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सत्य सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो 🚩🚩🚩गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩 माँ चन्द्रीका🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 धाम विकास यात्रा इटौरा जिला कटनी मध्य प्रदेश की बात करते हुए अपिल की जा🚶👭🚶👭🚶👭🚶👭🚶👭 रहीं हैं
Lallu ram Sharma
सत्य सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो 🚩🚩🚩गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩 माँ चन्द्रीका🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 धाम विकास यात्रा इटौरा जिला कटनी मध्य प्रदेश की बात करते हुए अपिल की जा🚶👭🚶👭🚶👭🚶👭🚶👭 रहीं हैं
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- सत्य सनातन🙏💕🙏💕🙏💕 संस्कृति धर्म की जय हो 🚩🚩🚩गौमाता की जय हो🚩🚩🚩 गाँव के सभि कुल देवी देवताओं की जय हो🚩🚩🚩 माँ चन्द्रीका🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 धाम विकास यात्रा इटौरा जिला कटनी मध्य प्रदेश की बात करते हुए अपिल की जा🚶👭🚶👭🚶👭🚶👭🚶👭 रहीं हैं1
- बड़वारा में शासन-प्रशासन की बड़ी लापरवाही: हादसों के बाद भी 'नो एंट्री' लागू नहीं, बच्चों की जान पर रोज़ बना रहता है ख़तरा बड़वारा (कटनी)। बड़वारा में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और जन-आंदोलनों के बावजूद शासन-प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार ज्ञापन सौंपने, प्रदर्शन करने और चक्काजाम करने के बाद भी अब तक क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए 'नो एंट्री' नियम लागू नहीं किया गया है। इस प्रशासनिक उदासीनता के कारण रोज़ाना हज़ारों स्कूली बच्चों और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ी रहती है। क्या किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन? बड़वारा क्षेत्र में पहले भी कई दर्दनाक सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई परिवार अपनी जान और माल का नुकसान उठा चुके हैं। इसके बावजूद बड़वारा तहसीलदार एवं थाना प्रभारी द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। दिन के समय, विशेषकर स्कूल और कोचिंग के आवागमन के वक्त, सड़कों पर बेधड़क दौड़ते भारी और अनियंत्रित वाहन मासूम बच्चों के लिए काल बनकर घूम रहे हैं। अभिभावक हर पल किसी अनहोनी के डर में जीने को मजबूर हैं। "लगातार संवाद करने और ध्यानाकर्षण कराने के बाद भी नो एंट्री चालू न करना यह दर्शाता है कि बड़वारा प्रशासन जनता की सुरक्षा को लेकर कितना गंभीर है। हमारे नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य और उनकी ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए।" मुख्य माँगें: नो एंट्री तत्काल लागू हो: बड़वारा के मुख्य और व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश के लिए समय-सीमा (नो एंट्री) तय की जाए। स्कूल समय में विशेष सुरक्षा: सुबह और दोपहर में स्कूल खुलने व बंद होने के समय पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। गति सीमा पर नियंत्रण: कस्बे के अंदर से गुज़रने वाले वाहनों की गति पर सख्त पाबंदी लगाई जाए। माँगें न मानने पर उग्र जन-आंदोलन की चेतावनी क्षेत्रीय निवासियों और प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते नो एंट्री लागू नहीं की और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की जनता एक बार फिर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी बड़वारा शासन-प्रशासन की होगी।1
- मानपुर रेंजर के शासकीय आवास परिसर में पहले सागौन, फिर चंदन पर चली आरी—वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल सरकारी बंगले में ही वन संपदा महफूज नहीं! मानपुर रेंजर के शासकीय आवास परिसर में पहले सागौन, फिर चंदन पर चली आरी—वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल पत्रकार ने उप संचालक को शिकायत भेजकर उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की (आशुतोष त्रिपाठी/जन चिंगारी—उमरिया) मानपुर/उमरिया। वन संपदा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले वन विभाग की कार्यप्रणाली पर मानपुर में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि कथित रूप से पेड़ों की कटाई किसी सुनसान जंगल में नहीं, बल्कि वन विभाग के अधिकारी के शासकीय आवास परिसर में होने की शिकायत सामने आई है। इस संबंध में पत्रकार रवि सेन ने 24 जुलाई 2026 को उप संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, मानपुर वन परिक्षेत्र स्थित रेंजर के शासकीय आवास परिसर में करीब दो माह पूर्व लगभग 100 सेंटीमीटर गोलाई वाले सागौन के पेड़ की कथित कटाई की गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद मामले में अपेक्षित प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच 17 जुलाई 2026 की रात उसी शासकीय परिसर में वर्षों पुराने चंदन के पेड़ को काटे जाने का मामला सामने आने का दावा शिकायत में किया गया है। एक ही परिसर में लगातार वन संपदा को नुकसान पहुंचने की शिकायत ने विभागीय निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक घटना पर खामोशी, दूसरी ने खोल दी व्यवस्था की पोल? शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पूर्व की घटना के बाद भी यदि परिसर में वन संपदा की सुरक्षा के लिए ठोस निगरानी नहीं की गई, तो यह विभागीय व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है। सवाल यह भी है कि जब वन विभाग के अधिकारी के सरकारी आवास परिसर में ही पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही, तो जंगलों में वन संपदा की निगरानी किस स्तर पर हो रही होगी? शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दिए जाने के बावजूद तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बाद में जब मामला सामने आया तो सफाई देने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। चंदन कटाई में ‘अंदरूनी हाथ’ की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि मामले की निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि पेड़ किसके निर्देश, संरक्षण अथवा मिलीभगत से काटा गया और काटी गई लकड़ी आखिर कहां गई। इसी कारण मामले में केवल खानापूर्ति के बजाय वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में मांग की गई है कि 17 जुलाई को काटे गए चंदन के पेड़ की कटाई और पूर्व में काटे गए सागौन के पेड़ की कटाई की अलग-अलग एवं संयुक्त जांच कराई जाए। साथ ही तत्कालीन स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों से भी जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। जांच में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई की मांग शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही, संरक्षण या संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल—‘रखवाली’ किसकी और जवाबदेही किसकी? पूरे मामले ने वन विभाग के सामने कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या सरकारी आवास परिसर में लगे कीमती पेड़ों की नियमित निगरानी होती थी? पहले सागौन कटने के बाद सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं बढ़ाई गई? 17 जुलाई की रात चंदन का पेड़ आखिर कैसे काट दिया गया? कटी हुई लकड़ी कहां गई और किसकी अनुमति से पेड़ काटा गया? क्या विभागीय स्तर पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय होगी? अब निगाहें वन विभाग के उच्चाधिकारियों पर हैं कि शिकायत को महज कागजी कार्रवाई तक सीमित रखा जाता है या फिर सरकारी परिसर में वन संपदा की कथित कटाई की जड़ तक पहुंचकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाती है।4
- खबर हम देग चित्रकूट न्यूज चैनल संपादक अरुण कुमार शर्मा खास खबर चित्रकूट विधायक ने बिजली की समस्या पर मुख्य अभियंता से माँगे ट्रांसफॉर्मर" चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में चल रहे बिजली के संकट को देखते हुये क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने बताया कि उन्होंने मुख्य अभियंता विद्युत, रीवा से चर्चा कर 37 ट्रांसफ़ॉर्मर तत्काल मंगवाये हैं। क्षेत्र में जो जले और बिगड़े ट्रांसफॉर्मर आंशिक बिल भुगतान कर पात्रता की श्रेणी में आ चुके हैं, वहाँ इन्हें वरीयता अनुसार लगवाया जायेगा। श्री गहरवार ने कहा कि बिजली की समस्या से न केवल किसान, बल्कि आमजन जूझ रहा है, जिसमें बिजली विभाग की अनदेखी और स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों की लापरवाही और कमीशनखोरी सामने आयी है। विदित हो कि इन्हीं समस्याओं को ले कर हाल ही में बिरसिंहपुर में भाजपा के ही कार्यकर्ताओं ने बिजली दफ्तर का घेराव भी किया था। मुख्य अभियंता से चर्चा अनुसार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 6 सब स्टेशन बैरहना, बिरसिंहपुर, जैतवारा, मझगवां, बरौंधा और चित्रकूट के लिये 25kVA के 26, 63kVA के छह, 100kVA के चार एवं 200kVA का एक ट्रांसफॉर्मर अगले 3-4 दिन में मिल जायेंगे जो सिर्फ चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे।1
- 💥 *बड़ी खबर*💥 *ऑन-ड्यूटी स्टंट से वर्दी की गरिमा तार-तार, यह विदाई सम्मान नहीं, 'जी-हुजुरी' और खाकी का अपमान है। रिटायर IG की विदाई पर पुलिस जवान ने खींची गाड़ी* ग्वालियर में आईजी अरविंद सक्सेना की विदाई पर पुलिस नियमों की धज्जियां उड़ गईं। फूलों से सजी गाड़ी में रिटायर आईजी बैठे रहे और ऑन-ड्यूटी आरक्षक दांतों से गाड़ी खींचता रहा। अनुशासित विभाग में वर्दी पहनकर ऐसा हैरतअंगेज स्टंट करना पद, गरिमा और खाकी का सरासर अपमान है। आजाद भारत में पुलिसकर्मियों से इस तरह गाड़ी खिंचवाना 'सामंती सोच' और 'गुलामी की मानसिकता' को दर्शाता है।जनता का कहना है कि ऑन-ड्यूटी वर्दी पहनकर अपने ही सीनियर की गाड़ी खींचना केवल व्यक्तिगत चापलूसी (जी-हुजुरी) है, न कि कोई विभागीय सम्मान।जनता का मानना है कि वर्दी पहनकर इस तरह का ऑन-ड्यूटी स्टंट करना और वरिष्ठ अधिकारी द्वारा उसे मूकसहमति देना भारतीय पुलिस सेवा की गरिमा और अनुशासन का सरासर अपमान है। पुलिस मुख्यालय के सामान्य दिशा-निर्देशों के मुताबिक, कोई भी जवान ड्यूटी के दौरान या सरकारी वर्दी पहनकर अपनी व्यक्तिगत शारीरिक क्षमता का ऐसा हैरतअंगेज प्रदर्शन नहीं कर सकता जो पुलिस विभाग की आधिकारिक छवि का हिस्सा न हो।1
- कटनी नगर//- घंटाघर कटनी में समाजवादी पार्टी की विशाल आमसभा AIMA MEDIA 24×7 जन जन की आवाज़ कटनी में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, केंद्र व प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे संजय सिंह और रघु ठाकुर लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी की जनसभा में किसानों, युवाओं, शिक्षा, महंगाई और कटनी मेडिकल कॉलेज का मुद्दा छाया कटनी, 2 अगस्त। शहर के घंटाघर स्थित रामलीला मैदान में रविवार को लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी द्वारा आयोजित जनसभा में केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर विपक्षी नेताओं ने तीखे राजनीतिक हमले किए। जनसभा को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद संजय सिंह और समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने किसानों, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, महंगाई, निजीकरण तथा कटनी मेडिकल कॉलेज सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित रहे। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को फसल का दोगुना मूल्य देने का वादा अधूरा है, गरीबों को पक्के मकान नहीं मिल पाए हैं और लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटका रही है और उसे जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने कहा कि अनेक सरकारी स्कूलों में आज भी बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य को राजनीति से ऊपर रखते हुए इन क्षेत्रों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। साथ ही पेपर लीक की घटनाओं को युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की और आरोप लगाया कि आम जनता लगातार बढ़ती महंगाई और रोजगार संकट से जूझ रही है। सभा को संबोधित करते हुए समाजवादी नेता रघु ठाकुर ने कटनी मेडिकल कॉलेज का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेज का वादा किया था, लेकिन अब उसे पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी संस्थानों का संचालन भी निजी भागीदारी से होगा तो आम जनता को अपेक्षित सुविधाएं कैसे मिलेंगी। उन्होंने सरकार से मेडिकल कॉलेज के लिए स्वीकृत राशि और परियोजना की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। जनसभा के अंत में वक्ताओं ने किसानों, युवाओं, मजदूरों और आम नागरिकों से लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी भी की। राकेश निषाद AIMA MEDIA 24×7 जन जन की आवाज़2
- मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय पं. रविशंकर शुक्ल की जयंती पर रविवार को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश के निर्माण और विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को नमन किया।कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, पं. रविशंकर शुक्ल की पौत्री उमा तिवारी एवं अन्य परिवारजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय पं. रविशंकर शुक्ल की जयंती पर रविवार को विधानसभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश के निर्माण और विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को नमन किया।कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, पं. रविशंकर शुक्ल की पौत्री उमा तिवारी एवं अन्य परिवारजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1