महिला ट्रेनिंग सेंटर कहलगांव में मनाई गई महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती भागलपुर जिला के कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत महिलाओं को स्वरोजगार एवं मजबूती प्रदान करने वाले महिला ट्रेनिंग सेंटर कहलगांव में महर्षि दयानंद सरस्वती का जन्म 12 फरवरी 1824 को हुआ था इसी उपलक्ष में कहलगांव शहर के बीच स्थित वी मार्ट मोल के पास महिला ट्रेनिंग सेंटर मे महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती मनाई गई साथ ही जयंती के उपलक्ष्य में ट्रेनिंग प्राप्त कर रही माता बहनों का बौद्धिक विकास एवं सम्मान कार्यक्रम हुआ कार्यक्रम में समाजसेवी बंटी पांडे और समाजसेवी छोटू पांडे ने माता बहनों को अंगवस्त्र से सम्मानित कर और उपस्थित माता बहनों से केक कटवाकर मनाई, समाजसेवी बंटी पांडे ने उपस्थित माता बहनो को सम्बोधित कर बताया कि महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती ने बाल विवाह और सती प्रथा जैसी कुरीतियों का विरोध कर समाज को नई दिशा देने का काम किया था महर्षि दयानंद सरस्वती ने ही समाज को कुरीतियों से लड़ना सिखाया था स्वामी दयानंद सरस्वती ने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि संसार का संपूर्ण ज्ञान वेदों में निहित है वेद ही नैतिकता का पाठ पढ़ा सकते हैं और शिक्षा दे सकते हैं इसलिए उन्होंने वेदों की ओर लौटने की बात भी कही थी आज दुनिया वेदों में निहित ज्ञान को मान रही है. वहीं समाजसेवी कन्हैया खंडेलवाल ने गुरुवार को दोपहर 3:45 पर कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती एक महान समाज सुधारक थे उन्होंने भारतीय समाज में व्याप्त रूढ़िवादी कुरीतियों को दूर करने के लिए अनेक कदम उठाए और शिक्षा को माध्यम बनाया साथ ही आर्य समाज की स्थापना कर समाज और राष्ट्र निर्माण के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और सामाजिक सुधार के लिए बहुत सारे काम किए हैं स्वामी दयानंद सरस्वती ने इन सभी कुरीतियों से जमकर लोहा लिया और उन्हें समाप्त करने का भरपूर प्रयास किया हमें और समाज को महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए, स्थानीय समाजसेवी छोटू पांडे ने बताया कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने शिक्षा और वेद पाठ का जो रास्ता दिखाया उसने समाज को हमेशा प्रेरणा देना का काम किया है उन्होंने ज्ञान के साथ संस्कार पर भी बल दिया तथा कहा कि हमें महर्षि दयानंद जी से प्रेरणा लेकर उन्हीं की तरह अच्छे इंसान बनने का प्रयास करना चाहिए महर्षि दयानंद ने धर्म के नाम पर पाखंड का विरोध किया उन्होंने वेदों का रास्ता दिखाया और समाज में विभिन्न प्रकार की कुरीतियों का विरोध कियाI इस कार्यक्रम में रेखा देवी बबिता देवी रागिनी कुमारी अनामिका देवी अदिति कुमारी प्राची कुमारी गीतांजलि कुमारी नंदनी कुमारी मुस्कान कुमारी काजल पूनम आभा राजमंती कुमारी सहित सैकड़ो माता बहने सहित दिलखुश कुमार अमरेश सुशील कुमार यादव उपस्थित थी I
महिला ट्रेनिंग सेंटर कहलगांव में मनाई गई महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती भागलपुर जिला के कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत महिलाओं को स्वरोजगार एवं मजबूती प्रदान करने वाले महिला ट्रेनिंग सेंटर कहलगांव में महर्षि दयानंद सरस्वती का जन्म 12 फरवरी 1824 को हुआ था इसी उपलक्ष में कहलगांव शहर के बीच स्थित वी मार्ट मोल के पास महिला ट्रेनिंग सेंटर मे महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती मनाई गई साथ ही जयंती के उपलक्ष्य में ट्रेनिंग प्राप्त कर रही माता बहनों का बौद्धिक विकास एवं सम्मान कार्यक्रम हुआ कार्यक्रम में समाजसेवी बंटी पांडे और समाजसेवी छोटू पांडे ने माता बहनों को अंगवस्त्र से सम्मानित कर और उपस्थित माता बहनों से केक कटवाकर मनाई, समाजसेवी बंटी पांडे ने उपस्थित माता बहनो को सम्बोधित कर बताया कि महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती ने बाल विवाह और सती प्रथा जैसी कुरीतियों का विरोध कर समाज को नई दिशा देने का काम किया था महर्षि दयानंद सरस्वती ने ही समाज को कुरीतियों से लड़ना सिखाया था स्वामी दयानंद सरस्वती ने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि संसार का संपूर्ण ज्ञान वेदों में निहित है वेद ही नैतिकता का पाठ पढ़ा सकते हैं और शिक्षा दे सकते हैं इसलिए उन्होंने वेदों की ओर लौटने की बात भी कही थी आज दुनिया वेदों में निहित ज्ञान को मान रही है. वहीं समाजसेवी कन्हैया खंडेलवाल ने गुरुवार को दोपहर 3:45 पर कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती एक महान समाज सुधारक थे उन्होंने भारतीय समाज में व्याप्त रूढ़िवादी कुरीतियों को दूर करने के लिए अनेक कदम उठाए और शिक्षा को माध्यम बनाया साथ ही आर्य समाज की स्थापना कर समाज और राष्ट्र निर्माण के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और सामाजिक सुधार के लिए बहुत सारे काम किए हैं स्वामी दयानंद सरस्वती ने इन सभी कुरीतियों से जमकर लोहा लिया और उन्हें समाप्त करने का भरपूर प्रयास किया हमें और समाज को महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए, स्थानीय समाजसेवी छोटू पांडे ने बताया कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने शिक्षा और वेद पाठ का जो रास्ता दिखाया उसने समाज को हमेशा प्रेरणा देना का काम किया है उन्होंने ज्ञान के साथ संस्कार पर भी बल दिया तथा कहा कि हमें महर्षि दयानंद जी से प्रेरणा लेकर उन्हीं की तरह अच्छे इंसान बनने का प्रयास करना चाहिए महर्षि दयानंद ने धर्म के नाम पर पाखंड का विरोध किया उन्होंने वेदों का रास्ता दिखाया और समाज में विभिन्न प्रकार की कुरीतियों का विरोध कियाI इस कार्यक्रम में रेखा देवी बबिता देवी रागिनी कुमारी अनामिका देवी अदिति कुमारी प्राची कुमारी गीतांजलि कुमारी नंदनी कुमारी मुस्कान कुमारी काजल पूनम आभा राजमंती कुमारी सहित सैकड़ो माता बहने सहित दिलखुश कुमार अमरेश सुशील कुमार यादव उपस्थित थी I
- Sanhoula प्रखंड क्षेत्र के बड़ी नाकी पंचायत में मनरेगा के नाम पर फोटो खींचने का काम किया जा रहा है यह आप महिला ने मनरेगा कार्यों को लेकर कार्यक्रम है कार्यक्रम महिलाओं ने इनका खुलासा किया है3
- Post by Mukesh kumar yadav1
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- बताया जा रहा है कि मुहम्मद रब्बानी रोजी-रोटी के सिलसिले में हैदराबाद में रहकर काम करते थे। इसी दौरान काम करते समय अचानक करंट लग गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल बना हुआ है और आसपास के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
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- Post by CAppu NEWS1
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