राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से सेंसडा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) विनीत कुमार सुखाड़िया ने इस शिविर की अध्यक्षता की, जिसमें 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याएँ सुनकर कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। शिविर में राजस्व, पंचायतीराज, सामाजिक न्याय, कृषि, चिकित्सा, विद्युत और जलदाय सहित विभिन्न विभागों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई हुई। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे, जिनका अधिकारियों ने प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया। राजस्व विभाग की ओर से पटवारी शिमला मीणा ने वर्षों से लंबित कई जमीनी विवादों को सुलझाया, जिससे संबंधित पक्षों को राहत मिली। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी हंसराज मीणा ने जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन से जुड़े कार्य निपटाए और पात्र लाभार्थियों को पट्टों का वितरण भी किया। इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों के शौचालय नहीं बन पाए थे, उनकी सूची तैयार की गई और उन्हें सरकारी योजना के तहत शीघ्र लाभान्वित करने का आश्वासन दिया गया। शिविर प्रभारी धर्मेंद्र गिल ने उपस्थित अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति और प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुँचाना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाओं का लाभ मिल सके। एसडीएम विनीत कुमार सुखाड़िया ने अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए और ग्रामीणों से भी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से सेंसडा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) विनीत कुमार सुखाड़िया ने इस शिविर की अध्यक्षता की, जिसमें 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याएँ सुनकर कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। शिविर में राजस्व, पंचायतीराज, सामाजिक न्याय, कृषि, चिकित्सा, विद्युत और जलदाय सहित विभिन्न विभागों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई हुई। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे, जिनका अधिकारियों ने प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया। राजस्व विभाग की ओर से पटवारी शिमला मीणा ने वर्षों से लंबित कई जमीनी विवादों को सुलझाया, जिससे संबंधित पक्षों को राहत मिली। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी हंसराज मीणा ने जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन से जुड़े कार्य निपटाए और पात्र लाभार्थियों को पट्टों का वितरण भी किया। इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों के शौचालय नहीं बन पाए थे, उनकी सूची तैयार की गई और उन्हें सरकारी योजना के तहत शीघ्र लाभान्वित करने का आश्वासन दिया गया। शिविर प्रभारी धर्मेंद्र गिल ने उपस्थित अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति और प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुँचाना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाओं का लाभ मिल सके। एसडीएम विनीत कुमार सुखाड़िया ने अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए और ग्रामीणों से भी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
- जड़ाऊ कलां में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की महा नरेगा योजना के स्थान पर अब विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबीजी रामजी) का शुभारंभ किया गया है। इस नई योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को पहले के 100 दिनों के बजाय अब 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इस नई पहल के शुभारंभ के अवसर पर गुरुवार को ग्राम पंचायत जड़ाऊ कलां के खेल मैदान में सामूहिक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरू ने स्वयं पौधारोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। इसके बाद, तिरुपति (आंध्र प्रदेश) से आयोजित वीबीजी रामजी योजना के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम और राजस्थान के ब्यावर जिले के मसूदा से आयोजित राज्य स्तरीय लॉन्चिंग कार्यक्रम का ब्लॉक स्तरीय सीधा प्रसारण ग्राम पंचायत जड़ाऊ कलां में किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और नई योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त की। मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरू ने ग्रामीण सेवा शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि वीबीजी रामजी योजना का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करना है। उन्होंने जानकारी दी कि यह योजना 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। साथ ही, निर्धारित कार्य पूरा करने पर प्रतिदिन न्यूनतम ₹300 मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। विधायक ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आजीविका सशक्त होगी और आधारभूत ढांचे के विकास को एक नई गति मिलेगी। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, पूर्व उप जिला प्रमुख एवं एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष शोभाराम जयपाल, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंघाड़िया, नायब तहसीलदार प्रेम कुमार ढेबाना, सहायक अभियंता राकेश कुमार महरिया, आयुष चिकित्सक डॉ. हनुमान राम, डॉ. जगमोहन मिश्रा, पीडब्ल्यूडी कनिष्ठ अभियंता शैफाली चौधरी, विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता मनोज कुमार, सहायक बाल विकास अधिकारी रेखा चौहान, भू-अभिलेख निरीक्षक रणजीत चौहान, पटवारी नगेंद्र सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी सचिन चौधरी, सहायक कृषि अधिकारी सोहनलाल, शिक्षा संदर्भ व्यक्ति मदनलाल भदाल, ग्राम विकास अधिकारी कैलाश मिरोठा, कनिष्ठ सहायक मोहनलाल, नूतन राठी, पवन शर्मा, सूर्य प्रकाश, चेनाराम, एहसान अली गार्ड, ओम नाथ, पुखराज छाबा, सुरेश पालड़िया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- सेंसडा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करना था। इस शिविर के दौरान, पात्र लाभार्थियों को पट्टों का भी वितरण किया गया, जिससे उन्हें सीधे तौर पर फायदा मिला। इस अवसर पर उपस्थित उपखंड अधिकारी (एसडीएम) ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का समाधान पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीणों को सभी आवश्यक सरकारी सेवाएं और योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध हो सके। शिविर में राजस्व, पंचायत, सामाजिक न्याय, चिकित्सा, कृषि और शिक्षा जैसे विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और कई आवश्यक प्रकरणों का मौके पर ही सफलतापूर्वक निस्तारण किया, जिससे ग्रामीणों ने शिविर में पहुंचकर विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया।2
- अरावली हॉस्पिटल में मिली सफल चिकित्सा के परिणामस्वरूप एक दंपति का 20 साल लंबा इंतजार आखिरकार पूरा हो गया। हॉस्पिटल की सफल सेवाओं के कारण दंपति को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है।1
- अजमेर में एक 22 वर्षीय महिला ने एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि युवक ने शादी का झांसा देकर उससे कथित दुष्कर्म किया, शारीरिक और मानसिक शोषण किया, उसके साथ मारपीट की, उसे जान से मारने की धमकी दी और देह व्यापार के लिए उस पर दबाव बनाया। पीड़िता की शिकायत पर, पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद गंज थाना पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में बताया गया है कि दोनों की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। महिला ने आरोप लगाया है कि उसे बाद में पता चला कि आरोपी युवक पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे भी हैं। पीड़िता के अनुसार, उसने पहले भी पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उसने न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई थी। यह जानकारी पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध आधिकारिक विवरण पर आधारित है। मामले की जांच अभी जारी है, और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।1
- अजमेर दरगाह शरीफ के चर्चित देग ठेका प्रकरण में ₹20 लाख के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस संबंध में अंजुमन यादगार चिश्तिया शेखजादगान खुद्दाम ख्वाजा साहब के पूर्व सचिव और एक देग ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। शिकायत के अनुसार, यह कथित गबन वर्ष 2018 के उर्स के दौरान दिए गए देग ठेके से जुड़ा है, जिसमें ₹20 लाख की राशि बकाया रह गई थी। आरोप है कि वर्ष 2020 में बकाया वसूली के लिए संस्था द्वारा लिए गए दो मूल चेक और एक वचन पत्र संस्था के रिकॉर्ड से कथित तौर पर गायब कर दिए गए। इस घटना के परिणामस्वरूप संस्था को आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह जानकारी पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध आधिकारिक विवरणों पर आधारित है, और मामले की जांच जारी होने के कारण आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।1
- राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से सेंसडा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) विनीत कुमार सुखाड़िया ने इस शिविर की अध्यक्षता की, जिसमें 22 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याएँ सुनकर कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। शिविर में राजस्व, पंचायतीराज, सामाजिक न्याय, कृषि, चिकित्सा, विद्युत और जलदाय सहित विभिन्न विभागों से संबंधित प्रकरणों की सुनवाई हुई। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे, जिनका अधिकारियों ने प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया। राजस्व विभाग की ओर से पटवारी शिमला मीणा ने वर्षों से लंबित कई जमीनी विवादों को सुलझाया, जिससे संबंधित पक्षों को राहत मिली। वहीं, ग्राम विकास अधिकारी हंसराज मीणा ने जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन से जुड़े कार्य निपटाए और पात्र लाभार्थियों को पट्टों का वितरण भी किया। इसके अतिरिक्त, जिन परिवारों के शौचालय नहीं बन पाए थे, उनकी सूची तैयार की गई और उन्हें सरकारी योजना के तहत शीघ्र लाभान्वित करने का आश्वासन दिया गया। शिविर प्रभारी धर्मेंद्र गिल ने उपस्थित अधिकारियों के साथ योजनाओं की प्रगति और प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुँचाना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ताकि ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाओं का लाभ मिल सके। एसडीएम विनीत कुमार सुखाड़िया ने अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए और ग्रामीणों से भी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।1
- मानसून की पहली बरसात होते ही व्यवस्था की खामियां उजागर हो गईं, जहाँ एक वाहन चालक सड़क पर बने गड्ढे में गिरने से घायल हो गया। यह घटना पहली ही बारिश में सामने आई, जिससे सिस्टम की कथित पोल खुलने का दावा किया जा रहा है।1