गंगीरी रोड पर लगने वाली नुमाइश की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, नुमाइश स्थल पर हाईटेंशन बिजली लाइन के ठीक नीचे टीनशेड और अस्थायी दुकानें लगाई जा रही हैं, जिसे स्थानीय लोग हादसे को न्योता देती तैयारी मान रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली लाइन और इन टीनशेड के बीच पर्याप्त सुरक्षित दूरी दिखाई नहीं दे रही है। नुमाइश के दौरान भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए, हाईटेंशन लाइन के ठीक नीचे टीनशेड और दुकानें लगाने की यह व्यवस्था लोगों में गहरी चिंता पैदा कर रही है। लोगों का मानना है कि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए, आयोजन शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच कराई जानी चाहिए। इसी के मद्देनजर, स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा जहां भी आवश्यकता हो, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
गंगीरी रोड पर लगने वाली नुमाइश की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, नुमाइश स्थल पर हाईटेंशन बिजली लाइन के ठीक नीचे टीनशेड और अस्थायी दुकानें लगाई जा रही हैं, जिसे स्थानीय लोग हादसे को न्योता देती तैयारी मान रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली लाइन और इन टीनशेड के बीच पर्याप्त सुरक्षित दूरी दिखाई नहीं दे रही है। नुमाइश के दौरान भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए, हाईटेंशन लाइन
के ठीक नीचे टीनशेड और दुकानें लगाने की यह व्यवस्था लोगों में गहरी चिंता पैदा कर रही है। लोगों का मानना है कि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए, आयोजन शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच कराई जानी चाहिए। इसी के मद्देनजर, स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा जहां भी आवश्यकता हो, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
- अलीगढ़ में बदमाशों के हौसले बुलंद दिख रहे हैं, जहाँ उन्होंने नाबालिग बच्चों से मोबाइल छीन लिया। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। इस मामले में पुलिस जांच में जुट गई है।1
- अलीगढ़ में किसानों ने कलेक्ट्रेट पर एक अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने अपने गले में आलू की मालाएं पहन रखी थीं, जबकि उनके हाथों में मक्के के पौधे थे। इस विशिष्ट तरीके से किसानों ने अपनी बात रखी।1
- हाथरस के गांवों में आयोजित एक चौपाल कार्यक्रम में कल संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने एक अत्यंत 'दर्दनाक फैसला' सुनाया, जो खेती की बदहाल स्थिति को दर्शाता है। जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि खेती अब 'घाटे का सौदा' बन चुकी है और मजदूरों को काम पर रखना आर्थिक रूप से संभव नहीं है। इस गंभीर संकट के चलते, उन्हें अपने परिवार के साथ-साथ बच्चों को भी स्कूल से हटाकर खेतों में रोपाई के काम में लगाना पड़ेगा। इस मजबूरी पर किसान का कहना है कि 'पहले जिंदा रहना जरूरी है', हालांकि उन्होंने संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है। यह घटना एक गहरे सवाल को जन्म देती है कि क्या ऐसी परिस्थितियों में बच्चों को शिक्षा से वंचित करना उचित है। पोस्ट में इस स्थिति को सिर्फ एक किसान की नहीं, बल्कि पूरे देश के 'अन्नदाता की चीख' बताया गया है, जो शिक्षा और पेट भरने के बीच के दर्दनाक द्वंद्व को उजागर करती है।2
- अलीगढ़ में वार्ड-51 को निर्माण विकास परियोजनाओं की सौगात मिली है। इस अवसर पर नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा का भव्य स्वागत किया गया।1
- बुलंदशहर के खुर्जा कोतवाली क्षेत्र के टेना सिकरी मार्ग पर स्थित तीन ओयो होटलों पर खुर्जा विकास प्राधिकरण (बीकेडीए) और पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बीकेडीए ने इन तीनों होटलों की इमारतों को अवैध मानते हुए सील कर दिया। यह कार्रवाई तब की गई जब प्रशासन ने तीन दिन पहले इन्हीं में से एक होटल से सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए एक वीडियो का संज्ञान लिया। बताया गया कि तीनों होटल संचालकों के पास बीकेडीए से मानचित्र की स्वीकृति नहीं थी और वे अवैध रूप से ओयो होटल चला रहे थे। पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान, होटलों में मौजूद युवक-युवतियों में अफरातफरी मच गई। पुलिस के पहुंचते ही कई युवक-युवतियां होटलों से निकलकर भाग गए।1
- अलीगढ़ के पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के परिजनों से पैसे वसूलने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों के संबंध में महर्षि बाल्मीकि सेना का भी उल्लेख है।1
- गंगीरी रोड पर लगने वाली नुमाइश की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, नुमाइश स्थल पर हाईटेंशन बिजली लाइन के ठीक नीचे टीनशेड और अस्थायी दुकानें लगाई जा रही हैं, जिसे स्थानीय लोग हादसे को न्योता देती तैयारी मान रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली लाइन और इन टीनशेड के बीच पर्याप्त सुरक्षित दूरी दिखाई नहीं दे रही है। नुमाइश के दौरान भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए, हाईटेंशन लाइन के ठीक नीचे टीनशेड और दुकानें लगाने की यह व्यवस्था लोगों में गहरी चिंता पैदा कर रही है। लोगों का मानना है कि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए, आयोजन शुरू होने से पहले सुरक्षा व्यवस्था की गहन जांच कराई जानी चाहिए। इसी के मद्देनजर, स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा जहां भी आवश्यकता हो, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।2