बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत मोदीडीह गांव में भूमि अधिग्रहण और विस्थापित रैयतों के अधिकारों को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। इलेक्ट्रोस्टील वेदांता लिमिटेड प्लांट के लिए अपनी पैतृक जमीन देने वाले मोदीडीह निवासी एवं मूल रैयत सूरज कुमार शर्मा (पिता – अम्बुज शर्मा) ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका आरोप है कि कंपनी ने जमीन के बदले नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन बाद में उन्हें नौकरी से अलग कर दिया गया और लगातार ठेकेदारी व्यवस्था के जरिए उनका शोषण किया गया। आवेदन के अनुसार, इलेक्ट्रोस्टील परियोजना के लिए सूरज कुमार शर्मा की पुश्तैनी जमीन अधिग्रहित की गई थी, जिसके तहत उन्हें 31 जनवरी 2017 को फीडिंग ऑपरेटर के पद पर नियोजन मिला। सूरज ने लगभग डेढ़ वर्ष तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य किया और उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं थी। उनका आरोप है कि वर्ष 2020 में स्थानीय बेरोजगार युवाओं द्वारा किए गए सड़क जाम आंदोलन के दौरान वे शामिल नहीं थे, इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन ने उन पर झूठे आरोप लगाकर नौकरी से हटा दिया। न्याय की गुहार लगाने के बाद, 25 अप्रैल 2022 को उन्हें एक निजी ठेका कंपनी "माँ विन्ध्यशनी" के माध्यम से काम पर रखा गया, इस आश्वासन के साथ कि एक वर्ष के भीतर पुनः मूल कंपनी में बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि, यह आश्वासन कभी पूरा नहीं हुआ, और अंततः 3 अप्रैल 2026 को उन्हें ठेका कंपनी से भी हटा दिया गया। सूरज कुमार शर्मा का सवाल है कि जब उनकी जमीन कंपनी के पास है, तो उन्हें सीधे नियोजन के बजाय बार-बार ठेकेदारी व्यवस्था के अधीन क्यों रखा जा रहा है। नौकरी छिन जाने के बाद सूरज कुमार शर्मा का परिवार, जिसमें बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चे शामिल हैं, गंभीर आर्थिक संकट और भुखमरी जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), चास को एक विस्तृत आवेदन सौंपा है, जिसमें इलेक्ट्रोस्टील वेदांता लिमिटेड में पुनः बहाली, मूल रैयतों के अधिकारों की रक्षा, भूमि के बदले रोजगार के वादे का पूर्ण क्रियान्वयन, विस्थापित परिवारों के कथित शोषण और ठेकेदारी प्रथा पर रोक, तथा कंपनी व रैयतों के बीच हुए समझौतों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है। उन्होंने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन को 23 जून 2026 तक सकारात्मक निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है, चेतावनी दी है कि अन्यथा वे अपने पूरे परिवार के साथ इलेक्ट्रोस्टील के ब्रिजगेट के पास आमरण भूख हड़ताल शुरू करेंगे और ऐसी स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी। इस आंदोलन को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता एवं चंदनकियारी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अर्जुन रजवार ने भी समर्थन दिया है, जिन्होंने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायसंगत समाधान निकालने की मांग की है। मोदीडीह तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है, और स्थानीय लोग सूरज कुमार शर्मा की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील कर रहे हैं। धरना स्थल पर "जमीन हमारी, अधिकार हमारा" और "विस्थापितों को न्याय दो" जैसे नारों के साथ आंदोलन जारी है। सूरज कुमार शर्मा का कहना है कि यह लड़ाई केवल उनकी नौकरी की नहीं, बल्कि उन सभी रैयतों और विस्थापित परिवारों के अधिकारों की लड़ाई है, जिन्होंने औद्योगिक विकास के नाम पर अपनी जमीन गंवाई है। अब पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन और इलेक्ट्रोस्टील वेदांता प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है, क्योंकि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।
बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड अंतर्गत मोदीडीह गांव में भूमि अधिग्रहण और विस्थापित रैयतों के अधिकारों को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। इलेक्ट्रोस्टील वेदांता लिमिटेड प्लांट के लिए अपनी पैतृक जमीन देने वाले मोदीडीह निवासी एवं मूल रैयत सूरज कुमार शर्मा (पिता – अम्बुज शर्मा) ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका आरोप है कि कंपनी ने जमीन के बदले नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन बाद में उन्हें नौकरी से अलग कर दिया गया और लगातार ठेकेदारी व्यवस्था के जरिए उनका शोषण किया गया। आवेदन के अनुसार, इलेक्ट्रोस्टील परियोजना के लिए सूरज कुमार शर्मा की पुश्तैनी जमीन अधिग्रहित की गई थी, जिसके तहत उन्हें 31 जनवरी 2017 को फीडिंग ऑपरेटर के पद पर नियोजन मिला। सूरज ने लगभग डेढ़ वर्ष तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य किया और उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं थी। उनका आरोप है कि वर्ष 2020 में स्थानीय बेरोजगार युवाओं द्वारा किए गए सड़क जाम आंदोलन के दौरान वे शामिल नहीं थे, इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन ने उन पर झूठे आरोप लगाकर नौकरी से हटा दिया। न्याय की गुहार लगाने के बाद, 25 अप्रैल 2022 को उन्हें एक निजी ठेका कंपनी "माँ विन्ध्यशनी" के माध्यम से काम पर रखा गया, इस आश्वासन के साथ कि एक वर्ष के भीतर पुनः मूल कंपनी में बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि, यह आश्वासन कभी पूरा नहीं हुआ, और अंततः 3 अप्रैल 2026 को उन्हें ठेका कंपनी से भी हटा दिया गया। सूरज कुमार शर्मा का सवाल है कि जब उनकी जमीन कंपनी के पास है, तो उन्हें सीधे नियोजन के बजाय बार-बार ठेकेदारी व्यवस्था के अधीन क्यों रखा जा रहा है। नौकरी छिन जाने के बाद सूरज कुमार शर्मा का परिवार, जिसमें बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और बच्चे शामिल
हैं, गंभीर आर्थिक संकट और भुखमरी जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), चास को एक विस्तृत आवेदन सौंपा है, जिसमें इलेक्ट्रोस्टील वेदांता लिमिटेड में पुनः बहाली, मूल रैयतों के अधिकारों की रक्षा, भूमि के बदले रोजगार के वादे का पूर्ण क्रियान्वयन, विस्थापित परिवारों के कथित शोषण और ठेकेदारी प्रथा पर रोक, तथा कंपनी व रैयतों के बीच हुए समझौतों का पालन सुनिश्चित करने की मांग की गई है। उन्होंने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन को 23 जून 2026 तक सकारात्मक निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है, चेतावनी दी है कि अन्यथा वे अपने पूरे परिवार के साथ इलेक्ट्रोस्टील के ब्रिजगेट के पास आमरण भूख हड़ताल शुरू करेंगे और ऐसी स्थिति में किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी। इस आंदोलन को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता एवं चंदनकियारी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अर्जुन रजवार ने भी समर्थन दिया है, जिन्होंने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप कर न्यायसंगत समाधान निकालने की मांग की है। मोदीडीह तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है, और स्थानीय लोग सूरज कुमार शर्मा की मांगों को न्यायसंगत बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील कर रहे हैं। धरना स्थल पर "जमीन हमारी, अधिकार हमारा" और "विस्थापितों को न्याय दो" जैसे नारों के साथ आंदोलन जारी है। सूरज कुमार शर्मा का कहना है कि यह लड़ाई केवल उनकी नौकरी की नहीं, बल्कि उन सभी रैयतों और विस्थापित परिवारों के अधिकारों की लड़ाई है, जिन्होंने औद्योगिक विकास के नाम पर अपनी जमीन गंवाई है। अब पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन और इलेक्ट्रोस्टील वेदांता प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है, क्योंकि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।
- आजसू पार्टी ने धनबाद में अपना 40वां स्थापना दिवस सह जनाक्रोश मार्च धूमधाम से मनाया, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। नेहरू कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस कार्यक्रम में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो और सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी का कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया। इससे पहले, आजसू कार्यकर्ताओं ने गोल्फ ग्राउंड से धनबाद पुलिस की कथित एकतरफा कार्रवाई और गिरफ्तारियों के विरोध में एक जनाक्रोश रैली निकाली। यह रैली पुलिस लाइन, सरायढेला और स्टील गेट से होते हुए नेहरू कॉम्प्लेक्स तक पहुंची। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड की वर्तमान स्थिति को देखकर 'गुरुजी' की आत्मा भी दुखी होगी, और आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अब अपने ही संघर्ष और पृष्ठभूमि से न्याय मांगने की स्थिति में आ गया है। महतो ने दावा किया कि राज्य में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और इसके खिलाफ छोटे-मोटे आंदोलन नहीं, बल्कि बड़े जनांदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार पर पोस्टिंग में 'पैसे के खेल' और अवैध खनन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए, जिसके बाद उनके भाषण ने कार्यकर्ताओं और युवाओं में नया जोश भर दिया।1
- रामकनाली ओपी परिसर में मुहर्रम पर्व के संबंध में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। ओपी प्रभारी अलीशा कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने का संकल्प लिया।1
- गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की बड़की बेरगी पंचायत अंतर्गत बासोकांडो टोला जमुनबेड़ा में सोमवार देर रात एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों ने बसगोरहा, ससारखो पंचायत निवासी बासुदेव मंडल को लाठी-डंडों से पीटने के बाद पत्थर से कूचकर मार डाला। घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह एसडीपीओ आबिद खान और डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया है। एसडीपीओ ने आश्वासन दिया कि हत्याकांड में शामिल अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया है कि बराकर नदी और बासोकांडो नदी से दिन-रात सफेद बालू का अवैध कारोबार होता है, जिसमें रोजाना 200-250 ट्रैक्टर अवैध बालू लोड करके डुमरी और आसपास के प्रखंडों में भेजे जाते हैं। मृतक की पत्नी लीलवाती उर्फ मानकी देवी और उनके पुत्र नरेश मंडल, महेश मंडल, सुनील मंडल का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। झामुमो नेता बरकत अली और प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी सजा की मांग की। मृतक के पुत्र नरेश मंडल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें पिछले 15-20 दिनों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। नरेश के अनुसार, उनका अपने गोतिया (रिश्तेदारों) के साथ जमीन विवाद चल रहा था, जिसमें 7-8 परिवारों का एक गुट उन्हें मारने-काटने की धमकी देता था। उन्होंने बताया कि वे अपने 30 साल पुराने घर को तोड़कर नया बना रहे थे, तभी गोतिया के लोगों ने धारा 144 लगवा दी थी और यह विवाद अगले दो दिनों में सुलझने वाला था। नरेश ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह करीब 3 बजे उनके पिताजी खेत जोताई के लिए ट्रैक्टर चालक को लाने जमुनबेड़ा जा रहे थे, तभी सुनसान रास्ते में घेरकर उनकी हत्या कर दी गई। उन्हें घटना की जानकारी सुबह 6-7 बजे मिली। नरेश मंडल ने सीधे तौर पर अपने गोतिया के दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पैसे और पहुंच वाले लोग हैं, और इसी कारण लगातार धमकी दे रहे थे।4
- आजसू नेता शहीद लक्ष्मी नारायण सिंह मुण्डा की प्रतिमा का अनावरण सिल्ली प्रखंड के दोवाडू गाँव स्थित उनके निवास स्थान पर किया गया है। यह अनावरण उनके आंदोलनकारी साथियों द्वारा संपन्न हुआ।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अहिल्यापुर फतेहपुर गांव में आयोजित दो दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट संपन्न हो गया। रविवार की सुबह 10 बजे उद्घाटन मुकाबले के साथ शुरू हुए इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।1
- झारखंड के गोला रामगढ़ में एक गरीब परिवार की बेटी को स्कूल में दाखिला नहीं मिल पा रहा था। इस समस्या को लेकर बेटी के पिता ने रामगढ़ की विधायक ममता देवी से मिलकर गुहार लगाई है।1
- धनबाद के टाउनहॉल में मुहर्रम पर्व के संबंध में शांति समिति की एक बैठक आयोजित की गई, जो सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है।1
- बाघमारा बचाओ नागरिक संघर्ष समिति ने 23 जून 2026, मंगलवार को बाघमारा प्रखंड कार्यालय में प्रस्तावित सत्याग्रह आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह बैठक 21 जून 2026, रविवार को रात्रि 8:30 बजे हुई, जिसमें बाघमारा बाजार के प्रबुद्ध नागरिकों और बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। समिति द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, रेलवे ओवरब्रिज से परेशान सभी लोग 23 जून को सुबह 10:00 बजे लूती पहाड़ी चौक पर एकत्रित होंगे। वहाँ से हजारों की संख्या में एक जुलूस बाघमारा बाजार होते हुए बाघमारा प्रखंड कार्यालय तक जाएगा, जहाँ अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे से शुरू होकर दोपहर 2:00 बजे तक चलने की उम्मीद है। समिति ने सभी सदस्यों से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस कार्यक्रम में पहुँचकर इसे सफल बनाने में अपना सराहनीय योगदान दें, ताकि आंदोलन को आवश्यक बल मिल सके।1
- झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने बिरसा मुंडा तीरंदाजी अकादमी, सिल्ली में बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। उन्होंने यह खास दिन बच्चों संग बिताकर अपनी खुशी साझा की।1