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मानसून की पहली बरसात होते ही व्यवस्था की खामियां उजागर हो गईं, जहाँ एक वाहन चालक सड़क पर बने गड्ढे में गिरने से घायल हो गया। यह घटना पहली ही बारिश में सामने आई, जिससे सिस्टम की कथित पोल खुलने का दावा किया जा रहा है।
रमेश सिंह
मानसून की पहली बरसात होते ही व्यवस्था की खामियां उजागर हो गईं, जहाँ एक वाहन चालक सड़क पर बने गड्ढे में गिरने से घायल हो गया। यह घटना पहली ही बारिश में सामने आई, जिससे सिस्टम की कथित पोल खुलने का दावा किया जा रहा है।
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- राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से सेंसडा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) विनीत कुमार सुखाड़िया ने इस शिविर की अध्यक्षता की, जिसमें 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याएँ सुनकर कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। शिविर में राजस्व, पंचायतीराज, सामाजिक न्याय, कृषि, चिकित्सा, विद्युत और जलदाय सहित विभिन्न विभागों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई हुई। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे, जिनका अधिकारियों ने प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया। राजस्व विभाग की ओर से पटवारी शिमला मीणा ने वर्षों से लंबित कई जमीनी विवादों को सुलझाया, जिससे संबंधित पक्षों को राहत मिली। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी हंसराज मीणा ने जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन से जुड़े कार्य निपटाए और पात्र लाभार्थियों को पट्टों का वितरण भी किया। इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों के शौचालय नहीं बन पाए थे, उनकी सूची तैयार की गई और उन्हें सरकारी योजना के तहत शीघ्र लाभान्वित करने का आश्वासन दिया गया। शिविर प्रभारी धर्मेंद्र गिल ने उपस्थित अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति और प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुँचाना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाओं का लाभ मिल सके। एसडीएम विनीत कुमार सुखाड़िया ने अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए और ग्रामीणों से भी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।1
- गुरुवार, 02 जुलाई को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी योजना (वीबी जी राम जी) का राष्ट्रीय शुभारंभ किया गया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से गांवों में विकास की गंगा बहाने वाला एक समग्र राष्ट्रीय अभियान बताया गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरूपति से कार्यक्रम को संबोधित किया, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ब्यावर जिले के मसूदा कृषि उपज मंडी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसमें जुड़े। मुख्यमंत्री ने बताया कि वीबी जी राम जी योजना के लिए प्रदेश में 2026-27 के लिए 12 हजार 636 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो राज्य में इस योजना का अब तक का सर्वाधिक बजट है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर मनरेगा की विफलताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने के अपने मकसद में पूरी तरह सफल नहीं हो पाया, जिसके तहत अस्थायी सड़कें, आधी-अधूरी जल संरचनाएं और बिना योजना के मिट्टी खुदाई जैसे कार्य होते थे, जिनका लंबी अवधि में कोई लाभ नहीं था। उन्होंने नकली और डुप्लीकेट जॉब कार्ड, फर्जी लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी रजिस्टर, श्रमिकों को आंशिक या पूरी मजदूरी न मिलने जैसी गड़बड़ियों और केवल औपचारिकता या अनुपस्थित सोशल ऑडिट का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, मनरेगा में प्रशासनिक कार्यों पर केवल 6 प्रतिशत खर्च की अनुमति होने से बेहतर क्रियान्वयन संभव नहीं हो पाया, और खेती के सीजन में काम चलने से किसानों को मजदूर नहीं मिल पाते थे, वहीं मजदूरी भुगतान में देरी पर मुआवजे के प्रावधान भी केवल कागजी बनकर रह गए थे। वीबी जी राम जी योजना को मनरेगा की कमियों को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब इसमें सालाना रोजगार की कानूनी गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। फसल बुवाई और कटाई के समय श्रमिकों की कमी न हो, इसके लिए राज्य सरकार 60 दिनों का कार्य विराम घोषित कर सकती है। इस योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका और आपदाओं से निपटने संबंधी ठोस कार्य करवाए जा सकेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेज, मोबाइल ऐप और एआई जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। हर छह महीने में कार्यों का डिजिटल तथ्यों के साथ सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा और एक डिजिटल बहुस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली की भी व्यवस्था की गई है, जिसमें निश्चित समय सीमा और जिला लोकपाल शामिल होंगे। भुगतान हर हफ्ते अनिवार्य होगा और दो सप्ताह से अधिक की देरी पर स्वतः मुआवजा मिलेगा। साथ ही, प्रशासनिक व्यय की सीमा को बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, ताकि जमीनी स्तर पर पर्याप्त कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ, प्रशिक्षण और निगरानी क्षमता सुनिश्चित हो। इस योजना में एक टिकाऊ और जवाबदेह वित्तीय मॉडल का प्रावधान है, जहाँ अब हर साल के लिए एक स्पष्ट और तय बजट निर्धारित किया गया है, जो पहले नहीं था। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल आवंटन में वृद्धि की गई है, जिससे राज्यों को हाल के मनरेगा औसत की तुलना में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने इस योजना को सहकारी संघवाद का मॉडल बताया और कहा कि इससे गांवों में पानी और सड़कों जैसे स्थायी काम होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रामीण भारत के भविष्य को नई दिशा देने वाली इस दूरदर्शी पहल का नेतृत्व किया है और यह योजना ग्रामीण रोजगार की मजबूत गारंटी तथा विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बनेगी। मुख्यमंत्री ने लोगों से हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण में अधिक से अधिक हिस्सा लेने की अपील भी की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देवमाली गांव के लिए ₹2 करोड़ की लागत से एक आश्रय स्थल बनाने की घोषणा की और सरोवर के जीर्णोद्धार तथा सड़कों के निर्माण से स्थानीय क्षेत्र के विकास को गति देने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने ढाई वर्षों में प्रदेश में पानी और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, विभिन्न जल परियोजनाओं को साकार किया जा रहा है, और 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों के किसानों को दिन में बिजली मिलेगी और युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को भी पूरा किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीबी जी राम जी योजना के तहत दो लाभार्थियों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से ₹3.31 करोड़ के क्रेडिट लिंकेज चेक और राजस्थान महिला निधि की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ₹1.16 करोड़ के ऋण चेक भी वितरित किए। समर्थ सखी ऋण योजना के तहत सीएलएफ कल्स्टर मैनेजर एवं बैंक मित्रों को स्कूटी प्रदान की गई, वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत नवीन आवासों की स्वीकृति तथा नवनिर्मित मकानों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी गईं। मुख्यमंत्री ने राजीविका स्वयं सहायता समूहों के हस्तशिल्प उत्पादों के स्टॉल्स का अवलोकन भी किया और लगभग ₹424 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वीबी जी राम जी योजना को विकसित भारत की नींव और मनरेगा से अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बताया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- अजमेर जिले की पीसांगन पंचायत समिति में कार्यरत कनिष्ठ सहायक अबरार अहमद ने अपनी ईमानदारी का परिचय दिया है। उन्हें रास्ते में एक मोबाइल फोन मिला था, जिसे उन्होंने बिना किसी देरी के उसके असली मालिक तक पहुँचाया और उन्हें लौटा दिया।1
- अजमेर दरगाह शरीफ के चर्चित देग ठेका प्रकरण में ₹20 लाख के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस संबंध में अंजुमन यादगार चिश्तिया शेखजादगान खुद्दाम ख्वाजा साहब के पूर्व सचिव और एक देग ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत के अनुसार, यह कथित गबन वर्ष 2018 के उर्स के दौरान दिए गए देग ठेके से जुड़ा है, जिसमें ₹20 लाख की राशि बकाया रह गई थी। आरोप है कि वर्ष 2020 में बकाया वसूली के लिए संस्था द्वारा लिए गए दो मूल चेक और एक वचन पत्र संस्था के रिकॉर्ड से कथित तौर पर गायब कर दिए गए। इस घटना के परिणामस्वरूप संस्था को आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह जानकारी पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध आधिकारिक विवरणों पर आधारित है, और मामले की जांच जारी होने के कारण आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।1
- मुख्यमंत्री ने ब्यावर जिले के देमाली गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने देवनारायण जी के दर्शन किए और भगवान के लोगों से भी मुलाकात की। यह जानकारी आवाज़ इंडिया न्यूज़ चैनल के संपादक साबुद्दीन खानभुट्टा मेड़तिया लौहार द्वारा साझा की गई।1
- Post by Kailash Fulwari1
- राजस्थान में मानसून ने अपनी दमदार एंट्री दर्ज करा दी है। राज्य में मानसून के ज़ोरदार आगमन के साथ ही, अलवर ज़िले में झमाझम बारिश हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- उत्तर प्रदेश के संभल में पुलिस ने नगर पालिका के पूर्व अधिशासी अधिकारी (ईओ) राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। उन पर ₹100 करोड़ की सरकारी जमीन बेचने का गंभीर आरोप है। संभल के एसपी कृष्ण बिश्नोई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिस जमीन को बेचने का आरोप है, उसे पिछले दिनों ही कब्जामुक्त कराया गया था। इस मामले में चकबंदी विभाग के भी कई लोग फंसे हुए बताए जा रहे हैं।1
- संपादक साबुद्दीन खान 'वांटेड समाचार' के माध्यम से ब्यावर जिले की वीडियो खबरें प्रतिदिन प्रस्तुत करते हैं। दर्शक रोजाना ब्यावर से जुड़ी महत्वपूर्ण वीडियो खबरें देख सकते हैं।1