बरेली के इज्जतनगर स्थित केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) से सोमवार दोपहर उम्रकैद का एक कैदी फरार हो गया, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में पांच जेल वार्डरों और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। फरार हुए कैदी की पहचान दिनेश पुत्र अरविंद निवासी नेनेडा राजपूत, थाना डिडौली, जनपद अमरोहा के रूप में हुई है। दिनेश पॉक्सो एक्ट के एक मामले में बिजनौर से उम्रकैद की सजा पाए हुए था और पिछले छह वर्षों से बरेली केंद्रीय कारागार में बंद था। जानकारी के अनुसार, सोमवार को लगभग 40 कैदियों को जेल के फार्म हाउस में काम करने के लिए ले जाया गया था, जहाँ उनकी निगरानी के लिए 10 से 12 वार्डर तैनात थे। इसी दौरान दिनेश को मौका मिला और वह फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने उसकी तलाश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि जेल फार्म हाउस की कोई चारदीवारी नहीं है और इससे पहले भी एक कैदी ट्रैक्टर चलाते हुए वहीं से फरार हो चुका है। प्रारंभिक जांच में निगरानी में हुई चूक सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया गया। वहीं, जेल प्रशासन की सूचना पर बिजनौर और अमरोहा पुलिस भी सक्रिय हो गई है, और फरार कैदी की तलाश में उसके घर समेत संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
बरेली के इज्जतनगर स्थित केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) से सोमवार दोपहर उम्रकैद का एक कैदी फरार हो गया, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में पांच जेल वार्डरों और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। फरार हुए कैदी की पहचान दिनेश पुत्र अरविंद निवासी नेनेडा राजपूत, थाना डिडौली, जनपद अमरोहा के रूप में हुई है। दिनेश पॉक्सो एक्ट के एक मामले में बिजनौर से उम्रकैद की सजा पाए हुए था और पिछले छह वर्षों से बरेली केंद्रीय कारागार में बंद था। जानकारी के अनुसार, सोमवार को लगभग 40 कैदियों को जेल के फार्म हाउस में काम करने के लिए ले जाया गया था, जहाँ उनकी निगरानी के लिए 10 से 12 वार्डर तैनात थे। इसी दौरान दिनेश को मौका मिला और वह फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने उसकी तलाश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि जेल फार्म हाउस की कोई चारदीवारी नहीं है और इससे पहले भी एक कैदी ट्रैक्टर चलाते हुए वहीं से फरार हो चुका है। प्रारंभिक जांच में निगरानी में हुई चूक सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया गया। वहीं, जेल प्रशासन की सूचना पर बिजनौर और अमरोहा पुलिस भी सक्रिय हो गई है, और फरार कैदी की तलाश में उसके घर समेत संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
- सोमवार को एडी हेल्थ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बरेली के जिला अस्पताल और महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पतालों की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया गया। महिला अस्पताल में कुछ खामियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए बहुत लंबी तारीखें मिलने का गंभीर मुद्दा सामने आया। इसके अतिरिक्त, आउटसोर्स कर्मचारियों ने एडी हेल्थ के समक्ष पिछले 11 महीने से वेतन न मिलने की शिकायत रखी, जिसमें एक महिला कर्मचारी ने वेतन मांगने पर धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप भी लगाया। मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार और चपरासी द्वारा बाबू का कार्य किए जाने जैसे अन्य मामले भी सामने आए। एडी हेल्थ डॉ. सीमा अग्रवाल ने इन सभी शिकायतों की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। निरीक्षण के बाद, उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इन विभिन्न समस्याओं को लेकर अब विभागीय कार्रवाई और सुधारात्मक कदमों पर लगातार नजर बनी हुई है।1
- बरेली के इज्जतनगर स्थित केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) से सोमवार दोपहर उम्रकैद का एक कैदी फरार हो गया, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में पांच जेल वार्डरों और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। फरार हुए कैदी की पहचान दिनेश पुत्र अरविंद निवासी नेनेडा राजपूत, थाना डिडौली, जनपद अमरोहा के रूप में हुई है। दिनेश पॉक्सो एक्ट के एक मामले में बिजनौर से उम्रकैद की सजा पाए हुए था और पिछले छह वर्षों से बरेली केंद्रीय कारागार में बंद था। जानकारी के अनुसार, सोमवार को लगभग 40 कैदियों को जेल के फार्म हाउस में काम करने के लिए ले जाया गया था, जहाँ उनकी निगरानी के लिए 10 से 12 वार्डर तैनात थे। इसी दौरान दिनेश को मौका मिला और वह फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने उसकी तलाश शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि जेल फार्म हाउस की कोई चारदीवारी नहीं है और इससे पहले भी एक कैदी ट्रैक्टर चलाते हुए वहीं से फरार हो चुका है। प्रारंभिक जांच में निगरानी में हुई चूक सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों को निलंबित किया गया। वहीं, जेल प्रशासन की सूचना पर बिजनौर और अमरोहा पुलिस भी सक्रिय हो गई है, और फरार कैदी की तलाश में उसके घर समेत संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।1
- बरेली के नवाबगंज स्थित हफीजगंज गाँव के खाई खेड़ा से मोहर्रम जुलूस के दौरान एक मामला सामने आया है। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस दौरान एक बच्चे को मोहरा बनाकर यह काम किया गया था। पुलिस ने इस मामले में शिकंजा कस दिया है और सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।1
- बरेली पुलिस ने फर्जी सीबीआई बनकर अपहरण और फिरौती मांगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में बहेड़ी थाना पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने फर्जी सीबीआई बनकर इस वारदात को अंजाम दिया था। इस पूरे मामले का खुलासा सीओ मीरगंज श्री अजय कुमार की बाइट के माध्यम से किया गया।1
- बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र स्थित खाईखेड़ा गांव में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ दो व्यक्तियों ने गलत नीयत से एक बच्चे से आपत्तिजनक नारा लगवाकर उसका वीडियो वायरल कर दिया। इस प्रकरण में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। घटना से जुड़े आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में नवाबगंज, बरेली के क्षेत्राधिकारी श्री नीलेश मिश्र ने जानकारी दी है।1
- बरेली के थाना कुलाड़िया क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला ने अपनी लड़की के ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने इस पूरे प्रकरण में इंसाफ की गुहार लगाई है।1
- बरेली जिले के थाना आवला से संबंधित एक मामले में, एक पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- बरेली में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिख रहा है। इसी क्रम में बारादरी थाना क्षेत्र के काका टोला, जोगी नवादा, जगतपुर, मीराकीपेठ, सैलानी और सहामतगंज सहित कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने एक व्यापक फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान एसपी सिटी मानुष पारिक, क्षेत्राधिकारी शिवम आशुतोष सिंह, इंस्पेक्टर क्राइम बारादरी, पीएसी बटालियन और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पैदल मार्च के दौरान अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और साथ ही शरारती तत्वों को स्पष्ट संदेश दिया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने मोहर्रम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर भी जोर दिया, जिसमें बरेली पुलिस की गाइडलाइन के अनुसार इस बार 12 फीट से अधिक ऊंचा कोई भी ताजिया नहीं उठाने की बात कही गई है। प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फ्लैग मार्च के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों और ताजियादारों से बातचीत कर शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। पुलिस ने बताया कि मोहर्रम के दौरान पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी। शहर कप्तान मानुष पारिक ने सोमवार शाम लगभग 7:00 बजे जानकारी देते हुए बताया कि मोहर्रम से पहले बरेली की सड़कों पर पुलिस ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर यह संदेश दिया है कि त्योहार शांति से मनाया जाए, लेकिन नियमों से कोई समझौता नहीं होगा।1