अकलतरा में शनिवार को सेवा, समर्पण और सामाजिक एकजुटता का एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहां अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा पहली बार विशाल निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से ही इस शिविर में लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसे स्थानीय नागरिकों ने अकलतरा के इतिहास का सबसे बड़ा और व्यवस्थित शिविर बताया। शिविर में सैकड़ों लोगों ने निशुल्क रक्त जांच, फुल बॉडी हेल्थ चेकअप और स्वैच्छिक रक्तदान का लाभ उठाकर इस सामाजिक अभियान को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया। इस शिविर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि डॉक्टरों द्वारा गहन स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही स्वस्थ घोषित व्यक्तियों को रक्तदान करने की अनुमति दी गई। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ संस्था ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अभिभावकों के साथ आए बच्चों को कॉपी, किताबें और पेन बांटे तथा उन्हें नियमित शिक्षा के महत्व से अवगत कराया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों को संस्था द्वारा प्रशस्ति-पत्र और विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया, जबकि सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, मीडिया कर्मियों और गणमान्य नागरिकों को स्मृति-चिन्ह भेंट किए गए। यह सफल आयोजन संस्था के सक्रिय सदस्य तनवीर शादाब की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जबकि संस्था के संरक्षक हाजी मोहम्मद इमरान ने पूरे आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर में विशेष रूप से पहुंचे संस्था के संरक्षक जसबीर सिंह चावला ने स्वयं रक्तदान कर युवाओं को इसके लिए प्रेरित किया। वहीं, जीनत बानो ने पहली महिला रक्तदाता के रूप में रक्तदान कर अभियान की शुरुआत की और इसे आत्मसंतोष देने वाला कार्य बताया। डॉ. शगुफ्ता परवीन, डॉ. सतीश कौशिक और नईम खान की चिकित्सकीय टीम तथा आशीर्वाद ब्लड सेंटर ने रक्तदान प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया, जबकि वेलनेस कोच वर्षा रामटेके और मिलिंद खोबरागड़े ने रक्तदाताओं को पौष्टिक शेक उपलब्ध कराया। संस्था के संस्थापक अलीम अंसारी ने अकलतरा की जनता के अभूतपूर्व सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल रक्तदान तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव सेवा के प्रति जागरूकता फैलाना था। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में इससे भी बड़े स्तर पर ऐसे जनहितकारी आयोजन किए जाएंगे। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में शब्बीर सिद्दीकी, हसन अली, मोहम्मद वसीम अंसारी, सज्जाद अंसारी, ताजुद्दीन अंसारी, कलीम अंसारी और मोहम्मद इमरान सहित सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। समापन पर संस्था ने संकल्प लिया कि समाज के हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने के लिए ऐसे जनकल्याणकारी अभियान आगे भी निरंतर संचालित किए जाएंगे।
अकलतरा में शनिवार को सेवा, समर्पण और सामाजिक एकजुटता का एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जहां अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा पहली बार विशाल निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से ही इस शिविर में लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसे स्थानीय नागरिकों ने अकलतरा के इतिहास का सबसे बड़ा और व्यवस्थित शिविर बताया। शिविर में सैकड़ों लोगों ने निशुल्क रक्त जांच, फुल बॉडी हेल्थ चेकअप और स्वैच्छिक रक्तदान का लाभ उठाकर इस सामाजिक अभियान को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया। इस शिविर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि डॉक्टरों द्वारा गहन स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही स्वस्थ घोषित व्यक्तियों को रक्तदान करने की अनुमति दी गई। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ संस्था ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अभिभावकों के साथ आए बच्चों को कॉपी, किताबें और पेन बांटे तथा उन्हें नियमित शिक्षा के महत्व से अवगत कराया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों को संस्था द्वारा प्रशस्ति-पत्र और विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया, जबकि सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, मीडिया कर्मियों और गणमान्य नागरिकों को स्मृति-चिन्ह भेंट किए गए। यह सफल आयोजन संस्था के सक्रिय सदस्य तनवीर शादाब की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जबकि संस्था के संरक्षक हाजी मोहम्मद इमरान ने पूरे आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर में विशेष रूप से पहुंचे संस्था के संरक्षक जसबीर सिंह चावला ने स्वयं रक्तदान कर युवाओं को इसके लिए प्रेरित किया। वहीं, जीनत बानो ने पहली महिला रक्तदाता के रूप में रक्तदान कर अभियान की शुरुआत की और इसे आत्मसंतोष देने वाला कार्य बताया। डॉ. शगुफ्ता परवीन, डॉ. सतीश कौशिक और नईम खान की चिकित्सकीय टीम तथा आशीर्वाद ब्लड सेंटर ने रक्तदान प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया, जबकि वेलनेस कोच वर्षा रामटेके और मिलिंद खोबरागड़े ने रक्तदाताओं को पौष्टिक शेक उपलब्ध कराया। संस्था के संस्थापक अलीम अंसारी ने अकलतरा की जनता के अभूतपूर्व सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल रक्तदान तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव सेवा के प्रति जागरूकता फैलाना था। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में इससे भी बड़े स्तर पर ऐसे जनहितकारी आयोजन किए जाएंगे। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में शब्बीर सिद्दीकी, हसन अली, मोहम्मद वसीम अंसारी, सज्जाद अंसारी, ताजुद्दीन अंसारी, कलीम अंसारी और मोहम्मद इमरान सहित सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। समापन पर संस्था ने संकल्प लिया कि समाज के हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने के लिए ऐसे जनकल्याणकारी अभियान आगे भी निरंतर संचालित किए जाएंगे।
- बिलासपुर के कोटा में औरापानी जलाशय में सोमवार सुबह पिकनिक मनाने गए एक 32 वर्षीय युवक की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। युवक सुबह अपने दोस्तों के साथ हंसी-खुशी पिकनिक मनाने के लिए निकला था, लेकिन नहाने की जिद ने उसकी जिंदगी खत्म कर दी। यह हादसा उस समय हुआ जब सभी दोस्त जलाशय में नहाने के लिए उतरे थे। इसी दौरान देखते ही देखते युवक गहरे पानी में चला गया और अपने दोस्तों की आंखों के सामने ही लापता हो गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।1
- बेमेतरा का दाढ़ी गांव अब एक और नकटी गांव बनने की कगार पर है। इस विषय को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की ओर से ध्यान खींचा जा रहा है, जिसमें रायपुर के नकटी गांव की स्थिति का संदर्भ देते हुए दाढ़ी गांव के हालात की ओर इशारा किया गया है।1
- बलौदाबाजार की राधा विहार कॉलोनी में सोमवार को बीमारी से पीड़ित एक गौवंश की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासी और कांग्रेस नेता मनोज तिवारी ने तत्काल नगर पालिका प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मृत गौवंश को नियमानुसार वहां से हटाकर उसका अंतिम संस्कार कराया। समय पर हुई इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था बनी रही और संभावित संक्रमण की आशंका भी टल गई। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की है। वहीं कांग्रेस नेता मनोज तिवारी ने बताया कि उन्होंने अपना मानवीय दायित्व निभाते हुए तुरंत इसकी जानकारी नगर पालिका को दी, जिसके बाद प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाए।1
- बिलासपुर के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेषण गृह में देर रात ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा प्रहरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सेंट्रल जेल में हुई चर्चित हत्या के बाद हुई इस नई सनसनीखेज वारदात ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के ठीक बाद संस्थान से गंभीर अपराधों में निरुद्ध चार नाबालिग बंदी फरार हो गए हैं, जिसने वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान 42 वर्षीय नरेंद्र कुमार खाण्डे (पिता फेंकूलाल खाण्डे) के रूप में हुई है, जो बाल संप्रेषण गृह में सहायक सह रात्रि चौकीदार के पद पर कार्यरत थे। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात हुई इस वारदात को लेकर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र कुमार के हाथ-पैर बांध दिए गए थे, उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, गला दबाया गया और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया था। इसके साथ ही परिजनों ने विभागीय अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है कि नरेंद्र लंबे समय से अपने तबादले की गुहार लगा रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह सहित पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी रात में ही मौके पर पहुंचे। पुलिस, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। फरार हुए चार नाबालिग बंदियों में से तीन रायगढ़ और एक कोरबा जिले का रहने वाला है। फिलहाल पुलिस फरार बंदियों की तलाश में व्यापक सर्च अभियान चला रही है और अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1