भगवान राम की नगरी अयोध्या में एक अजब-गजब घटना सामने आई है, जहाँ कैंट थाना क्षेत्र में मरम्मत के लिए खड़ी एक पिकअप गाड़ी अचानक बिना किसी ड्राइवर के खुद-ब-खुद चलने लगी। इस 'आत्मनिर्भर' गाड़ी ने सीधे पोस्ट ऑफिस के एटीएम को अपना गंतव्य बनाया और उसमें जा घुसी, जिससे एटीएम पूरी तरह चकनाचूर हो गया। यह 'स्वयं-संचालित' पिकअप गाड़ी बिना किसी पेट्रोल-डीजल की परवाह किए अपनी रफ्तार पकड़ती हुई आगे बढ़ी और रास्ते में खड़ी दोपहिया गाड़ियों को 'कुचलते' हुए निकल गई। इस घटना से यूपीटेट की परीक्षा देने आए छात्र भी प्रभावित हुए, जिनकी मोटरसाइकिल गाड़ी से टकराने के बाद उनका मोबाइल टूट गया और वे मानसिक रूप से भी परेशान हो गए। गनीमत रही कि जिस समय गाड़ी एटीएम में घुसी, उस वक्त कोई ग्राहक कैश नहीं निकाल रहा था, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। यह घटना या तो मैकेनिकों की भारी लापरवाही को दर्शाती है या फिर अयोध्या की ऐसी 'चमत्कारी' हवा का असर है कि निर्जीव वस्तुएं भी चलने लगी हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस घटना ने सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, यह दर्शाते हुए कि लापरवाही और 'ईश्वरीय कृपा' मिलकर किसी भी सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा सकते हैं।
भगवान राम की नगरी अयोध्या में एक अजब-गजब घटना सामने आई है, जहाँ कैंट थाना क्षेत्र में मरम्मत के लिए खड़ी एक पिकअप गाड़ी अचानक बिना किसी ड्राइवर के खुद-ब-खुद चलने लगी। इस 'आत्मनिर्भर' गाड़ी ने सीधे पोस्ट ऑफिस के एटीएम को अपना गंतव्य बनाया और उसमें जा घुसी, जिससे एटीएम पूरी तरह चकनाचूर हो गया। यह 'स्वयं-संचालित' पिकअप गाड़ी बिना किसी पेट्रोल-डीजल की परवाह किए अपनी रफ्तार पकड़ती हुई आगे बढ़ी और रास्ते में खड़ी दोपहिया गाड़ियों को 'कुचलते' हुए निकल गई। इस घटना से यूपीटेट की परीक्षा देने आए छात्र भी प्रभावित हुए, जिनकी मोटरसाइकिल गाड़ी से टकराने के बाद उनका मोबाइल टूट गया और वे मानसिक रूप से भी परेशान हो गए। गनीमत रही कि जिस समय गाड़ी एटीएम में घुसी, उस वक्त कोई ग्राहक कैश नहीं निकाल रहा था, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। यह घटना या तो मैकेनिकों की भारी लापरवाही को दर्शाती है या फिर अयोध्या की ऐसी 'चमत्कारी' हवा का असर है कि निर्जीव वस्तुएं भी चलने लगी हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस घटना ने सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, यह दर्शाते हुए कि लापरवाही और 'ईश्वरीय कृपा' मिलकर किसी भी सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा सकते हैं।
- संतकबीरनगर जिले के दुधारा थाना क्षेत्र में हुए दिनेश कुमार हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है। मृतक की पत्नी सरिता देवी और उनके चाचा ने इस मामले के नामजद आरोपियों को बचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार के अनुसार, 24 जून 2026 को दिनेश कुमार को उनके घर से सफेद रंग की आर्टिका कार में सोनू पुत्र मोहम्मद यूनुस, बबलू पुत्र मुबारक हुसैन, दिलीप (जो सिसवा के निवासी हैं) और दो अन्य अज्ञात व्यक्ति अपने साथ ले गए थे। देर रात तक दिनेश कुमार के घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, जिसके बाद सिसवा फतेहुल्लाह स्थित एक पोखर में उनका शव मिला, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मृतक की पत्नी सरिता देवी और उनके चाचा का स्पष्ट आरोप है कि मुमताज अहमद इस हत्याकांड के नामजद आरोपियों सोनू, बबलू और दिलीप को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। वे यह भी दावा करते हैं कि मुमताज अहमद आरोपियों को बचाने की कोशिश करने के साथ-साथ पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बना रहे हैं और उन्हें धमकियां भी दे रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है। उनकी मुख्य मांग है कि सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और साथ ही, आरोपियों को संरक्षण देने वालों की भूमिका की भी जांच कर उन पर कठोर कार्रवाई की जाए। परिवार ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मुमताज अहमद के विरुद्ध लगाए गए ये आरोप पीड़ित पक्ष के दावे हैं, जिनकी अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है और संबंधित पक्ष का बयान आना शेष है।1
- उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, एडीवी इन्वेंशन एकेडमी की अवैध सीलिंग से जुड़े मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। इस प्रकरण में अब जिला प्रशासन को भी पक्षकार बनाया जाएगा। इसके साथ ही, अवैध सीलिंग के लिए संबंधित जिम्मेदार लोग भी इस कानूनी प्रक्रिया में जिला प्रशासन के साथ पक्षकार के रूप में शामिल होंगे।1
- सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का एक नया और खतरनाक मामला सामने आया है, जिसने देश भर में तहलका मचा दिया है। इस समस्या का मुख्य कारण एक चीनी ऐप 'BAT BMS' का उपयोग है। इस ऐप के इस्तेमाल से दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, जिससे ई-रिक्शा चालकों की दिहाड़ी भी चली जाती है। संत कबीर नगर जिले में, एआरटीओ प्रियबंदा सिंह ने इस गंभीर मुद्दे पर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसे ऐप का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इन घटनाओं को रोकने के लिए, शासन को एक पत्र भी भेज दिया गया है।1
- पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता अभियान के तहत, संतकबीरनगर के खलीलाबाद स्थित सरदार पटेल उच्च माध्यमिक विद्यालय, वैरमपुर में शुक्रवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के विभिन्न उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान विद्यालय के प्रबंधक योगेंद्र चौहान, प्रधानाचार्या संगीता चौधरी सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। यातायात पुलिस की ओर से प्रभारी यातायात परमहंस, मुख्य आरक्षी अयोध्या साहनी, मुख्य आरक्षी आनंद मोहन सिंह और आरक्षी सौरव उपाध्याय ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। प्रभारी परमहंस ने छात्रों को हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, नशे की हालत में वाहन न चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और यातायात संकेतों का सम्मान करने जैसे महत्वपूर्ण नियमों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने सड़क पार करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों और उनसे बचाव के तरीकों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की। यातायात पुलिस ने छात्र-छात्राओं से यह आह्वान किया कि वे न केवल स्वयं यातायात नियमों का पालन करें, बल्कि अपने परिवार, अभिभावकों और आस-पास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने संतकबीरनगर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस जन जागरूकता अभियान की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की। इस अभियान का मुख्य संदेश यह रहा कि "यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें। सड़क सुरक्षा ही जीवन रक्षा है।"1
- जनपद संतकबीरनगर में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 की लिखित परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने परीक्षा के दूसरे दिन विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में, अधिकारियों ने संत कबीर आचार्य राम विलास इंटर कॉलेज, मगहर स्थित परीक्षा केंद्र का भी दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं और सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, दोनों अधिकारियों ने परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने तथा शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्हें शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न होने देने के संबंध में आवश्यक हिदायतें भी दी गईं। बताया गया कि जनपद के कुल 07 परीक्षा केंद्रों पर यूपीटीईटी-2026 की परीक्षा शांतिपूर्ण और शुचितापूर्ण तरीके से संचालित हो रही है।4
- यह बताया गया है कि हमारे राम जी और अयोध्या वासियों के लिए जो कुछ भी हुआ है, वह ठीक नहीं है। एक 'बहुत अच्छी पहल' का जिक्र करते हुए भी, यह सवाल उठाया गया है कि नगरी उदास क्यों है और क्या दशरथ के लाल फिर से वनवास चले गए हैं? इस हृदयस्पर्शी भावना के साथ, यह बार-बार प्रार्थना और पुकार की गई है कि दशरथ के लाल वापस आएं।1
- भगवान राम की नगरी अयोध्या में एक अजब-गजब घटना सामने आई है, जहाँ कैंट थाना क्षेत्र में मरम्मत के लिए खड़ी एक पिकअप गाड़ी अचानक बिना किसी ड्राइवर के खुद-ब-खुद चलने लगी। इस 'आत्मनिर्भर' गाड़ी ने सीधे पोस्ट ऑफिस के एटीएम को अपना गंतव्य बनाया और उसमें जा घुसी, जिससे एटीएम पूरी तरह चकनाचूर हो गया। यह 'स्वयं-संचालित' पिकअप गाड़ी बिना किसी पेट्रोल-डीजल की परवाह किए अपनी रफ्तार पकड़ती हुई आगे बढ़ी और रास्ते में खड़ी दोपहिया गाड़ियों को 'कुचलते' हुए निकल गई। इस घटना से यूपीटेट की परीक्षा देने आए छात्र भी प्रभावित हुए, जिनकी मोटरसाइकिल गाड़ी से टकराने के बाद उनका मोबाइल टूट गया और वे मानसिक रूप से भी परेशान हो गए। गनीमत रही कि जिस समय गाड़ी एटीएम में घुसी, उस वक्त कोई ग्राहक कैश नहीं निकाल रहा था, जिससे एक बड़ी त्रासदी टल गई। यह घटना या तो मैकेनिकों की भारी लापरवाही को दर्शाती है या फिर अयोध्या की ऐसी 'चमत्कारी' हवा का असर है कि निर्जीव वस्तुएं भी चलने लगी हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू कर दी है। इस घटना ने सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, यह दर्शाते हुए कि लापरवाही और 'ईश्वरीय कृपा' मिलकर किसी भी सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा सकते हैं।1