिए समझाइश दी गई। 📊 दिनांक 30 सितंबर 2026 को सुकमा जिले में कुल 186 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से लगभग 3,675 लोगों को साइबर सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। 🏘️ इन कार्यक्रमों में अजाक, छिंदगढ़, कुकानार, केरलापाल, दोरनापाल, पोलमपल्ली, चिंतागुफा, चिंतलनार, जगरगुंडा, एर्राबोर, भेज्जी, किस्टाराम, गोलापल्ली एवं मरईगुड़ा सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। ⚠️ सुकमा पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि साइबर अपराध से सतर्क रहें, अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखें तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
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    साइबर जागृति अभियान के तहत जिलेभर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 186 कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 3,675 लोगों को दी गई साइबर सुरक्षा की जानकारी
साइबर जागृति अभियान के तहत जिलेभर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 186 कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 3,675 लोगों को दी गई साइबर सुरक्षा की जानकारी
सुकमा। पुलिस अधीक्षक सुकमा श्री मयंक गुर्जर (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रोहित शाह एवं श्री मनोज तिर्की के निर्देशन में जिले में संचालित साइबर जागृति अभियान के तहत दिनांक 30 सितंबर 2026 को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
🧑‍🤝‍🧑 अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों, बाजारों एवं अन्य स्थानों पर आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। नागरिकों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों से सावधान रहने तथा किसी भी अनजान लिंक, संदिग्ध APK फाइल अथवा फर्जी कॉल/मैसेज के झांसे में नहीं आने के लिए जागरूक किया गया।
🔐 साथ ही नागरिकों को OTP, ATM PIN, बैंक खाता संबंधी जानकारी एवं अन्य गोपनीय जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने तथा साइबर अपराध होने पर तत्काल इसकी सूचना देने के लिए समझाइश दी गई।
📊 दिनांक 30 सितंबर 2026 को सुकमा जिले में कुल 186 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से लगभग 3,675 लोगों को साइबर सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। 
🏘️ इन कार्यक्रमों में अजाक, छिंदगढ़, कुकानार, केरलापाल, दोरनापाल, पोलमपल्ली, चिंतागुफा, चिंतलनार, जगरगुंडा, एर्राबोर, भेज्जी, किस्टाराम, गोलापल्ली एवं मरईगुड़ा सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। 
⚠️ सुकमा पुलिस द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि साइबर अपराध से सतर्क रहें, अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखें तथा किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
    user_Shnakar kumar miahra
    Shnakar kumar miahra
    Local News Reporter सुकमा, सुकमा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • सेवा संकल्प अभियान के तहत थाना बयानार परिसर में रोपे गए 50 फलदार और छायादार पौधे... सेवा संकल्प अभियान के तहत थाना बयानार परिसर में रोपे गए 50 फलदार एवं छायादार पौधे _ग्रामीणों के साथ पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद कोंडागांव :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा एवं समर्पण के 26 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत थाना बयानार परिसर एवं सीएएफ कैंप में संयुक्त रूप से पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के मार्गदर्शन में पुलिस विभाग एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में 50 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया। थाना बयानार कैंप परिसर में वन विभाग नारंगी परिक्षेत्र, वन मंडल कोंडागांव के वन परिक्षेत्र अधिकारी विजयंत तिवारी एवं थाना प्रभारी प्रेमनाथ बघेल के संयुक्त नेतृत्व में पौधरोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में पुलिस थाना बयानार के सहायक उप निरीक्षक चिंताराम ध्रुव, वन विभाग के उप वन क्षेत्रपाल संजय यादव, उमेश प्रधान एवं फूलसिंह बघेल, वनरक्षक लखन मंडावी, चंदन परासर एवं वनरक्षक चेतमणी नेताम सहित भाजपा कार्यकर्ता योगेश वैद्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
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    सेवा संकल्प अभियान के तहत थाना बयानार परिसर में रोपे गए 50 फलदार और छायादार पौधे...
सेवा संकल्प अभियान के तहत थाना बयानार परिसर में रोपे गए 50 फलदार एवं छायादार पौधे
_ग्रामीणों के साथ पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद
कोंडागांव :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा एवं समर्पण के 26 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत थाना बयानार परिसर एवं सीएएफ कैंप में संयुक्त रूप से पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।   पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के मार्गदर्शन में पुलिस विभाग एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में 50 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया।
थाना बयानार कैंप परिसर में वन विभाग नारंगी परिक्षेत्र, वन मंडल कोंडागांव के वन परिक्षेत्र अधिकारी विजयंत तिवारी एवं थाना प्रभारी प्रेमनाथ बघेल के संयुक्त नेतृत्व में पौधरोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और पौधों की देखभाल के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस थाना बयानार के सहायक उप निरीक्षक चिंताराम ध्रुव, वन विभाग के उप वन क्षेत्रपाल संजय यादव, उमेश प्रधान एवं फूलसिंह बघेल, वनरक्षक लखन मंडावी, चंदन परासर एवं वनरक्षक चेतमणी नेताम सहित भाजपा कार्यकर्ता योगेश वैद्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।
    user_रामकुमार भारद्वाज
    रामकुमार भारद्वाज
    कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • सरपंच की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, तालाब के पास घायल अवस्था में मिले सरपंच, अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने किया मृत घोषित सरपंच पर खूनी हमला, अस्पताल में मौत, घटनास्थल पर मिले संघर्ष के निशान से गहराया रहस्य *एंकर* :- कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मोहपाल के सरपंच मंगल सिंह मरकाम (56) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह मंगल सिंह गांव के तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े मिले। परिजन उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। वहीं घटनास्थल पर खून के निशान और संघर्ष के संकेत मिलने से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर मृतक की बाइक भी मिली है। इसके अलावा खेत के किनारे रॉड और डंडे पड़े मिले हैं। _“पंचायत जा रहा हूं” कहकर निकले थे घर से मृतक सरपंच के पुत्र विक्रम ने बताया कि उनके पिता मंगलवार शाम करीब 6 बजे पंचायत कार्यालय जा रहा हूं, कहकर घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। गांव में उनके दो घर होने के कारण परिवार को लगा कि संभवतः वे पुराने घर की तरफ रुक गए होंगे। इसी बीच बुधवार सुबह सूचना मिली कि मंगल सिंह मरकाम तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े हुए हैं। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। _परिजनों ने जताई हत्या की आशंका मृतक मंगल सिंह मरकाम के शरीर पर चोट के निशान, घटनास्थल पर मिले खून और संघर्ष के संकेत तथा पास में मिले रॉड-डंडे को लेकर परिजनों ने जानलेवा हमला कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियां पुलिस जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी। परिजनों की रिपोर्ट पर बड़ेडोंगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आसपास के परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है। *बाइट* :- विक्रम सिंह मरकाम, मृतक का पुत्र
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    सरपंच की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, तालाब के पास घायल अवस्था में मिले सरपंच, अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने किया मृत घोषित
सरपंच पर खूनी हमला, अस्पताल में मौत, घटनास्थल पर मिले संघर्ष के निशान से गहराया रहस्य
*एंकर* :- कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मोहपाल के सरपंच मंगल सिंह मरकाम (56) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह मंगल सिंह गांव के तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े मिले। परिजन उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
मृतक के शरीर पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं। वहीं घटनास्थल पर खून के निशान और संघर्ष के संकेत मिलने से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटनास्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर मृतक की बाइक भी मिली है। इसके अलावा खेत के किनारे रॉड और डंडे पड़े मिले हैं।
_“पंचायत जा रहा हूं” कहकर निकले थे घर से
मृतक सरपंच के पुत्र विक्रम ने बताया कि उनके पिता मंगलवार शाम करीब 6 बजे पंचायत कार्यालय जा रहा हूं, कहकर घर से निकले थे। देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। गांव में उनके दो घर होने के कारण परिवार को लगा कि संभवतः वे पुराने घर की तरफ रुक गए होंगे।
इसी बीच बुधवार सुबह सूचना मिली कि मंगल सिंह मरकाम तालाब के पास संदिग्ध अवस्था में पड़े हुए हैं। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल फरसगांव अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
_परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
मृतक मंगल सिंह मरकाम के शरीर पर चोट के निशान, घटनास्थल पर मिले खून और संघर्ष के संकेत तथा पास में मिले रॉड-डंडे को लेकर परिजनों ने जानलेवा हमला कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियां पुलिस जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगी।
परिजनों की रिपोर्ट पर बड़ेडोंगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आसपास के परिस्थितिजन्य तथ्यों की जांच कर रही है। मामले को लेकर क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है।
*बाइट* :- विक्रम सिंह मरकाम, मृतक का पुत्र
    user_रामकुमार भारद्वाज
    रामकुमार भारद्वाज
    कोंडागाँव, कोंडागांव, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • बाढ़ का पानी उतरा तो सामने आई तबाही की तस्वीर, 35 से अधिक परिवार बेघर घाटलोहंगा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब तबाही की वास्तविक तस्वीर सामने आने लगी है। बाढ़ के कारण कई गांवों में मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घरों के मलबे, टूटी छतें और बिखरा घरेलू सामान प्रभावित परिवारों की मुश्किलों को बयां कर रहे हैं। ग्राम पंचायत कुरकानार में 14 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। वहीं ग्राम पंचायत घाटलोहंगा, कुदालगांव और आश्रित ग्राम गुच्छागुड़ा में 11 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 25 से अधिक मकान ऐसे हैं, जिनमें रहना मुश्किल है और वे कभी भी गिरने की स्थिति में हैं। इसी तरह बकावंड ब्लॉक के ग्राम पंचायत झार उमरगांव के आश्रित ग्राम मेटावाड़ा के पटेलपारा और बोयापारा में भी 10 से अधिक मकानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। सामुदायिक भवन और स्कूल बने सहारा बाढ़ की तबाही से करीब 35 परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों के मकान रहने लायक नहीं बचे हैं। ऐसे में प्रभावित परिवार सामुदायिक भवन और स्कूल भवनों में आश्रय लेने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि जब तक उनके घर दोबारा नहीं बन जाते, तब तक सुरक्षित छांव और रहने की व्यवस्था सबसे बड़ी जरूरत है। घर के साथ गृहस्थी भी बर्बाद बाढ़ का पानी घरों में घुसने से धान, चावल, अनाज और घरेलू सामान भी बर्बाद हो गया। कई परिवारों की गृहस्थी पूरी तरह उजड़ गई है। आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण प्रभावित परिवारों के सामने रोजमर्रा के भोजन तक का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवार अब दाने-दाने के लिए मोहताज है! हल्का पटवारी ने कहा हल्का पटवारी ने राधिका उर्वशी ने बताया ग्राम पंचायत कूड़कानार का स्थिति बहुत ही खराब है क्षतिग्रस्त घर के परिवारों का बहुत ही दुखद स्थिति है पूरा सर्वे करने के बाद क्षतिग्रस्त घर की संख्या बढ़ सकता है ग्राम पंचायत घाटलों का क्षेत्र के पटवारी भारत लाल पटेल ने बताया की सर्वे तो पूरा हुआ है 11से अधिक घर पूर्ण क्षतिग्रस्त है और 23 से अधिक गिरने की स्थिति में है आगे बढ़ भी सकता है प्रशासन से राहत और पुनर्वास की मांग प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, भोजन, कपड़े, सुरक्षित आवास और क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर नये मकान और मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ बाढ़ का पानी उतरना समस्या का समाधान नहीं है। उनके सामने अब घर दोबारा बनाने और जीवन को पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती है। बाढ़ का पानी उतरा तो सामने आई तबाही की तस्वीर, 35 से अधिक परिवार बेघर घाटलोहंगा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब तबाही की वास्तविक तस्वीर सामने आने लगी है। बाढ़ के कारण कई गांवों में मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घरों के मलबे, टूटी छतें और बिखरा घरेलू सामान प्रभावित परिवारों की मुश्किलों को बयां कर रहे हैं। ग्राम पंचायत कुरकानार में 14 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। वहीं ग्राम पंचायत घाटलोहंगा, कुदालगांव और आश्रित ग्राम गुच्छागुड़ा में 11 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 25 से अधिक मकान ऐसे हैं, जिनमें रहना मुश्किल है और वे कभी भी गिरने की स्थिति में हैं। इसी तरह बकावंड ब्लॉक के ग्राम पंचायत झार उमरगांव के आश्रित ग्राम मेटावाड़ा के पटेलपारा और बोयापारा में भी 10 से अधिक मकानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। सामुदायिक भवन और स्कूल बने सहारा बाढ़ की तबाही से करीब 35 परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों के मकान रहने लायक नहीं बचे हैं। ऐसे में प्रभावित परिवार सामुदायिक भवन और स्कूल भवनों में आश्रय लेने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि जब तक उनके घर दोबारा नहीं बन जाते, तब तक सुरक्षित छांव और रहने की व्यवस्था सबसे बड़ी जरूरत है। घर के साथ गृहस्थी भी बर्बाद बाढ़ का पानी घरों में घुसने से धान, चावल, अनाज और घरेलू सामान भी बर्बाद हो गया। कई परिवारों की गृहस्थी पूरी तरह उजड़ गई है। आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण प्रभावित परिवारों के सामने रोजमर्रा के भोजन तक का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवार अब दाने-दाने के लिए मोहताज है! हल्का पटवारी ने कहा हल्का पटवारी ने राधिका उर्वशी ने बताया ग्राम पंचायत कूड़कानार का स्थिति बहुत ही खराब है क्षतिग्रस्त घर के परिवारों का बहुत ही दुखद स्थिति है पूरा सर्वे करने के बाद क्षतिग्रस्त घर की संख्या बढ़ सकता है ग्राम पंचायत घाटलों का क्षेत्र के पटवारी भारत लाल पटेल ने बताया की सर्वे तो पूरा हुआ है 11से अधिक घर पूर्ण क्षतिग्रस्त है और 23 से अधिक गिरने की स्थिति में है आगे बढ़ भी सकता है प्रशासन से राहत और पुनर्वास की मांग प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, भोजन, कपड़े, सुरक्षित आवास और क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर नये मकान और मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ बाढ़ का पानी उतरना समस्या का समाधान नहीं है। उनके सामने अब घर दोबारा बनाने और जीवन को पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती है।
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    बाढ़ का पानी उतरा तो सामने आई तबाही की तस्वीर, 35 से अधिक परिवार बेघर

घाटलोहंगा 

 क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब तबाही की वास्तविक तस्वीर सामने आने लगी है। बाढ़ के कारण कई गांवों में मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घरों के मलबे, टूटी छतें और बिखरा घरेलू सामान प्रभावित परिवारों की मुश्किलों को बयां कर रहे हैं।

ग्राम पंचायत कुरकानार में 14 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। वहीं ग्राम पंचायत घाटलोहंगा, कुदालगांव और आश्रित ग्राम गुच्छागुड़ा में 11 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 25 से अधिक मकान ऐसे हैं, जिनमें रहना मुश्किल है और वे कभी भी गिरने की स्थिति में हैं।

इसी तरह बकावंड ब्लॉक के ग्राम पंचायत झार उमरगांव के आश्रित ग्राम मेटावाड़ा के पटेलपारा और बोयापारा में भी 10 से अधिक मकानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

सामुदायिक भवन और स्कूल बने सहारा

बाढ़ की तबाही से करीब 35 परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों के मकान रहने लायक नहीं बचे हैं। ऐसे में प्रभावित परिवार सामुदायिक भवन और स्कूल भवनों में आश्रय लेने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि जब तक उनके घर दोबारा नहीं बन जाते, तब तक सुरक्षित छांव और रहने की व्यवस्था सबसे बड़ी जरूरत है।

घर के साथ गृहस्थी भी बर्बाद

बाढ़ का पानी घरों में घुसने से धान, चावल, अनाज और घरेलू सामान भी बर्बाद हो गया। कई परिवारों की गृहस्थी पूरी तरह उजड़ गई है। आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण प्रभावित परिवारों के सामने रोजमर्रा के भोजन तक का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवार अब दाने-दाने के लिए मोहताज है!

 हल्का पटवारी ने कहा 

हल्का पटवारी ने राधिका उर्वशी ने बताया ग्राम पंचायत कूड़कानार  का स्थिति बहुत ही खराब है क्षतिग्रस्त घर के परिवारों का बहुत ही दुखद स्थिति है पूरा सर्वे करने के बाद क्षतिग्रस्त घर की संख्या बढ़ सकता है

 ग्राम पंचायत घाटलों का क्षेत्र के पटवारी भारत लाल पटेल ने बताया की सर्वे तो पूरा हुआ है 11से अधिक घर पूर्ण क्षतिग्रस्त है और 23 से अधिक गिरने की स्थिति में है आगे बढ़ भी सकता है

प्रशासन से राहत और पुनर्वास की मांग

प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, भोजन, कपड़े, सुरक्षित आवास और क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर नये मकान और मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ बाढ़ का पानी उतरना समस्या का समाधान नहीं है। उनके सामने अब घर दोबारा बनाने और जीवन को पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती है।
बाढ़ का पानी उतरा तो सामने आई तबाही की तस्वीर, 35 से अधिक परिवार बेघर
घाटलोहंगा 
क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब तबाही की वास्तविक तस्वीर सामने आने लगी है। बाढ़ के कारण कई गांवों में मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घरों के मलबे, टूटी छतें और बिखरा घरेलू सामान प्रभावित परिवारों की मुश्किलों को बयां कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत कुरकानार में 14 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। वहीं ग्राम पंचायत घाटलोहंगा, कुदालगांव और आश्रित ग्राम गुच्छागुड़ा में 11 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 25 से अधिक मकान ऐसे हैं, जिनमें रहना मुश्किल है और वे कभी भी गिरने की स्थिति में हैं।
इसी तरह बकावंड ब्लॉक के ग्राम पंचायत झार उमरगांव के आश्रित ग्राम मेटावाड़ा के पटेलपारा और बोयापारा में भी 10 से अधिक मकानों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
सामुदायिक भवन और स्कूल बने सहारा
बाढ़ की तबाही से करीब 35 परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवारों के मकान रहने लायक नहीं बचे हैं। ऐसे में प्रभावित परिवार सामुदायिक भवन और स्कूल भवनों में आश्रय लेने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि जब तक उनके घर दोबारा नहीं बन जाते, तब तक सुरक्षित छांव और रहने की व्यवस्था सबसे बड़ी जरूरत है।
घर के साथ गृहस्थी भी बर्बाद
बाढ़ का पानी घरों में घुसने से धान, चावल, अनाज और घरेलू सामान भी बर्बाद हो गया। कई परिवारों की गृहस्थी पूरी तरह उजड़ गई है। आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण प्रभावित परिवारों के सामने रोजमर्रा के भोजन तक का संकट खड़ा हो गया है। कई परिवार अब दाने-दाने के लिए मोहताज है!
हल्का पटवारी ने कहा 
हल्का पटवारी ने राधिका उर्वशी ने बताया ग्राम पंचायत कूड़कानार  का स्थिति बहुत ही खराब है क्षतिग्रस्त घर के परिवारों का बहुत ही दुखद स्थिति है पूरा सर्वे करने के बाद क्षतिग्रस्त घर की संख्या बढ़ सकता है
ग्राम पंचायत घाटलों का क्षेत्र के पटवारी भारत लाल पटेल ने बताया की सर्वे तो पूरा हुआ है 11से अधिक घर पूर्ण क्षतिग्रस्त है और 23 से अधिक गिरने की स्थिति में है आगे बढ़ भी सकता है
प्रशासन से राहत और पुनर्वास की मांग
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, भोजन, कपड़े, सुरक्षित आवास और क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कर नये मकान और मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ बाढ़ का पानी उतरना समस्या का समाधान नहीं है। उनके सामने अब घर दोबारा बनाने और जीवन को पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती है।
    user_तुलसीराम ठाकुर
    तुलसीराम ठाकुर
    Farmer बस्तर, बस्तर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
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