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लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र (कटरा बिजन बेग चौकी, तकिया पीर ज्ञान मोहल्ला) में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ शराब के नशे में धुत एक बेटे द्वारा अपने पिता की पिटाई के दौरान बीच-बचाव करने आईं 60 वर्षीय जीनत उर्फ मरजाना की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद, गुस्साए स्थानीय लोगों ने आरोपी बेटे को एक हैंडपंप से बांध दिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस हिरासत में आरोपी बेटे ने अपनी माँ को एक बार देखने की गुहार लगाते हुए कहा, "एक बार अम्मा का मुंह दिखा दो।"
आशीष कुमार मिश्रा
लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र (कटरा बिजन बेग चौकी, तकिया पीर ज्ञान मोहल्ला) में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ शराब के नशे में धुत एक बेटे द्वारा अपने पिता की पिटाई के दौरान बीच-बचाव करने आईं 60 वर्षीय जीनत उर्फ मरजाना की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद, गुस्साए स्थानीय लोगों ने आरोपी बेटे को एक हैंडपंप से बांध दिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस हिरासत में आरोपी बेटे ने अपनी माँ को एक बार देखने की गुहार लगाते हुए कहा, "एक बार अम्मा का मुंह दिखा दो।"
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- बागेश्वर जनपद के गरूड तहसील के तेलीहाट गाँव में गोमती नदी के बैजनाथ पुल के पास बड़े पैमाने पर चल रही नदी तल माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएँ, जवान और बुजुर्गों सहित दर्जनों ग्रामीण भारी खुदाई कर रही मशीनों के पास पहुँचे और आरोप लगाया कि यह माइनिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस खुदाई से गाँव की सिंचाई योजना प्रभावित हुई है, पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और मानसून आने से पहले खेतों की सुरक्षा को लेकर समुदाय में गहरी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मेन पानी के पंप और आबादी के इतने नज़दीक भारी मशीनों से माइनिंग की अनुमति कैसे दी गई। गाँव वालों ने कड़ी चेतावनी दी कि नदियों, खेती की ज़मीन और स्थानीय रोज़ी-रोटी की कीमत पर कोई भी विकास स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से माइनिंग गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने, प्रभावित इलाकों की मरम्मत करने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की माँग की है।1
- बागेश्वर में स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों की समस्याओं को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान, एक ओल्ड एज होम के निर्माण और सड़कों के नामकरण संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।1
- रामपुर के थाना भोट क्षेत्र में जान से मारने की नीयत से की गई फायरिंग के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक के पास से अवैध 12 बोर की देशी बंदूक और एक जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 15 जून को प्राप्त एक तहरीर के आधार पर दर्ज किए गए मुकदमे के तहत की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मोहम्मद आरिफ ने अवैध हथियार से वादी पर जानलेवा हमला किया, जबकि वादी को बचाने आए अन्य लोगों पर जफर और इरशाद ने भी गोलीबारी की। इसके अतिरिक्त, अन्य आरोपियों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी है। इस मामले में अमजद, यासीन, जफर, मोहम्मद आरिफ, फिरासत, फैजान, इमरान और इरशाद सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस अधीक्षक रामपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बिलासपुर के निर्देशन में थाना भोट पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। विवेचना के दौरान वांछित आरोपी फैजान पुत्र जफर को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। वहीं, मुखबिर की सूचना पर जफर अली पुत्र अमजद अली को मोहनपुर जाने वाले मार्ग पर स्थित एक ट्यूबवेल के पास से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के दौरान जफर अली के कब्जे से एक देशी 12 बोर बंदूक और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इस बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आयुध अधिनियम की धारा 3/25 को बढ़ा दिया गया है और पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक शुभम कुमार, हेड कांस्टेबल प्रबल प्रताप सिंह और कांस्टेबल रामनिवास शामिल रहे। पुलिस अब इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है।1
- चंपावत जिले के बनबसा में जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलकर श्रमदान किया। यह पहल मुख्यमंत्री धामी के 'स्वच्छ और स्वस्थ चंपावत' संकल्प को गति देने के उद्देश्य से की गई, जिससे यह अभियान और आगे बढ़ सके।1
- आज 16 जून 2026 को कर्णप्रयाग बाजार स्थित कृष्णा पैलेस होटल के पास श्री हेमकुण्ड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग यात्रियों और कर्णप्रयाग बाजार के स्थानीय व्यापारी प्रकाश रावत (पुत्र राजेन्द्र सिंह रावत) के बीच मामूली कहासुनी को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दो निहंग यात्रियों ने प्रकाश रावत पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। घटना के दौरान, बीच-बचाव करने आए दो अन्य निहंग यात्रियों ने भी स्थानीय लोगों पर हमला किया, जिससे कुल चार स्थानीय व्यक्ति घायल हो गए। एक घायल व्यक्ति को एयर एम्बुलेंस द्वारा देहरादून भेजा गया है, जबकि अन्य तीन घायलों की स्थिति सामान्य और स्थिर बताई गई है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और हमला करने वाले चारों निहंग यात्रियों को तत्काल हिरासत में ले लिया। पीड़ित/वादी गजपाल सिंह की तहरीर के आधार पर कोतवाली कर्णप्रयाग में मु0अ0सं0-17/2026, धारा 281/125/109/352/351(2) बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया था, जिसकी गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार स्वयं मौके पर पहुँचे और स्थानीय नागरिकों से बातचीत की। प्रशासन और पुलिस के संयुक्त प्रयासों से राष्ट्रीय राजमार्ग को पुनः यातायात के लिए सुचारू कर दिया गया। यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े सभी जनपदों से समन्वय स्थापित कर कुछ समय के लिए यातायात नियंत्रित किया गया, जिससे अधिक संख्या में वाहन प्रभावित नहीं हुए। जिला प्रशासन ने मौके पर फँसे यात्रियों के लिए पेयजल और खाद्य सामग्री की समुचित व्यवस्था भी की थी। जिलाधिकारी चमोली ने बताया कि जनपद में चारधाम यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निर्बाध रूप से संचालित हो रही है, तथा वर्तमान में कानून एवं यातायात व्यवस्था सामान्य है। उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। एसपी चमोली ने स्पष्ट किया कि जनपद में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, कानून-व्यवस्था भंग करने या आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। चमोली पुलिस ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त और कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। पुलिस द्वारा पूरे क्षेत्र में सतत निगरानी रखी जा रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पुलिस-प्रशासन शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठा रहे हैं। चमोली पुलिस ने स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें, संयम व धैर्य बनाए रखें, और अफवाहों पर ध्यान न दें। केवल प्रशासन व पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा किसी भी अपुष्ट जानकारी को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। इस दौरान उपजिलाधिकारी गैरसैण अबरार अहमद, पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा, तहसीलदार कर्णप्रयाग सुधा डोभाल, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्णप्रयाग विनोद थपलियाल सहित प्रशासन एवं पुलिस के अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।1
- रामपुर जिले की टांडा तहसील के फैजुल्ला नगर गाँव में, एक वाहन कई दिनों से माध्यमिक विद्यालय (8वीं तक) के पास खड़ा है। इस वाहन का नंबर UP21. FT -4525 है, और इसके आसपास कोई चालक या मालिक दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने इस लावारिस वाहन की जाँच को आवश्यक बताया है और इसे सुविधा के लिए उचित स्थान पर स्थानांतरित करने की माँग की है। वाहन का एक वीडियो भी उपलब्ध है।1
- चम्पावत जिले के बनबसा आर्मी कैंट क्षेत्र के जंगल में लगी आग पर फायर यूनिट बनबसा ने सफलतापूर्वक काबू पा लिया है। जनपद की पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव ने जनपद के सभी फायर स्टेशनों को आग लगने की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के तहत, अस्थाई फायर यूनिट बनबसा को एक निश्चित तिथि को आर्मी कैंट बनबसा क्षेत्र के जंगल में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फायर यूनिट की टीम बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुँची। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए MFE से पम्पिंग कर होज रील की सहायता से आग को पूरी तरह बुझा दिया। फायर कर्मियों की तत्परता और सूझबूझ के कारण आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की बड़ी क्षति होने से बचाव हुआ। इस अभियान में फायर यूनिट टीम के एलएफएम राजेश कार्की, डीवीआर श्याम सिंह, एफएम अमित भट्ट, एफएम विक्रम नेगी और एफएम जसवीर सिंह शामिल थे।1
- उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक मामूली विवाद सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच भारी बवाल में बदल गया। यह विवाद देखते ही देखते इतना उग्र हो गया कि श्रद्धालुओं ने स्थानीय लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस हिंसक झड़प के दौरान कथित तौर पर तलवारों का भी इस्तेमाल किया गया, जिसके हमले में चार स्थानीय लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के चलते बद्रीनाथ हाईवे भी जाम हो गया।1